[संगीत] महानंदा प्रतिमा सनि क्या कर रहे है किसकी पूजा कर रहे हैं महाराज आपको तो मैंने इस माया जाल से निकाल दिया था फि उसके बाद भी आप उसी माया जाल में फस रहे हैं सव वेद उपनिषद ओम गण गण पतय [संगीत] नमः जय गणपति जय विनायक जय गणपति जय विनायका जय गणपति जय विनायका जय विनायक जय विनायक जय विनायक देवा जय विनायक जय विनायक जय विनायक देवा जय विनायक जय विनायक जय विनायक [संगीत] देवा मेरे गुप्त जर का भी वत कर दिया इसने काशी रेश अब इसका भी दंड तुम्ह अवश्य मिलेगा प्रभु मुझे क्षमा कर दीजिए मैंने आप पर विश्वास खोया आप पर संदेह करने का पाप किया है मैंने मुझे क्षमा कर [संगीत] दीजिए [संगीत] प्रभु विनायक ही हमारे नायक है आपकी कृपा के लिए संपूर्ण काशी लाय है दया करें प्रभु दया करें प्रम शर देव गौरी पुत्रम विनायकम भक्ता वासम स्मर नित्यम मा सिध प्रथमं वक्रतुंडम च एकदंत यकम यम कृष्णम बंगाम गजव कम चतुर्थ कम लंबोदरम पंचम चम विकट मेव सप्तम विघ्न राजेंद्रम भूम्र वर्ण तथा स्कम नवम भालचंद्र मुझे इस दुष्ट रांत रूपी संकट से निपटने की शक्ति प्रदान [संगीत] कीजिए राजन आपने मेरे संकटनाशक स्त्रोत का पाठ किया है इसलिए अब आपका संकट मेरा संकट है आप यही रुकिए अब मैं इस दुष्ट का सामना करूंगा प्रभु इस भक्त को आपकी सहायता करने का एक अवसर तो प्रदान कीजिए राजन आप समझ लीजिए आपका संकट दूर हो गया आप निश्चिंत होकर पुत्र के विवाह की तैयारी कीजिए श्री गणे शी श्री गणे अंतता तुम मेरे सामने आ ही गए बालक अपना अंत नहीं चाहते हो तो लौट जाओ नरान तक तुम्हारे जैसे दुष्ट पापी को पवित्र काशी नगरी में पाव रखने का भी अधिकार नहीं तुच्छ बालक कौन रोकेगा मुझे तुम ऐसी भूल कदा भी नहीं करना तुझे बालक अन्यथा तुम्हें स्वयं को क्षमा करने का अवसर भी नहीं मिलेगा और रही बात मुझे रोकने की तो तुम्हारा ये धम मेरे सैनिक ही तोड़ [प्रशंसा] देंगे नहीं सैनिको रुको मैंने ता देवांतक को वचन दिया है कि इस तुच्छ बालक का म मैं अपने हाथों से [संगीत] [संगीत] करूंगा [संगीत] देखो पुत्र मेरा हृदय बैठा जा रहा है अनिश की आशंका हो रही है कहीं ऐसा ना हो कि हम अपने पुत्र नारंका है बालक विनायक द्वारा रक्षित पवित्र नगरी काशी पर आक्रमण करने की भूल असाधारण पुत्रों के पिता के मुख से यह बातें शोभा नहीं देती नारायण तक त्रि देवों का भी सामना कर सकता है आप निश्चित हो जाइए वो वहां से अवश्य विजय होकर लौटेगा पुस्ते ना देवताओं से ना किसी योद्धा से इस बार उसका सामना महान और दिव्य ऋषि पुत्र विनायक से है तो क्या हुआ मां नारा तक का तपो बल पर्याप्त है उसके लिए व बालक कितना भी प्रयास कर ले किंतु नारा तक की शक्ति को नहीं भेज सकेगा वह ना ही उसका स्पर्श कर [संगीत] सकेगा अब शीघ्र मेरी विजय के साथ यह युद्ध समाप्त होगा बस रांत अब तुम्हारा समय आ गया है ये क्या य तो अपनी शक्ति सेरी शक्ति को बाध रहा है ये कैसे संभाव कर दिया इसने मत भूलो उस आकाशवाणी को जिसने विनायक को तुम्हारा काल घोषित किया था यदि व आकाशवाणी सत्य हुई तो महर्षि कश्यप और देवी अदिति के पुत्र के रूप में तुम्हारी मृत्यु का कारण अवतरित हो चुका है मुझे आकाशवाणी में नहीं अपनी और अपने भ्राता नारा की शक्तियों पर विश्वास है मैं आपको फिर से कह रहा हूं हम दोनों भ्राता हों की शक्तियों पर विश्वास कीजिए नहीं पुत्र मेरी आशंका भी बढ़ती जा रही है तुम