[संगीत] [संगीत] देवी सीता कदाचित त्रिजटा का संदेह उचित है दशानन लंकेश के बाद राक्षस कुल में सबसे दुर्दांत योद्ध है युवराज मेघना इंद्रजीत है वो उन्हें पराजित कर पाना बहुत कठिन [संगीत] [प्रशंसा] है देवी अंडा मुझे ज्ञात है मेरे स्वामी के महाबली दूत एक अत्यंत पराक्रमी राक्षस से युद्ध कर रहे हैं परंतु मुझे पूर्ण विश्वास है इस भयंकर युद्ध में विजय उन्हीं की [संगीत] होगी वाना तू कितनी भी उछल कूद कर ले परंतु मुझसे तेरा बचाव संभव नहीं मेरे इन खड़ग की जोड़ी का प्रहार कभी व्यर्थ नहीं जाता इसे पराजित करने से पूर्व मुझे इसके खड़क को नष्ट करना होगा सुनो अदृश्य राक्षस कुमार नाथ मैं यहां हूं तुम्हारे खड़क तो मेरे साधारण आकार को भी क्षति नहीं पहुंचा सके थे उनके प्रहार मात्र शीला कं और वृक्ष ही खंडित कर पाए थे फिर तुम मेरे इस सूक्ष्म शरीर को खंडित कैसे कर पाओगे तुम में वह सामर्थ्य नहीं है मेघनाथ तुच वानर तुम्हें क्या लगता है कि तुम अपनी इन साधारण शक्तियों से मुझे मात दे पाओ तुमने मुझ इंद्रजीत की शक्तियों को चुनौती देने का दु साहस किया है इसका उचित दंड मिलेगा तुझे परिणाम भुगतने के लिए तैयार हो जाओ वानर हो इंद्रजीत योद्धा बलवाना सामने बजरंगी हनु माना कर रहे दो परस्पर वारा हनुमत युक्ति एक विचारा राम सियाराम सियाराम जय हनुमान यह वानर पुनः बच गया तुम फिर विफल हो गए [संगीत] [संगीत] मेघनाथ [संगीत] मेघनाथ तुम एक श्रेष्ठ योद्धा अवश्य तुम्हारी मायावी शक्ति और युद्ध कौशल अद्वित है परंतु अहंकार से ग्रसित होकर इतनी सरलता से तुम अपने खड़क गवा बैठे तुम्हारा यही राक्षसी दंभ तुम्हारे विनाश का कारण बनेगा अपने बल और बुद्धि से मुझे छका कर कुपित करने वाला कौन है यह वानर अब मैं तुम्हें दंडित करूंगा मेघनाथ यह तो पुनः अदृश्य हो गया तुम्हारे लिए तो मेरे हाथ ही पर्याप्त है वानर दुष्ट वानर लंका की तीन बहुमूल्य निधियों को खंडित करने का अपराध किया है तुम ने पहले मेरे पिता श्री की अशोक वाटिका को छिन्न भिन्न करके रख दिया मेरी माता के दुलारे पुत्र अक्ष कुमार का निर्मम वध कर मेरी माता की कोक को उजाड़ दिया और अब मेरे सर्वाधिक प्रिय खड़ग उनको नष्ट करने का अपराध किया है तुमने भयानक दंड दूंगा मैं तुम्हें भयानक दंड क्रोध वश इसने मेरे समक्ष अपना मुख प्रकट कर दिया है परंतु इसके पू की य पुन अदृश्य हो जाए मुझे इसे प्रकट रखने का उपाय सोचना होगा सूझ गई युक्ति अब इसे अदृश्य होकर मुझ पर हावी होने का अवसर नहीं दूंगा [संगीत] मैं हनुमान ने इस दुष्ट राक्षस को प्रकट करने का उपाय ढूंढ लिया है अब मेघनाथ संकट में आ गया है अनेक दिव्य शक्तियां जिसमें संचित हो उस मायावी और भयंकर मेघनाथ को अभी भी कम नहीं आका जा सकता [संगीत] पवंदी [संगीत] [संगीत] [संगीत] दुष्ट मेघनाथ अब तुम्हारे प्रत्येक बर का उचित उत्तर देगा यह रामदूत हनुमान जय श्री राम पहले तुम में मुझे देखने की क्षमता होनी चाहिए [संगीत] [प्रशंसा] वानर आ यह क्या यह तो मुझे देख सकता है पुनः अदृश्य हो गया पहले तो तुम अदृश्य थे मेघनाथ परंतु अब कीचड़ लगने के बाद देखता हूं किधर से आते [संगीत] हो [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] अब कहां बच के भागोगे तुम दिखाओ मुझे अपनी गति दिखाओ [संगीत] [संगीत] उचित है देवराज किंतु आज हनुमान द्वारा इस दुष्ट मेघनाथ को हम देवताओं पर किए अत्याचारों का भी दंड प्राप्त होगा मेरी प्रबल इच्छा हो रही है कि मैं भी इस युद्ध में सम्मिलित होकर मेघनाथ से अपनी पराजय का प्रतिशोध लू आप चिंता ना