Friday, 2 January 2026

युद्ध में वृषसेन घायल कैसे हुआ था BasantBhatt NaviBhangu SuryaputraKarnEpisode 245 PenBhakti

[संगीत] ए हम सबके जीवन में एक समस्या अवश्य आई है की किसके समक्ष झुका जाए और किसके समक्ष ना झुका जाए अधिकतर लोग यह कहते हैं की एक स्वाभिमानी किसी के समक्ष नहीं चुकता तो कुछ लोग यह कहते हैं की जिसका आकर बड़ा होता है वो छुपा हुआ है विभिन्न मत है इस विषय में परंतु सत्य क्या है क्या आपने कभी सत्य को जन का प्रयास किया विचित्र पहेली है ना वास्तविकता में यह सब स्थिति जन स्थिति के अनुसार झुकना भी उचित है और स्थिति के अनुसार ना झुकना यदि आपको ऐसा लगे की यह बात अनुच्छेद है आपके मां से यह स्वर उठे की यह अनुच्छेद है और यदि आपको ऐसा लगे की किसी की बात उचित है परंतु अपनी आयु अपने पद अपने अहंकार के करण उसे बात को आप मां नहीं का रहे तो तुरंत नदमस्तक हो जाइए तुरंत झुक जाए क्योंकि ऐसा करने से आपके अहंकार का आकर कम हो जाएगा और आपके व्यक्तित्व का कद और बाढ़ जाएगा [संगीत] हर स्थिति में मेरे साथ रहो तुम्हारी सुरक्षा हेतु यह आवश्यक [संगीत] प्रथम जीवित रहने का प्रयास करना द्वितीय [संगीत] सदैव मेरे पीछे ही रहना [संगीत] मैं यहां तुम्हें लगाकर युद्ध करना क्योंकि वह तो तुम करोगे ही मैं यहां तुम्हें एक सिख देने आया हूं [संगीत] क्षेत्र में [संगीत] यह जन का सबसे अच्छा संकेत है उसके युद्ध की पता तुम्हें जिसकी भी रक्षा करनी है क्या जी पर भी प्रहार करना है की रथ की पता का कोई जानना पहचाना बहुत आवश्यक है मेरे से तुमसे पहले नहीं कहा पर आज का रहा की मुझे स्वयं पर घर है की मैं तुम्हारा पिता हूं [संगीत] और तुम्हारा पुत्र [संगीत] अपने पूरे कौशल से युद्ध करना और विजय पांडा ताकि संसर्मरण रखें तो योद्धा कहता है [संगीत] द्वारा खुला है तेरा स्वागत प्रसन्न मुखवा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] समय ए गया है बात क्या करना है स्मरण है ना [संगीत] [संगीत] हम भीष्म ने गरुड़ देव का निर्माण कभी भी घरान को नहीं तोड़ सकता [संगीत] राजस्थान वे वासुदेव सैनिकों आगे बढ़ो क्षमा चाहता हूं और उसकी सी के लिए अकेले ही प्रयाप्त तो फिर आपने उनके साथ सैनिक वहां शत्रु का ध्यान बताने के लिए उन्हें सैनिकों की आवश्यकता अवश्य पड़ेगी तुम समझ रहे हो ना पर [संगीत] अधूरा र गया था उसे पूर्ण करने का समय ए गया है [संगीत] तुम्हारी मृत्यु [संगीत] एक बार पुनः सोच लो और इस के करण आज तुम एक फैब्रिक हिरण की भांति पिता मां की छाया में छठ पर बैठे हो बाहर निकालो और लाडो मुझे दुर्योधन कहानी ऐसा तो नहीं की तुम्हें अब समझ में ए रहा है और दुर्योधन मैं तुम्हारी [संगीत] बनाया [संगीत] [संगीत] [संगीत] प्राणीपत्र पिता मां प्रणाम [संगीत] [संगीत] अपना एक बार व्यर्थ कर दिया तुमने ना मेरा बाद अपना लक्ष्य [संगीत] [संगीत] अर्थात इसलिए ताकि पितामह भीष्म मुझे ढूंढना पे| तो फिर इसमें आचार्य ड्रोन और पितामह को कष्ट क्यों देना [संगीत] क्षेत्र में योद्धा कहां है बेचने का सबसे अच्छा संकेत है उसके युद्ध की पता कहा कोई एक विशेष शत्रु और वह विशेष शत्रु युवराजिन के अतिरिक्त और कोई नहीं हो सकता [संगीत] है [संगीत] [संगीत] [संगीत] सावधान [संगीत] [संगीत] आपके द्वारा से कोई खाली हाथ नहीं लौटना चाहिए मिलकर हर हर महादेव [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] ए [संगीत] [संगीत] सूर्यास्त होने को अर्जुन संदन करो [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] मौला [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] वो [संगीत] [संगीत] [संगीत] ए [संगीत] [प्रशंसा] गए [संगीत]

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