आई फॉलन इन लव विथ आई [संगीत] लव बोले वा कर्मण वाधिकारस्ते मा फलेशु कदा चन मा परम फल हे तुर मा के संगो कवि [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] कर्मण महाभारत [संगीत] मैं समय हूं मैं जानता हूं कि श्री कृष्ण ने द्रौपदी को बरबरी की जन्म कथा सुनाने का निर्णय क्यों किया बरबरी के आने से कौरवों और पांडवों में जो कोलाहल मचा था उसे उस समय तक समझा ही नहीं जा सकता जब तक यह ना जान लिया जाए कि बरी की पृष्ठ भूमि क्या थी क्योंकि बरबरी के जन्म की घटना भी उतनी ही विचित्र थी जितना स्वयं बरबरी यह रहस्य केवल मैं जानता हूं के बरबरी का जन्म और नरकासुर तथा उसके दानव सेनापति मुर का वध एक ही श्रंखला की दो कड़िया है मैं यह भी जानता जिन 16100 कन्याओं का नरकासुर ने अपहरण किया था उन्हें श्री कृष्ण ने अपनी रानियों का सम्मान और स्थान क्यों दिया यह सब घटनाएं जो एक दूसरे से भिन्न थी मिलकर बरबरी के जन्म का कारण बन गई [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] इंद्रदेव नरकासुर की इसी सुरक्षा व्यवस्था से भयभीत थे यह विद्युत रस्सियों का जाल यह तो बहुत दुर्बल व्यवस्था है केशव किसी भी जाल को दुर्बल समझ लेना अज्ञानता होगी सेनापति यह जाल तो दिखाई दे रहा है माया जाल तो दिखाई भी नहीं देता किंतु उसमें फस जाने वाला व्यक्ति कभी बाहर नहीं निकल पाता इंद्रदेव की चिंताओं पर संदेह करना मूर्खता होगी यदि आपकी आज्ञा हो तो इस जाल को काट दे ऐसी भूल कभी ना करना सेनापति नरकासुर का सेनापति मूर एक उच्च कोटि का शिल्पी भी है अवश्य ही इस घेरे में कोई रहस्य है बहुत सोच समझकर चोट करना ही उचित होगा जो आज्ञा केशव सोच समझकर ही प्रहार होगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सैनिक इंद्रद ठीक कहते थे मूर ने आकाश की विद्युत शक्ति को बंदी बना लिया है इस जाल को पार करना सरल नहीं है यह मोरवी पाश है केशव मूर की पुत्री ने कामाख्या देवी की सहायता से अपूर्व शक्ति प्राप्त की है किंतु मेरे पास भी सूर्यदेव का दिया हुआ दिव्यास्त्र है जिस पर विद्युत का कोई प्रभाव नहीं होता मैं इस जाल को पार [संगीत] [संगीत] करूंगी विजय भव [संगीत] [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] सेनापति [संगीत] सेनापति जी महाराज महाराज क्या इसी सुरक्षा व्यवस्था पर गर्व था तुम लोगों [संगीत] को कृष्ण तुम्हारी मृत्यु तुम्हें प्राग ज्योतिपुर की सीमा में ले आई है अब तू यहां से जीवित नहीं [संगीत] [संगीत] जाएगा [संगीत] सारी बाधाएं दूर हो चुकी है केशव सेनापति सेना को सावधान किया जाए [संगीत] [संगीत] सावधान [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] अहंकार से नम्रता और युद्ध से शांति का मार्ग अधिक उत्तम है अहंकार केवल एक व्यक्ति के नाश का कारण होता है किंतु युद्ध युद्ध सामूहिक विनाश को निमंत्रण देता है तुमने माता आदिति के कुंडल और वरुण देव का छ छीन कर केवल अपराध किया था यदि तुम वह छत्र और कुंडल लौटा दो और अपरहण की गई कन्याओं को सादर मुक्त कर दो तो हम तुम्हे क्षमा कर देंगे मैं जरास नहीं हूं वासुदेव मेरा नाम नरकासुर है और मैं अपनी प्रतिज्ञा पूरी करके ही रहता हूं मैंने प्रतिज्ञा की थी कि अदिति के कुंडल रखकर और वरुण का छत्र लगाकर मैं कंवारी कन्याओ का भोग करूंगा सो तो मैं करके