[संगीत] [प्रशंसा] महाभारत हाय दैया यह तो यशोदा का लल्ला है अरे लल्ला तू माटी खावे है नहीं नानी अरे ओ यशोदा बाहर आओ तुम्हारा लल्ला माटी खा रहा है अरे आ तो [संगीत] [प्रशंसा] बाहर अ अरे लल्ला चल चल मेरे साथ अरे चल अपनी मैया के [संगीत] पास यशोदा के पास [संगीत] चल अरे ै तो [हंसी] [संगीत] अरे आज अरे यशोदा तेरा लला माटी खा रहा है माटी तूने माटी खाई काना अब तू माटी खाएगा मैं तो यह कहने आई थी कि सावित्री की यहां छोरा जन्मा है यह रही तू यह रहा तेरा लल्ला मैं तो चली तूने माटी खाई काना मुह खोल खोल मुंह मुह खोल खोल मुह [संगीत] [प्रशंसा] [हंसी] [संगीत] व [संगीत] [प्रशंसा] अरे श्री दामा भूख नहीं लगी चलो माखन खाने अरे हां भूख तो बहुत लगी है चलो चलते हैं चलो श्याम [प्रशंसा] सखा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] h पेट तो भर गया ना लेकिन मन नहीं भरा तो चलो कहीं और चले ब्रज में क्या माखन की कमी [संगीत] है अरे ओ पारो आई मैया यह दूध लेना ला मा और वो किवार बंद कर देना क्या पता वो यशोदा का छोरा कब आ जाए तेरी तो मां मुझे कुछ समझ में ना आवे जो वो आ जाए भी तू व्याकुल और जो वो ना आए तब भी तू व्याकुल हां हां जाकर कीवा बंद कर दे और पानी भी भर लेना हां मां पाय लाग नानी आ बेटा [संगीत] आ आज वो यशोदा का छोरा नहीं आया वो नहीं आया क्यों नहीं आया मैं क्या जानू तुम्हारी गैया के दूध की धार बहुत मोटी है नानी अरे लल्ला ये क्या है कंस के राज में तो गयो का दूध आधा हो गया था अच्छा गैया दूध दिया करती थी महाराज उग्रसेन के राज में दो प्राणी थन के नीचे बैठकर स्नान कर ले पर भगवान को पता नहीं क्या हो गया है वह यह भी नहीं देखते कि गैया सूखी जा रही है अरे ओ लल्ला तू मेरी गयो को नजर मती [संगीत] लगा अरे ओ कान्हा लल्ला धनिक रुको तो मैं आज तुझे नहीं छोड़ने वाली अभी आती हूं लल्ला ठहर तो अरे ठहर जाएगा कहा एक बार हाथ में आ फ बताती हूं तुझे काहा अरे कहा बलाया जा रहा है रुक जा र जा का लला आजा हाग [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] बताती के कान्हा ने मुझे तंग कर दिया अरे इस यशोदा के छोरे ने गयो को धोना दू भर कर दिया है मैं पूछती हूं कि तेरे बाबा के पास हजारों गैया है उनके बछड़े खोल उनके बछड़े भी खोलता हूं अरे व लल्ला पर मेरा अपराध तो बता गहिया कुछ नहीं कहती तो उनके बछड़ों को दूध नहीं दोगी पहले बछड़े दूध पिएंगे फिर बचा कुचा दूध हम ब्रजवासी पिएंगे मथुरा कौन सा दूध जाएगा अभी मथुरा दूध भेजने का कोई काम नहीं चलो दाओ पाल [संगीत] नानी हे भगवान यशोदा के लल्ला को तनिक समझ दे शदा से तो कहना ना कहना एक ही बत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महा भार [संगीत]
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