Sunday, 28 December 2025

द्रौपदी के साथ अन्याय कैसे हुआ था Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

[संगीत] महा [संगीत] भारत जवाहिर जरत आप मैं तो शाल जा रहा था तुम्हें देखा तो रुक गया तुम लोग कुशल तो हो ना महादेव की कृपा है दुला कैसी है अच्छी है किंतु तुमसे अच्छी नहीं महाराज कहां है वे सब आखिर पर गए हैं आते ही होंगे हमारी कुटिया यहां से अधिक दूर नहीं वहां चलिए जल कीजिए तब तक वे सब आ ही जाएंगे एक बात कहूं क्यों नहीं तुम्हारी यह दशा देखकर मैं तो दुखी हो गया दुखी क्यों हो गए तुम राज भवन में पली बड़ी हुई और राज भवन में ही ब्याह कराई और अब यह यह क्या ना कोई दास ना कोई दासी और ना अंगरक्षक देखिए जवा राज सुख या दुख का संबंध राज भवन या कुटी से नहीं होता मैं राज भवन में भी सुखी थी और इस वन में भी सुखी हूं तुम कुछ भी कहो परंतु मुझसे तुम्हारी यह दशा देखी नहीं जाती द्रौपदी आपको मेरा नाम लेकर मुझे पुकारने का कोई अधिकार नहीं है जवाई राज आप मेरी छोटी नत के पति है इसलिए य नातो को आधार मानि तो मैं आपसे बड़ी हूं नातो का आधार बदलने में देर कितनी लगती है द्रौपदी मैं तुम्हारी ननद का पति हूं यदि तुम चाहो तो मैं तुम्हारा पति भी बन सता मैं किसी असहाय के आंगन में उ बेरी का पेड़ नहीं हूं जिस पर हर आता जाता पत्थर फेक सकता है मैं इंद्र प्रस की पटरानी दप हूं मैं सम्राट यर का भाला हूं भीम सेन की गधा हूं मैं अर्जुन का गांधी हूं मैं और नकुल और सव की [हंसी] तलवार क्रोध में तो तुम और भी सुंदर दिखाई द दप अरे लज तू मेरा नंदोई है मैं तेरी बड़ी बहन समान हूं और यूं भी बेहता नारी का आदर करना सीख मूर्ख क्योंकि स्वयं तेरी माता श भी बहत अनारी थी वाद विवाद में समय नश मत करो रानी क्योंकि तुम्हारी सहायता करने वाला यहां कोई नहीं दुर्योधन ने भी यही सोचा था कि मैं असहाय हूं इसलिए वो मेरा अपमान कर सकता है तू यह भूल मत [हंसी] कर हसमत अब आगे अमत तेरी इस हसी में ही तेरे विनाश का अंकुर है [हंसी] चल चल [संगीत] [हंसी] शारी रेप को सिंधु देश की ओ ले चलो च चलो चलो चलो [संगीत] महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

No comments:

Post a Comment

ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...