[संगीत] इस कंजक पूजा से माता का विशेष आशीर्वाद मिलता है सुख समृद्धि धन संपत्ति धन आयु बल में इस पूजन से सभी में वृद्धि होती है और माता का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त होता [संगीत] है धन की वृद्धि तो मुझे भी चाहिए तो यह पूजन मुझे भी करना चाहिए मुझे माता रानी के दर्शन और आशीर्वाद के सिवा और कुछ नहीं चाहिए ब्राह्मण देवता मैं पूर्ण श्रद्धा से यह पूजन संपन्न करूंगा अब मुझे आप आज्ञा दीजिए किंतु भोजन ब्राह्मण देवता उसके बिना हम आपको कैसे विदा कर सकते हैं नहीं पुत्री मैंने अपना कर्तव्य निभा दिया भोजन तो तुम्हें नौ कन्याओं को करवाना है शीघ्र उन्हें ढूंढ लो क्योंकि नवरात्रि के आगमन में अब अधिक समय नहीं है प्रणाम ब्राह्मण [संगीत] देवता माता के चरण कमलों के चिन्हों का दिखना वह माता रानी का प्रथम संकेत ही था मैं कंजक पूजन का आयोजन इस प्रकार करूंगा इतनी श्रद्धा से कन्याओ की सेवा करूंगा कि माता रानी अवश्य प्रसन्न होंगी और मुझे अवश्य दर्शन [संगीत] देंगी नहीं श्रीधर नहीं अब मैं अपनी पूजा भी सफल करूंगा और तुम्हारी पूजा को विफल करने का उपाय भी करूंगा गणेश जी तो क्या वास्तव में नयन सुख ने कोई योजना रची थी जब कोई बुरा करना चाहता है तो वह उसकी अपनी योजना होती है और जब कोई अच्छा करना चाहता है तो स्वयं भगवान उसके लिए योजना बना देते हैं योजना मैंने बना ली भाग्यवान सबसे श्रेष्ठ मैं रहूंगा कम से कम उस श्रीधर से अधिक मां कुछ नहीं कर सकेंगे ये बापू नयन दुख जी बस मूर्खता में ही श्रेष्ठ रहेंगे नहीं नहीं चिंता मत करो भाग्यवान अब ऐसी चाल सोची है नैन सुख ने हमारी झोली खुशियों से भर जाएगी और उस श्रीधर के जीवन में सिर्फ दुख ही दुख रहेंगे बस हमें एक विशेष पूजा करवानी होगी माता की कैसी पूजा कंजक पूजा भागवन कंजक पूजा बस हमें नवरात्र के व्रत करने होंगे और नौ कंवारी कन्याओं को आमंत्रित करना होगा लो अब आपको उपाय भी सूझा तो भी इतना जटिल अब यहां नौ कुवारी कन्याए कहां ढूंढेंगे हम किसी भी प्रकार उन्हें ढूंढकर उन्हे इस प्रकार आमंत्रित करना होगा कि वो प्रसन्नता से हमारा निता स्वीकार कर ले चिंता मत करो प्रिय जब माता ने यहां तक आने का मार्ग हमें दिखाया है तो आगे भी माता रानी हमारा मार्गदर्शन करेंगी उचित कहा आपने हमें तो बस माता रानी पर अटूट विश्वास रखना है मुझे विश्वास है कि हमें पूजा के लिए नौ कन्याए अवश्य मिल जाएंगी [संगीत] जय माता की जय माता की किंतु हमें इन्ह भेजना कहां है छोटे कुए के पास घर [संगीत] है हम द्वार पर ही तोरण के रूप में आम पत्र बांध देंगे आप अपनी पुत्री सावित्री को वही ले आइएगा दीदी शक कला चिंता मत कीजिए सुलोचना मौसी हम सबको जानते हैं सब को ले आएंगे मां को आने की कोई आवश्यकता नहीं है जय माता की जय माता [संगीत] की अच्छा उसने पहले निमंत्रण दे दिया कोई बात नहीं न सुख