रहूंगा पापी की प्रतिज्ञा बिच्छू के डंक के समान होती है नरकासुर बिच्छू दूसरों को तो डंक मारता ही है किंतु एक दिन उसका अंत भी स्वयं उसी के डंक से ही होता है हमें अपनी मीठी मठी बातों में फुसला का प्रयत्न ना करो वासुदेव आक्रमण किया जाए आक्रमण का मुत जवाब दिया जाए [संगीत] [संगीत] [संगीत] मेरी सुरक्षा व्यवस्था भंग करके यदि तुम यह समझती हो कि तुमने युद्ध जीत लिया तो यह तुम्हारा भ्रम है युद्ध का अंतिम निर्णय मेरी शक्ति [संगीत] करेगी [संगीत] हा [संगीत] ब [संगीत] स् [संगीत] बा पिता श्री पिता श्री पिता [संगीत] श्री पिता [संगीत] श्री जश तुमने मेरे पिता श्री और सम्राट का व किया है अब मैं नहीं [संगीत] [संगीत] छोडूंगी अब तुम्हे मुझसे कोई नहीं बचा सकता केशव ठहर जाओ मौरवी यह क्या कर रही हो इसने मेरे पिता और सम्राट का वद किया है मैं इसे मृत्यु के घाट उतार दूंगी मृत्यु के घाट उतार दूंगी अरे मूर्ख जिनके दर्शन मात्र से मोक्ष का मार्ग खुल जाता है जिनका चरणामृत दुखियों के दुख का निवारण कर देता है जो पाप के उद्धारक दिलों के तारक और दुर्बल के सहायक हैं उनके हाथों से तो जिसने मृत्यु पाई उसे एक नया जीवन मिल गया नरकासुर और मूर तो भाग्यशाली थे जो श्री कृष्ण ने उन्हें सदा के लिए जीवन मृत्यु के चक्कर से मुक्ति दिला दी लाओ यह खड़क मुझे वापस दे दो तुम देवी होकर अपना दिया हुआ वरदान मुझसे वापस मांग रही हो हां इसी में मेरा और तुम्हारा दोनों का सम्मान है यह खड़क श्री कृष्ण के लिए एक काठ के खिलौने से अधिक साबित नहीं होगा इसका उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा मैं तुम्हें इसके प्रयोग की आज्ञा नहीं दे सकती क्यों क्योंकि एक खड़क मुझे लक्ष्मी ने दिया है लक्ष्मी विष्णु देव की पत्नी है तो श्री कृष्ण विष्णु के अवतार भला कहीं पत्नी का शस्त्र पति को कोई हानि पहुंचा सकता है तुम देवी हो इसीलिए कृष्ण का पक्ष ले रही हो नहीं तुम पुत्री हो इसलिए मैं तुम्हारा पक्ष ले रही हूं तुम इनके गुणों से परिचित नहीं हो मैं तुम्हें बताती हूं इनके चरण स्पर्श करो तुम्हारी मनोकामना पूर्ति का मार्ग भी इन्हीं के चरणों से निकलेगा तुम्हें वर की खोज थी ना हा तो समझ लो आज तुम्हारी खोज का अंत है जाओ इनके चरण छुओ तुम्हारी इच्छा केवल श्री कृष्ण ही पूरी कर सकते [प्रशंसा] [संगीत] हैं सौभाग्यवती भव यदि मुझे आप जैसा वर मिल जाए तो मेरा जीवन सफल हो जाए नर और नारी का केवल एक ही संबंध नहीं होता मोरवी जिस प्रकार हर पौधे का पुष्प अलग-अलग रंग और अलग सुगंध रखता है उसी प्रकार हर नर और हर नारी को वर भी उनके स्वभाव के अनुसार ही मिलता है तुम पुत्री समान हो मेरे लिए और तुम्हारे लिए वर की खोज करना एक पिता समान मेरा कर्तव्य है अब यह खोज तुम मुझ पर छोड़ दो मैं तुम्हें वचन देता हूं कि तुम्हारे लिए ऐसा व ढूंढ लाऊंगा जो आजीवन तुम्हें सुखी रख सके अपहरण की गई कन्याए कहां है मोरवी आइए वासुदेव [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] पधारिए विराजी दौर पाल कारागार से कन्याओं को लाया [संगीत] जाए [संगीत] आप लोग मुक्त है धन्य हो केशव धन्य हो वासुदेव नरकासुर का अंत हो चुका है आप लोग जा सकते हैं परंतु हम जाएंगे कहां अपने अपने गृहों की ओर जहां से नरकासुर आप लोगों का अपहरण करके लाया था अब हमें स्वीकार