हे प्रभु कार्तिकेय स्वामी मेरी प्रार्थना आपसे यह है कि कुछ ऐसा हो जाए कि जयंत अपने नेत्र मनकर निद्रा में लीन हो सके विश्राम कर सके ओ सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी मेरी सेवा स्वीकार कर विश्राम कीजिए [संगीत] इससे तो आपकी निद्रा और भी उत्तम हो [संगीत] [संगीत] जाएगी हमारे प्रयास सार्थक हुए दोनों निद्रा में लीन हुए कदाचित हमें भी अब तनिक विश्राम कर लेना चाहिए अब अंतिम बाधा का भी अंत हुआ इनके कारण बहुत विलंब हो गया मुझे मुझे शीघ्रता करनी होगी [संगीत] [संगीत] मैं भी भोर होने के पूर्व एक झपकी ले लेता हूं यह क्या भाभी मां तो निद्रा से उठ भी [संगीत] गई स्वामी अभी भी निद्रा में लीन [संगीत] है कुछ ही समय में भोर हो जाएगी प्रभु को एक सहस्त्र बेलपत्र और पुष्प की आवश्यकता होगी मैं एकत्र कर देती [संगीत] हूं गणेश जी अब हमें पुनः इन्हें भ्राता के समक्ष जाने से रोकना होगा जब तक कि वह अपने ध्यान में लीन नहीं हो जाते देखा माता आपके पुत्र असु सम्राट सुरा पद्मन के आदेश का पालन कर सभी एक सहस्त्र असुर राजा यहां उपस्थित [संगीत] है महंत मसूर माता सुरा साई की जय महात मसूर माता सुरा साई की जय कोई हमसे यहां कुछ छुपा तो नहीं रहा कोई ऐसा तो नहीं कि राज्य में कोई समस्या हो कोई विचित्र अनुचित घटना घटी हो जो हमें ज्ञात नहीं ज माया की स्वामिनी है असुर साम्राज्य के शिखर पर तो कुछ अनुचित कैसे हो सकता है कुछ छिपा कैसे रह सकता [संगीत] है प्रणाम माता सुरा साई प्रणाम महानतम असुर सम्राट भगवान सुरा पद्मन चिंता आपको शोभा नहीं देती क्योंकि असुर साम्राज्य में प्र करने के लिए लंका को पार करना अनिवार्य है और कोई बाहरी शक्ति लंका को पार कर सके यह असंभव है यह उल्का मुख लंकेश का वचन [संगीत] है यह तो लंका नगरी ही है अर्थात अब महेंद्रपुरी से अधिक दूर नहीं हूं मैं [संगीत] [संगीत] कितने सुंदर पुष्प है इसे उठा लेना चाहिए विघ्न हर्ता गणेश जी अब इस विघ्न को आप ही दूर करें यदि पुत्री देव सेना उचित समय पर इन पुष्पों को लेकर आ जाती है तो उसका और देव सेनापति कुमार कार्तिके का एक दूसरे के होना निश्चित हो जाएगा उचित है ना विघ्न हरता हूं मैं तो विघ्न करता भी तो मैं ही हूं भाभी मां क्षमा कीजिए मैं अब जो भी करने जा रहा हूं वह करना तो नहीं चाहता हूं किंतु करना ही होगा आपके लिए प्रता के [संगीत] लिए ये क्या हुआ ये पुष्प दृश्य कैसे हो गए ये सब किनसे हो रहा है चारों दिशाओं से सुरक्षित लंका का सुरक्षा चक्र अभेद्य है वहां कोई अन्य तो क्या एक कीट के समान तुच्छ जीव भी मेरी अनुमति के बिना वहां प्रवेश नहीं कर सकता और यदि किसी ने ऐसा प्रयास किया तो वह अंध हीन कूप के अंधकार में डूब जाएगा मैं तो इस मायावी ऊर्जा से घिरा जा रहा हूं यह मुझे अपनी ओर खींच रही है अब ये फिर से कैसी बाधा आ गई पुष्प नहीं इत्र कर सकी किंतु बेलपत्र तो इत्र कर ही सकती [संगीत] वहां भी पुष्प [संगीत] है यह तो फूल थे किंतु आप अनुपयुक्त फल में परिवर्तित हो गए हैं यह सब क्या हो रहा है मेरे [संगीत] साथ [संगीत] इस प्रकार तो मुझे बेलपत्र और पुष्पों को ले जाने में विलंब हो जाएगा हे माता यह कैसा विघ्न है मेरे