षि नारद य आपने उचित नहीं किया महिषी को प्रभु अयपा के विषय में अभी बताना उचित नहीं था क्या होगा यदि वो महिषी का सामना करने के लिए अभी तैयार ना हुए नारायण नारायण नारायण कृपा से मेरा हर कथन अनुचित को भी उचित कर देता है इस बात का तो आपको भी ज्ञान है ना [संगीत] देवराज [संगीत] क्या अर्थ है इस पदचाप का क्या कोई मेरा पीछा कर रहा है [संगीत] आप जो भी है कृपा कर मेरे सामने [संगीत] आए [संगीत] [संगीत] मैंने आपको चिंता में डाल दिया मुझे क्षमा कीजिए मैं तो आपके पद चिन्हों पर चल रही थी क्योंकि आप में मुझे मेरे प्रभु राम की छवि दिखाई दी वही दिव्यता वही ओज देवी मैं आपका प्रभु श्रीराम नहीं केवल अपनी माता का पुत्र हूं और उनके उपचार हेतु बाघिन का दूध लेने आया हूं भक्त की आंखों में अपने भगवान बसते हैं इस भक्त पर एक और कृपा कीजिए अपने मुख से एक बार मेरा नाम लेकर मुझे कृतार्थ करने की कृपा कीजिए [संगीत] शबरी प्रभु मेरा नाम अपने मुह पर लेकर आपने मुझे धन्य कर दिया प्रभु अपनी इस भक्त पर और एक कृपा कीजिए अपने वास्तविक रूप के दर्शन दीजिए कृपा कीजिए मुझ पर दया कीजिए प्रभु मुझे ज्ञात है आप ही मेरे प्रभु श्री राम हो मुझे उसी दिव्य स्वरूप के दर्शन दी दर्शन दीजिए [संगीत] प्रभु दर्शन दीजिए दर्शन दीजिए प्रभु दर्शन दीजिए दर्शन दीजिए इस प्रकार शबरी जो प्रभु श्री राम की बहुत बड़ी भक्त थी उनके दर्शन की इच्छा प्रभु अयप्पा की परिक्रमा करने लगी दर्शन दीजिए प्रभु दर्शन दीजिए दर्शन [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] दीजिए प्रभु मैंने 18 बार आपकी प्रदक्षिणा पूर्ण की है अब मुझे दर्शन दीजिए प्रभु दर्शन दीजिए [संगीत] [प्रशंसा] प्रभु मैं श्री राम नहीं श्री राम नहीं मैं तो मात्र अयपा [संगीत] अयपा [संगीत] कभी कभी प्रकाश स्वयं अंधेरे को संकेत देकर बुलाता है मुझे भी इस प्रकाश की दिशा में जाना होगा स्वामी शरणम अयप्पा स्वामी शरणम अयपा प्रभु आपके यह दिव्य रूप के दर्शन करके मैं धन्य हो गई प्रभु धन्य हो गई एक भक्त अपनी भक्ति से ही महान बनता है तुम्हारी 18 प्रदक्षिणा 18 प्रवृत्तियों का संदेश देती है ऐसे भक्त को भला मैं दर्शन कैसे ना देता प्रभु भगवान तो भक्त की हर एक इच्छा पूर्ण करते हैं मेरी भी एक इच्छा है वो भी पूर्ण कर दीजिए मुझे मेरे आराध्य प्रभु श्री राम के दर्शन करवा दीजिए दर्शन दीजिए प्रभु दर्शन दीजिए [संगीत] ओम नमः शिवाय राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम मेरे प्रभु श्री राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री जय श्री राम राम राम राम राम जय राम राम राम राम मुझे जञा था कि आप में मुझे मेरे प्रभु श्री राम दिखेंगे मेरा अनंत सौभाग्य की आपने दर्शन दिए अनंत सौभाग्य [हंसी] [संगीत] मेरा राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम यह आप ही की भक्ति की पराकाष्ठा का परिणाम है जो आपको मुझ में श्री राम दिखे मैं आपको आशीर्वाद देता हूं कि भविष्य में इस स्थान को शबरी माला के नाम से पुकारा जाए स्न को शबरी माला के नाम सेकारा जाएगा जो इस बात का प्रमाण होगा 18 प्रव पर नियंत्रण पाकर ईश्वर के दर्शन प्राप्त होते हैं जब इस स्थान पर मेरा मंदिर स्थापित होगा उसमें 18 सीढ़िया होगी जो 18 परिक्रमा के