[संगीत] [संगीत] अब इस संकट की घड़ी में आप ही मेरी सहायता कर सकते हैं वायु देव कुछ उपाय कीजिए वायदे कुछ उपाय कीजिए एक उपाय है तो शीघ्र बताइए वायु देव शीघ्र बताइए तुम समुद्र देव की शरण में जा सकते हो समुद्र देव किंतु वे देवराज इंद्र के विरुद्ध जाकर मेरी सहायता क्यों करेंगे वायु देव इस संसार को सबसे अधिक पीड़ित असुर करते हैं यदि तुम समुद्र में जाकर पाताल लो की उस सुरंग को ही बंद कर दो जहां से असुर बाहर आकर संसार को उत्पीड़ित करते हैं तो समुद्र देव तो तुम्हें आश्रय देंगे ही इंद्र देव भी तुम्हें जीवन दान दे देंगे [संगीत] प्रतीत हो रहा इंद्रदेव निकट ही है अब तो मुझे कहीं और भागने के लिए ना तो समय बचा है ना ही मुझ में अब शक्ति शेष है जाने क्या होने वाला है वायु देव यह तो विकट स्थिति उत्पन्न हो गई होगी फिर आप वहां से सुरक्षित कैसे बच के आ गए वास्तव में बड़ी ही विकट परिस्थिति थी किंतु उस संकट की घड़ी में वायु देव ने मेरा साथ दिया चिंता मत करो मे नाक तुम उड़ना आरंभ करो मैं अपनी शक्ति और गति से तुम्हें शीघ्र ही समुद्र तक पहुंचा देता हूं आभार वायु देव कदाचित मैं आपके इस उपकार से कभी उर्ण ना हो पाऊ तुम उर्ण हो सकते हो मैं नाक भविष्य में जब प्रभु श्री राम के कार्य को पूर्ण करने के लिए मेरा पुत्र इस समुद्र को ते हुए आगे बढ़ेगा तो तुम उसकी किसी प्रकार से सहायता कर देना जैसी आपकी आज्ञा वायु [संगीत] [संगीत] देव [संगीत] [संगीत] वायु देव आपने उस मैनाक को बचकर जाने में सहायता क्यों की इसीलिए देवराज कि मैनाक ने मुझे वचन दिया था कि वह समुद्र में जाकर पाताल लोक के उस मार्ग को बंद कर देगा जहां से असुर बाहर आकर उत्पात मचाते हैं मरण रहे मैना तुम तब तक ही मेरे वज्र से बचे रहोगे जब तक तुम असुरों के मार्ग को अरुत किए रहोगे [संगीत] जिस दिन तुमने उठने का प्रयास किया उस दिन तुम्हें मुझसे कोई नहीं बचा [संगीत] पाएगा इस प्रकार आपके पिता श्री वायु देव ने मुझ पर उपकार किया था महाबली हनुमान इसलिए मैं आपकी सहायता करने के लिए आया हूं मेरा आश्रय लेकर कुछ क्षण विश्राम करके मेरा उद्धार कीजिए हनुमान उद्धार तो मैं तुम्हारा करूंगा मैना देवराज इंद्र य इंद्रदेव तुमने पुन उड़ने का दुस्साहस किया है पूर्व काल में तो मैंने तुम्ह छोड़ दिया था किंतु अब तुम्ह मुझसे को नहीं बचा पाएगा मैना तुम्ह मेरे कोप का भाजन बनना ही [संगीत] पड़ेगा यह क्या देवराज इंद्र तो मुझ पर वज्र प्रहार करने जा रहे [संगीत] हैं [संगीत] हनुमान तो मेरे चलाए गए बज्र की ओर ही बढ रहा है हनुमान को मेरे वज्र का घात लग गया तो अनर्थ हो जाएगा [संगीत] हनुमान हनुमान [संगीत] [संगीत] हनुमान हे प्रभु यह तो अनर्थ हो गया हनुमान जैसे संसार के सबसे शक्तिशाली को क्ति नहीं पहुंचाना चाहता था मैं प्रभु श्री राम के कार्य को बाधित करने का दोष भी अब मुझे ही लगेगा हो इंद्र मैं नाक पे वार करे मध्य हनुमत आन गटे वज्र के अ धनी बजरंग बज्र सहो सब देखत दंग राम सियाराम सियाराम जय हनुमान राम सियाराम सियाराम जय हनुमान ये गाथा महाबली हनुमन की रुच करन की जय जय जय रघुनंद मदरा जय जय जय महाबली हनुमान जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली [संगीत] हनुमान प्रणाम देव राजेंद्र क्षमा करें मैंने आपके वज्र प्रहार को