[संगीत] मेरे और मेरे अजय भ्राता गजमुख के बाहुबल के सामने दुर्बल है देवता दुर्बल है आप और आपकी य भविष्यवाणी सृष्टि रचयिता [संगीत] ब्रह्मदेव पिता [संगीत] श्री मेरे पिता का वध किया तुमने तुम तुम हो मेरे पिता महान असुर गज मुखम के वदी [संगीत] यह युद्ध करने का समय नहीं है अभी तुम शोक में हो और पुत्र होने के नाते सर्वप्रथम तुम्हारा कर्तव्य है कि तुम अपने पिता का अंतिम संस्कार करो युद्ध नहीं उसके उपरांत भी यदि तुम मुझसे युद्ध करना चाहते हो तो प्रस्तुत हो जाना [संगीत] चलिए मशक जी भ्राता केदारनाथ की यात्रा के लिए निकल चुके हैं मुझे क्षमा कर दीजिए मैं समय पर नहीं आ सका और जब मैं पहुंचा तो आपकी सहायता ना कर सका आपके वद को सुरक्षित जाने दिया [प्रशंसा] मैंने प्रतिशोध की अग्नि मेरे भीतर तक रही है जब मैं आपकी मृत्यु का शोध लूंगा वो सर्वकाल का सबसे भयंकर युद्ध होगा वो सर्वकाल का सबसे भयंकर युद्ध होगा ब्रह्मदेव कदाचित आप मेरे पुत्रों के पराक्रम से परिचित ही नहीं तो सुनिए देवताओं को अपना सेवक बनाकर उनका मिथ्या दंब मिटाया है अब बारी है आपके ज्ञान को पराजित करने की इसीलिए आपको तो अब यही रुकना होगा ब्रह्मदेव ले जाओ इन्ह बंदी बना लो और हर दिन के आरंभ में मेरे सामने प्रस्तुत करो ताकि यह अपने पंचांग की गणना करके देख सके कि हम कैसे उसको अपने अनुसार परिवर्तित कर रहे हैं यह कैसा दृश्य देखा मैंने [प्रशंसा] य यह असुर ब्रह्मदेव तक भी पहुंच गए ब्रह्मदेव स्वयं इनके बंदी बन गए तो फिर हमें कौन मुक्त करेगा भीरू पिता के भीरू पुत्र कांपना बंद करो यदि यह पात्र तुम्हारे हाथों से नीचे गिर गया तो समझ लो क्या आज तुम्हारा अंतिम दिवस [संगीत] है इस जल में रक्त क्यों दिखाई दे रहा है मुझे मुझे क्षमा कर दीजिए असुर समराज मैं ये स्थान अभी स्वच्छ कर देता हूं ये है देवराज इंद्र अर्थात स्वर्ग के सबसे शक्तिशाली पुरुष का पुत्र मेरी एक हुंकार ने इसे सूखे दुर्बल पत्ते के भाती हिला दिया और तब भी ब्रह्मदेव को हमारा भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है कोई बात नहीं आज गजमुख इंद्र को बंदी बनाकर लेकर आएगा तब हमारे शक्ति का सत्य उन्हें भी ज्ञात हो जाएगा राता स मुख गजमुख के भव्य स्वागत की तैयारी की जाए उसके लिए समग्र महेंद्रपुरी को सज्जित किया [प्रशंसा] जाए जेष्ठ अनिष्ट की आशंका मेरे मन में छाई हुई है नारायण ने आपको जिसके प्रति सचेत किया था कहीं यह बालक वही तो नहीं कहीं हम ब्रह्मदेव की भविष्यवाणी को गंभीरता से नहीं लेकर कोई भूल तो नहीं कर रहे हैं कहीं कहीं वो गज मुखन और शि मुखन जैसे पराक्रमी योद्धा की बहन की मुख से ऐसी निराशा जनक बातें शोभा नहीं देती इसीलिए तुम्हारी भलाई इसी में है कि तुम अपना मुख बंद [संगीत] [संगीत] रखो ओ समझा दिन रात ऋषि मुनियों को प्रताड़ित करने के लिए उसके साथ रहती हो तुम उसके लिए उनकी संगति का प्रभाव हुआ है तुम पर बुद्धि भ्रष्ट हो गई है तुम्हारी शत्रु के प्रति सचेत रहने का अनुरोध कर रही हूं मैं केवल यहां प्रतीक्षा करने के स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर भ्राता गजमुख की सहायता के लिए हमें तैयार रहना चाहिए अब मैं तुमसे सीखूं कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं जिसने मात्र कुछ असहाय ऋषि मुनियों को सताया है वो मुझे सिखाएगी कि असुरों का साम्राज्य मैं कैसे चलाऊं जेष्ठ मुझे अपमानित क्यों कर रहे हैं एक नारी जिसमें ना बुद्धि है ना बल अब मुझे उससे सीखना होगा कि मैं अपने असुर साम्राज्य की रक्षा कैसे करूं जाओ दूर हो जाओ मेरी दृष्टि से तुम्हारे इस मुख को ना ही मैं अब देखना चाहता हूं ना ही तुम्हारे कोई व्रत के सुझाव सुनना चाहता हूं जाओ अब जेश ने मेरे अपमान और तिरस्कार की सभी सीमाएं पार कर दी है परंतु मैं इसका उत्तर अवश्य [संगीत] दूंगी [संगीत] अब मुझे उससे सीखना होगा कि मैं अपने असुर साम्राज्य की रक्षा कैसे करूं जिसम ना बुद्धि है ना बल जिसमें ना बुद्धि है ना बल अंतत ढूंढ ही लिया मैंने मुझे ज्ञात हो गया देवराज इंद्र की पत्नी देवी सची कहां है परंतु उसे पकड़ने में तुम्हारी सहायता चाहिए तुम्हें पूर्ण विश्वास है दुर्मुखी कि वह देवराज की ही पत्नी है हां किंतु तुम्हारे नेत्रों में अश्रु क्यों है भरी सभा में जेष्ठ मेरा अपमान करे तो फिर मेरे नेत्रों में अश्रु ही तो होंगे ना दुर्मुखी किंतु अब मैं अपना सामर्थ्य प्रमाणित करूंगी तभी ज्ञात होगा उन्हें कि एक भाई अपनी बहन का परित्याग कर सकता है लेकिन एक बहन अपने भाई को नहीं भूल सकती चलो दुर्मुखी मुझे इंद्र की पत्नी के निकट ले चलो अवश्य चलो नमः शिवाय ओम नमः शिवाय हे महादेव आपसे एक ही प्रार्थना है जब तक कुमार काटते के उस अत्याचार तक ना पहुंच जाए तब तक आप मेरे पुत्र जयंत को सुरक्षित रखेगा अवसर मिल गया तुम्हें अजा मुखी मिल गया असुर सम्राट सुरा पद्मन के समक्ष स्वयं को प्रमाणित करने का कि मैं साधारण नहीं असाधारण हूं यहां किसी की उपस्थिति का आभास हो रहा है मुझे सावधान रहना चाहिए क्या हुआ पुत्री देव सेना माता यहां किसी असुरी शक्ति की छाया [संगीत] है हां पुत्री देव सेना किंतु अब अब हम क्या करें जो सबके सहायक है अब वही हमारी सहायता [संगीत] करेंगे [संगीत] ॐ कार्तिकाय विद्म शक्ति हस्तय धीमहि तन्नो स्कंधा प्रचोदयात ॐ कार्तिकाय विद्म शक्ति हस्तय धीमहि तन्नो स्कंधा प्रचोदयात ॐ कार्तिके आयु विद्महे शक्ति हस्तय धीमहि ॐ कार्तिकाय विद्म शक्ति हस्ता ये तो मेरे भक्तो की गुहार हैनो स्कंधा प्रचोदयात ॐ कार्तिकेय