Monday, 5 January 2026

श्री कृष्ण के विराट रूप से दुर्योधन हुआ भयभीत SaurabhPandey Suryaputra Karn Episode 209 PenBhakti

[संगीत] संसार का सबसे बड़ा पाप क्या है असत्य बोलना हत्या कर देना चोरी करना या किसी का अपमान करना संसार का सबसे बड़ा पाप है किसी निर्बल को सताना और संसार का सबसे बड़ा दंड भी उस निर्बल के मुख से निकली हाय है आप देख रहे हैं मैं क्या कर रहा हूं मैं लौ पिघला रहा हूं और यह लौह पिघलता है इस चमड़ी की बनी धोन की से निकली हवा से तनिक सोचिए एक मृत पशु की खाल से बनी धोन की इतने कठोर लोहे को भस्म कर सकती ठीक उसी प्रकार आप चाहे जितने भी शक्तिशाली क्यों ना हो यदि आपने किसी निर्दोष किसी निर्बल को सताया तो उसके मन से निकली हाय और उसका श्राप आपके जीवन को भस्म कर सकता [संगीत] है [संगीत] [संगीत] का भाल है बड़ा जब नाश मनुज बन जाता है उसका विवेक मर जाता है त्य करवाने को वो स्वयं नाश बुलता है [संगीत] [संगीत] वा [संगीत] स बिटा मा मेरे होने वाले माम शी क्या हो रहा है मैं कहां हूं कर मि मित्र [संगीत] कर मित्र मैत्र [संगीत] असंभव है ये असंभव है य इसे तुमने ही तो संभव बनाया है दुर्योधन ब्रहमांड से जक को दुर्योधन ने ललकारा है एक विराट स्वरूप दुर्योधन महा विनाश अब आता है कमल नयन में देख आज बढ की महा विनाश की आज दुवाग ये तेरा योन जो आज भी तू ना सका जा हरि ने भीषण हुकार किया अपना स्वरूप विस्तार किया कामी शायद कर गले अब महाविनाश कड़कड़ बोले ल है ये रा लगन जिसम भी बंड सदा जी म जिसके प पर जिसको छ सर जिसके चरणों में सारे सारे ब वायु महेश जिस से करते [संगीत] प्रवेश इस युद्ध के जन्मदाता तुम ही हो ध्यान से देख यह कुरुक्षेत्र है यह तुम्हारे अहंकार का परिणाम है दुर्योधन तुम्हारे छल का निष्कर्ष है यह यह तुम्हारे मद का तुम्हारे कर्मों का फल है दुर्योधन य उस पाप का परिणाम है दुर्योधन जो भरी सभा में याग सेनी के साथ हुआ य श्राप का परिणाम है जो पांचाली के धक हृदय से निकला देखो मूर्ख मृत्यु तुम्हें पराजित कर चुकी और तुम विजय का स्वप्न देख रहे [संगीत] हो [संगीत] माया है माया नहीं दुर्योधन तुम्हारे कर्मों की छाया है यही तुम्हारा भविष्य है यही तुम्हारा प्रारब्ध यही अंत है कुरुवंश का युद्ध की चाह थी ना तुम्हे नाश देखने की इच्छा थी तो ठीक है युद्ध मिलेगा तुम्ह महा विनाश देखोगे तुम तुमसे पहले भी बहुत अहंकारी आ और उनका भी अंत मैंने इसी प्रकार किया मनुष्य क्या मैं तो सौरमंडल का सर्जन और विनाश करता हूं देखना चाहोगे तो देखो श्री कृष्ण गोविंद उधर देखो दुर्योधन ना नारा वासुदेवा हे कृष्ण गोविंद हरे मुरारी वासद [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] ये क्या हो रहा है नहीं ये ये ये सब सब सब मिथ्या है ये मिथ्या है मिथ्या तुम्हारा अहंकार है दुर्योधन मिथ्या यह सभा है सत्य तो वो है जो तुम कभी समझ ही नहीं पाए वो सत्य जो मैंने अभी तुम्हें दिखाया सत्य केवल मैं हूं शेष सब मिथ्या यय सब माया है तुम साधारण मनुष्य हो और कुछ नहीं हो आश्चर्य