Monday, 5 January 2026

श्री कृष्ण ने माता कुंती का दुःख दूर किया Gautam Rode Suryaputra Karn Episode 206 Pen Bhakti

[संगीत] भाग्य क्या है जो आपने किया उसे भोगना भाग्य है या जो आपके पूर्वजों ने किया उसका फल भाग्य है नहीं भाग्य वही है जो आपने किया क्योंकि हर मनुष्य को अपने कर्मों के फल भुगतने होते हैं इसलिए यदि जीवन में कुछ भी करें तो उस पर अपनी दृष्टि अवश्य रखें क्योंकि आपके एक कर्म का फल आपका भविष्य बदल सकता है हम वही बनते हैं जो हम चुनते हैं क्योंकि वही हमारा भाग्यव बनता है राजसभा में स्थान से पूर्व अपने यहां इसलिए लाए ताकि आप आप अपने वो वो प्रिय पांडवों के पक्ष में इन्हे उसा सके शांत रहो दुर्योधन हस्तिनापुर के महामंत्री है ये और एक महामंत्री के समक्ष तुम इस भाती बात नहीं कर सकते मुर्ता मत करो नहीं मामाश्री नहीं आज मुझे बोलने दी इन्होंने आज तक आज तक केवल पांडवों का साथ दिया और मेरा मेरा विरोध किया दुर्योधन अपनी वाणी पर संयम रखो यह मत भूलो कि महात्मा विधुर ना केवल तुम्हारे महामंत्री परंतु तुम्हारे काका श्री भी काका श्री होते तो मेरा समर्थन करते उन पांडवों का नहीं ये य केवल एक कृतज्ञ षड्यंत्रकारी है और कुछ नहीं इन्होंने कभी हमारे हित की बात नहीं करी ना ये तब जाते थे रे पिता राजा बने और ना ये आप चाहते हैं कि मैं सिंहासन पर बैठू बहुत बुरी बात है काका श्री हमारा अन्न खाके उन पांडवों को पक्ष लेते हैं आप भाग्य है कि यह मेरे पिता के आधे भाई है अन्यथा राजद्रोही घोषित करके इस दासी पुत्र को डंड देता मैं [संगीत] दुर्गा [संगीत] सावधान ये आप क्या कर रहे आर्य आप तो शांत रहिए बालक नहीं है ये जो इसके हर अपराध को बालक समझकर क्षमा कर दूं इसे स्मरण होना चाहिए कि मैंने शस्त्र शिक्षा ता श्री भीष्म से ली है इसने मेरी निष्ठा पर प्रश्न किया आज जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग इसने किया है इसे हसनापुर से निष्कासित कर देना चाहिए निष्कासित तो मुझे आपको कर देना चाहिए अपनी सीमा का उल्लंघन मत कर [संगीत] दुर्योधन अपने शब्दों की रास को थाम कर रखो [संगीत] दुर्योधन यह मत भूलो कि महात्मा विदुर हस्तिनापुर के महामंत्री और हस्तिनापुर के रणनीतिकार भी इस समय तुम्हें उनके समर्थन उनकी सहायता की अ आवश्यकता है बस ऐसे सैकड़ों महामंत्री ऐसे सैकड़ों महामंत्री मेरे चरण धोते हैं मु इस युद्ध को जीतने के लिए एक दासी पुत्र के समर्थन की आवश्यकता नहीं है [संगीत] दुर्योधन [हंसी] [संगीत] इस धनुष के साथ तुम्हारे प्रति मेरा समर्थन भी टूट गया है अब ना तो तुम मेरे शस्त्र उपयोग कर पाओगे और ना ही मेरी नीति मैं स्वयं अपनी बुद्धि और शक्ति को इस युद्ध से अलग करता [संगीत] हूं [संगीत] दुर्योधन हसना बंद करो बंद करो ये हसना धर्मात्मा देखिए क्षमा कर दीजिए इसे बच्चा है बालक बालक है ये छोड़िए मामा