कौन करेगा आपके परिजन जो आपकी राह देख रहे होंगे हम पर अपहरण का लांछन लग चुका है और अब समाज अपने द्वार हम पर बंद कर चुका है क्यों क्या समाज यह नहीं जानता कि आपका बलपूर्वक अपहरण किया गया था आप अपनी इच्छा से तो नहीं आई थी और हम यह भी जानते हैं कि इससे पहले कि नर का सुर अपने अपवित्र हाथों से आपको छू भी सके केशव ने आकर आपकी नारीत्व की रक्षा की है देवी देवी सत्यभामा आप तो जानती है जब समाज सीता मैया का विश्वास नहीं कर सका तो हमारी क्या गिनती है सीता माता देवी होकर भी स्वयं को निर्दोष साबित नहीं कर सकी तो हम तो साधन कन्याए हैं अब तो हमें आश्रय वैश्यालय में मिलेगा या तो फिर आत्महत्या करनी पड़ेगी नहीं ऐसा कदापि नहीं हो सकता वैश्यालय धरती पर मानव का अपने ही हाथों से बनाया हुआ नर्क है और आत्महत्या कायरता फिर आप ही हमें अपनी दासिया बना लीजिए स्त्री दासी बनने के लिए जन्म नहीं लेती देवी उसके केवल तीन रूप होते हैं माता पुत्री और पत्नी माता हम बन नहीं सकती क्योंकि हम अविवाहित हैं पुत्री बनने से हमारी समस्या का समाधान नहीं होगा और पत्नी हमें बनाएगा कौन हम [संगीत] बनाएंगे जो कन्या स्वच्छा से सम्मान नहीं खोती उसको अकारण दोषी समझकर दोषी ठहराना और उसका अपमान करना तो वैसा ही है जैसे एक अत्याचार का उत्तर दूसरे अत्याचार से दिया जाए हम आपके पवित्र नारीत्व के स्वयं साक्षी हैं हम यह अन्याय नहीं होने देंगे हम आपको अपनी रानियों का स्थान देने की घोषणा करते हैं श्री कृष्ण की जय श्री कृष्ण की जय श्री कृष्ण की जय श्री कृष्ण की जय किंतु ध्यान रहे कि यह स्थान आपको केवल इसलिए दिया जा रहा है कि समाज आपको हीन दृष्टि से ना देखे आपका सामाजिक सम्मान स्थापित हो सके आज के दिन से संसार और इतिहास आप 16000 कन्याओं को हमारी रानियों के रूप में ही जानेगा किंतु यह सत्य केवल हम और आप ही जानेंगे [संगीत] के इस सम्मान के अतिरिक्त हमारे और आपके बीच में किसी भी प्रकार का कोई भी संबंध नहीं [संगीत] होगा धन्य हो प्रभु अब मैं समझी कि संसार आपको भगवान क्यों कहता है चलिए अब हमें माता आदिति के कुंडल और वरुण देव का छत्र प्राप्त करना है स्वीकार [संगीत] कीजिए [संगीत] [संगीत] बधाई हो वासुदेव आपकी विजय का समाचार देवलोक तक पहुंच गया है देव [संगीत] राजेंद्र यह रहे माता आदिति के [संगीत] कुंडल और वरुण देव का छत्र आप धन्य है वासुदेव आपने देवलोक पर एक और उपकार किया है नरकासुर और उसके दानव सेनापति का वध करने के कारण देवलोक ने आपको मुरारी की उपाधि दी है आज के बाद संसार में आप मुरारी के नाम से भी जाने जाएंगे [संगीत] प्र [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] मोरवी हम प्राग ज्योतिष पुर को तुम्हारे अधीन करते हैं मुझे इस मुकुट और सिंहासन की कोई लालसा नहीं है केशव हम जानते हैं देवी हम जा अवश्य रहे हैं किंतु तुम यह ना समझना कि हम अपना वचन भूल जाएंगे तुम कह देने के पश्चात तुम्हारे इस जीवन को सुखी बनाने का उत्तरदायित्व अब हमारा है अश पोश डालो हम शीघ्र ही तुम्हारे लिए योग्य व ढूंढकर उसे तुम्हारे पास भेज देंगे रो मत मोरवी दुख तो इस बात का है केशव क्या आप स्वयम य प्राग ज्योतिष पुए और मैं इतनी अभागिन हूं कि आपको दो चार दिन अपने पास रखकर ठीक तरह से आपका सत्कार भी नहीं कर सकी अब हमें जाना होगा मोरवी