समान होगी और यही 18 सीढ़िया मनुष्य के प्रवृत्तियों का प्रतीक भी होगी पूर्ण निष्ठा भाव और भक्ति से य पहुंचेगा केवल उसे ही मेरे दर्शन प्राप्त होंगे केवल उसे ही मेरे दर्शन [संगीत] प्रात स्वामी शरणम अयपा स्वामी शरणम अयपा वो क्या होती है मां पुत्र मैं समझाता हूं इन 18 में प्रथम पांच हमारी इंद्रिया हैं अर्थात नेत्र कर्ण नासिका जिवा और त्वचा फिर आठ राग हैं तत्व काम क्रोध मोह लोभ मद मात्सन फिर तीन गुण है सत्व राजस और तामस और शेष दो है विद और अविद्या इन्हीं 18 प्रवृत्तियों पर नियंत्रण पाकर कोई भी प्रभु अयप्पा के दर्शन प्राप्त कर सकता है अच्छा फिर क्या हुआ मां और इस प्रकार शबरी को आशीर्वाद और दर्शन देने के बाद प्रभु अयप्पा को भी यह आभास हो गया था कि उनके अवतार का उद्देश अब पूर्ण करने का समय आ चुका है वो तो दृढ़ता के साथ महिषी की प्रतीक्षा में आगे बढ़ गए कहां है वोह जो मेरा काल बनने आया [संगीत] है यहां तो कोई दिखाई नहीं [संगीत] देता जिनके जन्म से ही उनके कंठ में बस करर दिव्य मणि स्वयं अपनी शोभा बढ़ाती है उनके जैसा तेजस्वी कदाचित ही कोई और [संगीत] होगा बहुत शक्तिशाली हो ना तुम तो अब मेरी शक्ति का परिचय भी प्राप्त करो परिचय तो प्राप्त हो रहा है मुझे तुम्हारी दुष्टता का मेरी मृत्यु महादेव और नारायण के सहयोग से उत्पन्न संतान के हाथों से ही संभव हो [संगीत] मण कंठा स्वामी अयबा तो अनेकों मणियों से भी अधिक तेजस्वी है एक तुच्छ बालक और इतना दुस्साहस महिष का काल बनोगे हां महिष का महिषी ऐसे मूर्खता पूर्ण चमत्कार से बीत नहीं होती अब देखना मैं कैसे माया और अस्त्र से तुम्हारा संघार करूंगी बालक धर्म की शक्ति अधर्म की किसी भी माया को नष्ट कर देती है नहीं केवल इसकी माया है यह इस पर और एक र करूंगी उसका सामना नहीं कर सकेगा [संगीत] यह क्या तुम्हारी माया री माया का सामना नहीं कर सकेगी इस मायावी पशु को नहीं रोक सकेंगे तुम्हारे ये बान कहा था ना मैंने कोई उत्तर नहीं है तुम्हारे पास मेरे इस भयंकर अस्त्र का अपराध हो गया है मुझसे मुझे स्वयं जाना चाहिए था अपने पुत्र को भेजकर मैंने उसे संकट में डाल दिया है पता नहीं उस भनक बंद क्या बीत रही होगी उसके साथ असंभव कदाच तुम लक समझने की भूल की है मैंने अब दिखाती हूं मैं तुम्हें अपनी वास्तविक [संगीत] [हंसी] [संगीत] शक्ति इस बार ना तुम कुछ कर सकोगे ना तुम्हारे ये वाण और मेरा ये भयंकर पशु तुम्हें अपने पांव तले रध कर रख [संगीत] देगा [संगीत] शांत हो [संगीत] [संगीत] जाओ गज तुम मेरे प्रथम वाहन बंद [संगीत] मायावी अब मेरे विकराल रूप का सामना करो [संगीत] तुम इसकी ही तो प्रतीक्षा थी म उचित है तो अब अपने अंत के लिए तैयार हो [संगीत] जाओ [संगीत] [संगीत] मेरी गदा को नष्ट कर दिया इसने किंतु कोई चिंता नहीं अब महे स्वयं तु रा अंत करेगी अंत उचित कहा तुमने नियति ने तुम्हारा अंत निर्धारित किया हुआ ध धम धम ध धम धम न धम त धम धिम त धम त धम धिम त धम धम धम धम धम ध ध धधध धध [संगीत] म महारानी महेशी की चित्कार किंतु क्यों क्या उन्हे कोई शद [संगीत] पहुची शक्ति और सामर्थ्य का दुरुपयोग करने वालों के पाप का घड़ा जब भर जाता है तो उसका दंड उन्हें अवश्य भुगतना पड़ता है
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