Thursday, 1 January 2026

माखन खाते कृष्ण की चोरी पकड़ी गयी Shri Krishna Janmashtami Scene Mahabharat BR Chopra PenBhakti

[संगीत] महाभारत अरे कान्हा अरे ओ [संगीत] लल्ला यहां क्या कर रहे हो तुम तीनों हम अपने मित्रों की राह देख रहे हैं खेलने जाना है पर मेरे घर का माखन खाए बिना ना मैया डांट है माखन मेरा और खाने वाला तू यशोदा कौन होती है डांटने वाली देखो लल्ला पारो ने आंगन में छके पर छिपा रखा है माखन वह कह रही थी आज कान्हा चाहे जितना भी हट करे मैं नहीं इसे माखन देने वाली पर कान्हा मैं कह रही हूं जाओ खा लो माखन भागो [संगीत] ना [संगीत] [प्रशंसा] काना क्षमा काना देर हो गई चलो हम लोग चले खेल ले पहले हम माखन खाएंगे पारो की मां न्योता देकर गई है अरे वाह ये तो बहुत बढ़िया है चलो मान खा चलो तुम भी चलो चलो [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ना रे कान्हा ना आज माखन माखन कुछ नहीं है हमसे झूठ मत बोलो हम सूंघ रहे [संगीत] हैं अरे कान्हा सुन अरे सुन तो सही [संगीत] आओ यह चदर निकालो मटकी [संगीत] उतारो लाओ कान्हा माखन मत खाना तू तो क्या माखन पहनने की वस्तु है मां डटेगी मुझे का हां तू सुनता क्यों नहीं है यह माखन मैं भी खाऊंगा मेरे मित्र भी खाएंगे तो क्या मैं मां की डांट खाऊंगी तू मेरे लिए एक छोटी सी डांट नहीं खा सकती [संगीत] पारो आओ आओ शम सखा तुम भी [संगीत] [संगीत] खाओ पारो कान्हा आया था ना आया था मां माखन खा गया कि नहीं तेरी भी बात मेरी कुछ समझ में नहीं आती पहले तो आप ही कहती है कि माखन छुपा के रख और जो वो आवे तो तू भी आकुल होती है और जो वो ना आए तब भी तू पूछती रहती है अरी वह बात तेरी समझ में ना आवेगी वह जिस दिन चुरा के माखन ना खावे है ना उस दिन गैया ठीक तरह से दूध नहीं देती और मैं चाहे कुछ भी बोलूं तू मत सुना कर समझी यशोदा के छोरा को माखन खिला दिया कर अच्छा [संगीत] [प्रशंसा] मां ले लल्ला जी भर के खा ले जी ही तो नहीं भरता मैया देख लल्ला जो कुछ नटखट पन दिखाना हो वो मुझे दिखा लिया कर तेरे उलाने बहुत आने लगे हैं तेरे घर में माखन की कमी है क्या पर मेरे मित्रों को माखन नहीं मिलता मैया बाबा से कहू ना कि माखन पर पहला अधिकार बालकों का है ऐसी स्यान जैसी बातें मत किया कर लल्ला यह मां बेटे के बीच में क्या वार्तालाप चल रहा है तुम्हारा कान्हा अभी से बड़ा सयाना हो गया है अधिकारों की बातें करने लगा है अच्छा अब कहते क्यों नहीं बाबा से क्या [हंसी] काला [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] माखन खा [संगीत] चलो चलते हैं चलो चलते हैं चलो च हम [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] तुम यही रहो श्याम सखा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आज तो पकड़े गए लल्ला बड़ी जल्दी पानी भर लाए तुम ही से पानी भरवा होंगी हां ये क्या बात हुई मामी खबरदार जो मुझे मामी कहा मैं तेरी काकी हूं काकी काकी होकर ऐसा करती हो हमने तो कभी ऐसी काकी नहीं देखी काकी तो प्यार से गोद में बिठा है माखन खिलाती है और कहती है और खा मेरे लला और खा अब बहुत माखन खा लिया अब तुझे मार खिलवा उंगीयर्ड [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] चो अरे यशोदा बहन अरे ओ नंदरानी जी अरे ओ कन्हा की मैया अरे कहां हो यशोदा बहन अरे ओ यशोदा बहन अरे ओ नंदरानी जी अरे ओ कन्हा की मैया क्या हुआ मालती बहन अंदर आओ मालती अंदर आने के लिए नहीं आई है हां मालती तो तुम्हें यहां से ले जाने के लिए आई है कहां अपने घर और कहां जहां मैंने तुम्हारे उस माखन चोर को बांध के रखा है जब अपनी आंखों से देखोगी तब तो मानोगी कि तुम्हारा छोरा पक्का माखन चोर है हां अरे अरे यह तुम क्या कह रही हो बहन वो चपल है नटखट है पर चोर क्यों होने लगा उसके घर माखन की कमी है क्या कि वो तुम्हारा माखन चुराए तो चलकर देख लो हाथ कंगन को आरसी क्या पर मैं क्यों चलू मुझे पता है वो तुम्हारे घर नहीं है मैं आज तुम्हारी बातों में नहीं आने वाली हां रंगे हाथ पकड़ा है मैंने उसे आज अरे तुम मेरे साथ अंदर तो आओ लो यह रहा मेरा काहा हाय दया पाय लाग मम्मी फिर मामी कहा ना मैं तेरी काकी हूं कब कहा था ममी अरे यशोदा ये कैसा चम रे [संगीत] मनमोहन की [संगीत] मोहिनी हरे अहम अभिमान माया को मोहित करें मोहन की मुस्कान आभार भारत महाभारत महाभारत महाभारत [संगीत]

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