अभी जाओ और रोको ना रां तक को इससे पहले कि वोह कोई मूर्खता करे और उसका सर्वनाश हो अब बत हुआ तुच्छ बालक अब बिना समय व्यर्थ किए एक ही बार में तेरा अंत कर दूंगा तुम एक ही बार में इस युद्ध का अंत चाहते थे ना रांत तो लो अब मैं इस युद्ध का अंत करता हूं अत करता ह चिता चिंता होती है पिता श्री और पिता की चिंता तो उस विनायक और उस काशी नरेश को होगी क्योंकि मेरे महान पराक्रमी भ्राता उन दोनों का शीष उनके धड़ से बिलक करके लौटने ही वाले होंगे ओम नमस्ते गणपत त्वमेव प्रत्यक्ष तत्व [प्रशंसा] मसी त्वमेव केवलम नेव केवलम [प्रशंसा] [संगीत] करता रम अवतारम अवतारम अवान जानम शिष्य पुत्र मेरा पुत्र पुत्र है जिसका भय था वही हो [संगीत] गया तुमने जो कुछ भी कहा ठीक उसके विपरीत हुआ है सब तुम्हारे अहंकार के कारण आज हमने हमारे पुत्र को खोया है ना तो विनायक के विरुद्ध जाते और हमें ये दिन देखना पड़ता तुम्हारा हड तुम्हारी मूर्खता कारण बने है मेरे पुत्र के अंत के तुमने अपने भ्राता को ही काल के मुख में ढकेल दिया है एक मां से उसका पुत्र छीन लिया है तुमने छीन लिया है उसका पुत्र तुम्हारे के का तुने हमारे पुत्र को खोया है मा से उसका पुत्र छीन लिया है तुमने बस माता बस पुत्र अपने भ्राता का कुछ तो सम्मान करो उसका अंतिम संस्कार तो होने दो पुत्र प्रभु महो कट विनायक की जय प्रभु महोट विनायक की जय प्रभु मतक विनायक की [संगीत] जय क्या हुआ महारानी अब आप क्यों चिंतित है महाराज अपने भ्राता के वध के बाद तो देवांतक और भी अपार शक्ति और बल के साथ आक्रमण करेगा और हम या हमारी सेना अभी उसका सामना करने के लिए तैयार नहीं है महारानी जब विश्वास में अविश्वास का विष मिल जाता है तब कितना भयंकर परिणाम होता है यह हम देख चुके हैं किंतु प्रभु ने अविश्वास का आवरण हमारे आंखों से हटा दिया है इसलिए अभी तनिक भी चिंता किए बिना अपने हृदय को प्रभु के चरणों में समर्पित कर [संगीत] [प्रशंसा] दो अब केवल दो ही नाम गूंज नारा तक और [संगीत] देवांतक [संगीत] कि मेरे महान पराक्रमी भता के आगे वो बालक कदापि नहीं टिक पाएगा जाके अंत कीजिए उस काशी नरेश और उसके साथ-साथ उसके रक्षक बालक का हम दोनों में से किसी को जाना ही होगा तो पहले मैं जाऊंगा तुम्हारे काल का नाम है ये महो कट विनायक तो क्या वास्तव में वह आकाशवाणी सत्य थी क्या वास्तव में वह बालक हम दोनों का काल [संगीत] है कौन है क्या हो रहा है ये सभी द्वार अपने आप क्यों खुल रहे हैं किसकी आहट है ये ओम नमस्ते ताय त्वमेव प्रत्यक्ष तत्व मसी त्वमेव केवलम करता से त्वमेव केवलम रता केवल क्या हुआ देवांतक पहचाना नहीं तुमने मैं ही हूं परम ब्रम मैं वो हूं जिसने तुम्हारे भ्राता का वध किया मैंने कहा था उससे लौट जाओ अपने पापों का प्रायश्चित करो किंतु उसने मेरी एक ना सुनी स्व तुम सावधान करने आया हूं धर्म को स्वीकार करो अधर्म का परित्याग करो अन्यथा तुम भी अपने विनाश के लिए तैयार हो जाओ तुम सावधान करोगे मुझे सावधान होने का समय तुम्हारा है भयभीत नहीं हुआ हूं मैं यदि तुम सब मिलकर भी मेरे समू खाओगे तब भी देवांतक तुम्हारा सामना करने के लिए तैयार है हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृ [संगीत] ह भ्राता मेरे भ्राता नारा तक लगता है भता श्री आपने मेरी मृत्य को लेकर कोई बुरा स्वपन देखा है भ्राता आप तो कुशल है हां भ्राता मैं तो