Sunday, 28 December 2025

देवसेना पर शिवजी और माता पार्वती प्रसन्न हुए Basant Bhatt Uzair Vighnaharta Ganesh Episode 680

सच्चे भक्त हो ना तुम अपने प्रभु के दूध बन के आए थे जयंत को लेने तो ले जाओ ले जाओ इसे या अपनी भक्ति का प्रमाण दो और जो कहा है व करके दिखाओ त्याग दो अपने [संगीत] प्राण [संगीत] हमें भी तो ज्ञात हो कितने बड़े भक्त हो तुम अपने प्रभु [संगीत] [संगीत] के मुझे आत्म दहा के लिए उकसा रहे हो तुम सभी क्योंकि मेरा अंत चाहते हो तुम किंतु इसकी कोई आवश्यकता नहीं मुझे अपने प्राणों की कोई चिंता नहीं प्राण खोने का कष्ट भी नहीं कष्ट तो बस इतना है कि मैं अपने प्रभु के कार्य को संपन्न नहीं कर सका मुझे क्षमा कर दीजिए स्वामी कार्तिक क्षमा कर दीजिए मैं आपके कार्य में विफल हो गया मुझे क्षमा कर दे प्रभु मैं इस जलधारा को अब रोकने में असमत हो गई हूं [संगीत] [संगीत] आ [प्रशंसा] [संगीत] सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिकेय की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्य स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिकेय की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिकेय की जय सुब्रमण्यम स्वामी कार्तिके की [संगीत] जय ओम सुब्रमण्यम कार्तिकेय स्वामी [संगीत] [संगीत] यह तुम नहीं समझ सके दानव भीतर घात प्राण घातक होता है वो देखिए वो त्रिशूल ये त्रिशूल तो उस राक्षस के शरीर से निकल रहा है अर्थात विता केज दान रूपन का भी अंत कर रहे [संगीत] हैं गणम श्री गणे श्री गणे प्रथम पूज गणेश जी की जय प्रथम गणेश की जय महेंद्र पुरी से नहीं जीवन से मुक्त करो इन्हे प्रभु की शक्ति के निरंतर प्रमाण पाने पर भी अपना अहंकार अपनी माया का त्याग नहीं किया तुमने तो तुम अब दया के भी पात्र हो और दंड के भी इसीलिए प्रभु को युद्ध करने आना ही होगा [संगीत] यहां हमारी अगली भेंट अब युद्ध भूमि में ही होगी अगली भेट की कल्पना मत करो यह तो तब होगा जब तुम यहां से जा पाओगे सैनिकों बंदी बना लो इनको मुझे क्या करना है मैं समझ गया प्रभु [संगीत] हा प्रयास करो उन्हें पकड़ने का प्रयास करो यह तो सब खत्म कर देगा संपूर्ण भवन अगनी में सा हो जाएगी कोई बुझाओ इस अग्नी को रोको इस दुत को यहां अब हम पर किसी का ध्यान नहीं हमें यहां से निकलना [संगीत] चाहिए [संगीत] हे प्रभु हे मा मुझे क्या यह आपकी ही कृपा जिसके कारण मैं सफल हो सके आपको कोटि कोटि धन्यवाद मैं बहुत प्रसन्न हूं क्योंकि पुत्री देव सेना ने प्रमाणित कर दिया कि उसकी भक्ति और निष्ठा सच्ची है और संकट काल में अपने भाई पति की रक्षा में अधिक रहकर उसने दर्शा दिया है कि वो पुत्र कार्तिकेय की अर्धांग बनने के लिए संयुक्त है [संगीत] अपने प्राण बचाओ अरे भाग के अपने प्राण बचाओ रक्षा करो अपनी यहां सब हो रहा है कहां गया वो दुष्ट मिल जाए तो उसे भी भस्म कर दूं मैं नहीं यह उचित नहीं किया गणेश और उस कार्तिके दूत ने वर प्रथम इस अग्नि को बुझाऊ मैं फिर उन्हे दंड देने का उपाय