[संगीत] [संगीत] महाभारत [संगीत] इंद्रदेव नरकासुर की इसी सुरक्षा व्यवस्था भत थे यह विद्युत रस्सियों का जाल यह तो बहुत दुर्बल व्यवस्था है केशव किसी भी जाल को दुर्बल समझ लेना अज्ञानता होगी सेनापति यह जाल तो दिखाई दे रहा है माया जाल तो दिखाई भी नहीं देता किंतु उसमें फस जाने वाला व्यक्ति कभी बाहर नहीं निकल पाता इंद्रदेव की चिंताओं पर संदेह करना मूर्खता होगी आपकी आज्ञा हो तो इस जाल को काट दे ऐसी भूल कभी ना करना सेना नरकासुर का सेनापति मूर एक उच्च कोटि का शिल्पी भी है अवश्य ही इस घरे में कोई रहस्य है बहुत सोच समझकर चोट करना ही उचित होगा जो आज्ञा केशव सोच समझकर ही प्रहार होगा सैनिक [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] इंद्रदेव ठीक कहते थे मूर ने आकाश की विद्युत शक्ति को बंदी बना लिया है इस जाल को पार करना सरल नहीं है यह मोरवी पाश है केशव मूर की पुत्री ने कामाख्या देवी की सहायता से अपूर्व शक्ति प्राप्त की है किंतु मेरे पास भी सूर्यदेव का दिया हुआ दिव्यास्त्र है जिस पर विद्युत का कोई प्रभाव नहीं होता मैं इस जाल को पार करूंगी [संगीत] [संगीत] विजय [संगीत] भव [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] सेनापति [संगीत] सेनापति जी महाराज क्या इसी सुरक्षा व्यवस्था पर गर्व था तुम लोगों को [संगीत] कृष्ण तुम्हारी मृत्यु तुम्हें प्राग ज्योतिष पुर की सीमा में ले आई है अब तू यहां से जीवित नहीं [संगीत] जाएगा [संगीत] सारी बाधाएं दूर हो चुकी है केशव सेनापति सेना को सावधान किया जाए [संगीत] सावधान [संगीत] [संगीत] [संगीत] अहंकार से नम्रता और युद्ध से शांति का मार्ग अधिक उत्तम है अहंकार केवल एक व्यक्ति के नाश का कारण होता है किंतु युद्ध युद्ध सामूहिक विनाश को निमंत्रण देता है तुमने माता आदिति के कुंडल और वरुण देव का छत्र छीनकर केवल अपराध किया था यदि तुम वह छत्र और कुंडल लौटा दो और अपरहण की गई कन्याओं को सादर मुक्त कर दो तो हम तुम्हें क्षमा कर देंगे मैं जरास नहीं हूं वासुदेव मेरा नाम नरकासुर है और मैं अपनी प्रतिज्ञा पूरी करके ही रहता हूं मैंने प्रतिज्ञा की थी अदिति के कुंडल रखकर और वरुण का छत्र मैं कंवारी कन्याओं का भोग करूंगा स तो मैं करके रहूंगा पापी की प्रतिज्ञा बिच्छू के डंक के समान होती है नर कासर बिच्छू दूसरों को तो डंक मारता ही है किंतु एक दिन उसका अंत भी स्वयं उसी के डंग से ही होता है हमें अपनी मीठी मठी बातों में फुसला का प्रयत्न ना करो वासुदेव आक्रमण किया जाए आक्रमण का मुह तोड़ जवाब दिया जाए [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] मेरी सुरक्षा व्यवस्था भंग करके यदि तुम यह समझती हो कि तुमने युद्ध जीत लिया तो यह तुम्हारा भ्रम है युद्ध का अंतिम निर्णय मेरी शक्ति करेगी [संगीत] प [संगीत] ब [संगीत] हा [संगीत] फ [संगीत] मवी पश पिता श्री पिता श्री वि [संगीत] श्री जश तुमने मेरे पिता श्री और सम्राट का व किया है अब मैं तुम्ह नहीं छोड़ूंगी [संगीत] [संगीत] अब तुम्ह मुझसे कोई नहीं बचा सकता केशव ठहर जाओ मौरवी यह क्या कर रही हो इसने मेरे पिता और समराट कावत किया है मैं इसे मृत्यु के घाट उतार दूंगी मृत्यु के घाट उतार दूंगी अरे मूर्ख जिनके दर्शन मात्र से मोक्ष का मार्ग खुल जाता है जिनका चरणामृत दुखियों के दुख का निवारण कर देता है जो पापियों के उद्धारक दिलों के तारक और दुर्बल के सहायक हैं उनके हाथों से तो जिसने मृत्यु पाई उसे एक नया जीवन मिल गया नरकासुर और मूर तो भाग्यशाली थे जो श्री कृष्ण ने उन्हें सदा के लिए जीवन मृत्यु के चक्कर से मुक्ति दिला दी लाओ यह खड़क मुझे वापस दे दो तुम देवी होकर अपना दिया हुआ वरदान मुझसे वापस मांग रही हो हां इसी में मेरा और तुम्हारा दोनों का सम्मान है यह खड़क श्री कृष्ण के लिए एक काट के के खिलौने से अधिक साबित नहीं होगा इसका उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा मैं तुम्हें इसके प्रयोग की आज्ञा नहीं दे सकती क्यों क्योंकि एक खड़क मुझे लक्ष्मी ने दिया है लक्ष्मी विष्णु देव की पत्नी है तो श्री कृष्ण विष्णु के अवतार भला कहीं पत्नी का शस्त्र पति को कोई हानि पहुंचा सकता है तुम देवी हो इसलिए कृष्ण का पक्ष ले रही हो नहीं तुम पुत्री हो इसलिए मैं तुम्हारा पक्ष ले रही हूं तुम इनके गुणों से परिचित नहीं हो मैं तुम्हें बताती हूं इनके चरण स्पर्श करो तुम्हारी मनोकामना पूर्ति का मार्ग भी इन्हीं के चरणों से निकलेगा तुम्हे वर की खोज थी ना हा तो समझ लो आज तुम्हारी खोज का अंत है जाओ इनके चरण छुओ तुम्हारी इच्छा केवल श्री कृष्ण ही पूरी कर सकते [प्रशंसा] [संगीत] हैं सौभाग्यवती भव यदि मुझे आप जैसा वर मिल जाए तो मेरा जीवन सफल हो जाए नर और नारी का एक ही संबंध नहीं होता मोरवी जिस प्रकार हर पौधे का पुष्प अलग अलग रंग और अलग सुगंध रखता है उसी प्रकार हर नर और हर नारी को वर भी उनके स्वभाव के अनुसार ही मिलता है तुम पुत्री समान हो मेरे लिए और तुम्हारे लिए वर की खोज करना एक पिता समान मेरा कर्तव्य है अब यह खोज तो तुम मुझ पर छोड़ दो मैं तुम्हें वचन देता हूं कि तुम्हारे लिए ऐसा वर्त ढूंढ लाऊंगा जो आजीवन तुम्हें सुखी रख [संगीत] सके अपहरण की गई कन्याए कहां है मोरवी आइए [संगीत] वासुदेव [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] पधारिए विराजी दौर पाल कारागार से कन्याओ को लाया जाए [संगीत] आप लोग मुक्त है धन्य हो केशव धन्य हो वासुदेव नरकासुर का अंत हो चुका है आप लोग जा सकते हैं परंतु हम जाएंगे कहां अपने अपने गृहो की ओर जहां से नरकासुर आप लोगों का अपहरण करके लाया था अब हमें स्वीकार कौन करेगा के परिजन जो आपकी राह देख रहे होंगे हम पर अपहरण का लांछन लग चुका है और अब समाज अपने द्वार हम पर बंद कर चुका है क्यों क्या समाज यह नहीं जानता कि आपका बलपूर्वक अपहरण किया गया था आप अपनी इच्छा से तो नहीं आई थी महाभारत महात महाभारत भार [संगीत]
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