Tuesday, 6 January 2026

हनुमान को गुरु कैसे मिले थे Nirbhay Wadhwa Sankat Mochan Mahabali Hanuman Episode Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] जल से आमन करो हनुमान [संगीत] [संगीत] देव यह संकल्प सुत्र हाथ आगे करो हनुमान ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान को मुक्त कराया यक्ष राज से उसे बचाया हनुमत पुत्र धर्म निभाते पुलकित होकर स्वर्ग को जाते अब ना होगी कोई बाधा गुरुदेव के श्री चरणों में मेरा नमन प्रे ज्ञानवान भव यशस्वी भव बुद्धिमान भव महाब हनुमत की र कर लीला राम भगत की जय जय जय रघ अरुण देव के चरणों में मेरा नमन कीर्तिमान तुम्हारा कल्याण नारायण नारायण सूर्यदेव ने आपको अपना शिष्य बनाना स्वीकार कर ही लिया नारायण नाराय हनुमान अभी इसे परीक्षा का अंत मत समझना परीक्षा तो तुम्हारी अब आरंभ होगी [संगीत] हनुमान जन की प्राप्ति एक तपस्या साधना है सर्वप्रथम तो मुझे यह देखना होगा कि तुम कितना ज्ञान ग्रहण कर सकते हो मेरी शिक्षा तुम्हें सात दिवस में पूर्ण करनी होगी अन्यथा यह शिक्षा अपूर्ण रह जाएगी इसलिए इस शिक्षा का प्रत्येक क्षण तुम्हारे लिए बहुमूल्य है एक क्षण के विलंब से भी शिक्षा अपूर्ण रह सकती है अब मेरे विश्राम का समय हो गया है कल प्रातः काल तुम्हारी शिक्षा का श्री गणेश होगा रूप में हुए स्वीकार हनुमत को हुआ हर्ष अपार गुरु लेंगे अब कठिन परीक्षा सात दिवसों में देंगे शिक्षा निभाएंगे शिष्य का धर्म हनुमत करेंगे अथक श्रम हर ल का रखेंगे ध्यान तभी मिलेगा संपूर्ण ज्ञान अरुण देव अब आप इन बालकों को विश्राम के लिए विश्राम ग्रह में पहुंचा प्रणाम गुरुदेव ज्ञानवान [संगीत] भव प्रणाम [संगीत] देव [संगीत] मां आपके आशीर्वाद से मुझे सूर्यदेव ने अपना शिष्य बना लिया है मैं शीघ्र ही शिक्षा पूर्ण करके आपके पास लौट आऊंगा आप मेरे लिए तनिक भी चिंतित मत होना मां प्रणाम मां प्रणाम मां प्रणाम मा प्रणाम मा [संगीत] हनुमान सूर्यास्त हो चुका [संगीत] है हनुमान अभी तक नहीं लौटा इसका अर्थ है सूर्यदेव ने हनुमान को अपने शिष्य के रूप में स्वीकार कर लिया है मुझे भी कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है भगवान करे हनुमान का मनोरथ पूर्ण हो जाए महाराज महाराज महाराज यह स्त्री भयभीत सी कौन भागी चली आ रही है महाराज महाराज क्या हुआ आपको कहां जाना है मुझे महाराज केसरी से मिलना है उनसे आप अभी नहीं मिल सकती महाराज केसरी अपने परिवार के साथ युवराज हनुमान के लिए सूर्यदेव की आराधना कर रहे हैं यदि आपको कोई कष्ट है तो मुझे बताइए क्या हुआ सेनापति यह किसी संकट में है क्या प्रणाम महाराज महाराज कुछ हसर ने मेरे पुत्र का अपहरण कर लिया [संगीत] है चयन भैया मित्रों यदि आज आप सब मेरी सहायता ना करते तो ना जाने क्या हो जाता मैं आप सबका सदैव आभारी रहूंगा हनुमान हम सब यह परीक्षा कल भी दे सकते हैं हमारे साथ तो कोई समय का बंधन है नहीं किंतु तुमने तो संसार के लिए बहुत कुछ किया है तुम्हारा सद् व्यवहार तुम्हारा भोलापन और तुम्हारी अच्छाइयां ऐसी है कि सभी तुम्हारी सहायता करेंगे ही आप सब बहुत अच्छे हैं आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद अच्छा हनुमान वैसे यह तो बताओ कि वह है कौन जिनसे शिक्षा के उपरांत तुम मिलने वाले हो और जिनके लिए तुम्हारा जन्म हुआ [संगीत] है उनके विषय में मुझे कुछ जत नहीं है हां मैं अपने भावी जीवन में उनके किसी कार्य में सहायक होने वाला हू बस इतना ही ज्ञात है मुझे फिर तो अवश्य ही कोई महान कार्य करना होगा तुम्हें कार्य तो महान होगा ही किंतु मैं यह सोच रहा हूं कि वह जो भी होंगे वह भी कोई विशिष्ट ही [संगीत] होंगे भला होंगे कौन [संगीत] वोह [संगीत] मेरा जन्म किनसे मिलने के लिए हुआ है क्या कार्य करना है मुझे उनके सहायक के रूप में मुझे किनकी कार्य में सहायता करनी है नारायण का नर अवतार जो भी हो जहां भी छुप कर पल रहा हो वो छलिया लिया विष्णू मेरा कोई अहित नहीं कर सकता बोलो क्या सूचना लेकर आए हो मेरे रक्ष वरो महाबली लंकेश आपके आदेशा अनुसार हमने अनेक बालकों का अपहरण कर लिया है उन सबको हमने धूम्र पर्वत के आंचल में जो दंडक बन है वहां बंदी बनाकर रखा हुआ है उत्तम और बालकों को लेकर आओ संपूर्ण पृथ्वी से नर बालकों को विहीन कर दो ऐसा ही हो रहा है महाबली वज्रास सुमेरू की ओर गया है और वो सुमेरू और अन्य स्थानों से अनेक बालकों का अपहरण करके व दंडक वन में ले आएगा अति उत्तम अब ना ही कोई नर बालक बचेगा और ना ही उस नर बालक के रूप में छुपा नारायण का नर अफता शीर ही सूर्यास्त हो जाएगा उसके जीवन का महाराज महाराज महाराज मेरे पुत्र को बचा लीजिए महाराज मेरे पुत्र नल और नील को असुरों ने वन में पकड़ लिया है महाराज हां महाराज मायावी राक्षस थे नल और नील ने हम सबको तो बचा लिया पर वे स्वयं ही फस गए महाराज महाराज आप तो राजा है इस प्रजा की रक्षा भी आप ही कर सकते हैं शीघ्र कुछ नहीं किया गया तो अनर्थ हो जाएगा महाराज यह तो बहुत बुरा [संगीत] हुआ किशोर गए हैं वो लोग महाराज वो धूम्र पर्वत की ओर गए हैं धूम्र पर्वत की ओर महाराज धूम्र पर्वत का क्षेत्र तो दंडक वन से घिरा हुआ है हिंसक पशुओं और असुरों के आतंक के कारण वहां कोई नहीं जाता अब मेरे पुत्र का क्या होगा महाराज आप लोग चिंता मत करिए आपके बालक जहां भी होंगे मैं उन्हें सुरक्षित लाऊंगा सेनापति शीघ्र ही अन्य सैनिकों को बुलाइए हम अभी उस ओर निकलेंगे यदि वो राक्षस धूमर पर्वत के पार उस घोर वन में निकल गए तो उन्हे पकड़ना बहुत कठिन हो जाएगा जो आजा महाराज जब तक आपके बालक सकुशल लौट नहीं आते तब तक आप भवन में ही रहेंगे आप हमारी चिंता मत कीजिए आप श जाइए और उन बालको को मुक्त कर शीघ्र चलो सेनापति जी महाराज सभी बालक स कुशल लौट आए जाने हनुमान के साथ क्या हो रहा होगा [संगीत] हे ईश्वर सबकी रक्षा [संगीत] कर सारी रात व्यतीत हो गई उष काल हो आया है कुछ ही समय में सूर्योदय होने वाला है ना तो स्वामी की कोई सूचना आई है और ना ही हनुमान के बारे में कुछ ज्ञात हो पाया [संगीत] है [संगीत] हनुमान आज से तुम्हारी शिक्षा आरंभ हो रही है मेरी शुभकामनाएं हैं तुम्हें मेरी भीरी भी हम सबकी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ है हनुमान धन्यवाद सबको बहुत-बहुत धन्यवाद जयंत भैया मित्रों अभी