[संगीत] हम सब मित्रों के साथ रहना चाहते हैं शत्रुओं से दूर रहना चाहते हैं क्यों क्योंकि हमें जीवन में आनंद पाना है जीवन में आगे बढ़ना है स्वयं को संपन्न देखना और यदि किसी से भी आप पूछेंगे कि जीवन में सफलता पाने के लिए सबसे अधिक आवश्यकता किसकी होती है तो हर एक आपको लगभग एक ही उत्तर देगा सफलता प्राप्त करने के लिए आपको सच्चे मित्रों की आवश्यकता होती परंतु यदि आपको और अधिक सफल होना है तो आपको केवल मित्रों की नहीं शत्रु की अधिक आवश्यकता है अब आप कहेंगे ये मैंने कैसी बात कर दी तनिक स्वयं सोच जब भी संकट आता है तो मित्र क्या करते हैं आपकी सहायता करने के लिए आपके साथ खड़े हो जाते हैं और संकट के समय में शत्रु और बड़ा संकट बनकर हमारे समक्ष खड़े हो जाते हैं मित्र हमें सहायता देते हैं अपनी शक्ति देते हैं परंतु शत्रु आपके भीतर छिपी शक्ति को बाहर लाता है आपको और अधिक बलवान बनाता [संगीत] है क्या हुआ माता कुछ हुआ नहीं पा परंतु शीघ्र ही होने वाला है पर प्रतीत होता है कि तुम्हारे भ्राता विको दर वापस लौट आए जाओ जाकर अपने अग्रज का स्वागत करो जाओ पा आप नहीं आएंगे माता तुम जाओ [संगीत] पार मैं कुछ समय पश्चात आता [संगीत] मुझे क्षमा कर देना वीर बर बरीक बस करो नकुल मुझे कुछ नहीं हुआ है कुछ नहीं हुआ राधा भीम आप अपनी दशा देख रहे हैं किसने किया यह सब बस एक बार उसका नाम बता दीजिए जीवित नहीं छोडूंगा उसे मैंने कौन हो तुम तो सासी आपका पौत्र पितामह घटोत्कच पुत्र बर्बरीक हूं [संगीत] मैं इसकी मार से जो चिन्ह मेरे शरीर पर पड़े हैं इसका अर्थ तुम समझते हो अर्जुन इसका अर्थ है गौरव पर हमारी विजय तो निश्चित है अनुज [संगीत] बारबारिक बल और युद्ध कौशल दोनों में सर्वश्रेष्ठ है इस महायुद्ध में इसका सामना कोई नहीं कर पाएगा और मुझे यह विश्वास है कि बारबिक अकेला ही इस महायुद्ध को समाप्त करने में सक्षम है तो यह तो बहुत प्रसन्नता की बात [संगीत] हुई वासुदेव ये मेरा पौत्र बारबिक है बर्बरिक ये मेरे भगवान [संगीत] [संगीत] कृष्ण [संगीत] बचपन से आपकी कथाएं सुनकर ही बड़ा हुआ हूं [संगीत] प्रभु आप मेरे स्वप्न में आते थे मैंने देखा कि आप ही मेरे मुक्ति मार्गदर्शक [संगीत] हैं आप ही मुझे मेरे परम लक्ष्य तक पहुंचाएंगे ना [संगीत] प्रभु तो तुम्हें लगता है बरबरी कि तुम स्वयं ही अकेले इस युद्ध को समाप्त कर सकते हो आप आदेश दे तो और ऐसा करने के लिए तुम्हें कितना समय चाहिए बरबरी आप सब बताएं कि आपके अनुमान से कितना समय लगना चाहिए जो भीम ने बताया उसके अनुसार एक माह एक पखवाड़े में भी हो सकता है दो दिन नहीं केवल एक दिन [संगीत] बताओ बात ब सही उत्तर क्या है किसी का नहीं काका श्री तो बताओ बरबरी कितना समय लगेगा तुम्हें केवल उतना जितना तीन बाणों का