[संगीत] महाभारत महारानी की जय हो पांडु कुमार चरण स्पर्श के लिए आने की आज्ञा चाहते हैं उन्हें आने के लिए क्यों रोका माता के पास आने के लिए पुत्रों को आज्ञा की आवश्यकता नहीं होती जाओ उन्हें तुरंत ले आओ जो आज्ञा इस बात का ध्यान रखना पुत्र कि वो तुम्हारे भाई हैं और लाठी मारने से पानी अलग नहीं होता लाठी मारने से पानी अलग होता है माता श्री और पानी अलग हो चुका है युधिष्ठिर तुम्हारा जेष्ठ भ्राता है उसे प्रणाम करना प्रणाम आयुष्मान भव अनुज प्रणाम जेष्ठ माता श्री धर्म प्रतीक भव पुत्र प्रणाम जेष्ठ माता श्री आयुष्मान भव प्रणाम बड़ी मा आयुष्मान भवा प्रणाम बड़ी मां यशस्वी प्रणाम बड़ी मां यशस्वी भवा हम अपने अ भाइयों और आपके पुत्र अभिमन्यु की मृत्यु पर शोक प्रकट करने आए जे माता श्री मेरे और दुशासन के पुत्रों की मृत्यु पर भी शोक प्रकट कर लीजिए जेष्ठ भता श्री क्योंकि क्या पता कि फिर शोक प्रकट करने का अवसर मिले या ना मिले और ध्यान रहे कि युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है जब तक मेरी प्रतिज्ञा पूरी ना हो जाए तब तक यु समाप्त हो भी नहीं सकता दुर्योधन और पांचाली के खुले हुए केश तब तक युद्ध को समाप्त होने भी नहीं देंगे प्रिय भीम क्षमा चाहता हूं जेष्ठ माता श्री किंतु मैं क्या करूं यदन और दुशासन में से जब भी कोई सामने पड़ जाता है तो मुझे वो हस्तिनापुर राज्यसभा का अश्लील दृश याद आ जाता है अपने क्रोध को जीतने का यत्न करो अनुज भीम नहीं भाता श्री नहीं धर्म युद्ध में क्रोध भी एक शक्तिशाली शस्त्र है और हम में से कोई भी कुछ भी भूलने को तैयार नहीं है क्या यह भूलने की बात है कि मेरे पिता मा मेरे वाण की सया पर लेटे हुए हैं क्या यह भूलने की बात है कि भता दुर्योधन के कारण हमें अपने 8 भाइयों का व करना पड़ा क्या मैं यह भूल जाऊ कि सात मारयो ने मिलकर मेरे निते और घायल पुत्र को मार डाला भूलने की बात तो यह भी नहीं है प्रिय अनुज क्षत्रिय इतिहास में तुम ही ऐसे पांच क्षत्रिय हो जिन्होंने अपनी पंचायती पत्नी को दाव पर लगाया था यदि जेस्ट माता श्री सामने ना होती भ्राता दुर्योधन तो यह कहने पर मैं तुम्हारी जीवा खींच के तुम्हारे गले में लपेट देता नकुल अपनी इस असभ्य के लिए जेष्ठ माता श्री और भ्राता दुर्योधन से क्षमा मांगो जेष्ठ माता श्री से तो मैं कुछ भी मांग लूंगा लेकिन इनसे कुछ नहीं मांगूंगा ना क्षमा ना आशीर्वाद तो शिविर से बाहर जाकर मेरी प्रतीक्षा करो युधिष्ठिर जी बड़ी मां तुम कौन होते हो मेरे प्रिय नकुल को शिविर से निकालने वाले क्षमा चाहता हूं बड़ी मां मुझे आज्ञा दीजिए माता श्री मुझे आचार्य द्रोण के साथ बैठकर कल के लिए रणनीति तैयार करनी है प्रणाम माता श्री प्रणाम जेष्ठ प्रता श्री अब हमें भी आज्ञा दीजिए बड़ी मां अभी हमने माता श्री के चरण स्पर्श नहीं किए हैं और उस युद्ध की आज्ञा दीजिए जिससे हमने भारत वश और भारत वंश को बचाने का बड़ा प्रयत्न किया क्या विजय श्री का आशीर्वाद नहीं मांगोगे पुत्र जी नहीं क्यों क्योंकि मैं आपको धर्म संकट में नहीं डालना चाहता प्रणाम बड़ी मां प्रणाम जेष्ठ माता श्री प्रणाम बड़ी मां प्रणाम बड़ी मां प्रणाम बड़ी मां महा भारत मारत महाभारत महाभारत हो महाभारत
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
-
[संगीत] महाभारत प्रता श्री आपने सु शर्मा को ऐसा वचन क्यों दिया मेरे वचन पालन करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता अनुज तुम क्या समझते हो कि स...
-
महाभारत इच्छा है तुम्हारी बस इसने तो एक ही रट लगा रखी है केशव इसे तो आपको गुरु बनाना है वस इस देश में गुरुजनों की क्या कमी है तुम हमें ह...
-
[संगीत] किंतु मेरे परिवार पर से किस पर संकट आने वाला है ऋषिवर बताइए ना ऋषिवर संकट किस पर होगा यह सोचने के स्थान पर तुम्हें यह सोचना चाहि...
No comments:
Post a Comment