Sunday, 28 December 2025

द्रौपदी के दुखी होने का कारण क्या था Gautam Rode Suryaputra Karn Episode Pen Bhakti

[संगीत] आसान में जीवन नहीं माटी में परंतु पाषाण पर जब चोट पहुंचाई जाति है तो उसमें चिंगारी उत्पन्न होती डॉ से लोट टकराता है तो तप उत्पन्न हो जाता है और माटी को भी जब रोंडा जाता है तब वो भी अपना रंग बादल लेती है जब निर्जीव वस्तुएं सीमा से अधिक चोट पहचाने पर प्रतिक्रिया देती तो एक जीवंत मनुष्य क्यों नहीं [संगीत] प्रत्येक क्रिया की प्रतिक्रिया [संगीत] और यदि समय पर किया जाए तो प्रतिक्रिया स्वरूप इतिहास बादल जय करता है इसीलिए सोच समझकर कार्य करना चाहिए क्योंकि कभी कभी प्रतिक्रिया भयानक हो शक्ति है विध्वंसक हो शक्ति अस्तित्व तक मित शक्ति है उनके मौन रहने का दंड मिलेगा [संगीत] [संगीत] और उसका प्रतीक है यह खुला हुए केस जिन पर अब कभी चूड़ामणि नहीं सजेगी [संगीत] अपना जीवन दावा पर लगाकर स्त्री संतान को जन्म देती है पीड़ा के उन पलों में भी उसकी आंखों में दुख के आश्रम नहीं होते मुख पर प्रसन्नता मां में संतोष होता है और बदले में बदले में हम पुरुषों से क्या देते हैं पुरुष के किया गए हर कार्य राम को दंड देने के लिए सीता का हरण होता है सीता को ही अग्नि परीक्षा क्यों देनी होती है युद्ध पुरुष करता है और पराजित स्त्री होती है वीरगति प्रकार पुरुष स्वर्ग भोक्ता है और विधवा होकर स्त्री न भोक्ति है क्यों क्यों पुरुष का अहंकार जगत है और स्त्री की स्वतंत्रता को सुला दिया जाता है हुए में मदिरा के मध्य पुरुष होता है और भूख स्त्री सौभाग्यवती बनकर घर में आई है और उसके मस्तक पर सिंदूर के रूप में उसके पति की दासी होने का चिन्ह लगती है रखना वालों को पराक्रमी समझा जाता है और दुर्भाग्यवश एक से अधिक विवाह करने वाली महिला को वैश्य का कर पुकार चाहता है क्यों पुरुष असफल होकर संसार का त्याग करता है और अपना घर संसार चलने के लिए स्त्री को संघर्ष करना पड़ता है क्यों क्यों हम पुरुषों के हर दुष्कर्म स्त्री को भुगतना पड़ता है जो जीवन देती है उसका अधिकार तो केवल आनंद प्रसन्नता और सम्मान होना चाहिए फिर उसका क्या हरण क्यों मां सम्मान और अधिकार मिलेंगे [संगीत] [संगीत] एक महाभारत होगा भारत होगा [संगीत] महाराज आज संसार की सबसे अधिक सबसे अधिक दुख्तर सभा संपन्न हुई [संगीत] [संगीत] [संगीत] अब अपने महाराज का पिंड दान देखना [संगीत] [संगीत] [संगीत] क्योंकि आज जो मेरे साथ हुआ उससे यही प्रतीत होता है की मैं मैं पितविहीन हूं एक पिता अपने संतान के लिए जीता है [संगीत] मेरे ही साथ इतना बड़ा न्याय करते हैं [संगीत] [प्रशंसा] अन्य के कारक [संगीत] आप है पिता महाराज [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] परंतु यह श्रद्धा में जहां नहीं कर सकता [संगीत] अब तुम्हारे आपके पुत्र को इस तरह से बचाने और जीते जी आपको श्रद्धा से बचाने के लिए मेरे पास एक उपाय है महाराज श्रीमान महाराज ने आपको स्मरण किया है और लौट के लिए निवेदन भी किया है [संगीत] हम नहीं आएंगे अब ना हमें उनका निमंत्रण स्वीकार है और ना ही निवेदन है [संगीत] नहीं ताज़श्री हमारे बड़े हैं यदि उन्होंने आजा दी है तो हमें जाना होगा यह आजा नहीं है भ्राता श्री दाल है और हमें इसमें नहीं फसना है पांचाली यहां से जा चुकी है हमें उसे संभालना है हमें इंद्रप्रस्थ जाना होगा भट्टी ये दाल है तो भी हमें धर्म के करण जाना होगा [संगीत] [संगीत] [हंसी] [संगीत] सिर्फ पानी कीजिएगा पांच जाली को एकांत चाहिए [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] और 2 महीने में अपना पति बदले 55 के साथ चाहन करें उसे क्या कहा जाता है [संगीत] [प्रशंसा] सैनिक दरवाजा तोड़ो पड़ी के मां का है बा ये यातना से नहीं खुलेगा ना ही बाल से टूटेगा [संगीत] [संगीत] सखी [संगीत] मौलाना समझे सखी और मनुष्य तो भीतर से पवित्र होता तुम तो उसे गंगा के भांति हो जो सबके पाप हारने के पश्चात भी मालिन नहीं होती तुम अपनी पवित्र हो मेरे सुख दुख हनी लाभ में बराबर का भागीदार हूं तुम्हारे सुख में आनंद किया और आज अपने हिस की पीड़ा तुमसे लेने आया हूं तो अपने भागीदार को उसका अधिकार नहीं डुबकी साकी [संगीत] [हंसी] [संगीत] [प्रशंसा] ने सम्मान के लिए क्यों चुनाव था [प्रशंसा] [संगीत] क्यों यह क्यों बड़ा भयानक होता है सखी [संगीत] क्योंकि हम इस क्योंकि उत्तर को खोजने र जाते और अपना लक्ष्य को बैठ [संगीत] जिसने जन्म लेते ही अपने माता-पिता को खोटी जिसने जन्म की प्रथम रात्रि को मां का आलिंगन नहीं मिला [संगीत] ज्वार खाती यमुना का अलंकार यदि वह बालक नियति से क्यों का उत्तर मांगता तो क्या मथुरा और गोकुल के नियति को बादल पता यदि सीता नियति से पूछती की रावण ने उनका ही अपहरण क्यों किया तो क्या यह संसार रावण से मुक्त हो पता जो कल बीट गया [संगीत] क्षमा करता हूं क्षमा कर तो सखी मां में प्रतिशोध नहीं न्याय का विश्वास चक जब तक मां में प्रतिशोध रहे तब तक न्याय को आने का मार्ग नहीं मिलेगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] के लिए संघर्ष की अग्नि चलाओगे तो दुर्योधन जैसे हर पापी की सोच को भस्म कर पाओगे तो बोलो प्रतिशोध लेना है या न्याय स्वीकार

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