करें देवराज हनुमान एकाकी ही इस दुष्ट के लिए पर्याप्त [संगीत] है [संगीत] कहां गया यह तीनों लोगों में ऐसा कोई नहीं जो मेघनाथ को पराजित कर सके परंतु यह वानर कौन है यह वानर बिना अदृश्य हुए मैं इसे पराजित नहीं कर पाऊंगा हे माता निकुंबला देवी मेरी सहायता [संगीत] कीजिए यदि इस वानर ने मुझे धर लिया तो संभव है कि यह मेरा अंत ही कर दे इससे अपने ऊपर वार करने का कोई अवसर नहीं देना चाहिए मुझे नर आओ मेघनाथ कहां छुप गए थे मुझ राम भक्त से आतंकित हो गए थे क्या स्वयं को तो बहुत महान योद्धा बताते हो वानर अब तुम्हारी मृत्यु मेरे हाथों होगी आओ अभी यह राम भक्त तुम्हारा भ्रम भी दूर कर [संगीत] देगा [संगीत] वृष्टि माता देवी नि कुमला ने मेरी सहायता की मेरे और इस वानर के शरीर की कीचड़ धुल गई अब मैं पुनः अदृश्य हो सकता हूं अब मुझे अभिलंब इस दुष्ट को अंतरिक्ष में ले जाकर अपने मायावी त्रिलोक में बंदी बना लेना चाहिए [संगीत] अपने रथ के साथ क्या करना चाहता है यह मायावी राक्षस वानर अपनी तीव्र गति और शक्ति पर बहुत विश्वास है ना तो आओ मुझे पकड़ कर दिखाओ अंतरिक्ष में युद्ध लड़कर पछड़ दो मुझे हनुमान को इस दुष्ट राक्षस की यह चुनौती स्वीकार नहीं करनी चाहिए वो हनुमान को अपने मायावी त्रिलोक की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा है जिसमें जो एक बार फसा व कभी जीवित बाहर नहीं आया कहीं यह इस दुष्ट का कोई नया छल तो नहीं क्या हुआ वानर रुक क्यों गए आओ करो मेरा सामना और अंत कर दो इस युद्ध का राम दूत हो ना तुम राम की शक्ति से सब कुछ संभव बना सकते हो प्रतीत होता है कि मेघनाथ के भय से जड़ हो गए तो जाओ भाग जाओ युद्ध छोड़कर तो कर दो प्रमाणित तुम्हारे समान तुम्हारे स्वामी प्रभु श्री राम लंका में प्रवेश कर राक्षसों से लड़ने का साहस ही नहीं जुटा सके जैसे भीरू रामदूत वैसे ही उनके भीरू श्रीराम प्रभु श्रीराम का निरादर कदापि नहीं सहेगा हनुमान इस दुष्ट राक्षस का अंत कर ऐसा उदाहरण स्थापित करो कि प्रभु श्रीराम के यहां आने का संवाद सुनकर यह राक्षस आतंकित होकर थरा उठे इस युद्ध को पूर्ण किए बिना नहीं लौटूंगा मैं जय श्री राम मेरा छला सफल हुआ अब इस वानर का अंत शीघ्र ही होगा तुम्हारी त्वरित गति भी तुम्हें हनुमान से नहीं बचा सकती मेघनाथ तुम मुझ तक पहुंच कर भी मुझे नहीं पकड़ पाओगे वानर मैं शीघ्र ही तुम तक पहुंच जाऊंगा [संगीत] कहीं य मेघनाथ हनुमान को छल से अपने मायावी त्रिलोक की ओर तो नहीं लेकर जा रहा [संगीत] है [संगीत] यह रक्त वर्णी लघु ग्रहों का झुंड कहां से अकस्मात आ गया हमारे मध्य मेघनाथ कहीं मेरी दृष्टि से ओझल ना हो [संगीत] जाए किंतु यह रक्त वर्णी लघु ग्रह यहां कैसे आ गए यह तो बृहस्पति ग्रह के निकट पाए जाते हैं कहीं ये मायावी मेघनाथ की रचाई हुई कोई माया तो नहीं अवश्य ही मेघनाथ मुझसे कोई छल कर रहा है मुझे शे ग्रही इन शुद्र ग्रहों का ध्वंस करते हुए उस तक पहुंचना होगा जय श्री राम [संगीत] इन उल्का पिंडों के मध्य से निकलना संभव नहीं है मुझे इन्ह तोड़ते हुए आगे जाना होगा तो यह मेघनाथ की ही कोई मायावी क्रीड़ा थी जो वह मेरे साथ कर रहा था आओ मूर्ख वानर आओ अब तुम सीधे मेरे मायावी त्रिलोक के माया जाल में ही फसो [संगीत] [संगीत] ग [संगीत] मायावी कपाल जैसे ही वह वानर मेरे मायावी ग्रह को पार करे उसे मेरे मायावी धूम्र के घेरे में फसाकर भ्रमित कर दो सच्चा योद्धा वही हो जो विकट परिस्थिति में भी सामना करने से नहीं भयभीत होता
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