हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम है नाम एक धागे में पिरोता है जन जन के मन को राम का नाम एक धागे में पिरोता है जन जन के मन को राम का नाम हेवा हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] नाम तू ही माता तू ही पिता है तू सर्वस्व तू बंधु सखा है तू ही माता तू ही पिता है तू सर्वस्व तू बंधु सखा है हर कारण का तू ही कारक तुझको ही ध्या जग बारंबार हर कारण का तू ही कारक तुझको ही धता जग बारंबार तुझको ही ध्या जग बारंबार हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] [संगीत] राम तीरथ सारे है इकराम ही अंत घड़ी मुख बोले राम ही तीरथ सारी है एक राम ही अंत धड़ मुख बोले राम ही जग के प्रपंच तो एक तरफ है एक तरफ है राम का नाम ही जन के प्रपंच को एक तरफ है एक तरफ है राम का नाम ही एक तरफ है राम का नाम ही हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] नाम तेरे नाम से मन को शांति जीवन को मिल का विश्राम तेरे नाम से मन को शांति जीवन को मिलता विश्राम हृदय की गहराइयों में है राम सब में समाए हैं अपने राम हृदय की गहराइयों मेहराम सब में समाए हैं अपने राम सब में समाए हैं अपने राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] नाम जाने अनजाने तो जपे हर जिव्या अपने राम का नाम जाने नजाने को जपे है जि अपने राम क नाम दुख सुख की माया दिखला दे जन जन को जग में सियाराम दुख सुख की माया दिखला ते जन जन को जग में सियाराम जन जन को जग में सियाराम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] नाम जन्म जन्म से गूंज रहा है इस ब्रह्मांड में राम का नाम जन्म जन्म से गूज रहा है इस ब्रह्मांड में राम का नाम जिस जिसने जपा भक्ति भाव में तनमय होकर राम का नाम जिस जिसने जप भक्ति भाव में तनमय होकर राम का नाम मय होकर राम का नाम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे जय जय राम सियाराम जय जय राम सियाराम जय जय राम सियाराम जय जय राम [संगीत] सियाराम [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] श्री राम रक्षा स्तोत्र श्री गणेशाय नमः ओम म श्री राम रक्षा स्तोत्र मंत्र स्य बुद्ध कौशिक ऋषि श्री सीता राम चंद्रो देवता अनुष्टुप छंद सीता शक्ति श्रीमद हनुमान कलकम श्री सीता रामचंद्र प्रीत अर्थे जपे विनियोग अथ ध्यानम ध्याये द जानु बाहु धत शर [संगीत] [संगीत] धनुषमूवी रामचंद्र इ ध्यानम चरितम रघुनाथ शत कोट प्र विस्तर एक एक अक्षरमनामलाई तण धनुर बाण पाणि नक्त चरा कम स्वल जगत तुमा विर भूत मजम विभु राम रक्षम पठत पराज पाप घनिम सर्व कामदाम शिरो में राघवा पातु भलम दशरथा मज कौशल्य यो दशो पातु विश्वामित्र प्रिय श्रुति ण पातु मता मुखम सौमित्र वत्सल जिव विद्या निधि पातु कंठम भरत वंदित स्कंध दिव्या युद्ध पातु भुजो भगने कामुक करो सीता पति हा पातुर द्यम जाम दजन जित मध्यम पातु खर धंसी ना भिम जाम वदा शय सुग्री वेशा कट पातु स कथनी हनुमत प्रभु उरु रघु तम पातु रक्ष कुल विनाश कृत जाननी सेत कृत पातु जंगे दश मुखं क पादो विभीषण श्री दह पातु रा मुखिम वुहा ताम राम बलो पे ताम रक्षम यह सुकृति पठत सचि रायु हा सुखी पुत्री विजय विनय भवे पाताल भूतल यो मचार छद्म का न दष्ट मप शक्ताे रक्षित राम नाम भीह रामेति राम भद्रे राम चंद्रे तिवा स्मरण नरो नलि पते पाप भुक्ति मुक्ति च विंद जगत जण मंत्रण राम नाभि रक्षित यह कंठे धार तस्य कर सर्व सिद्ध वज्र पंजर नामे दम योरा कवचम अभ्या सर्वत्र लभते जय मंगलम आदि वान यथा स्वपने राम रक्षा मि माम हर तथा लिखित वान प्रातः प्रबुद्ध बुद्ध कौशिका आराम कल्प वृक्षा नाम विराम सकला पदा अभिराम शत्री लोका नाम रामः श्री मानसन प्रभु तरुण रूप संपन सुकुमार महा बलो पुंडरीक विशाला आक्ष चर कृष्णा जिना फल मूला सनो दांतो तापस ब्रह्मचारी पुत्रो दशरथ सतो भतरो राम लक्ष्मण शरण सर्व सतवा नाम श्रेष्ठ सर्व धनुष मताम रक्ष कुलहर त्रता नो रघु आत सज धनुषा विशु स्पर्श वया शगन संग संगन रक्षय मम राम लक्ष्मणा व्रता पथ सदैव गता सन्न कवच खड़ग चाप बाण धरो युवा गन मनोरथ स्मा कम राम पातु स लक्ष्मण रामो दशरथ हूरो लक्ष्मणा चरो बली काकत पुरुष पूर्णा कौशल्य यो रघ उतमा वेदांत वेद्यो यज पुराण पुरुषोत्तम