रोकने का प्रयास किया किंतु हनुमान तुम्हें क्षति पहुंच सकती थी मेरे वज्र की प्रहार से आप ही ने तो वरदान दिया था मुझे कि वज्र समान देह हो जाएगी मेरी आपके वज्र के प्रहार का मुझ पर कोई प्रभाव नहीं होगा मैं देवराज इंद्र मेरा वरदान है त आज से किसी भी वज्र का कोई भी प्रभाव तुम पर नहीं पड़ेगा तुम्हारी यह देह वज्र के समान सुदृढ़ हो [संगीत] जाएगी तुम्हें सुरक्षित देखकर अब मैं आश्वस्त किंतु तुमने इस भीरू मैना की रक्षा करने की अपने प्राणों की भी चिंता नहीं मेरी चेतावनी की उपेक्षा करके अपने स्थान से उड़कर इसने मेरा अपमान किया है देवराज मैनाक उड़ने की लालसा के कारण समुद्र से बाहर नहीं आए हैं [संगीत] इंद्रदेव आपकी अनुमति के बिना जल से बाहर आने के लिए मैं क्षमा प्राथ हूं देवराज मैं तो प्रभु श्री राम की सेवा में लगे हुए हनुमान जी को कुछ क्षण विश्राम दिलाना चाहता था किंतु मैं वचन देता हूं कि हनुमान जी की सेवा करने के पश्चात मैं अपने स्थान पर जाकर असुरों के पाताल मार्ग को अवरुद्ध करने के कार्य में सदैव के लिए पुन ड़ जाऊंगा मैनाक हनुमान की सेवा करके अप्रत्यक्ष रूप से तुम प्रभु श्री राम की ही सेवा कर रहे हो मैं देवराज इंद्र तुम्हें क्षमा करता हूं और अभय दान देता हूं मुझे प्रसन्नता है मेरे हाथों एक निर्दोष का वध होने से तुमने बचा लिया मेरा वरदान है तुम्हें और प्रभु श्री राम के समस्त भक्तों को कि जो भी प्रभु श्री राम की सेवा कभी भी किसी भी रूप में करेगा उसे उस पुण्य कर्म का फल उसी जन्म में प्राप्त हो जाए उसे अगले जन्म की प्रतीक्षा नहीं करनी मेरा आशीर्वाद है तुम अपने प्रयास में अवश्य सफल हो मैं धन्य हो गया देवराज आपको शतशत नमन [संगीत] अब मैं भी प्रस्थान करूंगा पर्वतराज मैनाक मुझे मेरे सौभाग्य से प्रभु श्री राम का जो महान कार्य सौंपा गया है मैं उसमें तनिक भी विलंब नहीं कर सकता अनुपम भक्ति एवं समर्पण के प्रतीक हनुमान जी पूर्व काल में आपके पिता श्री ने मुझे देवराज इंद्र के कोप से बचाया था आज आपने उनसे मेरी रक्षा की अब तो मैं और अधिक आभारी हो गया हूं आपका कुछ क्षण तो विश्राम कीजिए मुझे सेवा का अवसर दीजिए महाबली आपका अनुपम सेवा भाव ही पर्याप्त है पर्वतराज मैनाक पवन सुत आप प्रभु श्री महादेव के 11वें रुद्रांश हैं एवं देवेश्वरी पार्वती मेरी बहन है इस संबंध से भी मुझे आपकी सेवा करनी चाहिए आपकी सेवा प्रभु श्री राम की ही सेवा होगी जिससे मुझे मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी मुझ पर इतनी कृपा करें महाबली मैंने संकल्प लिया है पर्वतराज मैनाक कि प्रभु श्री राम का कार्य पूर्ण किए बिना मैं एक क्षण भी विश्राम नहीं करूंगा अतः क्षमा करें मुझे शीघ्र ही प्रस्थान करना है पर्वतराज मैनाक आपसे एक विनती है हनुमान आप मेरे पर्वत रूपी सतह पर अपना पैर रख छलांग लगाकर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाए हनुमान कदाचित आपके स्पर्श मात्र से मुझे मोक्ष प्राप्त हो [संगीत] जाएगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] किसी के उड़ते हुए आने की ध्वनि सुनाई दे रही है कहीं हनुमान आकाश मार्ग से अंगत को तो लेकर नहीं आ रहे [संगीत] हैं [संगीत] यह तो कोई विशाल काय पक्षी प्रतीत हो रहा है सावधान हो जाओ [संगीत] साथियों कौन हो