[संगीत] अच्छा गुरुदेव सूर्यदेव के पास पहुंचने का यह एक ही उपाय है आपसे युद्ध करना तो मुझे स्वीकार है प्रहार करो इस वानर बालक पर [संगीत] पुन प्रायर करो [संगीत] सखा छोड़ो छोड़ो हमें [संगीत] छोड़ो छोड़ दो हमें वानर बालक मुक्त कर दो हमें आप सब तभी मुक्त होंगे जब मैं वरुण लोक में प्रवेश कर जाऊंगा और ये मैं चला वरुण लोक [संगीत] प्रणाम मुक्त कर दो हमें वालर बालक वरुण लोक का द्वार तो दिखाई ही नहीं दे रहा अब आगे कैसे बढूं [संगीत] [संगीत] मैं [संगीत] विवेक शून्य व्यक्ति हित और हित में अंतर नहीं कर सकता वरुण देव की बुद्धि भी इनका साथ नहीं दे रही अब तो मुझे ही कुछ करना होगा वरुण देव मैं नहीं चाहता था कि मेरे द्वारा आपका हित हो किंतु आपने मुझे पूरी तरह से विवश कर दिया है संसार को बचाने के लिए मेरे पास अब कोई अन्य उपाय नहीं है सूर्यदेव आप कुछ करें उससे पहले ही आग शीतल होकर हिम शिला में परिवर्तित हो जाएंगे इसके साथ ही संसार का जल तत्व भी समाप्त होने लगेगा [संगीत] [संगीत] सृष्टि से संपूर्ण जल तक लौटा [प्रशंसा] [प्रशंसा] आओ [प्रशंसा] [संगीत] अभी तक तो यह तालाब में जल भरा था एकाएक जल कहां विलुप्त हो रहा है [संगीत] जल के बिना हम सब समाप्त हो जाएंगे जल चाहिए जल ढूंढो कहीं जल ढूंढो कहीं अरे ये फल भी रस हीन हो रहे हैं ना जाने क्या [संगीत] होगा आश्चर्य है ये बहुत समय से विलाप कर रहा है किंतु इसकी आंखों से अश्रु क्यों नहीं निकल [संगीत] रहे आज ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे प्यास बुझ ही नहीं रही है मैं जल आती मुझे भी कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है मैं आपके लिए भी जल लाती हूं मां मां मुझे भी प्यास लग रही है मेरे लिए भी जल ले आइए हनुमान शिक्षा पाने के आ गया जैसे सुमेरू को किसी की कृ दृष्टि ही लग गई हो जाने अब क्या क्या संकट आने वाले आश्चर्य है कुछ समय पहले तो इसमें जल था सेविका जल लेकर आ अभी [संगीत] लाई ना जाने क्या हुआ जल पात्र में कुछ समय पहले तक तो जल था अभी देखा तो रिक्त है महाराज ना जाने क्या हुआ सारे कुंभ से पानी एकाएक समाप्त हो गया ऐसा कैसे हो सकता है जल का तो पर्याप्त भंडार था भवन में पहले सूर्य देव उदित नहीं हुए और अब हर स्थान से जल तत्व लुप्त होता जा रहा है यह शुभ संकेत नहीं है प्रणाम महाराज महाराज राक्षसों ने राज भवन पर आक्रमण कर दिया है मंत्री जी शीघ्र जाइए और इन शरणागत बालकों को इस कक्ष में लेकर आइए इस कक्ष की सुरक्षा और बढ़ा दीजिए संभवत उन राक्षसों ने पुनः उन बालकों का अपहरण करने के लिए राज्य पर आक्रमण किया है मैं उन राक्षसों को देखता हूं जी महाराज रुकिए महाराज मैं भी चलूंगी किंतु तुम मुझे मत रोकिए महाराज मैं इन राक्षसों की चालो और इनकी माया से भली भाति परिचित हो मेरे रहते इनका कोई अहित नहीं कर सकता ठीक [संगीत] है यहां तो मात्र जल ही जल दिखाई दे रहा रहा है वरुण लोग का द्वार कहां [संगीत] है रक्षकों आप सबको मुक्त होना है ना छोड़ दो हमें वनर बालक तो पहले मुझे बताइए वरुण लोक का द्वार कहां है [संगीत] सखा छोड़ दो छोड़ दो छोड़ दो हम तो बताओ बताते हो या बंधन और कस दो सखा और [संगीत] और बताता हूं बताता हूं बताता हूं उस झरने के पीछे उस और वरुण लोक का गुप्त द्वार धन्यवाद सखा इन्ह मुक्त कर [संगीत] दो धन्यवाद वान वानर बालक [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] प्रणाम [संगीत] शक्ति हीनता का आभास हो रहा है और प्यास भी लगी है क्या [संगीत] करूं हम [संगीत] [प्रशंसा] जब तक मैं गुरुदेव को मुक्त नहीं कर लेता चल कैसे ग्रहण कर सकता हूं नारायण नारायण प्रणाम देवर्षी हनुमान वरुण देव सूर्य देव को पुण्यत शीतल