Wednesday, 7 January 2026

हनुमान जी ने असुर पर किया वज्र से प्रहार Nirbhay Wadhwa Mahabali Hanuman Episode Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] आ मैं तुझे छोडूंगा नहीं [प्रशंसा] [संगीत] वानर या [प्रशंसा] आ रश्म मंत समदम देवासुर नमस्कृत्य पूज य स्व विवस्वत भास्कर भुवनेश्वर अगर हनुमान नहीं आया तो मित्रों बड़ा अनर्थ हो जाएगा किंतु मेरा मन तो कहता है कि हनुमान लौटकर आ ही जाएगा केसरी के लोका तरण का अर्थ है हनुमान की पराजय पिता के बिना निर्बल हो जाएगा हनुमान और दूसरी ही ओर उस नारायण के नर अवतार का वद तो मैं स्वयं अपने ही हाथों से करूंगा गति और बढ़ा लो [प्रशंसा] पुष्पक इशा परिवर्तित करते हुए सीधे तुंग राज्य की ओर ले लो [संगीत] पुष्पक देवराज जी यह लीजिए आपका वज्र [संगीत] अद्भुत पराक्रम है हनुमान का धन्यवाद पुत्र हे इंद्रदेव आपके हाथ से छूटे हुए वज्र से हनुमान ने इंद्रलोक की रक्षा की है इसलिए इस वज्र के अधिकारी अब हनुमान भी है और इस विजय ध्वजा के भी जो इनकी वीरता के सम्मान में लहरा रही है हनुमान इस आकाशवाणी के अनुसार आज से तुम भी वज्रधारी कहलाओगे वज्रधारी [प्रशंसा] [संगीत] कहला ये लो [संगीत] पुत्र [संगीत] और यह विजय की ध्वजा भी तुम्हारे हाथों में ही शोभा देगी पुत्र इसे धारण करो [प्रशंसा] पुत्र हे संकट हारी हनुमान आज से तुम भी हाथ वज्र और उ ध्वजा धारी भी कहलाओगे हाथ व्र और ध्वजा धारी भी कहलाओगे हाथ व्र और उ ध्वजा धारी भी कहलाओगे धारी भी कहलाओगे [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान हनुमत ने पाया रूप अनूप बने हैं परम शक्ति स्वरूप विद्युत सुर का किया संघार मिला उन्हें नव शक्ति उपहार हनुमान के हस्त है साजे हाथ वज्र और ध्वजा बिराजे प्र त है बन पाप के काल धारण किया यह रूप विशाल ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान ना जाने ईश्वर की क्या इच्छा है हनुमान ठीक आ जाओ [संगीत] पुत्र महाराज केसरी अब आप अपना अगला पक बढ़ा सकते हैं नहीं पुत्र केसरी लौट आइए मत कीजिए ऐ लौट [प्रशंसा] आइए हे प्रभु अरे बड़ी महारानी मानी मा को क्या हु महारानी को क्या हुआ मनी उठनी [संगीत] उठनी [संगीत] दशान अभी अभी सूचना मिली है जिन असुर योद्धाओं की मृत्यु उस नारायण के हाथ लिखी है उनमें से एक असुर मारा गया यह सब क्या है यहां तो मात्र अवादी है परंतु काल ने हमें वो रक्ष योद्धा कहां है मुझे उस रक्ष योद्ध की मृत्य दे चाहिए बलाकर दो मुझे काने में जब तक मैं उस रक्ष योद्धा को मृत अवस्था में नहीं देखूंगा मुझे विश्वास कैसे होगा कि नर रूपी नारायण के बारे में ज्ञात हो गया है [संगीत] मेरे [संगीत] लाल [संगीत] स प्रणाम देव गुरु आयुष्मान अब तुम्हें अभिल सुमेरू के लिए प्रस्थान कर लेना चाहिए वहां सब तुम्हारी प्रतीक्षा में होंगे जो आा देव [संगीत] गुरु आओ हनुमान प्रस्थान करते हैं जी देवराज जी [संगीत] चलिए लंकेश वो देखिए रक्ष योद्धा विं का कटा हुआ शीष [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] लंकेश यह विग का शीष है जिसने अपने प्राणों का त्याग किया है ताकि हमें यह ज्ञात हो जाए कि वह नर रूपी नारायण कहां [संगीत] है रक्ष योद्धा विं तुम्हारा यह कटा हुआ शीष इस बात का संकेत है कि नर रूपी नारायण उपस्थित है प्रसन्न कर दिया तुमने रावण को यदि तुम जीवित होते तो रावण स्वयं तुम्हें इस कार्य के लिए स्वर्ण से तोल