Tuesday, 6 January 2026

सीता स्वयंवर में रावण भी पहुँचा था Sankat Mochan Mahabali Hanuman 360 Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] अरे यह तो मानसा हारी वानर है ये दुष्ट यहां क्यों आ रहे हैं मैं अभी जाकर देखता हूं जामवंत जी [संगीत] हा हनुमान मैं भी आ रहा [संगीत] हूं [संगीत] हे [संगीत] [संगीत] हनुमान संभालो अपने [संगीत] आपको रा सुगी छोड़ छोड़ो [संगीत] मुझे इन दुष्ट वानर ने सुग्रीव को बंदी बना लिया है की रक्षा के लिए मुझे इन वानरों से युद्ध करके इनका ये घेरा तोड़ना होगा मुझे ज्ञात है कि तुम सब लोगों को वाली भैया ने यहां भेजा है परंतु मैं तुम्हें चेतावनी दे रहा हूं कि यहां से लौट जाओ अन्यथा मेरी उपस्थिति में तुम सब भ्राता सुग्रीव को यहां से नहीं लेकर जा सकते की जय महाराज की जय महाराज वाली की जय महाराज वाली की महाराज वाली की जय [संगीत] [संगीत] समय व्यर्थ मत करो इसे शीघ्र महाराज बाली की आज्ञा अनुसार ष मुख पर्वत के उस पार ले जाना [संगीत] [संगीत] है [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] [प्रशंसा] हा [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] आ [प्रशंसा] आ [संगीत] ने [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] हनुमान [संगीत] हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान मैं तुम्हारे प्रति अपना आभार कैसे प्रकट करूं हर बार के समान इस बार भी मेरे जीवन की रक्षा करने के लिए मैं सदैव तुम्हारा ऋण [संगीत] रहूंगा हनुमान आज प्रथम बार तुम्हे इस प्रकार युद्ध करते देखकर मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकता हूं अपने दीर्घ जीवन में मैंने जितने शूरवीर पराक्रमी योद्धाओं को देखा है उनमें तुम सर्वश्रेष्ठ हो पुत्र महाराज जामवंत जी अवश्य वाली भैया ने ही इन दुष्ट वानरों को यहां पर भेजा था परंतु प्रभु की कृपा से हम इस संकट से निकलने में सफल रहे हनुमान मुझे वाली भैया के आतंक से कम मुक्ति मिलेगी भ्राता सुग्रीव मैंने आपके पिता और अपने गुरु सूर्यदेव को आपकी रक्षा का वचन दिया है जब तक मैं आपके साथ हूं आपको कोई क्षति नहीं पहुंचने [संगीत] दूंगा अब आप दोनों विश्राम कीजिए मैं जाकर यहां की सुरक्षा सुनिश्चित करूंगा बहुत बहुत धन्यवाद हनुमान तुम एक सच्चे मित्र हो धन्यवाद भ्राता [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सुखदेव जामन जी [संगीत] सा सा सा सा सा रे सा सा सा सा सा सा सा जामन जी जामन जी जागिए जागिए जामन जी जागिए क्या हुआ अनुमान क्या वाली ने किसी और को भेजा है आक्रमण करने फिर फिर क्या हुआ जामवंत जी आपने जहां तक बताया था ना उसके बाद प्रभु श्री राम के जीवन में क्या हुआ मैं तो बस वही जानने के लिए उत्सुक हूं ओ प्रतीत होता है प्रभु श्री राम के जीवन का वह प्रसंग पूर्ण रूप से जाने बिना ना तुम स्वयं विश्राम करोगे और किसी को विश्राम करने भी ना दोगे उचित है तो सुनो पुत्र हनुमान यज्ञ पूर्ण होने के उपरांत ऋषि विश्वामित्र प्रभु श्री राम और लक्ष्मण को लेकर जनकपुर की ओर निकल पड़े जनकपुरी हां जनकपुरी हनुमान