ऐसा उपाय करेगा कि वो आएंगी तो मेरे घर पर ही इस प्रकार नवरात्रि से पहले नौ कन्याएं और एक बालक को सुलोचना और श्रीधर ने आमंत्रित कर दिया था और फिर नया सु उसने क्या किया कपट योजना का [संगीत] निर्माण कैसा जीवन है मेरा पत्नी भोजन नहीं देती और पुत्र मेरे भाग का भी खा जाता है और उधर वो श्रीधर जिसके कारण मुझे व्रत भी करना पड़ रहा है कन्याओ को नौता तो दे ही दिया होगा ना आपने हा नहीं वो आज तो बोल बंद हुए हैं मेरे दुख जी कल कहीं आपके शवास ना बंद हो जाए चिंता मत करो भागवान मैंने निमंत्रण नहीं दिया तो क्या हुआ श्रीधर ने तो दिया है ना तो तो समझो हो गया ना अपना कार्य कैसा कार्य जो कन्या श्रीधर के घर आएंगी उन्ह मैं अपने घर ले आऊंगा और अपने ही घर स्थित कर दूंगा तिथि मुहूर्त तक ताकि श्रीधर की पूजा संपूर्ण हो फिर ना श्रीधर की पूजा हो सकेगी और ना उसको फल प्राप्त होगा जो मिलेगा सब मुझे मिलेगा नव कंज काओं के स्वागत के लिए सब तैयार है स्वामी कंज काओं के साथ एक बालक भी तो आएंगे उचित कहां आपने मैं अभी उसकी व्यवस्था कर देती हूं शीघ्र कीजिए देवया आती ही [संगीत] होंगी [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] हम द्वार पर ही तोरण के रूप में आम पत्र बांध देंगे आप अपनी पुत्री सावित्री को वही ले आइएगा दीदी शकुंतला आओ देवियो हमें इसी घर में जाना है वा नन सुख योजना सफल होगई [संगीत] तुम्हारी आइए आइए नयन सुख के घर पर आप सभी का स्वागत है आइए [संगीत] पधारिए पूजा का मरत निकला जा रहा है कंजका अभी तक आई क्यों [संगीत] नहीं माता एक सच्चा भक्त विफल हो रहा है यह कैसे संभव है माता ये तो अन्याय है कश जी जिसने भक्ति भाव से पूजा की आ दिन तक फलाहार करके व्रत किया वो विफल हो रहा था इतना अविश्वास अर्थात आपने आरंभ से यह कथा ध्यान से नहीं सुनी ये क्या बात हुई गणेश जी मैं तो एकाग्र चि होकर यह कथा सुन रहा हूं एक एक बात का ध्यान है मुझे तो यह कैसे भूल गए माता के दर पर देर है अंधेर नहीं किंतु पूजन और भोग का तो शुभ मुहूर्त निकला जा रहा था ना नहीं पुष्पदंत जी क्योंकि सच्ची भक्ति उस अमृत के समान है जो मरते को भी जीवित कर दे जहां भक्ति है वहां सदैव आशा है वहीं भगवान भी है और उनका आशीर्वाद भी उसकी कोई संतान भी नहीं है तो शुभ कार्य में मैं उसके साथ क्यों जाऊ जब भी उसका मुंह देख लेती हूं तो कोई कार्य सफल ही नहीं होता स्वामी अगर उन्हें आना होता तो व अब तक आ चुकी होती संभव है इसका कारण भी मैं ही हूं नहीं प्रिय इस तरह के नकारात्मक विचार आपको शोभा नहीं देते त्याग दीजिए इन विचारों को और जलाए रखें अपनी भक्ति अपने विश्वास की नौ को अब मुझे बस इन कंजग का समय तब तक व्यर्थ कर यही रोकना है जब तक कंजक पूजा का मुहूर्त निकल नहीं जाता अरे भाग्यवान आप कहां चली भोजन परोस हूं अभी भोजन परोस प्रारंभ मत करो अभी उसका महूरत नहीं हुआ है