संधान करने में लगता है [संगीत] इन तीन बाणों की सहायता से मैं इस युद्ध को तीन पल में समाप्त कर सकता हूं चाहे जितने भी शत्रु मेरे समक्ष हो इन तीन बाणों से मैं सभी का नाश कर सकता [संगीत] हूं मैं केवल कथनी पर विश्वास नहीं करता बरबरी मुझे करनी का प्रमाण चाहिए दे सकते हो तुम राधे नहीं कुंती पुत्र हो स्वयं सूर्य नारायण के अंश हो तुम क जब तुम्हारा जन्म हुआ मैं अभ वाह थी पुत्र क्या करती मैं मुझे तुम्हें त्यागना पड़ा क्रोध अशांति पीड़ा ध्यान केंद्र में सबसे बड़ी बाधा है अपने क्रोध को अपनी अशांति को अपनी पीड़ा को शस्त्र बनाकर इसका उपयोग करो कन उपयोग [संगीत] करो मैं इंद्र हूं देवराज [संगीत] इंद्र सूर्य को भी अपने नियंत्रण में कर सकता तो तुम क्या हो जितना भी अभ्यास करना है कर लो का धनुष से बाण चला लो हाल के बिना योद्धा को मरना ही होता है [संगीत] आप की भूल है इंद्रदेव आप अपने पुत्र का प्रहार बन सकते हैं तो मैं भी अपने पुत्र की ढाल बन सकता हूं मेरे मार्ग में बाधा मत भूरे दे जितना प्रयास करना है कर लीजिए परंतु इस दानवीर क को कोई नहीं बचा सकता आप करना क्या चाहते हैं इंद्रदेव वही जो मैं सदा से करता आया अपने शत्रु की दुर्बलता से लाभ उठाना मैंने सुना है कि सूर्य उदय के समय यदि कांड से कोई दान मांगे तो व आ स्वीकार नहीं करता मांगने वाले को निराश नहीं करता दान अवश्य देता है अर्थात अर्थात करण की दुर्बलता उसकी दानवीरता है और उसकी शक्ति वह कवच और कुंडल जन्म से ही उसके लिए आपका आशीर्वाद जब एक ब्राह्मण दान में उससे वह कवच कुंडल मांगने जाएगा तो इस संसार को पता चलेगा कितना महान है यह सूर्य पुत्र कंड यदि दान दिया तो मेरे पुत्र अर्जुन के हाथों अपने प्राण खोएगा और यदि नहीं दिया तो मेरे हाथों सम्मान सूर्यदेव इन दोनों ही परिस्थितियों में विजय तो देवराज इंद्र की ही होनी [संगीत] य अधर्म है इंद्रदेव कवच और कुंडल कण को उसके पिता का दिया हुआ उपहार है यदि आपका पुत्र मेरे पुत्र को पराजित करने में असमर्थ है तो इस भाति आप एक बहुत ही नीच कार्य करेंगे य अनुचित है इसमें अनुचित क्या है सूर्यदेव आपने अपने पुत्र कर्ण की रक्षा के लिए उसे कुंडल और कवच दी मैं अपने पुत्र अर्जुन की रक्षा के लिए वो कुंडल और कवच छीन लेना चाहता हूं मैं ऐसा कदापि होने नहीं दूंगा वो तो आपकी क्षमता पर निर्भर करता है सूर्यदेव आप जो करना चाहते हैं आप करने के लिए स्वतंत्र है परंतु कल या तो आपका मान रहेगा या आपके पुत्र को आपका दिया हुआ उपहार मेरा पुत्र है वो सूर्य पुत्र कण ठीक ही आपको अपनी भूल की अनुभूति हो जाएगी कल प्रात संसार पर सूर्य का प्रकाश पड़े या ना पड़े परंतु ज्ञान का प्रकाश आपकी बुद्धि पर अवश्य [संगीत] पड़ेगा [संगीत] किसी कण ने कहा था यह युद्ध