मार्ग में यह कौन सी शक्ति मुझे अपनी ओर खींचे जा रही है प्रभु मुझे विल तो पहले ही हो चुका है अब कैसा विघ्न आ गया है आपको विलंब हो यही तो चाहता हूं मैं किंतु जो भी हो रहा है वो मुझे भा नहीं रहा है किंतु और कोई उपाय भी तो नहीं है इस विघ्न का हल तो मुझे एक ही स्थान से मिल सकता है और वो है माता और वो है माता मां प्रभु अब तो आप भी निर पाय हो जाएंगे माता आ जाएंगे तो आपका भी विन व्यर्थ हो [संगीत] जाएगा [संगीत] एक और संकट हरने वाली माता है और दूसरी और प्रथम पूज्य गणेश जी यह तो बहुत ही संकट मय स्थिति है क्या भूल है मुझसे जो बारबार मैं विघ्नों से घिरा जा रहा हूं बड़ा प्रबल है य खिंचाव कैसे रोकू [संगीत] उे कुछ तो करना होगा मुझे रोकना होगा स्वयं [संगीत] को ऐसा प्रतीत होता है कि खिंचाव का केंद्र वो कूप ही [संगीत] है लंका नगरी में इतना भयंकर स्वागत स्वागत होगा भयंकर स्वागत होगा लंका नगरी में उसका जो हमारे स्वामी हमारे सम्राट हमारे भगवान सुरा पद्मन को अपना शत्रु मानता है उनकी प्रभुता को स्वीकार नहीं करता लंका के निकट जो आता है लंका के काल दानव की दृष्टि से कभी छिप नहीं पाता और जो अनुमति के बिना वहां पहुंचता है वो भूखे काल दानव का भोजन भी बनता है काल दानव अर्थात अंतहीन अंधकारे असुरी काल कोठरी स्वयं को अपनी शक्ति से रोकना होगा मुझे कदाचित भूखा है यह इसकी भूख किसी ऐसे से शांत हो जाए जिसमें इसे मुझसे भी अधिक रुच हो तो इसे रोका जा सकता है यह पर्वत तो है [संगीत] यहां अंततः बंद हो गया इसका मुख रुक गया इसका खिंचाव प्रभु कृपा से यह विघ्न भी टल गया प्रभु टल जाएंगे माता के आगमन से आपके रचे विघ्न स्वतः डल जाएंगे क्योंकि आप विन करता है तो वो भी तो कष्ट हरनी है प्रभु सत्य है मुक जी सत्य है माता का सामना करने के बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते है ना गणेश जी यह समस्या तो किसी युद्ध से भी अधिक विकट है इसका समाधान कैसे करू हे माता पार्वती मेरी सहायता कीजिए गणेश जी मशक जी एक ये गणेश जी कहां चले गए कहां गए [संगीत] प्रभु आपकी पुत्री आपका स्मरण कर रही है मां मेरी पुकार सुनिए मेरी पुकार सुनिए मेरी पुकार सुनिए मेरी पुकार सुनिए मेरी पुकार सुनिए पुकार सुनिए सु मेरी भक्त पुत्री देव सेना मुझे पुकार रही है मुझे जाना होगा मां प्रणाम मां क्या हुआ पुत्र गणेश कोई विशेष बात है तो शीघ्र कहो क्योंकि मुझे प्रस्थान करना है अपनी भक्त की पुकार भक्त की पुकार सुन हमें अवश्य जाना चाहिए और जब भक्त होने वाली पुत्र वधु हो तो विलंब तो बिल्कुल नहीं होना चाहिए किंतु मां उनकी पुकार उस विघ्न के अंत के लिए है जिसे मैंने ही रचा है आपके पुत्र विघ्न हरता ने आपको ज्ञात है ना मां भ्राता पाशुपतास्त्र प्राप्त करने की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर है जिसके लिए उन्हें छह दिनों का मौन व्रत पूर्ण निष्ठा और संयम से करना है ऐसे में यदि भाभी मां भ्राता के समक्ष आ गई तो उनका ध्यान भंग हो जाएगा फिर व निश्चित रूप से भाभी मां से क्रोधित हो जाएंगे और यह विवाह कभी संभव नहीं हो पाएगा फिर फिर हम क्या करें पुत्र मां बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए छोटे-छोटे सुखों का त्याग करना ही पड़ता है फिर तो एक ही उपाय है मां आप भाभी मां की सहायता करने मत जाइए मैं उन्हें तब तक व्यस्त रखूंगा जब तक भ्राता उठकर दूसरे दिन के ध्यान में लीन ना हो जाए किंतु मैं कैसे रुक सकती हूं मुझे जाना ही होगा पुत्र किंतु मां क्या अभी जयंत और देवताओं की रक्षा सबसे महत्त्वपूर्ण नहीं क्या उन्हें उन दुष्टों से मुक्त कराना आवश्यक नहीं जिन्होंने उन्हें बंदी बनाकर अनेक तारना का भागी बना रखा [संगीत] है मां आप मेरी प्रार्थना सुनिए मत जाइए पुत्र मुझे सब ज्ञात है तुम्हारी यात्रा तुम्हारा श्रम तुम्हारा अनुज का कर्तव्य पूर्ण करना किंतु पुत्र भावी सांस होने के कारण मेरा कर्तव्य है उसके निकट जाकर उसकी सहायता करना व मेरी भावी पुत्र वधु है मेरे पुत्र के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है और मेरी परम भक्त भी है तो उसकी पुकार का तिरस्कार मैं कैसे कर सकती हूं पुत्र किंतु मा आप गई और आपने भाभी मां की सहायता की तो आपकी भावी पुत्र वधु वास्तव में भ्राता से विवाह ना कर पाने के कारण भावी पुत्र वधु ही रह जाए तो क्या यह उचित होगा अब विचार आपको ही करना है मां कहीं यह स्वप्न स्वप्न ही ना रह जाए पुत्र भक्त की पुकार सुनकर मैं रुक नहीं सकती जाना तो मुझे होगा ही किंतु तुम चिंता मत करो पुत्र मैं उसका विघ्न दूर नहीं करूंगी केवल उसके निकट जाकर बस कुछ सुझाव देकर लौट [संगीत] आऊंगी अब एक भी क्षण का विलंब उचित नहीं मुझे शीघ्र जाकर जयंत और देवताओं की रक्षा करनी चाहिए [संगीत] यह खींचाव पुन खींचा जा रहा है मुझे मेरा भूखा काल दानव संपूर्ण लंका को निकल सकता है और जो आपकी महानता में अविश्वास व्यक्त करेगा उसे तो व महेंद्र पूरी की ओर बढ़ने से पहले ही क्षण भर में ने भीतर समाहित कर लेगा यह खिंचाव तो और प्रबल हो गया है इससे हमें कैसे मुक्ति मिलेगी माता सुरा साई मैं वचन देता हूं भूखा काल दानव ही नहीं अपि तुम लंका का सेनापति विक्रमा सुर जो नेत्र विश्राम भी करता है तो उसका एक नेत्र खुला रहता है वह लंका के प्रत्येक छोर पर अपनी दृष्टि बनाए रखता है यही अ लाने का प्रयास करूंगा मैं [संगीत] अब तो तनिक भी रुक नहीं पा रहा हूं [संगीत] मैं हे सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी हे स्वामीनाथा अब तो आप ही रक्षा कीजिए मैंने बहुत प्रयास किया प्रभु किंतु यह विन डल नहीं रहा है मेरी सहायता कीजिए प्रभु य स्थि वश के बाहर है प्रभु मेरे सभी प्रयासों का विपरीत प्रभाव हुआ है इसकी शक्ति और भी बढ़ गई है प्रभु अब तो आप ही रक्षा कीजिए अपने इस भक्त की प्रभु आप ही रक्षा कीजिए प्रभु हे मा मेरी गुहार सुनिए मेरी सहायता कीजिए मोशक जी हां दे कदाच अब माता देवसेना को दर्शन दे ही देंगी हां वो दर्शन देंगी हे मा मेरी पुकार सुनिए मेरी सहायता कीजिए मेरी सहायता कीजिए मेरी सहायता [संगीत] कीजिए मेरी रक्षा कीजिए प्रभु हे प्रभु मेरी सहायता कीजिए ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी कार्तिके [प्रशंसा] [संगीत] स्वामी ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी ओम सुब्रमण्यम कार्तिके स्वामी योगीश्वर महासेन कार्तिके