Monday, 5 January 2026

श्री कृष्ण का साम्ब ने अनादर क्यों किया Saurabh Pandey Suryaputra Karn Episode 300 Pen Bhakti

[संगीत] स्वर हम सभी को अपने जीवन में स्वर्ण से कभी कुछ ना कुछ थोड़ा या अधिक मो होता ही है ना परंतु क्या आपने कभी सोचा की स्वर्ण को प्राप्त कैसे किया जाता है जब भूमिगत खदानों से स्वर्ण को निकाला जाता है तब वो एक पाषाण की भांति होता है ऐसा पाषाण जिससे आप किसी को भी मार सकते पांटू उसे आभूषण के रूप में स्वयं के शरीर पर धरण नहीं कर सकते यदि उसे आभूषण बनाना है तो उसे लंबी यात्राएं करनी होती है उसे पाषाण को पिघलना होता है सुंदर के हथौड़ी की निकॉन छोटे खानी पड़ती है जो हमें वर्षों तक सदियों तक लुभाता राहत है तो स्वयं के निर्माण पर समय देना होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] है है है है कैसा योद्धा ताज श्री जिसके हाथ से तलवार छन ले गई हो जो अपने मित्र विश्व सेन की सहायता करने का वचन पुराना कर सको उसे मनुष्य को आप योद्धा कहते हैं जब युद्ध करने का समय था तो युद्ध नहीं करने दिया अब इस अपमान को गले से निकालने के लिए इस मदिरा कहते मेरे पास और कोई सहारा नहीं है [संगीत] [हंसी] आई आई द्वारिका देश आई स्वागत है आपका स्वागत है [संगीत] धर्म स्थापना के नाम पर अपना पालदा भारी अब अरे स्वागत नहीं करेंगे इनका इतना महान कार्य पूर्ण करने के पश्चात आज लौटे हैं आज तो राज भवन में उत्सव होना चाहिए दूसरा हस्तिनापुर और हंसते नागपुर का महान शासन धर्मराज युद्ध पहले से ही अपने चारों भाइयों के साथ इनके तलवे चाहता है [संगीत] बधाई हो बधाई हो वासुदेव बधाई हो आप अपने उद्देश्य में सफल हुए जीत गया द्वारका [संगीत] क्योंकि आपने [संगीत] उन सैनिकों ने केवल अपने कर्तव्य का पालनपुर किया था शाम युद्ध लाडा निकॉन को मारा और स्वयंवीर गति को प्राप्त हो गए उन्होंने तो स्वर्ग की सीढ़ियां पानी सा परंतु तुमने अपने साथ क्या किया है पुत्र स्वयं के जीवन को ही नरक बना डाला है तुमने वचन दिया था ना दुर्योधन और लक्ष्मण को महाभारत के युद्ध में तुम नारायणी सी का नेतृत्व करो तो क्यों नहीं बचाया अपनी सी को क्यों छोड़ आए अपने मित्र को अकेला युद्ध में क्यों साथ नहीं दिया अपने मित्र का साथ [संगीत] केवल उसके साथ नारायणी सी का सेनापति अपनी उपाधि को देता है विकल्प मैंने अर्जुन और दुर्योधन को भी दिए थे और अर्जुन ने धर्म स्थापना और तुमने तुमने युद्ध में भाग ना लेना चुनाव था [संगीत] यदि तुमने अपने मित्र वीर रिश्ते में प्रदर्शन करते देखा होता तब तुम्हें ज्ञात होता की वीरता की वास्तविक परिभाषा क्या होती है साहब यदि तुमने अपने प्राण उसे युद्ध में गाव दिए होते तो आज मेरा सर गर्व से ऊंचा होता किंतु नहीं तुम तो मदिरा के मध्य में स्वयं के जीवन को धीरे-धीरे करके मार रहे हो बच्चा [संगीत] [संगीत] [संगीत] लक्ष्य इतनी लंबी यात्रा से आया हूं [संगीत] [संगीत] [संगीत] अपने क्रोध को शांत करो शाम कैसे करूं मैं खुद को शांत पिता होकर सात मेरा मस्तक दूसरों के सामने झुकता है राज आज भी तो यही की उन्होंने [संगीत] [संगीत] पिताश्री क्या आप मुझे मेरे पिता के विषय में कुछ बता सकते हैं युद्ध में क्या हुआ था पुत्र और उन्होंने युद्ध अलौकिक साहस दिखाएं [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] जैसे की जो और मदिरा यह व्यास में पहले लुभाते और बाद में हमारे ही नस का करण बन जाते हैं पुत्री [संगीत] लो मित्र [संगीत] मैं जानता हूं की तुम बहुत दुखी हो किंतु चिंता मत करो तुम्हारे मनोरंजन का प्रबंध कर दिया [संगीत] स्मरण रखना पुत्री जब जब मनुष्य पर मत और चूहा का प्रभाव पड़ेगा [संगीत] [संगीत] उनका अपमान करता है उनका उपहास बनाता है और उसके पश्चात वहीं से उसका अंत प्रारंभ हो जाता है [संगीत] तो आप है महान ऋषि सुना है महात्मा की आप भविष्य बता सकते हैं बड़ी प्रशंसा सनी है आपकी क्या जानना चाहते हो यदि यह सत्य है तो बताइए की शर्म नहीं को आगे चलकर क्या होगा पुत्र या पुत्री [संगीत] [हंसी] [हंसी] और समय बताना मत भूलिएगा महाराज यदि आपके भविष्यवाणी सत्य नहीं हुई तो आप अपनी बाकी की तपस्या हमारी बंदूक है मैं पूर्ण करेंगे फोन क्यों है महाराज [संगीत] बताइए तुम्हारे भीतर के मानो को सुला दिया है मूर्ख अब तुम केवल भावना नहीं होती वो किसी भी वास्तु पर पड़ता है [संगीत] आपके लिए बनाया है [संगीत] [संगीत] आज से ठीक है एक सप्ताह के पश्चात तुम्हारे पेट से मुसलमान होगा जो तुम्हारे वंश के विनाश का करण बनेगा [संगीत] तुम्हारे नस का करण बनेगी [संगीत] आप रुक क्यों गए [हंसी] [संगीत] ऐसे ढोंगी साधु से डरने की कोई आवश्यकता नहीं [संगीत] जो अब तक नहीं हुआ शाम वो अब होगा साधुओं का श्राप व्यर्थ नहीं जाता [संगीत] [संगीत] [संगीत] एक साधु का उपहास उड़ना और उन पर प्रहार करने का प्रयास करना क्षमा के योग्य नहीं आपने [संगीत] [संगीत] [संगीत] सहायता करो [संगीत]

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