महाराज जनक की राजधानी जनकपुरी जहां उन्होंने अपनी पुत्री माता सीता का स्वयंवर आयोजित किया था इस स्वयंवर में सफल होने के लिए इसमें भाग लेने वाले राजाओं के सामने उन्होंने एक चुनौती रखी [संगीत] थी [संगीत] यह भगवान शिव का दिव्य धनुष है जिससे उन्होंने त्रिपुरासुर का वध किया उसके उपरांत उन्होंने यह धनुष परशुराम प्रभु को दे दिया और इसकी उचित देख भाल व सुरक्षा का दायित्व प्रभु परशुराम ने मुझे सौंपा इस दिव्य असाधारण धनुष को मेरी पुत्री राजकुमारी सीता ने अत्यंत सहजता से उठाया इसलिए मैं घोषणा करता हूं कि आप में से जो भी इस शिव धनुष को उठाकर इसकी प्रत्यंचा चढ़ाने में सफल होंगे वही मेरी पुत्री राजकुमारी सीता का वर्ण करने योग्य [संगीत] होंगे [संगीत] महाराज जामवंत जी तो प्रभु श्री राम स्वयंवर में भाग लेने के लिए वहां पर कैसे पहुंच गए ऋषि विश्वा मित्र यही तो चाहते थे कि प्रभु श्रीराम वहां उपस्थित रहे परंतु उन्हें ज्ञात था कि अपने पिता की अनुमति पाए बिना प्रभु श्रीराम स्वयंवर में कदापि भाग नहीं लेंगे इसलिए उन्होंने श्री राम से स्वयंवर के विषय में कुछ नहीं कहा बस उन्हें इतना बताया कि मिथिला में भगवान शिव के दिव्य धनुष को उठाने की प्रतियोगिता हो रही है एक क्षत्रिय होने के नाते किसी भी चुनौती को स्वीकार करना प्रभु श्री राम का धर्म है इसलिए पूर्ण सत्य जाने बिना ही प्रभु श्रीराम उस स्वयंवर में पहुंच [संगीत] गए सीताराम चरित अति पावन मधुर सरस अरुति मन [संगीत] भावन [संगीत] [संगीत] प्रणाम ऋषि आपका स्वागत है आपका कल्याण हो महाराज जनक प्रणाम महाराज प्रणाम महाराज प्रणाम राज कु आपका भी स्वागत आइए आप लोग स्थान ग्रहण [संगीत] कीजिए [संगीत] इस शुभ शंख ध्वनि के साथ राज ऋषि महाराज जनक की सुपुत्री सीता जी का स्वयंवर प्रारंभ होता है यहां आमंत्रित सभी लोगों से निवेदन है कि वह एक एक करके आए और इस दिव्य धनुष को उठाने का प्रयत्न करें [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [हंसी] [संगीत] हम [हंसी] [संगीत] [संगीत] हम [संगीत] अंग दंड गंधार हे कौशल विदेह क्या इन राज्यों में से एक भी शूरवीर पराक्रमी ऐसा नहीं है जो इस धनुष को उठा सके क्या धरती वीरों से शून्य हो गई क्या जम्मू द्वीप में वीरों का अकाल बढ़ गया [संगीत] है कार है आप सबके प्राकृत को क्या आप सब में से एक योद्धा भी ऐसा नहीं बचा जो इस धनुष को उठाने का सामर्थ्य रखता हो जो इसे उठाने का प्रयास भर करने का साहस कर सके मैं हूं दशानन [संगीत] लंकेश महाराज [संगीत] जनक क्या हमारे यहां आने में इतना विलंब हो गया कि आपको गुहार लगाकर इन कायरों में वीरता जागृत करने की आवश्यकता पड़ी आपको चिंता से मुक्ति दिलाने के लिए स्वयं प्रस्तुत है वीर शिरोमणि [संगीत] रावण त्रिभुवन विजेता हूं मैं और उस पर महादेव का परम भक्त भी हूं मैं इसलिए मेरे भगवान महादेव का यह दिव्य धनुष तो मैं अपने बाए हाथ से पलक झपकाए बिना ही उठा [संगीत] लूंगा [हंसी] [संगीत] [संगीत] वीरता बोलकर नहीं अभी तो समय पर प्रदर्शित कर दिखाना चाहिए

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...