श्री ऐसे ऐसे दोगले इंसान का हमारे साथ ना होना ही हमारे लिए शेस कर है गंगराज इससे पहले कि मेरे क्रोध से मेरे विवेक का बांध टूट जाए ले जाओ इसे यहां से और ना जाओ तो क्या कर लेंगे ईश्वर के लिए चुप हो जाओ तुम्हें ज्ञात नहीं है तुमने कितना बड़ा अनर्थ किया है अब चलो यहां से चलो चलो [संगीत] धनुष ना टूटता तो मेरा बाण छूट जाता मेरे भ्राता धृतराष्ट्र को उत्र हानि होती मैं आज भी यही कामना करता हूं कि यदि यह युद्ध हो तो मेरे भ्राता राष्ट्र के पुत्र और मेरे जेष्ठ भ्राता पांडु के पुत्र सुरक्षित [संगीत] रहे अच्छा अच्छा खेल खेला आपने वासुदेव मेरी बुद्धि तो यह सोच सोच कर कुंड हो रही थी कि आपने दुर्योधन का आतिथ्य ठुकरा कर यहां यहां भोजन करना क्यों स्वीकार किया क्या योजना थी आपकी इसके पीछे मिल गया मिल गया मुझे उसका उत्तर गांधार राज मैं यहां आया यह मेरा चुनाव था दुर्योधन ने जो व्यवहार यहां किया वह उसका चुनाव था और अब महात्मा विदुर इस युद्ध से अलग तो यह इनका चुनाव है अपना चुनाव करने का अधिकार हर मनुष्य को है गांधार राज और उस चयन का प्रतिफल चुका उसकी विवशता प्रणिपात [संगीत] काना तुम यहां सोचा कि अपनी बुआ को बता द कि भूखे पेट शयन करने से बुरे स्वप्न आते हैं मेरी निंद्रा और भूख तो तभी उड़ गई थी जब युद्ध की घोषणा हुई थी कृष्ण जिस माता के पुत्रों का जीवन दाव पर लगा [संगीत] उसकी आंखों में नींद कैसे आएगी उसके गले के नीचे से नला कैसे [संगीत] उतरेगा बुआ [संगीत] बैठो मैं तो यहां इसलिए आया था कि अपनी बुआ के साथ भोजन का आनंद उठा सकूं परंतु मेरी बुआ इतनी व्याकुल इतनी निराश है यदि आपको मुझ पर विश्वास है कि मैं आपके पुत्रों की रक्षा करने में सक्षम [संगीत] हू तो क्या आप फिर भी भोजन नहीं [संगीत] करेंगी तुम्हारी बात कोई जाके भी कैसे डाल सकता है तो फिर पहले आप भोजन [संगीत] कीजिए यदि मेरे पुत्र ते वो भी मुझे ऐसे ही भोजन करवाते धन्यवाद कृष्ण जो तुम यहां पर आकर मेरे पुत्रों के स्थान पर खड़े हुए प्रत विकट परिस्थिति में मेरे पुत्रों का मार्गदर्शन करने के [संगीत] [प्रशंसा] लिए इसमें कोई संदेह नहीं बुआ कि परिस्थिति बहुत विकट है परंतु जो इस बात को समझ सकता है उसे इस परिस्थिति को टालने की इस युद्ध को रोकने के लिए प्रयत्न करना चाहिए मैं भी कर रहा हूं आप भी कीजिए मैं समझी नहीं मैं क्या कर सकती [संगीत] हूं आपको स्मरण है बुआ जब मैं यहां विभाजन के समय आया था तो मैंने आपको एक कार्य करने से रोका [संगीत] था अभी उचित समय नहीं है बुआ सत्य सम्मुख आएगा बुआ परंतु उचित समय उचित स्थान पर तुम यह कहना चाह रहे हो कि मैं उसे कुछ करने को कहने वाला मैं कौन होता हूं मैं तो बस इस परिस्थिति की गंभीरता को देख रहा हूं शांति दूत बनकर आया प्रयास करूंगा कि इस युद्ध को रोक सकू परंतु प्रतीत यह हो होता है कि इस युद्ध को टाला नहीं जा