जानकी वल्लभ श्रीमान प्रमेय पराक्रम तानी जपे नित्यम मद भक्त श्रद्ध नित अश्वमेधा कम पुण्यम संप्रा पनोती न संशय रामम दूर्वा दल श्याम पद्माक्षी वास समम स्वंती नामा भिर दिवय ते संसार नर रामम लक्ष्मण पूर्वज रघुवर सीता पतिम सुंदरम कागत स्तम करुणाम गुण निधि विप्र प्रियम धार्मिकम राजेंद्रम सत्य संध दशरथ तन्य शामल शांत मूर्ति वंदे लोका रामम रघुकुल तिलकं राघवम रावण रिम रामाय राम भद्राय रामचंद्राय वेदसे रघुनाथा ये नाथाय सीतायल मः श्री राम राम रघुनंदन राम राम श्री राम राम भरता ग्रज राम राम श्री राम राम रण कर्कश राम राम श्री राम राम शरण भव राम राम श्री रामचंद्र चरणो मनसा स्मरामि श्री रामचंद्र चरणो वच सा [संगीत] गणामृता रामो मत पिता रामचंद्र स्वामी रामो मत सखा रामचंद्र सर्वस्वम में रामचंद्र दयालु नारम जाने नैव जाने न जाने दक्षिणे लक्ष्मण यस्य जनका मजा पुरतो मारुति यस तम वंदे रघु नंदनम लोकाभिरामम रण रंग धरम राजीव नेत्र रघुवंश नाथम कारु रूपम करुणा करम तम श्रीराम चंद्रमण प्रपद्यंते तुल्य वेगम जितेंद्रियम बुद्धि मताम वरिष्ठ वाता मजम वानर यूथ मुख्यम श्री राम दूतम शरणम कु जंत राम रामेति मधुरम मधुरा शरम आरू कविता शाखा वंदे वाल्मीकि कोकिल आपदा पतार दातार सर्व संपदा लोकाभिरामम श्री रामम भयो भयो नमाम भर्जन भव बीजा नाम अर् जनम सुख संपदा तर्जन यम दूता नाम राम रामे गर्जन रामो राजमणि ह सदा विजज रामम रमेश भजे रामे बहता निशा चर चम रामाय तस्मै नमः रामा नास्ति परायणम पर तरम रामस दासो असम हम रामे चित लय सदा भवतु मे भो राम माम उधर राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्त्र नाम त तुल्य श्री राम नाम वरा नने इति श्री बुद्ध कौशिक मुनि विजित श्री राम रक्षा स्तोत्रम संपूर्णम श्री सीताराम चंद्रा अर्पण मस्तु जय श्री राम जय श्रीरा [संगीत] जय श्री [संगीत] [संगीत] राम उत्कट साधु शीला सेतु बांधनी लिंग देह लंका पूरी विद्वंस होनी काम क्रोधा आधिक राक्षस मदनी देह अहम भाव रावण निपट नि जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देवम सीता शुद्धि हनुमंत गेला लंका दहन करुनी अख्या मारीला मारीला जंबू माली भोनी त्र हटीला आनंदाची गुड़ी घे उनिया आला जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बले निज शक्ति सोडली सीता मून येणे अयोध्य रघुनाथा आनंद देव संडे वैराग्य भरता आरती घेऊ नि आली कौशल्या माता जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव अनाहत ध्वनि गरजती अपार 18 पद मेंे वानर करती भु का अयोध्य स आले दशरथ कुमार नगरी होत आ है आनंद थोर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव सहज सिंहासनी राजा रघुवीर सोहम भावे तया पूजा उपचार सहजा आरती वाद्या गजर माधवदास स्वामी आठ विर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव [संगीत] जय उत्कट साधु शीला सेतु बांधनी लिंग देह लंका पूरी विद्वंस होनी काम क्रोधा आधिक राक्षस मदनी देह हम भाव रावण निपट नि जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव प्रथम सीता शुद्धि हनुमंत गेला लंका दहन करुनी अख्या मारीला मारीला जंबू माली भोनी त्र हटीला आनंदाची गुड़ी घेऊ निया आला जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय दे निज बले निज शक्ति सोडली सीता म्हणून येणे झाले अयोध्य रघुनाथा आनंदे व संडे वैराग्य भरता आरती घेऊन आली कौशल्या माता जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव अनाहत ध्वनि गरजती अपार 18 पद मेंे वानर करती भु का अयोध्य स आले दशरथ कुमार री होत है आनंद थोर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव सहज सिंहासनी राजा रघुवीर सोहम भावे तया पूजा उपचार सहजा आरती वाद्या गजर माधवदास स्वामी आठवण विसर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय [संगीत] देव धुनि शा सेतु बांधनी लिंग देह लंका पूरी विद्वंस उनी काम क्रोधा दि राक्षस मदनी देह हम भाव रावण निपट नि जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव प्रथम सीता शुद्धि हनुमंत गेला लंका दहन करुनी अख्या मारीला मारीला जंबू माली भोनी त्र हटीला आनंदाची गुड़ी घे उनिया आला जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बले