Monday, 5 January 2026

श्री राम ने बाली का अंत करने का निर्णय लिया Sankat Mochan Mahabali Hanuman 365 Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम शीराम जय श्री राम जय श्री राम भ्राता सुग्रीव जिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए वाली भैया को पृथक श्रम करने पर बाध्य हो जाते हैं उन्हें केवल एक ही बाण में संपन्न करने वाले मेरे प्रभु श्री राम की असीमित शक्ति पर अब तो आपको विश्वास हो गया होगा ना विलक्षण पराक्रम के इस दृश्य को देखने के बाद अब मेरे हृदय में कोई संदेह नहीं [संगीत] है मुझे क्षमा करना मित्र वाली भैया के भय ने मुझे भीरू बना दिया था इसलिए मैं आपके युद्ध कौशल और आपकी क्षमताओं को नहीं पहचान सका मित्र आप वाली भैया तो क्या उनके जनक देवराज इद्र को भी परास्त करने में पूर्णत सक्षम है तो शुभ कार्य में विलंब कैसा प्रभु श्री राम से मित्रता स्थापित करके उनकी कृपा के पात्र [संगीत] बनिए मित्र मैं अपने पूर्ण बल के साथ आपकी मित्रता के प्रति समर्पित [संगीत] रहूंगा मैं भी सदैव मित्रता पूर्ण व्यवहार करूंगा और आपके हर संकट में आपकी सहायता करूंगा [संगीत] [संगीत] ब उत्तम अति उत्तम अंगद मेरे पुत्र मुझे गर्व है तुम पर महानतम वाली जैसे महान पिता के योग्य पुत्र हो [संगीत] तुम देवी इन दिनों आपका मुख सदैव किसी चिंता और भय से ग्रस्त रहता है सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ योद्धा की अर्धांगिनी है आप भयभीत रहना आपको शोभा नहीं देता आप अवश्य ही सर्वश्रेष्ठ योद्धा है परंतु समय आपसे अधिक बलवान है क्या अर्थ है आपका स्वामी रात्रि में सपनों से मेरी निद्रा भंग हो जाती दिन में जागते हुए मुझे अशुभ संकेत दिखाई देने लगते हैं मेरा दाहिना नेत निरंतर कंपित होकर किसी आगामी अनिष्ट की सूचना देता है स्वामी मुझे ऐसा प्रतीत होता है स्वामी जैसे हमारा प्रतिकूल समीप है स्वामी मैं आपकी अर्धांगिनी इस पूरे संसार में आपकी सबसे बड़ी शुभ चिंता विनती स्वीकार कीजिए नाथ अपने भता ग्रीव से शता समाप्त कर उनकी अर्धांग रोमा उन्हें लौटा महातम वाली हूं मैं मुझे भयभीत कर सीख देने का प्रयास ना करें देवी अबके अनुज सुग्रीव एक काम की नहीं उनके समर्थन में वे दो श शांत हो जाइए देवी किसी भी योद्धा का समर्थन मुझे कोई हानि नहीं पहुंचा सकता मेरे समक्ष आते ही मेरे शत्रु की शक्ति क्षीण पड़ जाती है और मेरी शक्ति दोगनी हो जाती है परंतु आपको सावधान करना मेरा परम कर्तव्य है वाली भैया को प्राप्त वरदान के अनुसार उनसे युद्ध करने वाले योद्धा की आधि शक्ति उनमें समाहित हो जाती [संगीत] है और उनकी शक्तियों में वृद्धि कर देती है मित्र सुग्रीव आप इसकी चिंता त्याग द क्योंकि बाली से युद्ध मैं नहीं आप ही [संगीत] करेंगे आपको ज्ञात है यह मित्र आप क्या कह रहे हैं मैं स्वयं वाली भैया के समक्ष जाकर अपने मृत्यु को चुनौती दू हां मित्र सुग्रीव जब आप उससे युद्ध करने जाएंगे तब मैं वहां से कुछ दूर कोई स्थान पर स्थित रहूंगा और उचित समय पर वहीं से अपने बाण के प्रहार से वाली की दुष्टता का अंत करूंगा परंतु छुपकर वार करना यह अधर्म नहीं होगा प्रभु भ्राता सुग्रीव प्रभु श्री राम तो स्वयं धर्म के सर्वोत्तम प्रतीक हैं उनके धर्मो चित व्यवहार पर संशय मत कीजिए आप श्री राम का सुझाव सर्वता उचित है पुत्र सुग्रीव भ्राता सुग्रीव जिन प्रभु श्री राम ने धर्म और मर्यादा को स्थापित रखने के लिए अपने ने पिता की आज्ञा अनुसार राज पाठ त्याग कर 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया वह प्रभु श्रीराम अधर्म कैसे कर सकते [संगीत] हैं श्री राम की योजना के अनुसार मैं स्वयं वाली भैया का सामना करूंगा यदि योजना के विपरीत कुछ भी घटित हुआ तो वा भैया मेरे शरीर से प्राण छीनकर परलोक भेज देंगे ता सुग्रीव भय तज कर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का समय अब आ गया है प्रतिक्षण भया क्रांत रहकर घुट घुट कर मरने से तो श्रेष्ठ है कि आप भ्राता वाली का सामना करें और फिर आपको इतना दुर्लभ अवसर भी तो प्राप्त हुआ है स्वयं प्रभु