प्रातः काल नहीं हुई है काल स्तंभ पे अभी प्रकाश नहीं आया है [संगीत] कुछ ही क्षणों में गुरुदेव निकलने वाले हैं मुझे उनसे शिक्षा ग्रहण करने समय पर पहुंचना होगा प्रणाम गुरु [संगीत] माता हनुमान यह गुरु माता है आपके चरणों में मेरा [संगीत] नमन तो तुम हो वो दिव्य बालक हनुमान सत्य ही सुना था अनुपम है तुम्हारी छवि जिसके दर्शन मात्र से ही सुख और शांति की अनुभूति होती है तुम्हारे पराक्रम की चर्चा तो पूरे ब्रह्मांड में हो रही है हनुमान धन्यवाद गुरु माता मुझे शीघ्र ही गुरुदेव के पास पहुंचना है मुझे अनुमति दे अवश्य हनुमान तुम्हें मेरा आशीर्वाद है तुम्हारा मनोरथ सफल हो प्रणाम गुरु माता प्रणाम [संगीत] देव नारायण नारायण प्रणाम देवर्षि अनुमान सूर्यदेव जैसे गुरुवर सबको प्राप्त नहीं होते तुम्हारी शिक्षा का आज प्रथम दिवस है इसलिए तुम्हें आशीर्वाद और शुभकामनाएं देने के लिए चला आया पुत्र धन्यवाद देवर्षी देवर्षी गुरुदेव ने आज प्रातः से ही मुझे शिक्षा देने के लिए बुलाया है इसीलिए मैं समय से पूर्व ही निकल रहा हूं अन्यथा किसी कारण से मुझे विलंब ना हो जाए उषा काल तो प्रारंभ हो चुका है अर्थात कुछ ही क्षणों में स्वामी निकलने वाले हैं हनुमान स्वामी ब्रह्म बेला में निद्रा का त्याग कर देते हैं और उषा काल में अपने रथ की ओर निकल पड़ते हैं और उनके रथ पर बैठते ही प्रातः काल हो जाता है पुत्र तुम्हें उनके रथ पर चढ़ने से पूर्व ही वहां पहुंचना चाहिए इसलिए शीघ्र जाओ पुत्र देवी संध्या का कथन सत्य है सूर्यदेव अपने समय के नियम का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं वे कभी भी अपने निर्धारित समय से नहीं ढकते तुम शीघ्र जाओ पुत्र मेरा आशीर्वाद है तुम्हें प्रणाम देवर्षी कल्याण हो नारायण नारायण मुझे तो इन सबकी बातों में समय का ध्यान ही नहीं रहा प्रातः तो होने ही वाली [संगीत] है प्रणाम गुरु माता शुभम भवा [संगीत] ओम सूर्य देवाय [संगीत] नमः हे सूर्यदेव मेरे पुत्र हनुमान पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखना और मेरे स्वामी की रक्षा कर आज प्रथम दिवस है एक क्षण का भी विलंब मेरे लिए अनुचित है सूर्य प्रकाश नभ में छाया नव दिवस प्रारंभ हो आया एकाग्रता से करते प्रयास शीघ्र पहुंचे गुरु के पास चिंतित हुआ हनुमत का मन विलंब से ना हो अप प्रसन्न गुरुवर यदि होंगे क्रोध शिक्षा प्राप्ति होगी अरोध काल स्तम पर तो प्रकाश आ गया है अर्थात प्रात काल हो गई है मुझे विलंब हो गया ना जाने क्या होगा [संगीत] अब यहां तो कोई नहीं है मुझे विलंब हो चुका है गुरुदेव का रथ तो निकल चुका है अब तो गुरुदेव अवश्य मुझ पर क्रोधित [संगीत] [संगीत] [संगीत] होंगे व प्रणाम गुरुदेव शुभाशीष हनुमान मैंने तुम्हें बताया था कि तुम्हारी शिक्षा प्रातकाल होते ही आरंभ हो [संगीत] जाएगी मैं जब रथ पर बैठता हूं तो प्रातकाल हो जाता फिर भी तुमने विलंब कर दिया विलंब के लिए मुझे क्षमा कर दीजिए मैं उपस्थित हो ही जाता किंतु हनुमान समय किसी के लिए ठहरता नहीं और जो समय का सम्मान नहीं करता समय उसका सम्मान नहीं [संगीत] करता

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