निज शक्ति सोडली सीता मून येणे झाले अयोध्य रघुनाथा आनंद देव संडे वैराग्य भरता आरती घेऊ नि आली कौशल्या माता जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव अनाहत ध्वनि गरजती अपार 18 पद में वानर करती भूब का अयोध्य स आले दशरथ कुमार नगरी होत आ है आनंद थोर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा राम परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव सहज सिंहासनी राजा रघुवीर सोहम भावे तया पूजा उपचार सहजा आरती वाद्या सा गजर माधव दास स्वामी आठवन विसर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय [संगीत] देव उत्कट साधु शा सेतु बांधो लिंग देह लंका पूरी विदव सुनी काम क्रोधा आधिक राक्षस मदनी देह अहम भाव रावण निपट नि जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव प्रथम सीता शुद्धि हनुमंत गेला लंका दहन करुनी अख्या मारीला मारीला जंबू माली भोनी त्र हटीला आनंदाची गुड़ी घेऊ निया आला जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बले निज शक्ति सोडली सीता मण येणे झाले अयोध्य रघुनाथा आनंदे वो संडे वैराग्य भरता ती घेनी आली कौशल्या माता जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव अनाहत ध्वनि गरजती अपार 18 पद में वानर करती भु का आयो देसी आले दशरथ कुमार नगरी होत है आनंद थोर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव सहज सिंहासनी राजा रघुवीर सोहम भावे तया पूजा उपचार सहजा आरती वाद्या सा गजर माधव दास स्वामी आठवण विसर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव नि बोरामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय [संगीत] देवव उत्कट साधु शा सेतु बांधनी लिंग देह लंका पूरी विद वसुनी काम क्रोधा आधिक राक्षस मदनी देह हम भाव रावण निपट नि जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव प्रथम सीता शुद्धि हनुमंत गेला लंका दहन करुनी अख मारीला मारीला जंबू माली नी त्र हटीला आनंदाची गुड़ी घेऊ निया आला जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बले निज शक्ति सोडली सीता मून येणे झाले आयो रघुनाथा आनंद देव संडे वैराग्य भरता आरती घेऊ नि आली कौशल्य माता जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव अनाहत ध्वनि गरजती अपार 18 पद मेंे वानर करती भु का अयोध्य स आले दशरथ कुमार नगरी होत आ है आनंद थोर जय देव जय देव जय देव जय जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव सहज सिंहासनी राजा रघुवीर सोहम भावे तया पूजा उपचार सहजा आरती वाद्या गजर माधवदास स्वामी आठवण विसर जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव निज बोधा रामा परमार्थ आरती सद् भावे आरती परिपूर्ण कामा जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय देव जय [संगीत] देव आरती श्री रामायण जी की आरती श्री रामायण जी की कीरति कलित ललित सिय प की रति कलित ललित सिय प की आरती श्री रामायण जी की [संगीत] गावत ब्रहमान नारद दावत ब्रह दिक मुनि नारद वाल्मीक विजन बशारत लमी विज्ञान वि सारद शुख सन काति शेष अरु शारद शुख सन काद शेष हरु शारद परनी पवन सुत की रतनी की परनी पवन सुत कीरत की आरती श्री रामा यण जी की आरती श्री रामायण जी [संगीत] की गावत वेद पुराण अष्ट दस गावत वेद पुराण बस छौ शास्त्र सब ग्रंथन को रस छ शास्त्र सब ग्रंथन कोरस मुनि जन धन संतन को सर्वस मुनि जन धन संतन को सर्वस सार अंश समत सब ही की सार अंश समत सब ही की आरती श्री रामायण जी की आरती श्री रामायण [संगीत] जी गावत संतत शंभु भवानी रावत संतत शंभु भवानी अरु घट संभव मुनि विज्ञानी अरु गट संभव मुनि विज्ञानी प्यास आदि कभ बर्ज बखानी व्यास आदि क र्ज बखानी काग भु शुंडी गरुड़ के ही की राग मुसंदी गरुण जी की आरती श्री रामायण जी की आरती श्री रामायण [संगीत] जी [संगीत] कली मल हरनी विषय रस भी की कलि मल हरनी विषय रस प की सुभग सिकार मुक्ति जपती की शुभन सिंगार मुक्ति जपती की दलन रोग भव मुरी अमी की दलन रोग भव मरी अनी की तात्मा त सब विधि तुलसी की त मात सब विधि तुलसी की आरती श्री रामायण जी कीर श्री रामायण जी [संगीत] की
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