श्रीधर का व्रत अब कदापि पूर्ण नहीं होगा होगा अवश्य पूर होगा हमारा यह [प्रशंसा] व्रत [संगीत] हम दोनों भली भाती जानते हैं माता वैष्णु देवी के दर पर देर है अंधेर [संगीत] नहीं मुझे भी पूर्ण विश्वास है माता रानी को उपाय अवश्य [संगीत] करें माता भक्त श्रीधर को आप पर अटूट विश्वास है माता उसके विश्वास को बनाए रखने के लिए आप ही को कुछ करना [संगीत] होगा यहां तो कोई भी नहीं है द्वार का तोरण वो कहां गया [संगीत] स्वामी द्वार का तोरण वो कहां [संगीत] गया तुरंत यहां कैसे कब मिलेगा भोजन भूख लगी है कुछ स्वादिष्ट तो होगा ना बताइए हमें क्या बनाया है भोजन ने शीघ्रता कीजिए ना बहुत भूख लगी है कोई मिष्ठान बनाया है कि नहीं बताइए ना अभी हम और प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं बताइए ना कंजका यहां मैं स्वामी [संगीत] को श्रीधर क्या हुआ इधर क्या देख रहे थे तुम अच्छा कार्य कर रहा हूं मैं कंजक पूजन का आयोजन किया है और देखो देवी मां की कितनी विशेष कृपा हुई है मुझ पर बिन बुलाए ही कन्याए देवी बनकर मेरे घर पर चली आई है जय माता की जय माता की ओ लगता है तुमने भी कंजग पूजन का आयोजन किया है किंतु कन्याए तुम्हारे घर अभी तक नहीं [संगीत] पहुंची कन्याए नहीं नन च जी उनको आमंत्रित करने पर वह स्वयं देवी बन जाती है स्वयं माता रानी का स्वरूप और जो देवया आपके घर पहुंची है उन्हें तो हमने आमंत्रित किया था किया होगा किंतु उन्होंने किसके घर आने का चुनाव किया मेरे घर माता रानी का स्वरूप है वो तो माता रानी ने किसे आशीर्वाद दिया मुझे तुम्हें नहीं श्रीधर किंतु तुम्हारे लिए मैं दुखी हूं श्रीधर सभी बालिकाएं मेरे घर पर व्यस्त रहेंगी महूरत का समय भी निकल जाएगा और तुम्हारा व्रत भी अधूरा रह जाएगा [संगीत] किया होगा किंतु उन्होंने किसके घर आने का चुनाव किया मेरे घर माता रानी का स्वरूप है वो तो माता रानी ने किसे आशीर्वाद दिया मुझे श्रर आशीर्वाद दिया मुझे तुम्हें नहीं श्रीधर क्यों मा ऐसा क्यों हुआ क्या भूल हुई हमसे माता मुझे आप पर अडल विश्वास है फिर क्यों आपके आशीर्वाद से वंचित हूं मैं मां कुछ कीजिए मेरी सहायता कीजिए मां मेरी सहायता [संगीत] कीजिए या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण सस्ता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपण पुकार लो पुकार लो श्रीधर किंतु कोई लाभ होने वाला नहीं जो माता को स्वीकार था माता ने वही कार किया अब किसी भी परिस्थिति में तुम्हारा व्रत संपूर्ण नहीं [प्रशंसा] होगा नम तस नम तस नमो [संगीत] नम श्रीधर का व्यक और ये कंजक पूजा अवश्य संपन्न होंगे श्रीधर जिन नौ देवियों को आमंत्रित किया है वो उसके घर अवश्य पहुंचेंगे माता किंतु कैसे व्यक्ति जब स्वयं से संतुष्ट नहीं होता तो ईर्ष्या उसके निकट आती है और वह
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