सकता मुझे भी उसी दिन का ब है कृष्ण जब मेरे दोनों पुत्र एक दूसरे के समक्ष हस्त्र दान कर एक दूसरे का रत बाने के लिए प्रस्तुत होंगे परंतु इसे रोका कैसे जा सकता है संदेह तो है भुआ परंतु यदि आपके छं पुत्र एक ही पक्ष में हो तो कदाचित युद्ध का प्रश्न ही ना [संगीत] उठ मैं वोह करने जा रहा हूं जो मेरा कर्तव्य है आप वोह करें जो आपको उचित लगता है आज्ञा दे प्रणिपात [संगीत] [संगीत] माधव [संगीत] मित्र मुझे बहुत प्रसन्नता हुई तुम्हे फिर से देखकर कहां थे तुम मेरे स्वागत के लिए नहीं आए क्योंकि मुझे नहीं लगता यहां आपको स्वागत देने के लिए बुलाया गया है मैं तुम्हारा तात्पर्य समझा नहीं मैं आप सब जानते हैं फिर भी अनजान बन रहे हैं आप गांधार नरेश को मुझसे अधिक समझते हैं यह स्वागत प्र रंभ है इसके बाद अपमान होगा और हो सकता है कि कोई जाल भी रचा हो यदि जाल होगा तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरा धनुर्धारी मित्र उस जाल को अपने बाणों से काट देगा यदि ऐसा नहीं कर पाया तो तो मैं स्वयं उसका त्राण करूंगा मित्र हा आप हम सबसे भिन्न है अधिक सक्षम है अधिक शक्तिशाली है किंतु आप भी तो मानव का ही रूप है ना और मानव सब कुछ नहीं जानता अन्यथा आज आप दुर्योधन की सभा में नहीं [संगीत] आते तुमने स सत्य कहा मित्र मानव सब कुछ कहां जानता है जैसे कि तुम यदि तुम भी सब कुछ जानते होते तो दुर्योधन की ओर नहीं होते मित्र वासुदेव बात को समझने का प्रयास कीजिए मैं भावी संकट की बात कर रहा हूं [संगीत] आगे मत बढ़ रुक जाइए [संगीत] वासुदेव मित्र तुम चिंता ना करो यदि मैं हर उस न पर रुक जाता जहां संकट संभव था तो मेरे जन्म लेने के पश्चात मैं बंदी ग्रह में नहीं रुक जाता मित्र मामा कंस के बुलाने पर मथुरा नहीं जाता मामा से निपटने का मेरा बड़ा अनुभव रहा है मित्र मैं जानता हूं कि भीतर क्या होने वाला [संगीत] फिर भी आप जा रहे हैं हां मित्र मैं इसलिए नहीं जा रहा कि यह मेरी इच्छा है मैं इसलिए जा रहा हूं कि वहां राज्यसभा में जो होगा उसके लिए वहां मेरा होना आवश्यक है परंतु महत्त्वपूर्ण प्रश्न यह है मित्र कि मैं ऐसा कर क्यों रहा हूं इस सभा के पश्चात मुझसे मिलना कदाचित मैं भी तुमसे यही प्रश्न कर बैठूं मैं यहां केवल हस्तिनापुर की सभा को संबोधित करने नहीं आया मैं यहां तुमसे भी मिलने आया हूं [संगीत] मित्र तुम सदा मुझसे यही प्रश्न करते आए हो कि मैं इस पक्ष में क्यों हूं मेरा मत क्या है क्या मैं ही करता धरता हूं या केवल दृष्टि क्या मैं ही कार्य साध हूं या कार्य का साक्षी [संगीत] मात्र मेरे साथ आओ मित्र तुम्हें इन सब प्रश्नों का उत्तर मिल [संगीत] जाएगा मैं इस सृष्टि का साक्षी आज तुम मेरे साक्षी पन धर्मस्या भवती भारता अनम धर्मस्य सदानम सजाम हमय साधुना जाय जता [संगीत] ब

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...