आयुष्मान भव चलो प्रिय [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] चलो चलो सथ [संगीत] [संगीत] थ [संगीत] [संगीत] [संगीत] भाभी श्री वासुदेव प्रणाम वासुदेव कल्याण मस्तु मेरे अहो भाग्य जो आपने दर्शन दिए भाभी श्री हम आपसे कुछ मांगने आए हैं जो सारे संसार को देता हो उसे मैं बेचारी का दे सकती हूं आप स्त्री है बाबी [संगीत] श्री भगवान के पश्चात इस संसार को जो कुछ भी दिया स्त्री ने ही दिया ममता प्यार स्नेह सब कुछ मानव देवता भी स्त्री के आभ हैं क्योंकि उन्होंने भी स्त्री की कोक से ही जन्म लिया इसीलिए तो हम भी आपसे कुछ मांगने आए हैं मेरे प्राण भी आपके काम आ सके तो मेरा जन्म सफल हो जाएगा मांगिए वासुदेव मेरे पास जो भी कुछ है आप ही का तो है हम आपसे आपका पुत्र घटोतकच मांगने आए भाभी श्री मेरा पुत्र अच्छा युद्ध में रक्तपात करने के लिए रक्तपात रोकने के लिए मैं समझी नहीं केशव दानव मूर की पुत्री मोरवी वर की खोज में न जाने कितने नवयुवकों की हत्या कर चुकी है उसने उसी से विवाह करने की प्रतिज्ञा की है जो बल और बुद्धि में उसे परास्त कर सके हम जानते हैं कि का अभिमान है और उसका यह अभिमान केवल घटोत कछ चूर कर सकता है किंतु उसके लिए आपकी आज्ञा आवश्यक है अवश्य ले जाइए वासुदेव किंतु मेरी एक विनती है वो क्या वासुदेव घटोतकच को मवी के पास भेजने से पहले मेरे पति देव पांडु पुत्र भीम से अवश्य पूछ लीजिएगा कदाचित मेरे पति देव यह ना सोचने लगे कि उनसे दूर रहकर उनकी पत्नी स्वतंत्र निर्णय लेने लगी [संगीत] है हम आपके पतिव्रत धर्म का आदर करते हैं बाबी श्री हम मजले भैया से अवश्य आज्ञा लेंगे पुत्र घटोत का जी माता श्री वासुदेव प्रणाम वासुदेव आयुष्मान भगवत पुत्र वासुदेव के साथ जाओ और यह जो भी कहे बस वही करना इसी में मेरे जीवन का सुख है जो आग माता श्री आयुष्मान हम पर आपका यह रण रहा भाभी चले [प्रशंसा] [संगीत] तुम्हारा कथन सत्य है भीम परंतु प्रणाम भता श्री प्रणाम बहुत शुभ समाचार है भ्राता श्री अच्छा क्या हुआ पराग ज्योतिपुर का राजा नरकासुर देव माता आदिति के कुंडल और वरुण देव का छत्र छीन ले गया था देव की नंद ने उनका वत किया और कुंडल और छत्र वापस ले आए यही नहीं उसने जो 16100 कन्याओं का अपहरण किया था केशव ने उन्हें भी मुक्त करा लिया नरकासुर के भाग्य में केशव के हाथों मरना ही लिखा होगा किंतु नरकासुर का सेनापति मूर तो बहुत ही प्रतापी और शूरवीर था उसका क्या हुआ वो भी वासुदेव के हाथों मारा गया और उनकी पुत्री मौरवी सुना है उसको कामाख्या देवी का वरदान भी प्राप्त है उसका वरदान केशव के आगे प्रभावहीन हो गया परंतु केशव ने उन्हें प्राण दन दे दिए प्रणाम प्रणाम आयुमान प्रणाम विजय भव प्रणाम शक्तिशाली भवा तुम्हारी याद और तुम सदैव एक ही साथ आते हो वास्देव किंतु पुत्र घटोत्कच को साथ लाकर तुमने हमारे मन को और भी प्रसन्न कर दिया प्रणाम पुत्र तुमको तो तुम्हारी माता एक पल के लिए भी आंख से ओझल नहीं होने देती आज कैसे छोड़ दिया इसे हम लाए हैं मजले भैया हम आपकी आज्ञा लेकर से मोरवी के पास भेजना चाहते हैं दानव पुत्री मोरवी के पास हां मजले भैया मोरवी को बल और बुद्धि में आज तक कोई नहीं हरा सका यह आपका पुत्र है हमें विश्वास है कि उसे बल और बुद्धि में केवल यही हरा सकता है इसे आपका बल मिला है अरे अरे वासुदेव