[संगीत] चलिए देखते हैं ऋषि दुर्वासा स्वर्ग में क्या कर रहे [प्रशंसा] हैं कदाचित आपको स्मरण होगा महारानी शश पूर्व का में भी ये इंद्रलोक एक बार दुर्वासा के श्राप से श्री हीन हो चुका है ऋषिवर कैसे भूल सकते हैं हम आपके उस श्राप को संपूर्ण संसार जानता है किंतु क्षमा प्रार्थना के साथ मैं केवल आपको इतना बता सकती हूं कि देवराज इस समय स्वर्ग में नहीं है फ तपस्या के लिए गए हैं तो क्या मुझे कल्प वृक्ष को पृथ्वी पर ले जाने के लिए देव राजेंद्र के लौटने की प्रतीक्षा करनी होगी पृथ्वी के कल्याण के लिए मुझे कल्प वृक्ष के नीचे समाधि होकर तपस्या करना आवश्यक [संगीत] है ऋषिवर यह सम स्वर्ग यहां की हर वस्तु आप कहीं भी ले जा सकते हैं कल वृक्ष भी आप जहां चाहे वहां ले जा सकते हैं किंतु किंतु क्या महारानी सची ऋषिवर कल वृक्ष समस्त मनोकामना की पूर्ति करता है इसीलिए असुरी शक्तियां उसे प्राप्त करने का प्रयास करती रहती है मुझे केवल इतनी चिंता है कि पृथ्वी लोक पर इसकी रक्षा कौन कर पाएगा मेरे तपो बल पर प्रश्न चिन्ह लगाने का अर्थ समझते हैं आप दरवाजा हूं मैं संपूर्ण ब्रह्मांड की रक्षा कर सकता हूं और आप कल वृक्ष को लेकर चिंतित है क्षमा श्वर क्षमा आप तो सर्व समर्थ है मैं तो मात्र इसलिए चिंतित थी कि जब आप समाधि हो जाएंगे तो यदि कोई मायावी कल वृक्ष को चुराकर ले गया तो वे असीम शक्तियों के स्वामी हो [संगीत] जाएंगे ऋषिवर आप कल वृक्ष ले जा सकते हैं किंतु एक आग्रह है ऋषिवर उसकी सुरक्षा के लिए आप पहले किसी ऐसे महाबली योद्धा को नियुक्त करें जो राक्षसों से उसकी रक्षा कर सके कौन हो सकता है ऐसा महाबली योद्धा अनुमान अब करना मात्र इतना है कि किसी भी प्रकार ऋषि दुर्वासा को उस मर्कट की वरदानी शक्तियों के बारे में ज्ञात हो जाए दशानन रावण इतने षड्यंत्र रचते हैं आप एक षड्यंत्र और रच दीजिए जिससे ऋषि दुर्वासा के समक्ष उस मर्कट को अपनी शक्तियां प्रदर्शन करनी पड़ जाए अच्छा है महाराज बाले अब आपका भी मस्तिष्क आसुरी विचारों की तरह पनपने लगा है अच्छा है प्रभाव होने लगा है संगत का आप पर भी तो आप इस कार्य के लिए शुभ से शीघ्रम किसे भेजने वाले हैं लंकेश [संगीत] नरूपा [संगीत] हरि ओम हरि ओम हरि ओम नहीं नहीं यह क्या कहां आ गया मैं मायावी घन रूपा दशान लंकेश रावण को तुम्हारी आवश्यकता है प्रकट हो प्रणाम लंकेश्वर महाराज बली यह है महामा घन रूपा जो हमारा कार्य [संगीत] करेगा किंतु यह अपने भीतर कोई भी प्राणी को खींचने में तभी सक्षम हो पाता है जब वह प्राणी कोई खुले हुए स्थान में हो अर्थात कोई एक और चाहिए होगा जो घन रूपा के लक्ष्य को खुले क्षेत्र में ले आए वो भी है बल बला बल बल अति बल बल बला बल बल बल बला बल बल प्रणाम लंकेश प्रणाम महाराज [संगीत] बाली अब उस मर्कट को ऋषि दुर्वासा का को बाजन बनने से कोई नहीं रोक सकता युवराज हनुमान की जय वंकट मोजन महावली हनुमान की जय श्री नंदन हनुमान की जय युवराज हनुमान की जय वंकट मोजन महावली हनुमान की जय श्री नंदन हनुमान की जय युवराज हनुमान की जयट मोजन महावली हनुमान की जय श्री नंदन हनुमान की जय जय जयकार मत कीजिए मेरे लिए वाली भैया पर विजय पाना कोई गौरव का विषय नहीं [संगीत] है मैंने तो मात्र अपने पिता श्री और मां का वचन निभाया है और अपने भ्राता समान सुग्रीव भैया की रक्षा की [संगीत] है युवराज हनुमान आप ही के कारण आज अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय हुई है वन राज्यों को आपने एक बहुत बड़े संकट से बचा लिया है और पुनः धर्म स्थापित किया है [संगीत] [प्रशंसा] आपने आप सत्य कह रहे हैं पंपा सर नरेश इतनी कठिन परिस्थितियों के बाद भी हनुमान ने इस युद्ध में विजय प्राप्त करके यह साबित कर दिया है कि विजय सदैव धर्म के मार्ग पर चलने वाले की ही होती है मुझे गर्व है अपने पुत्र हनुमान का इतनी भीषण परिस्थितियों में भी इसने अपना संयम नहीं खोया और भले ही वाली ने उससे शत्रु वत का व्यवहार किया किंतु उसने सदैव ध्यान रखा कि वाली उसके बड़े भ्राता समान ही है हां मित्र तुमने जो किया है वो तो कोई नहीं कर [संगीत] सकता इतनी अल्पा आयु में तुमने कितने बड़े बड़े कार्य किए होंगे तुम