है परंतु इसमें तुम्हारा क्या दोष जब मनुष्य में अहंकार तो वह सत्य केवल आकार से पहचानता है तो आकार देखो [संगीत] दुर्योधन य य धर्मस्या भारत [संगीत] धर्मासनम [संगीत] शम [संगीत] [संगीत] मैंने शांति दी दुर्योधन और तुमने स्वीकार नहीं की मैंने मैत्री दी परंतु अपने अहंकार के आगे तुम्हें मैत्री का मूल्य समझ नहीं [संगीत] आया मैं प्रेम लाया था परंतु तुमने युद्ध मांगा दुर्योधन तो सुनो अब युद्ध होगा मैं जीवन का संदेश लाया था तुमने मृत्यु का विकल्प चुना तुम्हे मृत्यु [संगीत] दूंगा तुम्ह अनुमान नहीं दुर्योधन यह युद्ध कितना भयंकर होगा महा संघार होगा पापियों के प्रत्येक भागीदार का अंत होगा यह [संगीत] महाभारत श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण सेवा अश्व धामा हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्णा गोविंदा हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्णा गोविंदा हरे मु बाण संधान करो पार्थ मुक्त करो राधे को गोविंद हरे [संगीत] मुरारी श्री कृष्णा गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण [प्रशंसा] [संगीत] वासुदेवा सभा में इतनी शांति क्यों है कोई बताएगा मुझे आखिर हो क्या रहा है सत्य देखने के लिए तन के दृष्टि की नहीं मन के दृष्टि की आवश्यकता होती है धृतराष्ट्र यति ने तुम्हे दृष्टि नहीं परंतु आज इस क्षण के लिए मैं तुम्हें दृष्टि देता हूं कदाच तन की दृष्टि से देखकर तु मन की दृष्टि का सत्य समझ पाओ त [संगीत] [संगीत] राष्ट्र [संगीत] द नहीं चाहिए यह दृष्टि मुझे वापस ले लो य क्या अनर दिखा दिया मुझे बासुदेव ले लो वापस ले [संगीत] लो जो सबने देखा वही अंत है और वही नया प्रारंभ परंतु यह आप सबको स्मरण तब होगा जब यह वास्तविक में आप सबके साथ घटित [संगीत] [संगीत] हो [संगीत] श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारा वासुदेवा श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा मैं वासुदेव इस महायुद्ध इस महा भारत की घोषणा करता [संगीत] हूं [संगीत] धर्मस्या स्मरण रखना र तुम्हारे इस अभिमान के साथ-साथ तुम भी इस धरा पर ऐसे गिरोगे कि कभी उठ नहीं पाओगे इस महा हिंसा इस महाविनाश के उत्तरदायित्व का बोझ तुम अपने साथ दूसरे लोग लेकर जाओगे दुर्योधन [संगीत] [संगीत] हमा [संगीत] [संगीत] [संगीत] केशव मुझे सदा से भान था कि आप साधारण मनुष्य नहीं है [संगीत] नाय परंतु आज जो मैंने देखा उसके [संगीत] पश्चात मेरे साथ आओ मित्र यह स्थान अब वार्ता करने के लिए उचित नहीं रहा यहां शब्दों का कोई मोल नहीं यहां शब्द केवल सुने जाते हैं समझे नहीं [संगीत] जाते आओ मेरे [संगीत] [प्रशंसा] साथ के शांति न्याय एक बार आप मेरे सारथी बने थे आज गर मुझे दीजिए कर प्रीति तुम्हें सारथी के रूप में पाकर गौरवान्वित तो मैं हो जाऊंगा मित्र कृष्णा कहो या कर्ण कहो है दोनों एक समान कृष्णा कहो या कर्ण कहो है दोनों एक समान [संगीत] [संगीत]

No comments:

Post a Comment

ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...