[संगीत] [संगीत] यह लो राम तुम्हारा प्रिय भोजन दही चूड़ा बड़ी मां आ गई तो तुम्हारी बहन की कवि मुझे दीजिए राम भय मैं अपने हाथों से खिलाती [संगीत] हूं राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री [संगीत] राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम [संगीत] राम राम श्री राम श्री जय जय श्री [संगीत] रामम श्री राम श्री जय जय श्री राम राम श्री राम श्री जय जय श्री राम राम श्री राम श्री जय जय श्री राम राम श्री रामम राम राम [संगीत] क्या हो गया है मेरे पुत्र राम को ऐसा लगता है जैसे वो यहां रहकर भी यहां [संगीत] नहीं ना प्रिय भोजन दही चूड़ा देखकर भी उसके मुख पर प्रसन्नता का कोई भाव नहीं कब ठीक होगा मेरा [संगीत] राम तुम्हे हो क्या गया है राम तुम क्यों इतने उदास रहते हो ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान हनुमत लिखते राम का नाम मेघ वो जाते प्रभु के धाम राम देखते अपना नाम मन में मुदत हुए सुख धाम दूर है हनुमत अपने प्रभु से राम दूर है महा भगत से हनुमत राम मिलन की घड़ी करती सृष्टि प्रतीक्षा बड़ी बली हनुमत की ृ कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय [संगीत] [संगीत] मा जय राम राम जय राम राम जय राम राम राम जय राम राममय राम राम जय राम राम की ऐसी आकृति राम राम राम राम राम राम राम रामय राम रामय राम रामय राम राम जय राम राम जय राम राम जय राम राम सत्य बात आए तो जीवा कट जाए ये कैसी लीला है मेघों की ये मेघों की लीला हो या जिस किसी की भी उसने मेरे उदास राम के मुख पर प्रसन्नता ला [संगीत] दी उसे मेरा बहुत-बहुत [संगीत] धन्यवाद [संगीत] हरा [संगीत] ओम नम शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नम शिवाय देख लिया आपने अपने पुत्र की दशा कोवा क्या अब भी आप यही चाहती हैं कि इसी स्थिति में यहां रहे या मेरे साथ जाकर स्वस्त हो जाए अब हनुमान की दशा शौच हो चुकी है इसे स्वस्थ करने के लिए जो भी करना पड़े वो करना ही होगा अधिक विलंब अनर्थ का कारण बन सकता है महारानी [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] राम यदि यही एक मात्र उपाय हनुमान के स्वस्थ हो जाने के लिए तो इसे ले [प्रशंसा] जाइए किंतु इसे स्वस्थ अवश्य कर [प्रशंसा] दीजिए कि मेरे पुत्र पर ही नहीं मुझ पर भी बहुत ब उपकार होगा मैं पूरा प्रयास करूंगा भ विदा होने से पू एक बार इसे जी भर के निहारत ना जाने फिर कब भेट [संगीत] हो [संगीत] [प्रशंसा] नहीं जाइए दिया मैंने आपको दान रोते रोते दिए गए दान का कोई अर्थ नहीं होता ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर गता राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान मन पर रखकर भारी पत्थर पुत्र को अपने दिया दान कर अंजनि का अद्भुत [संगीत] बलिदान इसमें छिपा है जग कल्याण राममय हनुमत को पाकर हर्षित मन में गौरी शंकर जय हो राम राम की भक्ति बोलो जय जय अंजनी सुत की भगत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली [प्रशंसा] [संगीत] हनुमान बमा शीघ्र ही स्वस्थ हो जाती और जैसे वैद्यराज जी रखें वैसे ही रहना रहोगे [संगीत] [संगीत] ना [संगीत] [संगीत] अब हमें यहां से आगे की यात्रा आरंभ कर आप लोग अब वापस लौट जाइए ना [प्रशंसा] मेरे लाल एक बार अपनी मां को पलट कर तो देख लो मेरे तड़पते हृदय को शांति मिल जाए कि तुम्हें अपनी मां का स्मरण तो [संगीत] [प्रशंसा] है ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान कठिन तपस्या पाया सुत को अपने वचन से खोए उसको पुत्र ही था जीवन आधार शून्य हुआ मां का संसार सने भवन गली चौबारे मन में छाए है अंधियारे महादेव का खेल निराला माता के मन को मत डाला अंजना चलो वापस चलो हनुमान स्वस्थ होने के लिए गया [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] स्वामी देवाधि देव तो हनुमान को लेकर एक क्षण में सुमेरू से अयोध्या पहुंच सकते थे फिर वह साधारण मनुष्य की भांती पैदल क्यों चल रहे हैं उन्हें इस लीला की क्या आवश्यकता है प्रिय हनुमान के पास इस समय राम नाम का अमृत है जो महामंत्र है इसकी ध्वनि जहां भी गूंजती है वो क्षेत्र पवित्र हो जाता है यही नहीं राम की रक्षा के लिए रुद्र और रुद्रांश का एक साथ होना उनका दर्शन देव दुर्लभ [संगीत] है भले ही वो दर्शन वैद्य और वदनी के रूप में हो या देव के रूप में इस अमृत और इन दर्शनों का बहुत बड़ा पुण्य इस जगत को प्रदान करने के लिए ही शिवजी ने ऐसा निर्णय लिया है रुद्र और रुद्रांश के इन अभूतपूर्व दर्शनों को हमारा भी प्रणाम हमारा भी प्रणाम हमारा भी [संगीत] [संगीत] प्रणाम ओ शिवजी के कांधे पे बैठ के हनुमत जाते अपने राम के द्वारे जाते अपने राम के द्वारे जगदंबा की पावन छाया में राम मई अंजनी दुलारे राम मई अंजनी दुलारे को नहीं जानत है जग में कपी संकट मोचन नाम तिहारो संकट मोचन नाम तिहारो भेष बनाकर ब्रह्मा जी आए राम का नाम वो भी उच्चार राम का नाम को भी उचार रुद्र बने रुद्रांश के वाहन दृश्य ये पावन देखन हारे दृष्य ये पावन देखन हारे शिवजी के कांधे पे बैठ के हनुमत शिवजी के कांधे पे बैठ के हनुमंत जाते अपने राम के द्वारे को नहीं जानत है जग में कप संकट मोचन नाम तिहारो संकट मोचन नाम [संगीत] तिहारो दर्शन हेतु देव गण आए जात त्रिमूर्ति के पंथ निहारे जात त्रिमूर्ति के पंथ निहारे त्य करे और बजावे चाहिए कौन विचार विचारे चाहिए कौन विचार विचारे मन नमन राम मन रमन राम मन मगन राम मन गगन राम मन नमन राम मन रमन राम मन मगन राम मन गगन राम मन नमन राम मन रमन राम मन मगन राम मन गगन राम मन रमन राम मन रमन राम मन गगन राम मन ग गन राम मन नमन राम मन रमन राम मन मगन राम मन गगन राम हिय हरन राम जह चरण राम लई लगन राम गई अन राम सब शरण राम सब समन राम मन सुरत राम मन भगति राम सब सकति राम यह जगत राम मन नमन राम मन रमन [संगीत] राम मन नमन राम मनम राम मन मगन राम राम राम [प्रशंसा] राम महादेव रुद्र के कांधे पर रुद्रांश ऐसे अभूतपूर्व दृश्य को देखने से हम रोक आप सबके इस मनोहारी दर्शन से हम भी धन्य हो गए आप सबको [संगीत] प्रणाम शिवजी के कांधे पे बैठ के हनुमत शिवजी के कांधे पे बैठ के हनुमंत जाते अपने राम के द्वारे को नहीं जानत है जग में कपी संकट मोचन नाम प हारो संकट मोचन नाम [संगीत] तिहारो [संगीत] राजन एक बात का विशेष स्मरण रहे अवश्य गुरु बताइए इस य की अग्नि की पवित्रता का विशेष ध्यान रखना अगनि के माध्यम से हम जो भी वस्तु आहुति में अर्पण करेंगे सीधा देवताओं तक पहुंचता है तब यज्ञ का उत्तम फल प्राप्त होता है किंतु यदि भवन सामग्री या यज्ञ की अग्नि में अशुद्ध वस्तु सामिष पदार्थ डाल दिया गया यज्ञ भंग हो सकता है राम के युवराज बनने के लिए यज्ञ का फल प्राप्त नहीं हो सकेगा [संगीत] ऐसा ही होगा गुरुदेव मैं और मेरे समस्त कर्मचारी पूर्ण सजगता के साथ इस बात का ध्यान रखेंगे कि इस यज्ञ में किसी भी प्रकार का विघ्न उत्पन्न ना हो और साथ में इस यज्ञ की पवित्रता भी बनी रहे प्रणाम शुभम मंत्र सुमंत यद्ध जी जी महाराज समस्त सेवकों को पूर्णत सजग रहने का आदेश दे दीजिए हवन सामग्री आदि की शुद्धता के ऊपर विशेष ध्यान दिया जाए जय श्री अवश्य ऐसे ही [संगीत] होगा यज्ञ तो भंग होकर रहेगा गुरु वशिष्ठ मेरे भरत के रहते राम को युवराज बना दिया जाए वो भी मात्र इस कारण कि वह भरत से कुछ ही क्षण बड़ा है मैं ऐसा कदापि नहीं होने [संगीत] दूंगी
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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
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