तो हम सबसे बड़े हो गए हो मित्र नहीं गन मादन और नल मैं तो तुम्हारा वही हनुमान हूं मित्रों में कोई छोटा बड़ा नहीं होता तो मित्र तुम भी हमें अपने जैसे युद्ध कला सिखा दो ना जिससे आवश्यकता पड़ने पर हम भी धर्म और सत्य की रक्षा के लिए तुम्हारी भाति हम बड़े-बड़े कार्य कर [संगीत] सके हां हां मित्र सिखा दो हां मित्रों हां हां अवश्य मित्रों शुभ कार्य में विलंब कैसा हम आज से ही सबको प्रशिक्षण देना आरंभ कर देते हैं ये हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान आज अब देखना महाराज बाली यह अतिबल उस हनुमान की कैसे बल बला बल बल करता [संगीत] है महाराज आपने मुझे थप्पर क्यों मारा मुझसे कोई भूल हो गई क्या कोई भूल ना हो इसलिए इस मार को स्मरण रखोगे तो भूल से भी कोई भूल नहीं होगी और ध्यान रहे फिर भी कोई भूल हुई तो ना महाराज ली अब तो भूल से भी कोई भूल नहीं होगी आपने जैसा समझाया है य अतिबल वैसा ही करेगा बल बला बल बल ब [संगीत] [संगीत] ब मित्र मैंने अपने पग का प्रयोग सही से किया ना हां मित्र गंधमादन पहले अपने पगोंडलिया [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सुमेरू आते ही अति बल फस जाता है बल बला बल बल बहुत [संगीत] अच्छे मित्र आज के लिए इतना ही अब मैं क्लांत हो गया कुछ क्षण विश्राम कर लूं [संगीत] मित्रों हम लोग अभ्यास करते हैं हम इनमें से किसी एक को बाहर ले जाना है पर किसे ले जाऊ क्यों ना इस गन माधन को बाहर ले जाऊं बल बला बल बल हनुमान तो क्लांत ही नहीं होता मैं तो क्लांत भी हो गया और भूख भी लग [संगीत] गई अरे वाह आम्र [संगीत] फल ओहो मेरे खड़े होते ही ये लुड़क गया [संगीत] तुम लोग अभ्यास करो यह आम स्वत ही लुड़क रहा है गन माधन उसके पीछे जा रहा है ये काले मेघ अकस्मात ही कहां से आ गए ये मेघ नहीं मित्र गंद मादन उस आमरे फल का पीछा मत करो कन बादन मित्र बल बला बल बल बल बला बल बल अब तो महाराज बाली जाने या फिर वो घंडू चल बल बल बला बल [संगीत] बल शियो क्या तुम में से कोई किसी ऐसे महाबली योद्धा के बारे में जानता है जो राक्षसों से कल्प वृक्ष की रक्षा कर [संगीत] सके नरूपा ले ही आया उस [संगीत] मेरा पीछा छोड़ दे वानर माया राक्षस छोड़ दो मेरे मित्र को अन्यथा आज तुम्हारी मृत्यु निश्चित है केसरी नंदन [संगीत] हनुमान यह क्या कर रहे हो वानर तुम्हारे मित्र जैसे अनेकों प्राणी बंदी है मेरे इन मेघों में यदि तुम न्हे अपनी मुटिका में बंद करोगे तो इन सबका अंत हो जाएगा [संगीत] मित्र [संगीत] ऋषिवर [संगीत] हनुमान मित्र [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] वानर बालक धन रूपा के बंधन से सबको मुक्त कराकर तुमने उचित नहीं किया मैं तुम्हें और तुम्हारे मित्र को समाप्त कर दूंगा और साथ ही इन सबको भी जिन्हें तुमने मुक्त कराया है उनका भी अंत कर दूंगा अब तुम्हारे साथी नहीं बचेंगे वानर बालक ऋषि दुर्वासा किसी सोच में पड़े हुए हैं मेरे रहते तुम इनका कोई अहित नहीं कर पाओगे मायावी राक्षस [संगीत] हनुमान [संगीत] नर बालक हनुमत अतुलित बल के धामा मारुति सुगम सरल सब कामा शक्ति प्रहार करे घन रूपा विफल करे हनुमान था महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली ह ये क्या मेरा बार मुझ पर ही प्रहार करने वाला [संगीत] है जो कार्य मुझे सौंपा गया था वो तो हो गया पूर्ण अब इस वानर से युद्ध करने से क्या [संगीत] लाभ हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान प्रणाम ऋषिवर चले मैं [संगीत] इस वानर बालक ने राक्षस के बंधन से सबको मुक्त करा लिया यह रक्षा कर सकता है कल्प वृक्ष की गुरुदेव मैंने सुना है इनके बारे में यह सुमेरू के युवराज हनुमान हैं बड़े-बड़े राक्षसों का संहार किया है इन्होंने यह महाबली है इसे वरदानी शक्तियां भी प्राप्त है किंतु फिर भी क्या यह कल्प वृक्ष की रक्षा कर पाएगा मुझे स्वयं इसका प्रमाण जानना होगा शिष्य सज्जित हो जाओ हमें सुमेर की ओर प्रस्थान करना होगा सुमेरू मेरी योजना सफल होती दिखाई दे रही है मर्कट अब तुम्हें ऋषि दुर्वासा के शाप का भागी बनने से कोई नहीं रोक [संगीत] पाएगा
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