[संगीत] हम सभी बचपन से यह सुनते आए हैं कि अच्छे मित्र हमारे जीवन को पूर्णतः परिवर्तित कर सकते हैं है ना अच्छे मित्र परंतु कौन जिनसे आप प्रश्न पूछे और वह मित्र बिना किसी पक्षपात के भय रहित होकर बिना किसी लालच के आपको उचित उत्तर दे परंतु सबके समक्ष यह समस्या आ जाती है कि आज के समय में ऐसे मित्र मिलना दुर्लभ है वह तो होते ही नहीं परंतु मैं आपको एक बात बताता हूं हम सबके पास एक ऐसा मित्र होता है बस हम उसे पहचान ही नहीं पाते वह है दर्पण दर्पण के समक्ष खड़े होकर आप स्वयं से पूछिए कि यदि आज आपका अंतिम दिन होता तो क्या आप वही करते जो आप कर रहे थे आपको उत्तर मिले या ना मिले परंतु आपकी दिशा अवश्य बदलेगी इसलिए आपसे अतिरिक्त आपका सबसे घनिष्ठ मित्र सबसे अच्छा मित्र और कोई [संगीत] नहीं समय ऐसी शक्ति [संगीत] है सभी समय से [संगीत] [प्रशंसा] हारे [संगीत] समय ऐसी शक्ति है सभी समय से [संगीत] हारे राजा हो या रंग सभी बनते रहे बेचारे समय बड़ा महान है इस जग में समय बड़ा महान समय बड़ा महान है इस जग में समय पड़ा महा समय पड़ा महा है इस जत में समय बड़ा महान समय बड़ा महान है इस जत में समय बड़ा महान 18 वर्ष [संगीत] पश्चात तो कुरकल की अगली पीढ़ी अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी है धर्मराज जी माधव परीक्षित और वृष केतु दोनों ने दीक्षा प्राप्त कर ली अब सत्ता को अगली पीढ़ी में हस्तांतरित करने का समय आ गया है परंतु माधव महाराज कहो एक दुखद समाचार है [संगीत] महाराज अभयदान दिया बोलो क्या समाचार है राजमाता कुंती क्या हुआ है माता कुंती को वो वो कुशल तो है ना जिस वन में राजमाता कुंती महाराज धृतराष्ट्र और महारानी गांधारी निवास कर रहे थे वहां भयंकर अग्निकांड हुआ है [संगीत] और वो तीनों जलकर [संगीत] बस [संगीत] आ ये सब क्या हो गया [संगीत] माता अचानक इस पाथ क्या हो [संगीत] गया जो संसार में आया है उसे जाना ही है महत्त्वपूर्ण यह है कि वो अपने जीवन से क्या लेकर गए और इस संसार को क्या देकर [संगीत] ग एक वृक्ष की जब पत्तिया झड़ है तो वह वृक्ष पत्तियों के झड़ने का शोक नहीं मनाता अभि त नई पत्तियों का स्वागत करता है नवजीवन को आगे बढ़ाता है आप सब स्वयं को [संगीत] संभालिए पा स्वयं को [संगीत] संभालो धर्मराज आपने अपना हर कर्तव्य हर उत्तरदायित्व कुशलता पूर्वक पूर्ण किया है और परिवर्तन का जो वचन आपने दिया था उसे भी पूर्ण किया और अब यह समय यह समय दुख मनाने का नहीं अपितु अपना उत्तरदायित्व पूर्ण करने का है धर्मराज [संगीत] नई पीढ़ी का स्वागत करने के लिए सज्ज हो जाओ समय आ गया है कि हस्तिनापुर के नए युवराज को प्रजा के समक्ष प्रस्तुत किया जा [संगीत] समय आ गया है कि हस्तिनापुर की यह सभा गुरु वंश की आने वाली नई पीढ़ी का स्वागत [संगीत] करें हस्तिनापुर के दो महारथी दो युवराज [संगीत] जिन्हे पांडवों ने स्वयं अपनी युद्ध कला के ज्ञान से प्रशिक्षित किया है जिन्हे महा धनुर अर्जुन नुर विद्या [संगीत] सिखाई जिन्ह महाबली भीम शक्ति और गदा युद्ध में पारंगत किया जिन्हें नकुल सहदेव हड़क युद्ध में प्रशिक्षित किया है जिन भावी सम्राटों को धर्मराज युधिष्ठिर ले के प्रहार के साथ-साथ धर्म के ज्ञान का आधार भी [संगीत] दिया अब भारत के नए शासक तैयार हो चुके हैं धर्म स्थापना के लिए नई पीढ़ी सज्ज हो [संगीत] [संगीत] चुकी तो स्वागत कीजिए अभिमन्यु पुत्र अर्जुन पौत्र युवराज परीक्षित का युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की [संगीत] [संगीत] और अब स्वागत कीजिए राधे कर्ण पुत्र युवराज वृष केतु का युवराज वृष केतु की युवराज वृषकेतु की युवराज वृषकेतु की युवराज वृषकेतु की युवराज की युवराज की राज कृ की राज [संगीत] की और अब स्वागत कीजिए राधे कर्ण पुत्र युवराज वृष केतु का युवराज बृ केतु की युवराज बृ केतु की युवराज बृ केतु की युवराज बृ केतु की युवराज बृ केतु की युवराज के [संगीत] की [संगीत] च [संगीत] [प्रशंसा] इन्होंने अपना कर्तव्य पूर्ण किया धर्मराज अब आप अपना कर्तव्य पूर्ण [संगीत] करें एक सम्राट का कर्तव्य होता है कि वह अपने उत्तराधिकारी को निष्पक्ष होकर चुने केवल पल ही नहीं बुद्धि प्रवीण हो न्याय उचित धर्म उचित हो और मेरा धर्म कहता है न्याय और धर्म अनुसार हस्तिनापुर नरेश मेरे जे ता कण के पुत्र ष केतु हो युवराज वृष केतु की युवराज ृ केतु की युवराज की र्म लक्षण [संगीत] लक्षण काका श्री मेरे लिए यह मान्य [संगीत] नहीं पुत सम्राट आपका न्याय उचित है [संगीत] परंतु परीक्षित मुझसे जेष्ठ है इसलिए न्याय अनुसार और धर्म अनुसार हस्तिनापुर के सम्राट केवल और केवल परीक्षित ही होने चाहिए [संगीत] में हस्ति तनय यरे हस्ति य हस्ति तनय रे [संगीत] ह परंतु पुत्र अदभुत वृष केतु यह त्याग केवल कर्ण पुत्र ही कर सकता है इस सभा ने छल देखा पल देखा नारी का दंब भी देखा और आज बंधु प्रेम और त्याग देख रहा [संगीत] [प्रशंसा] है सच में परिवर्तन का जो स्वप्न अंगराज कण ने वर्षों पूर्व देखा था वह परिवर्तन आज दिख रहा [संगीत] है धर्मराज युधिष्ठिर को न्याय उचित घोषणा ही करनी [संगीत] चाहिए जैसी आपकी आज्ञा माधव युवराज परीक्षित को हस्तिनापुर का सम्राट घोषित किया जाता है युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की युवराज परीक्षित की राज परीक्षित की परंतु यह अपूर्ण न्याय [संगीत] होगा न्याय उचित यही होगा कि अंग पर जेष्ठ कण के पश्चात अधिकार वृष केतु का है और मैं वृष केतु को अंग का नया राजा घोषित करता हूं महाराज बृज केतु की महाराज बृज केतु की महाराज बृज केतु की औरंग के साथ-साथ इंद प्रस्थ भी ष केतु के नियंत्रण में होगा अंगराज बृज केतो की अंगराज बृज केतो की अंगराज बृ केतो [संगीत] [संगीत] की सज हो मैं तो आरंभ से ही [संगीत] [संगीत] सज [संगीत] [संगीत] माधव मुझे जाना होगा पार्थ परंतु माधव नहीं पार्थ नियति मुझे पुकार रही [संगीत] है
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