[संगीत] महाभारत प्रता श्री आपने सु शर्मा को ऐसा वचन क्यों दिया मेरे वचन पालन करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता अनुज तुम क्या समझते हो कि सुश युधिष्ठिर की मुक्ति के अभिस्ता के लिए जीवित रहेगा नहीं अनुज उसका प्रतिद्वंदी अर्जुन है और वो उसे जीवित नहीं छोड़ेगा [संगीत] प्रणाम पितामह प्रणाम पितामह आयुष्मान भाव आज युद्ध में क्या हुआ पुत्र आज भी रणभूमि में युद्ध के अतिरिक्त और कुछ नहीं हुआ पिता मा परंतु कल यह युद्ध अवश्य समाप्त हो जाएगा वो कैसे कल युद्ध में आचार्य द्रोण चक्रव्यूह की रचना करने जा रहे हैं वासुदेव और अर्जुन दोनों ही उसे तोड़ना जानते हैं पुत्र वे दोनों ही उसे तोड़ने के लिए आसपास नहीं होंगे पितामह क्योंकि मैं उन्हें दूर निकाल ले जाने का प्रबंध कर चुका [संगीत] हूं और उन दोनों के लौटने तक हम युधिष्ठिर को बंदी बना चु के होंगे और युद्ध समाप्त हो जाएगा मैं आपको यही शुभ समाचार देने आया हूं पितामह हे भगवान इसे बुद्धि दो अरे पुत्र यह शुभ समाचार नहीं है जाओ जाओ और मुझे मेरे खाव के साथ अकेला छोड़ दो इसका तात्पर्य तो यह हुआ पता मा कि आप मेरी पराज चाहते हैं नहीं पुत्र न तो मैं तुम्हारी पराजय चाहता हूं ही युधिष्ठिर की विजय मैं तो अपने हस्तिनापुर की सुरक्षा चाहता हूं अपने हस्तिनापुर की शांति चाहता हूं पुत्र शांति [संगीत] महा भारत महा भारत महाभारत महाभारत हो महाभारत
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