स्वामी शकर [संगीत] संभव प्रणाम मुझे विश्वास था मेरी पुकार सुन आप अवश्य आएंगी आपको कोटि कोटि धन्यवाद नम नम नम प्रभु आपकी चिंता कैसे दूर हो गई माता और भाभी मां एक दूसरे के सामने है फिर भी आप इतने शांत है मशक जी आप बस प्रतीक्षा कीजिए और देखते [संगीत] रहिए देखिए ना मां भोर होने को है सूर्योदय होने वाला है स्वामी उठ चुके होंगे उनकी पूजा से पहले मैं फल पुष्प बेलपत्र नहीं ले जा सकी तो उनकी सेवा में विफल हो जाऊंगी प्रभु विफल नहीं हो सकता मैं आपके दिए कार्य में आपकी सेवा से अधिक मेरे लिए और कुछ भी महत्त्वपूर्ण नहीं है प्रभु मां आपने ही कहा था कि वो मेरे सर्वस है मैं निष्ठा से उनकी सेवा करना चाहती हूं इसमें मेरी सहायता कीजिए यदि मैं आपके आदेश का पालन ना कर सका यदि मैं आपके भक्त बालक जयंत और देवताओं की रक्षा ना कर सका तो मुझसे अभागा और कोई ना होगा फ मैं तो अपना कर्तव्य निभाना चाहती हूं मेरी सहायता कीजिए मां आप कुछ कहते क्यों नहीं प्रभु आप शांत क्यों है मां मेरी सहायता कीजिए मेरी सहायता कीजिए प्रभु कृपा कीजिए मां अपने इस भक्त पर कृपा कीजिए पर तनिक भी चिंता नहीं तो कदाचित आपने पहले ही माता से बात कर ली है मूषक जी असफल होना मेरी प्रकृति नहीं मैं किसी कार्य के लिए जाता हूं तो उसे संपन्न करके ही लौटता [संगीत] हूं मैं अपना कार्य कर चुका माता को मना लिया है मैंने कि वह भाभी मां का विघ्न दूर ना [संगीत] करें सहायता नहीं [संगीत] करेंगी पुत्री इस विघ्न को मिटाने में तुम्हारी सहायता करने में मैं असमर्थ हूं पुत्री मैं तुम्हारी सहायता तो नहीं कर सकती किंतु मैं तुम्हें एक सुझाव अवश्य दे सकती हूं जब भी तुम्हारे मार्ग में कोई बड़ा बाधा बनकर आए तो उसका एक ही समाधान है विघ्न हरता श्री गणेश श्री गणेश हता श्री [संगीत] गणेश यह क्या माता ने यह कैसी दुविधा उत्पन्न कर [संगीत] दी मुझे क्षमा कीजिए प्रभु मैं भूल गया था आपका तो मन व्रत है प्रभु मुझे ज्ञात है आप मेरी सहायता अवश्य करेंगे आप मुझे इस दुविधा से अवश्य मुक्त करेंगे [संगीत] प्रभु प्रथम पूज्य गणेश [संगीत] जी मेरी अनुमति तुम्हें है सेनापति वरवा किंतु इस कार्य के पूर्व गणेश का आशीष लेना मत भूलना मैं समझ गया प्रभु भूल हुई है मुझसे मैंने सुझाव पाकर भी इतना बड़ा कार्य करने से पहले प्रथम पूज्य गणेश जी को प्रणाम किए बिना वहां से चला आया मेरी इस यात्रा में जब इसके पूर्व भी संकट आया था तो प्रथम पूज्य गणेश जी ने मेरी सहायता की थी उसके पश्चात भी मुझे अपनी भूल का भान नहीं हुआ मुझे क्षमा कर दीजिए प्रभु विघ्न हरता गणेश जी का आवाहन कर उनसे क्षमा याचना करता हूं प्रणाम प्रभु तुम्हारे लिए तो श्री विघ्नहर्ता गणेश तुम्हारे भावी देवर भी है तो वह तुम्हारा विघ्न दूर करने में तुम्हारी सहायता अवश्य करेंगे मां ने अपनी उलझन को मेरी ओर मोड़ दिया अब मैं क्या करूंगा मेरी सहायता करेंगे वो अवश्य करेंगे वो मैं अभी उनका आवाहन करती हूं आपको कोटि कोटि धन्यवाद [संगीत] मां मेरा आवाहन करने जा रही हैं भाभी मां यह मां ने क्या कर दिया उन्होंने तो कहा था वो भाभी मां की सहायता नहीं करेंगी किंतु उन्होंने तो मेरा नाम दे दिया मुझे ही उलझा दिया