तुम और किस प्रयोजन से यहां आए हो मैं शत्रु नहीं मित्र महाराज सुग्रीव जटायु का भ्राता संपाती हूं मैं मुझे जामवंत जी ने बताया कि मेरे चिरकाल मित्र महाराज दशरथ के पुत्र श्रीराम यहां ऋषिमुख पर्वत पर पधारे हैं मैं उन्हीं से भेंट करने आया हूं [संगीत] यहां [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] दशरथ पुत्र राम का प्रणाम स्वीकार कीजिए पक्षीराज संपाती जी [संगीत] राम श्री राम आपने मेरे भ्राता जटायु का अंतिम संस्कार करके मुझ पर बड़ा उपकार किया है हम गरुड़ इसके लिए जन्म जन्मांतर तक आपके आभारी रहेंगे संपाती जी पिता के मित्र पिता समान होते हैं अत जटाय जी का संस्कार करना मेरा पुत्र धर्म था और आभारी तो मैं हूं जटाय जी का उन्होंने दुष्ट रावण से मेरी भार्या सीता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे [संगीत] दिया मेरे समक्ष हाथ जोड़कर आप मुझे पाप का भागी मत बनाइए आप पड़े हैं [संगीत] मेरे आप मुझे आशीर्वाद दीजिए आशीर्वाद तो मेरा सदैव ही आपके साथ है श्री राम किंतु आपको मैं एक शुभ समाचार देने भी आया हूं महावीर हनुमान देवी सीता को ढूंढने हेतु समुद्र को लांते हुए लंका की ओर गए [संगीत] [संगीत] हैं और अब तक तो वह लंका के निकट पहुंच भी गए होंगे हनुमान समुद्र लांते हुए अदभुत है हनुमान के की क्षमता और यह कार्य हनुमान के अतिरिक्त किसी के वष का था भी नहीं श्री रामदूत हनुमान की जय महावीर हनुमान की जय पवन सुत हनुमान की जय रामदूत हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की जय हनुमान की ज हनुमान की ज [संगीत] अब तो बहुत ही कम समय शेष है एक माह व्यतीत होने में प्रभु श्री राम भी प्रतीक्षा में होंगे आशा है शीघ्र ही में यह कार्य सफलता पूर्वक संपन्न करके प्रभु श्री राम तक माता सीता की कुशलता का समाचार पहुंचा दूंगा [संगीत] जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम युवराज अंगद मामा जामवंत और नल नील आदि सभी साथी भी बड़ी आशा लिए समुद्र किनारे प्रतीक्षा में बैठे होंगे हनुमान कहां तक पहुंचे कुछ ज्ञात ही नहीं हो रहा है मित्रों मैं देखता हूं [संगीत] ना जाने कहां तक पहुंचे हैं हनुमान लंका पहुंच कर ही रुकेंगे वह अद्भुत शक्ति के स्वामी है हमारे मित्र हनुमान कुछ ज्ञान मुझसे भी ले लो गंध मादन जो सबसे ऊंची छलांग लगाएगा वही तो जान पाएगा कि हनुमान कहां तक पहुंचे और सबसे ऊंची छलांग तो मैं ही लगा सकता हूं लगाओ लगाओ तुम भी लगा लो [संगीत] छलांग अरे अब क्या हमारे ऊपर ही आकर गिरोगे ज्ञान दाता नील हटो सब एक [संगीत] और अरे अब यह तो बताओ कि हनुमान दिखे या [संगीत] नहीं ऐसे नहीं दिखेंगे मित्र हनुमान तुम सब ऐसा करो कि मुझे पूर्ण बल के साथ उछालो मैं देख के बताता हूं कि हनुमान कहां [संगीत] है हनुमान हनुमान हनुमान यह कौन है जो मुझे मेरे नाम से पुकार रही है कहां जा रहे हो प्रिय हनुमान तनिक [संगीत] ठहरो अब रुक भी जाओ ना अवश्य ही कोई मायावी शक्ति मुझे भटकाने का प्रयास कर रही है परंतु मैं नहीं रुकूंगा हनुमान मेरी सहायता करो संकट में हूं [संगीत] मैं तो यह है तुम्हारी सत्यता कार्य के मध्य बाधाएं आ सकती हैं उनका सामना करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए
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