देता परंतु यदि तुम जीवित होते विनत तो नर रूपी नारायण के बारे में ज्ञात कैसे हो पाता लंकेश [संगीत] लंकेश यह क्या रकेश शीष धर से जुड़ [संगीत] गया प्रणाम लंकेश प्रणाम का ने तुम जीवित कैसे हो गए दिगंत मेरी मृत्यु मात्र नारायण के नर अवतार के हाथों ही हो सकती है और जिससे मेरा युद्ध हुआ था वह कोई अन्य योद्धा था नारायण का नर अवतार नहीं जिसने मेरा शीष काटकर दूर गिरा दिया था जो किसी अन्य मृत देह में फस गया था इसलिए यह धर से नहीं चुड़ पाया [संगीत] था यह नहीं हो सकता तुम्हारा जीवित होना इस बात का संकेत है कि जिससे तुम्हारा युद्ध हुआ वो नर मरूती नारायण नहीं था चले स्वर्ग से संकट मोचन भावुक सब भर आए लोचन बीते समय का करेंगे ध्यान स्मृति में सदा रहेंगे हनुमान ये गाथा महाबली हनुमत की रुच करल लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान हनुमान अब तुम शीघ्र ही अपने पिताजी से मिलोगे हां पिता श्री नानी मेरे सारे मित्र और सारी प्रजा सब मेरी प्रतीक्षा कर रहे हो [संगीत] आज मैं सबसे जाकर मिलूंगा है ना [संगीत] मां मां आपके मांग के सिंदूर की लाली मां तो बहुत कम हो गई है यह क्या हो रहा है मेरी मांग का सिंदूर सिंदूर की लाली मां धो में हो रही है यह कोई अशुभ संकेत तो [संगीत] नहीं क्या हुआ आप एकाएक चिंतित क्यों हो उठी मुझे तुम्हारे पिताश्री की चिंता हो रही है व सकुशल तो होंगे ना मां आप चिंता मत करिए पिताश्री सकुशल ही होंगे आप वहां इतने दिनों बाद जा रही हैं ना इसीलिए आपको ऐसा लग रहा है और हम कुछ ही क्षणों में वहां पहुंच जाएंगे मातली जी क्या आपके इस विमान की गति और नहीं बढ़ सकती हनुमान आपके जैसा वेग नहीं है इस विमान में धीरज रखो हनुमान हम शीघ्र ही पहुंच जाएंगे आप चिंता मत कीजिए देवी अंजना सुमेरू में सब सकुशल ही [संगीत] होंगे जय लंकेश क्या है दूत मुझे संदेह हो रहा है कि तुम भी अशुभ समाचार लेकर आए हो लंकेश विद्युत असुर का वध कर दिया है हनुमान ने और अब वो सुमेरू की ओर लौट रहा है क्या जता सुर को तो भेजा गया था कि वो हनुमान को सुमेरू लौटने से रोके युद्ध में उलझा रखे किंतु लंकेश कदाचित केसरी को यह ज्ञात नहीं है कि हनुमान सुमेरू लौट रहा है केसरी ने यह प्रण लिया है कि यदि सूर्यास्त के पूर्व हनुमान सुमेरू नहीं लौटा तो वो लोका कर सूर्य तो अभी आधा ही अस्त हुआ है यदि हनुमान तीव्र गति से सुमेरू पहुंच गया तो बचा लेगा केसरी को कालने जी लंकेश तुम अभी के अभी अपने मायावी बादलों से सूर्य को ढक करके सूर्यास्त का भ्रम उत्पन्न करो जिससे केसरी शीघ्र ही लोका तरण कर ले जी लंकेश उस वानर को मा तो मिल गई परंतु पिता पिता नहीं मिलने देगा रावण अवश्य लंकेश ऐसा ही होगा विं जब तक वह नर रूपी नारायण नहीं मिल जाता तुम अपना आतंक और बढ़ा दो मार काट और बढ़ा दो जो आजा [संगीत] लंकेश मायावी बादलों प्रकट हो प्रकट [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] हो महाराज रुक जाइए महाराज महाराज [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] हम क्या होता है इतने सारे काले बादल इतने काले बादल तो मैंने कभी देखे ही [संगीत] नहीं यह बादल सावधान हनुमान यह मात्र काले बादल नहीं है यह किसी काले मन वाले के रचाए गए काले मायावी बादल मायावी बादल [संगीत]

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

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