[संगीत] जय [संगीत] हनुमान जय श्री राम [संगीत] महा बली हनुमान जय हनुमान जय रघुवर राम जय हनुमान जय रघुवर राम जय हनुमान जय रघुवर राम प्रभु श्री राम जय हनुमान प्रभु श्री राम जय हनुमान प्रभु श्री राम जय हनुमान प्रभु श्री राम जय [संगीत] हनुमान प्रणाम गुरुदेव कल्याण हो गुरुदेव ये कलश इसमें सात समुंदर और सात नदियों का पवित्र जल है ये लीजिए [संगीत] और यज्ञ सामग्री वहां [प्रशंसा] [संगीत] है कौशल्या हनुमान यज्ञ सामग्री लेकर आया किंतु हनुमान महाराज यदि अयोध्या रक्षित हो जाएगा तो सुमेरो स्वत ही रक्षित हो [संगीत] जाएगा प्रभु श्री राम के कार्य में जगत का कल्याण निहित है [प्रशंसा] [संगीत] हनुमान महाराज आप मुझे आज्ञा दे मैं उन पिशाच को यहां से भगा देता हूं गुरुदेव [संगीत] [प्रशंसा] धन्यवाद लखन भैया आप इसे [संगीत] संभालिए पिशाच अब हनुमान आ गया है अयोध्या की रक्षा करने [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] हनुमान ये क्या इतने सारे वृक्ष कैसे रोकू मैं इन्हें आप सब अपना ध्यान यज्ञ पर केंद्रित [संगीत] करें [संगीत] हमें जो भी करना है शीघ्र ही करना होगा यदि यज्ञ पुनः शक्तिशाली हो गया तो हम उसके समीप भी नहीं पहुंच पाएंगे कुछ तो करना ही होगा [संगीत] हम पिशाच को कोई विफल नहीं कर सकता यज्ञ की शक्ति बढ़ने से पहले हम नारायण के अवतार को अपने साथ ले जाएंगे ये [संगीत] लो देखा मैंने कहा था ना कि हनुमान ही हमें संकट से मुक्ति दिलाएगा उचित कहा था आपने महारानी [प्रशंसा] कौशल यज्ञ का अंतिम चरण आरंभ हो चुका है अब राम को आहुतियां प्रदान करने के लिए आना [संगीत] होगा [संगीत] [संगीत] गुरुदेव शीघ्र रुको अब तुम कुछ नहीं कर पाओगे मैं तुम्हारे इस हवन को पूर्ण नहीं होने दूंगा हनुमान ने भले ही ऊपर का आक्रमण विफल कर दिया [हंसी] हो किंतु नीचे कुछ भी नहीं कर सकेगा [संगीत] कुछ ही क्षणों में इस समस्त यज्ञ मंडल धूल में मिल जाएगा यजत मंत्र मति हो गई तुम दोनों [प्रशंसा] की नहीं राजन यह युद्ध जीत और मंत्रा नहीं उनके भेष में पिशाच राज है क्या पिशाच हू मैं पिशाच राज और तुम्हारे इस यज को विवश कर दूंगा और तुम्हारे इस पुत्र को तुम्हारे नेत्रों के समक्ष उठाकर ले जाऊंगा मैं यहां से पिशाच राज मेघों के आने से सूर्यास्त नहीं होता शीघ्र ही ये यज्ञ बलवती होगा उसके पश्चात पृथ्वी आकाश पाताल छोड़कर तुम्हें भागना होगा अन्यथा भस्म हो जाओगे राम निर्भय होकर इधर आओ पुत्र तुम्हारे हाथ में रक्षा सूत्र है यह पिशाच राज तुम्हें स्पर्श भी नहीं कर पाएगा आ आओ यह लीजिए हनुमान भैया अभी मैं इहे अभिमंत्रित सूत्र से बंदी बनाता [संगीत] [संगीत] हूं नहीं ये क्या कर रहा है दोष वानर [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ मेरा ये अंतिम वार व्यर्थ नहीं जाएगा यग भस्म होकर रहेगा तुम सब कुछ नहीं कर पाओगे तुम सब कुछ नहीं कर पाओगे मेरे पिशाच धरती को खोखला कर रहे हैं शीघ्र अयोध्या नगरी धरती में दर जाएगी [प्रशंसा] पिशाच राज तुम्हें तो मैं बाद में देख लूंगा किंतु पहले नीचे वाले पिशाच से तो भेंट कर लू कैसे संभालू अंजना को क्या करूं इन पिशाच का सारी वर्जा भी अनियंत्रित हो रही है मेरा पुत्र कहां है मुझे मेरा पुत्र चाहिए मेरा पुत्र कहां है अंजना तूने मेरी पुत्री की ये नशा की मैं कुछ भी नहीं कर पा रहा हूं यदि हनुमान होता तो अवश्य कुछ [संगीत] करता मुझे शीघ्र इन पिशाच को परास्त करना होगा वहां सुमेरू में मां भी ना जाने कितने संकट में [संगीत] [संगीत] होंगी श्री राम आहुति आरंभ [संगीत] करें अरे यह वानर तो यहां भी आ गया तो पिशाच राज भी इधर ही है ल देखो तुम्हारे सामने यह पूरा यज्ञ मंडल नीचे आ जाएगा पिजों ने अयोध्या की अंदर की भूमि को पूर्ण रूप से नष्ट कर दिया है अयोध्या अब केवल एक ही स्तंभ पटका है [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] हो आप लोग भयभीत ना हो यज्ञ पर ध्यान केंद्रित करें और एक साथ मंत्र उच्चारण करें ओम सूर्याय नमः ओम सूर्याय नमः [संगीत] स्वा अब तुम कुछ नहीं कर पाओगे वानर सारी अयोध्या यज्ञ सर के साथ मिट्टी में मिल जाएगी नहीं [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] मेरी कदा मुझे तुम्हारी आवश्यकता है प्रकट हो [संगीत] लखन भैया प्रतीत होता है कि हनुमान भैया ने नियंत्रण कर लिया है स्थिति पर [संगीत] [हंसी] इस गदा पर स्थल को संभालेगा मूर्ख वानर पिशाच तुम इसे गिराओ मैं इसको संभालता हूं [प्रशंसा] ओते स्वाते नम ओ भू स्वाहा इतम नम तुम सब स्पर्श भी नहीं कर पाओगे नम [प्रशंसा] भ स् यह मत्र तो आ कर रही है चलो य [प्रशंसा] से आप चले पराज छोड़ दुष्ट छड़ दे [प्रशंसा] मुझे पिज राज का अंत ऐसे नहीं इनके समस्त शक्तियों के साथ इनका अंत करना होगा मुझे तभी अयोध्या के साथ-साथ सुमेरू भी सुरक्षित हो पाएगा मुझे जमा करना मां मैं विवश हूं ये करने छोड़ो मुझे अंजना अंजना जाने क्या होने वाला है हे ईश्वर आप भी कीजिए इस दुविधा से रक्षा न जाने कब होगा कैसे होगा इन पिशाच का अंत अंजना यह मंत्र शक्तिया हम पिशाच को बलहीनता देती है किंतु क्या हमारी शक्तियों के सामने नहीं टिक पाएगा वानर हे महा पेशा चिक शक्तियों मैं पिशाच राज तुम्हारा आवान करता हूं मुझे अतुलित बल का स्वामी बना [प्रशंसा] दो
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