बिल्कुल कुशल हूं किंतु आप कुशल नहीं लग आपकी मु पर थकान की रेखाए है एक काम करो स्नान करो मन अवश्य बदल जाएगा आओ मैं आपकी सहायता करता हूं यह चंदन तुम्हे सुख पहुंचाएगा भता श्री और तुम्हारी सारी थकान को सोख [संगीत] पलेगा राता देवात बहुत लंबे समय से सिंहासन पर आसीन हो अब थोड़ा विश्राम कर लेना चाहिए उचित रहे होराता विश्राम तो चाहिए मुझे कई दिनों से विनायक को लेकर मन में अनेक विचार आ रहे हैं और उन विचारों को शांत करना आवश्यक है भ्राता श्री किंतु अब सभी समस्याओं से मुक्त होने का समय आ गया है जाइए आपका बिछोना तैयार है विश्राम कर लीजिए क्या हुआ ता श्री चौक क्यों ग मृत्यु के बाद चिता ही तो शैया बनती है यही तो वो स्थान है जहां अंतिम विश्राम मिलता है मुझे तो मिल गया आओ अब तुम भी आ जाओ कोई नहीं है यह सत्य नहीं है यह मात्र एक स्वप्न है एक एक बुरा स्वपन मृत्यु के बाद चिता ही तो शैया बनती है यही तो वो स्थान है जहां अंतिम विश्राम मिलता है नहीं भ्राता विश्राम नहीं करूंगा मैं उन दोनों को कराऊंगा जब तक अपना प्रतिशोध पूरा नहीं कर लेता रुकने वाला नहीं हूं मैं आपकी चिता बुझने से पूर्व उन दोनों को चिता की अग्नि में चलने पर विश कर दूंगा मैं सावधान विनायक विनायक विनायक [संगीत] विनायक महाराज असुरों ने फिर से आक्रमण कर दिया है यह युद्ध के अंत का नाद है प्रभु वह दुष्ट विशाल आसुरी सेला के साथ आया है कृपया आप मुझे और मेरी सेना को अपने साथ जाने की अनुमति दीजिए विनायक आज तुम्हारे और काशी नरेश के साथ काशी को भी भस्म कर दूंगा मैं जब आप अपने भक्त को अकेला नहीं छोड़ सकते तब एक भक्त आपको अकेला कैसे छोड़ सकता है आप उचित कह रहे हैं राजन किंतु मैं अकेला कहां हूं मेरी माता का आशीर्वाद मेरे साथ है जो मेरे उद्देश्य के संपन्न होते ही मेरे लौटने की प्रतीक्षा कर रही [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] है उचित है माता मैं एक एक बार अवश्य लौट कर आऊंगा मुझे निराश नहीं करेगा वह और अब उसके आने का समय हो रहा [संगीत] है देवी आज दसवी बार इस प्रकार भाग कर आप द्वार पर आई है क्योंकि मुझे आभास हो रहा [संगीत] है कि मेरा विनायक लौट रहा है वो आने वाला है जिस प्रकार ईश्वर की भक्ति को एक नया जीवन देती है उसी प्रकार एक मां भी शून्य से हमें पूर्ण करती है वही हमारी प्रथम भगवान होती है और माता के आशीर्वाद के साथ काशी के रक्षक भी तो मेरे साथ होंगे माता बाराही और प्रभु काल भैरव भी मेरे साथ इन असुरों से काशी की रक्षा करेंगे [संगीत] काले विपरीत बु अपने भाई के समान चेतावनी मिलने पर भी तुम वही कर रहे हो जो अनुचित है जो तुम्हें तुम्हारे सर्वनाश की ओर ले जाएगा देवांतक नाश और सर्वनाश की चिंता नहीं करता वो कायर का कार्य होता है और मैं शब्दों से नहीं शब्द भेदी बाण से तुम्ह छल्ली कर दूंगा तुम्हारा काशी नरेश तो कदाचित मेरी सेना देकर भत हो गया देख देखो उनके सैनिक तो मन ही मन पराजय भी स्वीकार कर चुके हैं मूर्ख हो तुम और तुम्हारी मूर्खता भरा अहंकार तुम्हें भ्रमित कर रहा है जो सत्य है वो जानते हो तुम किंतु मानते नहीं तुम जानते हो तुम्हारा अंत मेरे जीवन का उद्देश्य है इसलिए यह मेरा युद्ध है जिसके लिए मैं प्रस्तुत हूं मूर्ख असुर विनायक को अकेला समझने की भूल मत करना अं कालिया सुर जिस प्रकार विश् की एक ही बूंद कलश के संपूर्ण जल को विषाक्त कर