[संगीत] [संगीत] आ आप सभी को आपके पंख पुनः प्राप्त हो चुके [संगीत] हैं अभी आप सभी उड़ने का प्रयास कर सकते हैं जी आचार्य जी धन्यवाद [संगीत] सते उ स संकट मोचन महाबली हनुमान की जय संकट मोचन हनुमान की जय महाबली हनुमान की जय भवन सुत हनुमान की जय महारानी महाराज मेरे अंडों को बचाओ महारानी मेरे अंडों को बचाओ महारानी जी महाराज मेरे अंडों को [संगीत] बचाओ महाराज बाली मैं रिक्त हाथ नहीं आया हूं मैं उनसे छुपाकर उस दिव्य पंख का एक लघु अंश लेकर आया [संगीत] हूं य उसी अभिमंत्रित दिव्य पंख का लघु अंश है महानतम बाले भले ही इसकी शक्ति क्षीण हो गई है किंतु फिर भी आप इसकी दिव्य शक्ति के कारण उड़ सकते हैं उठ तो गया किंतु मैंने कहा था ना क्या अभी इसकी शक्ति क्षीण हो गई है फिर भी आप कुछ ऊंचाई तक तो पहुंच ही [प्रशंसा] [संगीत] गए सोचिए महाराज बाली सोचिए यदि वो पूरा दिव्य पंख आपको मिल जाए तब तब क्या होगा सोचिए किंतु उस दिव्य पंख के बिना इस पंख की लघु अंश की शक्तियां अपूर्ण है बाले दिव्य पंख के लघु अंश ने आपको एक स्तर तक उड़ने की शक्ति प्रदान की यदि आप उड़ने की उचित प्रशिक्षण पाले तो आप इसी दिव्य पंख के लघु अंश से पूर्ण रूप से उड़ भी सकते [प्रशंसा] हैं तो अब मुझे मुझ महानतम वाली को प्रशिक्षण लेना होगा उड़ने के लिए हां यदि आप उस वानर बालक के समान उड़ना चाहते हैं उस वानर बालक के समान शक्तियां प्राप्त करना चाहते हैं उस वानर बालक को परास्त करना चाहते हैं तो मोहंता मालि आपका प्रशिक्षण प्राप्त करना अति आवश्यक है और कौन देगा मुझ महानतम वाली को प्रशिक्षण खग विद्या के आचार वायु मार्गी ऋषि कुंभज सुस से श्रम तो मैं अभी इसी समय जाऊंगा उनके पास उतावलापन अच्छा होता है परंतु प्राय हानिकारक होता है स्मरण रहे ऋषि कुंभज से प्रशिक्षण प्राप्त करने के पूर्व ही आपको धैर्यवान भी बनना हो मरारी जी देखिए क्या हो गया बचाइए हमारे अ को हमारे अड को बचाइए ना क्या हुआ माता हमारे अंडे विषाक्त हो चुके हैं यह क्या अनर्थ हो गया अंडे विषाक्त हो गए ये क्या अनर्थ हो ग गया हे ईश्वर कितने कष्टों के पश्चात हमारे सुख के दिन आए थे अब पुनः दुख का पर्वत टूट पड़ा है हे ईश्वर और कितनी परीक्षाएं लेंगे हमारी हमारी इन अजन्मी संतानों ने ऐसा क्या अपराध किया था जो इनके साथ ये अनर्थ हुआ विश के प्रभाव से इनकी अस समय मृत्यु हो सकती है जब हनुमान ने मेघसर के उदर से इन्ह बचाया [संगीत] था तो हमारे मन में एक आशा जागी थी कि हमारा होने वाला भविष्य और हमारी होने वाली संतान दोनों सुरक्षित हैं किंतु हमें तनिक भी य आभास नहीं था कि हमारा भविष्य विषाक्त हो चुका [संगीत] है हनुमान आपने तो सबके संकट हरे हैं इन्हें भी मृत्यु के मुख से बाहर निकाल लाए हैं अब हमें आपसे ही आशा [संगीत] है कुछ कीजिए पुत्र अब आप ही हमें और इन्हें इस विता से बचा सकते [संगीत] हैं सब मेरे दुष्कर्म का फल है हे प्रभु मुझे दंड दे दो किंतु मेरी भावी पीढ़ी को बचा लो हनुमान अब अब आप ही इन विषाक्त हुए अंडों को निर्मल कर सकते हैं इन्ह विष मुक्त करने का हमें कोई मार्ग बताइए हा हनुमान इन अंडों को विष मुक्त करने का कोई तो उपाय होगा महाराज माताओं आज सबको हनुमान से विनती करने की कोई आवश्यकता [संगीत] नहीं हनुमान तो आपका पुत्र है [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ना महाराज एक समय जब मेरे पिता श्री और सारे मेरू वासी महाराज पंचवन के विष से प्रभावित हो गए [संगीत] [संगीत] थे तब उनका उपचार प्रवाल दप के शैल करनी पुष्प से हुआ था वि शल्य करणी पुष्प प्रवाल द्वीप हां महाराज उस विष के रस से सब स्वस्थ हो गए थे हो सकता है उस रस से यह अंडे भी विषम हो [संगीत] जाए मैं अभी वहां अकेले प्रस्थान करता हूं और ऋी कुंज तक पहुंचने के लिए सर्वप्रथम आपको प्रवाल द्वीप जाना होगा प्रवाल द्वीप रहते हैं ऋषिक कुंभज नहीं वह तो गुप्त चतुरंग पर्वत पर रहते हैं किंतु उसका मार्ग केवल एक ही मायावी असुर रा को पता है जो प्रवाल द्वीप पर रहता है किंतु हनुमान प्रवाल द्वीप पर तो त्रिश नामक एक भयानक मायावी राक्षस का अधिपत्य हो गया है और अब जो भी वहां जाता है उसे त्रिस के हाथों मृत्यु मिलती है भय के आगे विजय होती है सेनापति चित्रकेतु जी इन अंडों को विष मुक्त कराने के लिए मैं कोई भी विपदा का सामना कर सकता हूं हनुमान तुम अत्यंत बलशाली हो मेघसर जैसे बलशाली का तुमने अंत किया किंतु त्रि सिरा एक मायावी राक्षस है हम गरुड़ अपने स्वार्थ के लिए तुम्हें संकट में नहीं डाल सकते हनुमान महाराज जटायु करोड़ों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह करना आवश्यक है तो फिर मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगा हनुमान ठीक है दशानन तो मैं सर्वप्रथम प्रवाल द्वीप ही जाऊंगा त्रिस के पास बाली यह लघु हंश जितना अपने दिव्य पंख से दूर होता जाएगा उतनी ही इसकी शक्ति क्षीण होती जाए अतः इसकी दिव्यता समाप्त होने के पूर्व ही आपको इसे धारण करना होगा और प्रशिक्षण प्राप्त करनी होगी ठीक है दशानन मैं अभी ही प्रस्थान करूंगा उचित है तब तक मैं आपके लिए दूसरी शक्ति के समान शक्ति प्राप्ति का उपाय करता स्मरण रहे बाले आपको सूर्यस्त होने से पूर्व ही वहां पहुंचना होगा अन्यथा वह दिव्य पंख के इस लघु वंश की दिव्यता समाप्त हो जाएगी और फिर वह ऋषि भी आपको प्रशिक्षण नहीं दे पाएंगे [संगीत] शीघ्र भेट होगी दशानन एक नई उड़ान के साथ जो भी करना है शीघ्र कीजिए अन्यथा हमारे आने वाली पीढ़ी का विनाश निश्चित है हां यदि संध्याकाल तक इन अंडों का उपचार नहीं हुआ तो विष का प्रभाव इन अंडों के भीतर चला जाएगा फिर इन्हे विष मुक्त कराना असंभव हो जाएगा तो मैं शीघ्र ही प्रवाल द्वीप के लिए प्रस्थान