श्रीराम आपकी सहायता करने के लिए तत्पर [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] है वाली भैया वाली भैया वाली भैया यह तो सुग्रीव का बाहर आइए वाली भैया युद्ध कीजिए मुझसे सुग्रीव का इतना दु साहस अशुभ घटना के घटित होने का आभास हो रहा है स्वामी रुक जाइए मत जाइए बाहर मुझे किसी अत्यंत अशुभ घटना के घट होने का आभास हो रहा है स्वामी स्वामी रुक जाइए माता श्री का कथन उचित है पिता श्री आपको इस युद्ध के लिए नहीं जाना चाहिए अंगत तुम मेरे समान शूरवीर योद्धा होने के पश्चात भी मुझे भयभीत होकर रोकने का प्रयास कर रहे हो क्या तुम्हें मुझ पर अपने पिता के बल पर संदेह है नहीं पिता श्री मैं आपके बल और वीरता पर कदा भी संदेह नहीं कर सकता परंतु मैं इससे अवश्य अचंभित और सशंकित हूं सुग्रीव काका में अचानक आपको चुनौती देने का साहस कैसे आ गया इसमें अवश्य उनकी कोई कुटिल योजना है उनकी कोई सहायता कर रहा है आपके घात का छल है यह पिता [संगीत] श्री आशा करता हूं कि उसने अच्छा जाल बुना हो उसे ध्वस्त करने में युद्ध का आनंद और अधिक बढ़ जाएगा [संगीत] बाहर आइए वाली भैया युद्ध कीजिए मुझसे [संगीत] सुग्रीव [संगीत] उत्तम अति उत्तम सुग्रीव जो स्वयं तुम प्रस्तुत हो गए महानतम वाली के हाथों अपने काल का क्रॉस बनने के लिए स्वामी मृत्यु नहीं वाली भैया [संगीत] मैं अपनी पत्नी रोमा और अपने जीवन के सुख को पुन प्राप्त करने आया हूं मुझसे युद्ध कर अपनी मृत्यु के सिवा कुछ प्राप्त नहीं कर पाओगे तुम देखना चाहते हो हे प्रभु इस भक्त की यही इच्छा है कि आज आपके ही हाथों वाली भैया के आतंक का अंत [संगीत] हो [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] आ भैया महाराज सुग्रीव संकट में है उठो [प्रशंसा] मार्कट [संगीत] क्या कारण है कि प्रभु ने अब तक अपने बाण से वार नहीं [प्रशंसा] किया किस पर वार करो दोनों एक दूसरे की प्रति छाया से प्रतीत हो रहे हैं हां भैया यहां से ज्ञात करना अत्यंत कठिन है कि कौन वाली है और कौन सुग्रीव तुम्हें ना तो रोमा प्राप्त होगी और ना ही तुम्हारा जीवन शेष बचेगा [संगीत] सुग्रीव [संगीत] [संगीत] यति शी ने शीघ्र वाली भैया पर वार नहीं किया तो आज वाली भैया से परास्त होकर उनके हाथों मेरा अंत निश्चित [संगीत] है कहां भाग रहे हो भीरू अभी मेरा अंतिम वार शेष है [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] ता [संगीत] सुक [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] ये आपने क्या किया मित्र आपने तो मुझे काल के मुख में ही धकेल दिया था मित्रता की शपथ लेकर शत्रुता क्यों निभाई आपने मेरे साथ शत्रुता नहीं मित्र सुग्रीव मैं आप और वाली में भेद करने में असमर्थ था आप दोनों मुख से कत काठी से शरीर की बनावट से एक समान दिखाई देते हैं वस्त्र आभूषण य तक कि आपकी गदा भी एक जैसी है मुझे भय था कि आपको पहचानने में त्रुटि से कहीं मेरे बाण से आप आहत ना हो जाए [संगीत] प्रभु मेरे पास इस समस्या का समाधान है इस बार भ्राता सुग्रीव वाली भैया से युद्ध करने पुष्प हार पहन कर [संगीत] जाएंगे [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ता वाली भैया इस बार मुझसे अपनी रक्षा नहीं कर पाएंगे आप आइए बाहर आइए मैं आपको चुनौती दे रहा हूं अपने बल पर विश्वास नहीं रहा है क्या वाली भैया मेरे अग्रज मेरे शत्रु आइए और मेरा सामना कीजिए सुग्रीव इतना दु साहस स्वामी रुक जाइए भोजन के मध्य में उठकर जाना अशुभ होता है स्वामी एक और शंका है जो मुझे सता रही है अभी कुछ ही पूर्व पहले आपके भ्राता सुग्रीव आपसे परास्त होकर जा चुके पुन क्यों आपसे युद्ध करने आएंगे उसकी मृत्यु पुन उसे यहां खींच लाई है देवी वाली भैया वो य आ तो गया किंतु जीवित वापस नहीं ल टेगा स्वामी स्वामी स्वामी रुक जाइए स्वामी [संगीत] सुग्रीव मूर्ख भीरू पुनः तुमने यहां आने का तो साहस किया तुम्हें इसका मूल्य चुकाना होगा कभी भी अपनों की या सच्चे मित्रों की सलाह की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

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