करूंगी देखो असुर माता ने य संकट टाल दिया अग्नि बुझ गई हम सब सुरक्षित है अब भागने की कोई आवश्यकता [संगीत] नहीं किंतु कहां गए वो कैसे निकल सकते हैं यहां से यहां से निकले हैं महेंद्रपुरी से नहीं निकलने चाहिए चिंतित ना हो दादी मा वे अधिक दूर नहीं गए होंगे वे मार्ग में कहीं भी हो मैं उन्हें अवश्य ढूंढ लूंगा रुक [संगीत] जाओ ढूंढने में समय व्यर्थ मत गवा यह लो यह अस्त्र तुम्हें उन तक पहुंचा देगा और फिर तुम वद भी कर सकोगे उस कार्तिके को भी ज्ञात होना चाहिए कि हमारी अनुमति के बिना महेंद्रपुरी से कोई बचकर नहीं जा [संगीत] सकता बस उसका विचार कर धरती पर चोट करने की देर है और तब तुम बिना विलंब किए उनके निकट पहुंच जाओगे प्रणाम गणेश जी प्रभु अब हमें यहां से प्रस्थान करना चाहिए प्रभु आप प्रस्थान कर रहे हैं मैं जयंत को आपके साथ सुरक्षित देखने यहां चली आई इसे देखकर मेरी सारी चिंता दूर हो गई अपनी रक्षा कर ली जयंत [संगीत] की नहीं मैं हूं यहां जीवित नहीं लौटने दूंगा [संगीत] तुम्हें प्रभु आप इसकी चिंता मत कीजिए यह दुष्ट जंत का स्पर्श भी नहीं कर पाएगा [संगीत] स्वामी मेरा सफल होना आपकी ही कृपा का फल [संगीत] है तुम ठीक तो हम तो यह सोचकर चिंतित थे तुम्हारे कारण देव सेनापति कुमार कार्तिक अपना संयम नख कहीं उनका ध्यान ना भटक जाए हा पुत्री किंतु तुमने जो किया वो कोई नहीं कर सकता अपने प्राणों को न्योछावर करने के लिए तैयार थी आप उनकी तपस्या को भंग होने से बचाने के लिए हा पुत्री और तुम भी सुरक्षित हो और इस परीक्षा के परिणाम को देखकर मैं अत्यंत आनंदित [संगीत] [संगीत] हू भाभी मा अचानक मूर्छित क्यों हो गई देवराज [संगीत] चिंता मत करो पुत्र जयंत यह स्थिति अब शीघ्र ही ठीक हो जाएगी और तुम हमारे साथ लौट जाओगे किंतु प्रभु गणेश जी मैं ऐसे लौटना नहीं चाहता मैं ऐसे लौटना नहीं [संगीत] [संगीत] [हंसी] चाहता [संगीत] जयंत तुम चिंता मत करो कोई भी आहत नहीं होगा तुम निश्चिंत हो हमारे साथ चल सकते हो मैं पहले भी कह चुका हूं और अब भी कहता हूं मेरे होते हुए चाहकर भी जयंत तो क्या तुम में से कोई भी यहां से नहीं जा सकता और यदि यहां से कोई जाएगा तो उसका शब जाएगा उसके लिए अपने प्राण गवाने होंगे तुम सभी को इतना आत्मविश्वास आश्चर्य है कोई तो कारण है जो अकेला होने पर भी यह तनिक भी चिंतित नहीं माता मुझे जाने दीजिए सुद मुखम वहां उन देवताओं के सामने अकेला है नहीं सी मुखन ना ही वह अकेला है और ना ही तुम्हें जाने की आवश्यकता [संगीत] है ओ असुरों का पूरा समूह है इसके साथ सावधान असुरों की विशाल सैन्य टुकड़ी लेकर आया है [संगीत] यह कहां गणेश जी हमें तो कोई दिखाई नहीं दे रहा है अग्निदेव हम उन अदृश्य असुरों से चारों ओर से घिरे हुए हैं मायावी है वो केवल दिव्य दृष्टि से ही इन्ह देख पाना संभव [प्रशंसा] है मायावी शक्तियां छल प्रपंच पर कितना भी भ्रम क्यों ना फैलाए सच्चे भक्त की आस्था उन्हें टिकने नहीं देती

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...