इसीलिए कहते हैं मां तो मां ही होती है अब आप क्या करेंगे प्रभु ओम गण गणपते नमः ओम गण गणपते नम महाकाय सूर्य कोभ [संगीत] गण गणपत नम ओम गण गणेशाय नमः ओम गण गणेशाय नमः क्या करूं क्या करूं मैं इस दुविधा से कैसे मुक्त करूं स्वयं को ओ गण गणपते नम ओ गण गणेशाय नम गणेश जी यही प्रश्न तो मेरे मन में भी उत्पन्न हो रहा है अब आप क्या करेंगे सभी विघ्न मिटाते हैं आप किंतु आज तो आप विघ्न हरता के सामने भी विघ्न खड़ा हुआ है अब आवाहन सुनकर सहायता करेंगे तो भी समस्या और नहीं करेंगे तो भी समस्या एक समस्या होती तो भी ठीक था किंतु वहां वीर बाहू के सामने भी बड़ी विकट बाधा है सहायता की गुहार तो वहां से भी आ रही है फेर बाहु गणेश जी अब तक तो वीर बाहु को महेंद्रपुरी पहुंचकर पुत्र जयंत और अन्य देवताओं की रक्षा कर लेनी चाहिए थी मैंने मां से भी यही कहा था जयंत और देवताओं की रक्षा अभी सर्वोपरि है यह भावी युद्ध अत्यंत महत्त्वपूर्ण है अर्थात वीर बाहू की सहायता महत्त्वपूर्ण है इसलिए मैं वीर बाहू को दर्शन दूंगा भाभी मां को नहीं और उनसे बाद में क्षमा याचना कर लूंगा किंतु अभी मैं उनके निकट नहीं जा सकता ना ना कदापि नहीं जाऊंगा मैं ओम गण गणपते नमः ओम गण गणपते नमः ओ गण गणपते नमः ओम गण गणपति नमः ओम गण गणपति नमः ओ गण गणपति नमः प्रभु आप क्या कर रहे हैं जहां जाने के लिए मना कर रहे हैं उसी ओर खींचे जा रहे हैं नहीं क जा रहा हूं मैं मैं तो यही स्थित हूं अभी मेरी प्राथमिकता कहीं और जाने की है भाभी मां के पास नहीं जा सकता भाभी मां से क्षमा मांगने के अतिरिक्त और कोई मार्ग नहीं है मेरे पास किंतु अभी नहीं जाऊंगा नहीं [संगीत] जाऊंगा नमस्ते गणपता आपकी प्रतिमा का निर्माण कर चुकी हूं आप तो सभी के विन हते हैं क्या आप अपने भाभी मा के वि नहीं हर मुझे आपकी सहायता की आवश्यकता है क्या आप मेरी प्रार्थना नहीं सुनेंगे [संगीत] प्रभु आप क्या कर रहे हैं जहां जाने के लिए मना कर रहे हैं उसी और खींचे चले जा रहे हैं नहीं नहीं मैं तो कहीं नहीं जा रहा हूं यही खड़ा हूं मैं देखिए मशक जी भाभी मानकर नहीं किंतु भक्त मानकर ही मेरी सहायता करने के लिए आ जाई नहीं नहीं मैं नहीं जाऊंगा कदापि नहीं [संगीत] जाऊंगा [संगीत] प्रभु यह क्या कर रहे हैं आप प्रभु आप तो वही जा रहे हैं हे प्रभु यह क्या कर रहे हैं आप अब कुछ नहीं हो सकता ना ना बोलते प्रभु वहां चले गए और ना ना करते वो वरदान भी दे [संगीत] आएंगे सरद दर्शन होने लगे हैं दिन का आरंभ होने को है अर्थात अर्थात देव सेनापति कुमार कार्तिकेय भी अपने निद्रा से जागृत हो गए [संगीत] होंगे भाभी मां मैं यहां प्रस्तुत [संगीत] हूं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] यदि देव सेनापति कुमार कार्तिके प्रथम पूज्य गणेश जी और पुत्री देव सेना को एक साथ देख लेते हैं तो उनके मन में अनेको प्रश्न उत्पन्न होंगे जिनके हमारे पास कोई उत्तर नहीं होंगे तो फिर हम इस समस्या का समाधान कैसे करेंगे बड़े उद्देश्य की प्राप्ति का कार्य अत्यंत दुर्गम होता है और इसे प्राप्त करने के लिए अनेक छोटे बड़े सुखों का त्याग करना पड़ता है
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