Tuesday, 6 January 2026

हनुमान कैसे समझ पाएंगे असुरों का यह छल Nirbhay Sankat Mochan Mahabali Hanuman 380 Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] आ तो मेरा संदेह उचित [संगीत] था तुम्हे कैसे ज्ञात हुआ वानर कि मैं चद में असुर हूं तुमने कहा था ना कि तुम प्रभु महादेव की पूजा कर रहे हो परंतु यह मंत्र तो अशुद्ध है ओम क्लीम नमः ओम क्लीम नमः तब मैंने सोचा कि कदाचित तुम्हें मंत्रों का उचित ज्ञान नहीं है परंतु फिर तुमने तिलक के लिए सिंदूर अपनी अनामिका उंगली के स्थान पर अंगूठे से उठाया जिससे मुझे विश्वास हो गया कि तुम वो नहीं हो जो तुम दिखा रहे हो तो अब बताओ कौन हो [संगीत] तुम तुम्हारी मृत्यु हूं [संगीत] [संगीत] मैं यह लड्डू तो मुझे अपनी ओर खींच रही है मेरे हथियार की परिधि में जो भी आया वह कभी बच ना पाया वानर तुम अपने आप को बहुत बुद्धिमान समझते हो ना अब ना तुम्हारी बुद्धि बचेगी और ना ही तुम्हारा यह पर्वत के समान शरीर बचेगा तो मात्र तुम्हारा कंकाल सर्वप्रथम मुझे इस लड्डू को रोकना [संगीत] होगा इसकी र्न क्षमता तो रुकी नहीं रही वानर तुम अपनी वानर बुद्धि का प्रयोग करते रह जाओगे परंतु अपने समीप आती इस मृत्यु को नहीं रोक सकोगे तुम इसका प्रभाव तो मेरी ओर बढ़ रहा है मुझे इससे बचना होगा किंतु कैसे हम यह लड्डू संचालित डोर हम मुझे कोई युक्ति लगानी होगी सखा थू वानर अब तुम्हारी लट्टू संचालित डोर मेरी ओर [संगीत] है [संगीत] मुझे वो वापस दे दे [संगीत] नर मेरी ले चल एक डोर मुझे वापस दे वानर दे मुझे वापस वानर तुझे छोडूंगा नहीं मैं वानर अब हनुमान इसी के अस्त्र से इसका संघार [संगीत] करेगा [संगीत] बर इस लट्टू को हर कोई नहीं चला सकता वानर तुमने स्वयं अपनी मृत्यु को अपनी ओर खींच लिया है वानर अब नहीं बच सकता तू वनर [संगीत] हम [संगीत] जय श्री राम [संगीत] [संगीत] [संगीत] क्रंचा क्रोज का अंत हो गया इसका अर्थ है अवश्य कोई भयंकर शत्रु लंका नगरी में प्रवेश करने की योजना बना रहा है परंतु इस लंकिनी के होते हुए इस लंका भूमि पर कोई पांव तक नहीं रख सकता ऐसा मैं कदापि नहीं होने दूंगी वो जो कोई भी हो लंकिनी के हाथ हो उसकी मृत्यु निश्चित है लंकिनी नाम है मेरा लंका की सुरक्षा कार्य है [हंसी] [संगीत] मेरा हो चाक चौबंद चौकस नगरा रात्र दिवस आठों बहरा देख पवन सुत मन में विचार र लो आप लघु आकार राम सियाराम सियाराम जय हनुमान राम सियाराम सियाराम जय हनुमान ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान हनुमान की यह युक्ति अवश्य सफल होगी अब मुझे कोई नहीं देख पाएगा जय श्री [संगीत] राम हम हम ये किसके विकराल नेत्र हैं जो इतने उग्र भाव से हनुमान को देख रहे हैं यहां तो गए हो वानर किंतु जीवित वापस नहीं जा पाओगे प्रभु श्री राम की कृपा से हनुमान इस बाधा पर भी विजय प्राप्त करेगा उ दंड वानर तुम्हें क्या लगा था तुम मेरी दृष्टि से बच [हंसी] जाओगे लंकिनी नाम है मेरा लंका की सुरक्षा कार्य है मेरा बिना मेरी अनुमति के कोई कीट भी लंका में प्रवेश नहीं कर सकता और तुमने यह दुस्साहस कर बहुत बड़ा अपराध किया है वानर लो अब बोक दो उसका दंड [संगीत] देख तेरी मृत्यु तेरे समीप [संगीत] है अच्छा तुम मुझसे बच [संगीत] गए बहुत चदर समझते हो ना तुम अपने आपको वानर मैं भी देखती हूं कि तुम अपनी चतुराई से कब तक बच सकते हो [संगीत] न [संगीत] [संगीत] हम लकनी को अपनी स्फूर्ति दिखाकर अपना बचाव कर रहे हो कपटी वानर तो लो अभी मैं तुम्हें अपनी मायावी शक्ति से परिचित कराती हूं यह तो अदृश्य हो गई [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] बस बहुत हो गया हनुमान को अपने कार्य में विलंब हो रहा [संगीत] है पुन बच गया य कपटी वानर [संगीत] ये दुष्ट वानर गया तो गया कहां ना आगे दिखाई देता है और ना ही [संगीत] पीछे स्वयं पर घात लगते ही सामने आ गई ना [संगीत] लंकिनी [संगीत] [संगीत] लकनी को झका कर उसे क्रोधित करने की बहुत बड़ी भूल कर रहा है कम [संगीत] [हंसी] दीवार मैंने कहा था ना लकनी तुझे मसल कर रख [हंसी] [संगीत] देगी पुन बच गया यह चतुर वानर लखने के साथ [संगीत] क्रीड़ा लखने के साथ क्र मसल देगी लकनी [संगीत] [संगीत] तुम्हे तुम कोई साधारण वानर नहीं हो किंतु जो भी हो लकनी के हाथों से नहीं बच सकती लखनी के प्रहार से अब तुम बच नहीं सकते [संगीत] [संगीत] वानर से विकट परिस्थितियों में आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए और समस्या कितनी भी बड़ी हो डटकर उसका सामना करना चाहिए

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