Friday, 2 January 2026

युद्ध के लिए दुर्योधन और शकुनि की रणनीति क्या थी Shaleen Suryaputra Karn Episode 260 Pen Bhakti

[संगीत] ए परिवार संतान हमारे अपने प्रिया होते उनकी सुरक्षा के लिए उनके सुख के लिए हम क्या नहीं करते अपनी संतानों को सुसज्जित कोमल जूते देते ताकि उनके पाओ को चोट ना लगे उनके मार्ग में कांटे ना छुपी उन्हें पीड़ा का अनुभव ना अच्छी बात परंतु इस भीम में हम एक बार भूल जाते हैं [संगीत] [संगीत] हम उन्हें जीवन का सुख तो देते परंतु उन्हें जीवन का अनुभव करना ही नहीं सीखने करने दीजिए उन्हें अपने जीवन की कठिनाइयां का सामना लड़ने दीजिए उन्हें अपने मार्ग के कांटों से यदि स्वयं सीखेंगे तो अपनी आने वाली संतानों को भी शिखा पाएंगे है पुत्र तुम युद्ध क्षेत्र में वो कीर्ति प्राप्त करो जो तुम्हें अमर बना दे [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] क्या हुआ अंग्रेज सूर्य देव से आप यह प्रार्थना तो नहीं कर रहे हैं की वो उदित ही ना हो अर्जुन को दिया वचन आपको पूर्ण करना होगा अंग्रेज सूर्यास्त का बहन बनाकर [संगीत] कभी-कभी मां रहने से प्राण पाक जाते हैं अब एक और शब्द अपने मुख से निकाला तो अशुद्ध आरंभ होने से पूर्व [संगीत] का मत कर दूंगा [संगीत] मेरे खाने का तात्पर्य केवल [संगीत] मृत्यु को स्मरण है ना आपको लक्ष्य होना चाहिए बस मैं यही कहना छह रहा था [संगीत] मैं केवल इतना जानना चाहता हूं डिकर से पूर्व [संगीत] बेट अर्जुन को मार्ग से हटाने का क्या प्रबंध करना चाहिए उसका प्रबंध मैं कर चुका हूं मेरे होने वाले सम्राट [संगीत] महाराज त्रिगत नरेश शर्मा अवसर का लाभ उठाने के लिए एक विशाल सी के साथ विराट पर आक्रमण करने जा रहे हैं [संगीत] विराटनगर को सहायता की आवश्यकता है शीघ्र कुछ कीजिए [संगीत] विराट प्रसन्न करना होगा किंतु महाराज इतने काम समय में आपका विराट पहुंचाना संभव है [संगीत] अर्जुन के साथ वहां पहुंचे हमें आपकी सी की आवश्यकता है और अर्जुन सबके लिए पर्याप्त है किंतु अर्जुन अज्ञातवास में शरणती थी [संगीत] आज वह समय ए गया है की हम उसका री चुका सके और फिर अभिमन्यु भी तो यहां है मुझे इस पर पूर्ण विश्वास है [संगीत] [संगीत] जब आप शर्मा का नस करेंगे आपका स्वागत है [संगीत] [संगीत] अर्जुन रणभूमि छोड़कर विराट के लिए प्रस्थान कर चुका है [संगीत] किस प्रकार चक्की का पत्थर एक भी चक्करों को पीस देता है इस प्रकार हमारी ये सी शत्रु सी को एक ही चक्कर में पीस देगी युवराज और अपने सी के नाच को रोकने के लिए आएगा वो भाभी अभिमन्यु लेंगे इसमें मुझे अपने बालों के चक्कर में फसाया था आज [संगीत] चक्रव्यू में युद्ध का तरवा दिन [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] गौरव सेनापति थ्रेड चेतावनी देता हूं विजय प्राप्त करना चाहते हो और यदि तुम इस न्यू को तोड़ने में सक्षम रहे तो हम अपनी पराजय स्वीकार कर लेंगे इस चक्रव्यूह को वंश कर देंगे [संगीत] कोई तो मार्क होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] ये क्या है आचार्य पांचाल नरेश तिरुपति की तरह तोड़ते हुए आगे बाढ़ रहे हैं मेरे पिता श्री के आश्रम में इस चक्कर क्यों कम बास किया था [संगीत] ए जो अपने मित्र को रोकने के लिए कोई अस्त्र को शास्त्र है आपके पास [संगीत] अब तो केवल एक ही अस्त्र है और एक ही शास्त्र दुर्योधन [संगीत] जयद्रथ [संगीत] द्रोपती के पतियों द्वारा किया गया अपमान भूल गए हो तुम ऐसे लिए द्रोपती के पिता के समक्ष उपस्थित हुए हो आज द्रोपती के पति हूं या उसके पुत्र कोई मुझे नहीं रॉक सकता [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [हंसी] [संगीत] [संगीत] अब इसे शक्ति का सम्मिलित प्रहार ही तोड़ सकता है मैं और भीम मिलकर प्रहार करेंगे [संगीत] [संगीत] [संगीत] किसी एक दिन सभी पांडवों पर विजय का सक पांडवों पर विजई होने का आशीष नहीं दे सकता चाचा क्योंकि अर्जुन को मैंने पशु प्रकाश कर दिया मेरा ही वरदान मेरी ही शक्ति को छन नहीं कर सकता इसलिए केवल अर्जुन को जी दिन तुम चाहे 6 संसार के समस्त योद्धाओं के समाज तुम अपराज रहो [संगीत] पांचवी अब ऐसा कैसे होने दे सकते हैं परंतु वर्तमान के भविष्य को खोया नहीं जा सकता [संगीत] हूं मैं शक्ति है [संगीत] [संगीत] बल्कि मेरे पिताश्री का सर भी झुक जाएगा आपने वो दावा लगाकर सर झुकाया और मैं ये दावा खेलूंगा अपने पिताश्री का सर ऊंचा रखना के लिए मैंने उन्हें वचन दिया था युद्ध भूमि में शत्रु को उनकी कमियां अनुभव नहीं होगी और मुझे शत्रु को वीर अर्जुन के रक्त का तेज दिखाना है इसीलिए आजा दीजिए और फिर मैं अकेला कहां हो चक्रव्यू में मेरे प्रवेश करते आप भी मेरे पीछे-पीछे अंदर ए जाइए मैं मार्ग बनाऊंगा और आप चक्रव्यूह कीजिए सोचिए मत समझना हम तुम्हारे पीछे ही रहेंगे आगे बढ़ो [संगीत] [संगीत] जाकर सो जो क्योंकि जीवन की हर रात्रि [संगीत] [संगीत] क्योंकि समय नहीं रुकता पार्थ परंतु मानव को दो पाल रुकने का अधिकार है [संगीत] [संगीत] [संगीत]

No comments:

Post a Comment

ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...