करता हूं इन अंडों को भी साथ ले जाता हूं अंडों को साथ लेकर माता आप निश्चिंत रहे मैं इन अंडों को पूर्ण सुरक्षा के साथ लेकर जाऊंगा संध्याकाल से पूर्व इन्हें ले जाकर इनका उपचार करना भी तो आवश्यक है संध्या तक प्रवाल द्वीप पहुंचना है उस मर्कट का अंत करने के लिए मुझे उसके समान शक्तियां अर्जित करनी ही होंगी इसीलिए लंकेश रावण से भी मित्रता करनी पड़ी मुझ महानतम को किंतु उसके पूर्व सुग्रीव से भी कुछ कार्य कराना होगा [संगीत] सुग्रीव मैं जा रहा हूं कहीं किंतु उससे पूर्व एक आदेश है तुम्हारे लिए एक विशेष कार्य जो मेरे लौटने से पूर्व ही हो जाना चाहिए हो जाएगा क्या करना है काका केसरी हमारे बंदी ग्रह से बिना अनुमति के निकले हैं चुनौती है यह मेरे लिए तो आप कराना क्या चाहते हैं मुझसे सुमेरू पर अधिकार सुनो वो मर्कट गरुड़ राज्य की समस्या में उलझा होगा इसलिए इस समय तुम्हारा मार्ग निष्क है जाओ और सुमेरू को अपने अधीन कर लो और यदि काका केसरी तुम्हें रोके तो उन्हें भी समाप्त कर दो भैया पहले आपने पिता श्री को बंदी बनाकर सिंहासन पर अधिकार पाया मैंने कुछ नहीं कहा इसके पश्चात आपने काका केसरी को भी बंदी बना लिया तब भी मैंने कुछ नहीं कहा किंतु ऐसा [संगीत] आदेश नहीं मैं ऐसे आदेश का पालन नहीं [संगीत] करूंगा तुम्हारा इतना दुस्साहस मुझ महानतम वाली के आदेश को ठुकराओ ग तुम भैया भैया छोड़िए [संगीत] मुझे मेरे आदेश को ठुकराने का अर्थ है मृत्यु दंड एक दिवस एक दिवस का समय देता हूं तुम्हें मेरे आदेश का पालन हो जाना चाहिए अन्यथा मैं तुम्हें भी मृत्युदंड दे सकता हूं आप खड़े खड़े देख क्या रहे हो जाओ और जाकर मेरे आदेश का पालन [संगीत] करो ककट जी महाराज दृष्टि रखो सुग्रीव पर जो आज्ञ महाराज दशानन मैं आपसे यह जानना चाहता हूं आपको इस समस्त संसार पर राज करना है फिर ये तुच्छ वानर आपके समक्ष स्वयं को महानतम वाली महानतम वाली क्यों कहता फिरता है और लंकेश आप इसकी इतनी सहायता क्यों कर रहे हैं पीतल के स्वयं को सोना बोलने से पीतल सोना तो नहीं बन जाता इसे राजनीति कहते हैं कालनेमी राजनीति लोहा लोहे को काटता है वानर मानर को मारेगा यह बाली तो एक मात्र मेरे अस्त्र है और अभी मैं अपने अस्त्र को धार दे रहा हूं जिससे मैं उस वानर बालक को समाप्त करूंगा हनुमान मैं भी तुम्हारे साथ चलना चाहता हूं कदाचित मेरे पाप का बोझ कुछ कम हो जाए मैं भी आपके साथ चलूंगा भैया [संगीत] हनुमान धन्यवाद माताओं प्रणाम आप निश्चिंत रहे जब तक हनुमान है इन्हे कुछ नहीं [संगीत] [संगीत] होगा केशरे मति ी अपारा कोटि युगन तव चरित प्रसारा जो संकल्प करे मन माही पूर्ण करन कछु दुविधा ना सोच विचार करे बहु भाति धर्म रक्ष होवे केही भाति विदा लेत अंजनी के लाला लीला तुमरी विपुल [संगीत] विशाला [संगीत] h
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