Tuesday, 6 January 2026

सबसों ऊंची प्रेम सगाई - गीत Raj Kamal Mahabharat Song EP - 65 Pen Bhakti

[संगीत] सब सो ऊंची प्रेम [संगीत] सगाई सबस ऊंची प्रेम [संगीत] सगाई दुर्योधन के मेवा त्यागे दुर्योधन के मेवा त्यागे साग विदुर घर खाई सब सो ऊंची प्रेम सगाई [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] झूठे फल सबरी के खाए झूठे फल सबरी के खाए बहु विधि वाद बताई सबस ऊंची प्रेम [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सगाई प्रेम के बस नृप सेवा कीनी प्रे प्र के बस दप सेवा कीनी आप बने हरि नाई सबस ऊंची प्रेम सगाई [संगीत] [संगीत] राज सु यज्ञ युधिष्ठिर कीनो राज सु यज्ञ युधिष्ठिर कीनो ता में झूठ उठाई सब सो ऊंची प्रेम सगाई [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] प्रेम के बस पथ रथ हा क्यों प्रेम के बस पथ रथ हा क्यों भूल गए [प्रशंसा] ठक सबस ऊंची प्रेम [संगीत] सगाई ऐसी प्रीति बड़ी वृंदावन ऐसी प्रीति बड़ी वृंदावन गोपीन नाच नचाई सब स ऊंची प्रेम सगाई [संगीत] सूर कुर ही लायक नाही सूर कुर ही लायक ना कह लगी करो बड़ाई सब सो ऊंची प्रेम सगाई [संगीत] दुर्योधन के मेवा त्यागे दुर्योधन के मेवा त्यागे साग विदुर घर खाई सब सो ऊंची प्रेम सगाई ऊंची प्रे प्रेम [संगीत] सगाई ऊंची प्रेम सगाई [संगीत]

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