ऐसा अंधेर कदापि ना कीजिए यदि इसे बल मजले भैया का मिला तो तो बड़ी अच्छी बात है किंतु यदि कभी इसे बुद्धि भी मजले भैया की मिली तो यह बड़ी चिंता का विषय [हंसी] होगा ये ना भूलो पार्थ कि हमारा घटोत्कच केवल मजले भैया का ही नहीं हमारी भाभी श्री हिडिंबा का पुत्र भी है वे मायावी दानवी है और बुद्धि के बिना कोई मायावी नहीं हो सकता तुम जाओ पुत्र यह लोग तो मेरी खिली उड़ाते हैं तुम दानव पुत्री मौरवी को बल और बुद्धि में ऐसी करारी हार दो कि उसका मुह भी बंद हो और इन सबका भी आपका आशीर्वाद रहा तो पिता श्री ऐसा ही होगा ऐसा होना ही चाहिए पुत्र क्योंकि हम सब का आशीर्वाद तुम्हारे साथ है हमारा आशीर्वाद तो है तुम्हारे साथ पुत्र पर सबसे बड़ी बात तो यह है जो कार्य केशव की सम्मति से होगा वह कभी असफल हो ही नहीं सकता जाओ पुत्र विजय भव विजय [प्रशंसा] भव यह जो भय तुम्हारी आंखों से झांक रहा है इसका आभास तुम्हें उस समय होना चाहिए था जब मुझसे विवाह करने की इच्छा तुम्हारे मन में उत्पन्न हुई तुम्हें तो पता ही था कि तुम्हारा यह परिणाम होगा मुझसे बल और बुद्धि में हारने वालों का क्या परिणाम होता है यह भी तुम्हे पता था [प्रशंसा] [संगीत] इसलिए अब तुम अपने परिणाम के लिए तैयार हो जाओ क्योंकि यूं भी तुम्हारी तरह बीत और कायर पुरुष मेरे योग्य [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] नहीं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] राजकुमारी जी एक नवी युवक जो अपना नाम घटोत्कच बताता है विवाह की इच्छा लेकर आपसे मिलने आया है और आपसे तुरंत मिलना चाहता है यहां आने वाले अपनी आज्ञा हम पर नहीं चला सकते उन्हें हमारी आज्ञा का पालन करना होता है जाओ और मृत्यु के इच्छुक इस युवक को अतिथि शाला में ठहरा दो हम कल उसकी चुनौती का उत्तर [संगीत] देंगे [संगीत] आओ घटोत कज जीवन से बहुत निराश लगते हो कल संध्या ही आए और आज सुबह ही आ गए हमें ललकार ने पराग ज्योतिष पुर बड़ी सुंदर जगह है कामदेव ने इसे अपने हाथों से रचा है दो चार दिन ठहर जाते तनिक भ्रमण कर लेते तब चले आते वैसे भी पराग ज्योतिपुर के वासी अतिथि सत्कार में बहुत प्रसिद्ध है स्थान ग्रहण करो अच्छा तो इस नगरी को कामदेव ने बसाया हा कामदेव की इस नगरी में अकेले घूमने का क्या आनंद हां कोई तुम्हारे जैसी सुंदर प्रेमिका या पत्नी हो तो बात भी है रहा अतिथि सत्कार तो हम नहीं चाहते के इस नगर के वासी हमें अतिथि समझकर हमारा सम्मान करें हम तो चाहते हैं कि वह हमें अपना जमाई समझकर हमारा आदर करें घटोत कच तुमरे लोग विजय का घमंड और गौरव मां के गर्भ से लेकर पैदा होते हो ठीक कहती हो पर तो जहां तक हमारा प्रश्न है हमारा यह घमंड और गौरव आर्यों की तुलना में दुगुना है क्यों क्योंकि हम केवल आर्य महावीर पांडु पुत्र भीम की ही संतान नहीं पराक्रमी असुर माता डंबा के पुत्र भी है अच्छा यह व्यर्थ का वार्तालाप छोड़ो पहले यह बताओ तुम मेरी बुद्धि की परीक्षा चाहती हो या शस्त्र की पहले बुद्धि परीक्षा ही हो जाए कदाचित शस्त्र परीक्षा का अवसर ही ना आए क्योंकि मृतक शरीर तो परीक्षा दे ही नहीं सकता पूछिए कोई भी प्रश्न पूछिए यदि मैं उत्तर ना दे पाई तो अपनी पराजा स्वीकार कर लूंगी मारत महात महाभारत महाभारत महाभारत
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