विद्महे शक्ति हस्तय धीमहि तन्नो स्कंधा प्रचोदयात मुझे ऐसा आभास क्यों हो रहा है जैसे कोई पुन विपत्ति आने वाली हो कंधा प्रचोदयात ॐ कार्तिके विम शक्ति हस्ता धीमहि हमारा आगे बढ़ना कठिन होता जा रहा है किंतु मैं रुकने वाली नहीं हूं दुर्मुखी किसी भी परिस्थिति में स्वयं को प्रमाणित करना ही होगा [संगीत] देव सेनापति कुमार कार्तिक है संकट बारबार आहट दे रहा है मेरे मन में अनेको आशंकाओं के मेघ उमड़ रहे हैं ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे जैसे मेरी पत्नी और पुत्री पर कोई नवीन संकट छाने वाला है आप चिंता मत कीजिए देवराज ओम काति केय विद्महे शक्ति हस्तय धीमहि स्कंधा प्र चोदया वीर बाहु देवी सची और देव सेना की सुरक्षा का दायित्व मैं आपको सपता हूं शीघ्र वहां पहुंची और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करके हमें केदारनाथ के मार्ग पर [संगीत] मिले [संगीत] ओम कार्तिकाय विद्महे शक्ति हस्तय धीमहि तन्न स्कं प्रचोदय ॐ कार्तिकेय विम शक्ति हस्तय धीमहि तन्नो स्कंधा [संगीत] प्रचोदयात ना व्यर्थ का विरोध ना कोई चीख पुकार यह सब नहीं चाहिए मुझे शांतिपूर्वक चलो मेरे साथ मैं तुम्हें तुम्हारे पुत्र के पास ले चलूंगी जिसकी सुरक्षा की तुम प्रार्थना कर रही थी माता और पुत्र दोनों मिलकर असुर सम्राट की सेवा करना तुम्हारा सौंदर्य उन्हें अवश्य आएगा और वो मेरे उपहार स्वरूप तुम्हें अवश्य स्वीकार करेंगे फिर तो मेरे बल बुद्धि पर कोई शंका नहीं कर पाएगा निकट मत आना हमारे ना तुम हमें लेकर जा सकती हो और ना हम तुम्हारे साथ जाएंगे तो क्या निशस्त्रीकरण [संगीत] [संगीत] अजा मुखी हूं मैं कोई साधारण स्त्री नहीं चले जाओ यहां से अन्यथा अपने मृत्यु के दोषी स्वयं तुम हो ग दोष तो तुम कर रही हो निर्दोष देवियों को सता कर तुम चली जाओ तो मैं भी चला जाऊंगा इनका दोष है देवता कुल का भाग होना इसीलिए हमारी तारना के भागी है ये साहस है तो रोक लो हमें साहसी पुरुष तो वो होते हैं जो स्त्री पे वार नहीं उनका सम्मान करते हैं इसलिए शांतिपूर्वक चली जाओ यहां से मुझसे डर कर बहाने मत बनाओ तुम हो कौन जो मेरे कार्य में हस्तक्षेप करने चले आए वीर बाहू हूं मैं स्वामी कार्तिकेय का सेनापति स्वामी कार्तिकेय का सेनापति स्वामी कार्तिके का [संगीत] सेनापति कार्तिके कौन का के उनकी महिमा का जितना बखान करूंगा कम है किंतु तुम्हारे लिए पर्याप्त है कि तुम्हारे एक पापी अत्याचारी महासुर गजमुख को मृत्यु दंड उन्होंने ही दिया तो मेरी शंका सत्य थी भ्राता गजमुख का वध हो [संगीत] गया तब तो इन्ह ले जाने से जे और भी प्रसन्न [संगीत] होंगे वो जो भी है उसके किए का दंड अवश्य मिलेगा और मेरे प्रतिशोध का आरंभ होगा इन दोनों के हरण [संगीत] [संगीत] से [संगीत] स्त्री पर वार करना उचित नहीं मानता किंतु जो पापी स्त्री का हाथ अन्य किसी स्त्री पर अत्याचार का कारण बने तो उसके वो हाथ मैं उसके शरीर से विलक भी कर सकता हूं अब जाओ यहां से अन्यथा अपने प्राण अधवा बैठोगे आज अभी यहां से स्वयं को बचा उंगीयर्ड [संगीत] के को अपने अपराधों का दंड अवश्य प्राप्त होगा प्रणा प्रणाम प्रणाम प्रणाम आप चिंता ना करें माता मैं भी आपको सुरक्षित स्थान पर ले जाऊंगा किंतु देवराज इंद्र त स्वर्ग में उपस्थित नहीं है इसलिए वह स्थान भी हमारे लिए सुरक्षित नहीं है तो फिर आप कहां लेकर जाएंगे हमें कैलाश कैलाश [संगीत] कैलाश संकट के गर्भ कभी-कभी शुभ संकेत भी छुपे होते हैं इस संकट ने मेरे भावी पुत्र वधु के यहां आगमन का संयोग उत्पन्न कर दिया है विजयनाथ के साथ इंद्र देवता और दूसरे लोगों को बंदी बनाकर मेरा भ्राता महाबली गजमुख और उसका वीर पुत्रा सुरेंद्र किसी भी क्षण आ रहे होंगे और उसके आने से पूर्ण उनके स्वागत की तैयारिया हो जानी [संगीत] चाहिए [संगीत] [प्रशंसा] क्या है यह सुरेंद्र और मेरे भ्राता गजमुख कहां है तुम उसके मुकुट लेके क्यों आए हो यही शेष बचा है पिता श्री का वो अकेले थे जब उसने पिताश्री पर प्रहार किया और उनका वध कर दिया वो अपने नौ योद्धाओं और देवताओं के साथ था और मैं अकेले होने के कारण उसे शति तक भी नहीं पहुंचा सका छीन लिया उसने पिता श्री को आपके भ्राता को छीन [संगीत] लिया कौन है [प्रशंसा] वो भ्राता देखि भता आपकी बहन की कैसी दुर्दशा की उसने असुर सम्राट की बहन यदि दुर्बल इंद्र की पत्नी देवी शची को आपकी सेविका बनाने के लिए लेने गई थी तो उसम भला मेरा क्या दोष था किंतु वहा सेनापति आ गया और मुझे य आघात दे गया कोई बताएगा मुझे किसने मुझे चुनौती देने का दु सा हस गया कार्तिके भ्राता मेरा हाथ मेरे शरीर से विलक कर दिया तो तुम्हें वहां पे जाने की क्या आवश्यकता थी स्त्री हो अबना हो तो तुम्हें यहां पे ही रहना चाहिए था ना राज भवन में जिसका सामर्थ्य नहीं वो करने क्यों गई थी तुम बस भता आप मेरे अपमान की सारी सीमा लांग चुके हैं आप केवल एक सामान्य असमर्थ पुरुष की भाति अपने गृह में अपने ही लोगों और स्त्रियों का अपमान क्यों कर रहे हैं यदि आप सचमुच में एक महान पराक्रमी योद्धा है तो जाइए अपने भ्राता के अंत का प्रतिशोध लीजिए युद्ध भूमि में जाइए इस प्रकार गृह में हुंकार भरने से कुछ नहीं होगा जाइए बराता जाइए हा हा स्वयं मैं जाऊंगा और उसका अंत करूंगा और उसके बाद में तुम्ह दंडित करूंगा स्त्री की बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता को मात्र इसलिए नकारना कि वह स्त्री है विवेक हीनता और अहंकार का प्रमाण है
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