देती है उसी प्रकार तुम्हारे अहंकार ने अति विश्वास का विष तुम्हारे भीतर भर दिया है इसलिए तुम्हें तुम्हारी सेना की दुर्बलता नहीं दिखाई दे रही है किंतु तुम्हारे अहंकार बराती विश्वास अभी मिट जाएगा सेना को ही मिटाया है ना अभी देवान तक काम थोड़ी किया है और वो तुम कर भी नहीं सकोगे रुकिए माता वाराही रुकिए प्रभु काल भैरव यह युद्ध तो मेरी नियति है इसलिए मुझे अकेले ही इसका अंत करने की अनुमति [संगीत] [संगीत] दीजिए श्री [संगीत] गणे मेरे मायावी अस्त्र ऐसी माया दिखाएंगे कि तुम सदा के लिए अपनी मुख माया से मुक्त हो जाओगे [संगीत] देवात अभी भी समय है जिस प्रकार तुम्हारा यह मायावी अस्त्र कोई भी माया नहीं कर पाया विफल हो गया उसी प्रकार तुम्हारा विश्वास और अहंकार भी मिटने वाला है क्योंकि सदा से यही होता आया है बुराई पर अच्छाई की विजय तुम्हें अपने अंतर मन की बुराई और अच्छाई के युद्ध में बुराई पर विजय पानी है और इसके लिए यही उचित अवसर [संगीत] [संगीत] है बस सुपाल उपदेश नहीं युद्ध करने आया हूं साहस है तो मुझसे युद्ध करो विनायक तुमसे प्रतिशोध लेना है मुझे अपने भ्राता नारा तक के वद का प्रतिशोध जो बार-बार उचित सुझाव को नकार दे जो बुराई और अच्छाई का भेद ज्ञात होने पर भी बुराई के मार्ग पर ही चले जो अपनी मृत्यु सामने देखकर भी उसके मुख में प्रवेश करने को आतुर हो वो तो बस दया का पात्र बन सकता है शक्तिशाली है यह असुर किंतु अपनी शक्ति का प्रयोग सदा बुराई के लिए ही करता [संगीत] है [संगीत] आज तुम्हारे अंत के साथ इस यु कांत होगा बालक विनायक प्रभु बहु उत्कट विनायक इस पर प्रहार क्यों नहीं कर रहे [संगीत] हैं पुत्र अब तो मेरा धीरज चुक रहा है जब तक तुम नहीं आओगे मैं यही बैठकर तुम्हारी प्रतीक्षा करूंगी मेरी दृष्टि तुम्हारे मार्ग पर टिकी रहेगी मैं केवल इतना चाहती हूं कि जब तुम्हारे अवतार का प्रयोजन पूर्ण हो जाए बस एक बार अपनी माता से भेंट करने अवश्य आना पुत्र माता मेरी प्रतीक्षा कर रही होंगी मुझे शीघ्र अति शीघ्र इस युद्ध को समाप्त कर उनके पास पहुंचना चाहिए जय विनायक जय विनायक जय विनायक देवा जय विनायक जय विनायक जय विनायक देवा जय विनायक जय विनायक जय विनायक देवा जय विनायक हाथों में नहीं स्वयं इसके कर्मों पर आश्रित है मैं तो मात्र अपना कर्म करते हुए इसे अवसर दे रहा हूं जिससे इसे अपनी त्रुटि का आभास हो जाए अन्यथा इसकी मृत्यु तो निश्चित ही है माता माता क्या हुआ पुत्र तुम ठीक तो हो [प्रशंसा] [हंसी] क्या हुआ विनायक अपना दंत गवा बैठे अब क्या करोगे मेरे पास तो अनेको गदा आए हैं किंतु तुम अपना दूसरा धन कहां से लाओगे हस चुके देवान तक तो सुनो तुमने स्वयं मुझे अपने अंत का अस्त्र दे दिया अच्छा तो तुम्हारे दूसरे दंत से भी एक और अस्तु बना देता [संगीत] हूं शरा क स के मा जय देव जय देव श सुरारी रा चंदना की उटी धु के छरा ला शोभा तो बरा चुड़ चुड़ न पूरे चर कारिया जय देव जय देव जय देव ज [संगीत] देव विनाश काले विपरीत बुद्धि मैंने कहा था ना तुम भूल कर रहे हो किंतु यह तुम्हारे जीवन की अंतिम भूल हैव जय देव जय मंगल मूर्ति ओ श्री मंगल मूर्ति दर्शन मात्र मन कामना पूर्ती जय देव जय देव जय देव जय [संगीत] देव विलंब से ही सही बुराई पर अच्छाई की सदैव विजय होती है यह सार्वभौमिक और सार्व कालिक सत्य है
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