करने में लगे हुए हैं उन्होने संसार से जल तत्व को भी वापस खींच लिया है शीघ्रता करनी होगी पुत्र जाओ मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ प्रणाम नारायण नारायण अच्छा वरुण देव ने जल तत्व खींच लिए हैं इसीलिए मुझे भी प्यास लग रही [संगीत] है यह क्या प्रवेश द्वार तो बंद है लगता है वरुण देव ने इन शीला से द्वार को बंद कर दिया है अब मुझे शीघ्र ही इसी द्वार से प्रवेश करना [संगीत] [संगीत] होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] सूर देव का तेज हरा सृष्टि को जल हीन किया वरुण देव ने की कुटिलता मारुती को हुई दुर्बलता हनुमत करे शक्ति संचार खंडित वरुण लोक का द्वार शेष प्रयत्न से होगी मुक्ति लौटेगी सूर्यदेव की शक्ति ये क्या सूर्यदेव ने तो मुझ पर भी हि मास्त्र का वार कर दिया है [संगीत] कहां है गुरुदेव वरुण देव पूरी तरह से पृथ्वी को शीतल कर दे उससे पहले मुझे गुरुदेव तक पहुंचना [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] होगा [संगीत] मुझे लंकेश ने जो कार्य सौंपा था वह पूर्ण हो गया शत्रुता का बीज बो दिया है मैंने देवताओं में अब देवता आपस में ही युद्ध करते रहेंगे अब मेरा यहां कोई कार्य नहीं है मैं चला अच्छा तो वरुण देव पर राहु की असुरी छाया थी इसीलिए इन्होंने यह सब किया यह मैंने क्या अनर्थ कर दिया यह रथ सूर्यदेव पर जल पराश का प्रहार किया [संगीत] मैंने अवश्य मुझे राहु ने अपने प्रभाव में ले लिया था अब क्या होगा कौन निकालेगा इस संकट से हम दोनों को इस संसार पर आई हुई इस विपदा को कौन दूर [संगीत] करेगा यह क्या गुरुदेव वरुण देव मुझे आने में विलंब हो [संगीत] गया गुरु माता क्या हुआ आपको आप स्वस्थ तो है [संगीत] यह क्या हो गया देवी को मैं देव वैद धनवंत जी को लेकर आता हूं प्रणाम [संगीत] एक तो प्यास से वैसे ही प्राण निकले जा रहे हैं ऊपर से राक्षसों का आक्रमण राक्षसों तुम लोगों ने फिर सु मेरे ऊपर आक्रमण करने का दुस्साहस किया है रे ऊपर आक्रमण का परिणाम तुम्ह भुगतना पड़ेगा [संगीत] राक्षसों रक्ष वरो घेर लो केसरी को और इसे ऐसे उलझा कि तुम्हारे घेरे से बाहर ही ना निकल सके फिर मैं अपना कार्य कर [संगीत] लूंगी मुझे क्षमा कर दीजिए गुरुदेव यदि मैं शीघ्र ही यहां आ गया होता तो ऐसा नहीं [संगीत] होता सूर्यदेव मुक्त क्यों नहीं हो रहे हैं मेरा प्रयास विफल क्यों हो रहा है किंतु मैं गुरुदेव को मुक्त करके ही रहूंगा अपने तेज का सवा भाग तुम्हें वरदान के रूप में देता हूं तुम्हें वरदान देता हूं कि तुम सदैव मेरे वरुण पाश और जल से सुरक्षित [संगीत] रहोगे हे समस्त देवी देवताओं मुझे गुरुदेव की मुक्ति के लिए बल प्रदान करें यह गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान वशी को मुक्त कराया यक्ष राज से उसे बचाया हनुमत पुत्र धर्म निभाते पुलकित होकर स्वर्ग को जाते अब ना होगी कोई बाधा मुक्त होंगी अंजना माता मातृ प्रेम वो अमूल्य धन जिससे तृप्त होता जीवन ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान जय गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान उर्वशी को मुक्त कराया यक्ष राज से शक्तियों से उत्पन्न हुआ ता जिसम मेरे गुरुदेव और अगव का भी समत है होकर स्व जा [संगीत] में [संगीत] [संगीत] अब यही दिव्य ताप गुरुदेव की शीतलता को हर लेगा दूर करें जग का अंधियारा सूर्य देव का बनेंगे सहारा शिष्य करेगा गुरु की रक्षा स्थिर रहेगी उनकी गरमा रक्षित होगा सब संसार करते जीवन पर उपकार गाते सब उनके गुणगान हनुमत करते कार्य महान ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली [संगीत] हनुमान
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