एक यज्ञ है और यज्ञ को सफल बनाने के लिए त्याग और दान करना होता है सूर्यदेव तुम्हारे इस पुत्र कांड को अपने प्राणों का बलिदान देना [संगीत] होगा मुझे यह बाण मेरी आराध्य देवी ने दिए हैं प्रभु इन बाणों के लक्ष्य पर जो शत्रु होगा उन सभी का नाश हो जाएगा प्रभु परंतु इतने भीषण युद्ध में तुम अपने शत्रुओं को पहचानोगे कैसे [संगीत] बारबारिक सभी शत्रुओं पर लक्ष्य साधना इतना सरल कार्य [संगीत] नहीं यदि तुमने अपने इन बाणों का संधान किया तो तुम्हारे मित्र भी मारे जा सकते हैं और वो निरपराध भी जो इस युद्ध में भाग नहीं ले रहे इसलिए मुझे यह तीन बाण दिए गए हैं प्रभु मेरे पहले बाण में भरी लाल भस्म मेरे सभी मित्रों और सहयोगियों को चिन्हित करेगी मेरा दूसरा बाण उन सभी को चिन्हित करेगा जो इस युद्ध में भाग नहीं ले रहे या निष्पक्ष है और यह तीसरा बाण एक क्षण में उन सभी का अंत कर देगा जिन्हे मैंने चिन्हित नहीं किया अर्थात मेरे शत्रुओं का नाश असंभव मैं नहीं स्वीकार प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं है माधव [संगीत] [प्रशंसा] मैं यहां हूं आप यहां है और मेरे बाण भी आप चाहे तो मेरा परीक्षण यहीं ले सकते हैं बस लक्ष्य बताएं तो ठीक है बर्बरी लक्ष्य भी तुम्हारे समक्ष प्रस्तुत [संगीत] है इस वृक्ष को देख रहे हो इस वृक्ष के सभी सूखे पत्तों को अपना लक्ष्य बनाओ परंतु स्मरण रखना बारबरी इस वृक्ष का कोई भी हरा पत्ता या कोई भी अध सूखे पत्ते का लक्ष्य भेदन नहीं होना [संगीत] चाहिए स्वीकार है आदेश का पालन होगा धर्मा देवा हतो [संगीत] हंति धर्मो रक्षति रक्षित धर्मों [संगीत] का मानव हतो बध धर्म देव हतो ह धर्म रक्षा की रक्षित दमा ध हर [संगीत] मान [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] सभी अन चिन्हित पत्रों का लक्ष्य भेद हो [संगीत] [संगीत] प्रतीत होता है कि कोई सूखा पत्ता शेष रह गया है बारबिक तुम असफल हुए ना मैं असफल हुआ हूं और ना मेरा तीर कोई लक्ष्य [संगीत] छोड़ेगा [संगीत] आपके चरण मेरे बाण के लक्ष्य के मध्य में आ रहे हैं प्रभु आपसे निवेदन है कि आप अपने चरण हटाइए प्रभु अन्यथा यह आपके चरण को भेद देगा तो क्या यह बाण अपना लक्ष्य भेदने के लिए रे पांव पर आघात कर सकता है जी प्रभु शीघ्र अपने चरण हटाइए [संगीत] [संगीत] यह क्या किया वासुदेव मेरा वरदान था कि यह बाण कभी लक्ष्य चूक नहीं मैं वासुदेव आपके वरदान का मान अवश्य [संगीत] [संगीत] रखूंगा देवी आपका यह बाण मेरा चरण भेद नहीं पाया परंतु अब से मेरे शरीर का यह भाग सबसे दुर्बल होगा और अब कोई भी बा मेरे इस स्मरण स्थल को भेद पाएगा यह मेरा वचन है देवी और यही मेरे इस देह को त्यागने का कारण बनेगा [संगीत]
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