[संगीत] [संगीत] पत्र हनुमान चलो कुछ खा [संगीत] लो [संगीत] राम [संगीत] राम अरे अरे वहां कहां धरती पर बैठे हो पुत्र अपना आसन ग्रहण करो [संगीत] राम राम [संगीत] [संगीत] अंजना आज हनुमान मां के हाथों से मिष्ठान खाएगा अच्छा हनुमान यह बताओ सूर्यदेव के गुरुकुल में क्या क्या सीखा राम राम राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्रीराम श्री राम श्री रामम राम ी राम रा तुम कुछ खा क्यों नहीं रहे हो [संगीत] पुत्रम राम राम श्रीम हनुमान को शिक्षा के साथ-साथ वो मंत्र भी मिल चुका है जो इसके भावी जीवन को सफलता प्रदान करे बस आप इसका ध्यान [संगीत] रखो कुछ तो हुआ है हनुमान को अन्यथा मेरे हाथों से भोजन ना खाए यह तो असंभव है राम राम [संगीत] चिंता मत करो अंजना हनुमान अभी सूर्यलोक से आया है वहां देवी सञ के हाथ के दिव्य पकवान खाए होंगे उसने इसलिए हनुमान अभी कुछ नहीं खा रहा है ना जाने क्या हुआ है इसे [संगीत] होना क्या है वहीं से भोजन करके आया होगा कोई बात नहीं अब हनुमान को सुनाएगी कहानी हनुमान की नानी [संगीत] राम कुछ तो खा लो पुत्र भूख लगी होगी रा तुम्हारी रुचि के मिष्ठान बनाए हैं लड्डू खीर देखो [संगीत] राम अच्छा पुत्र अगर कुछ नहीं खाना है तो विश्राम कर लो [संगीत] राम राम [संगीत] राम बालकों के वद का परिणाम शीघ्र ही आने वाला है मेरे शक्तिशाली रक्ष योद्धा कल तक उस नर रूपी नारायण के बारे में ज्ञात कर ही [संगीत] लेंगे अवश्य लंकेश उन 11 योद्ध ने सारी पृथ्वी पर आतंक बचा रखा है जो भी नर्व बालक दिखता है हम उसे मृत्यु के घाट उतार देते हैं बस अब उत्तर पूर्व के कुछ क्षेत्री बचे हैं सर्वोत्तम कार्य कर रहे हैं रक्ष योद्धा रूप नारायण अब तेरे जीवन के बस कुछ ही दिन शेष [संगीत] है जय लिके महाराज महाराज हम हनुमान को खेलने के लिए ले जा सकते हैं भूख लगी तो आकर भोजन कर लेंगे हां यह ठीक है हम हनुमान को खेलने ले जाते हैं किंतु हनुमान इतने दिनों के पश्चात लौटा है मैं तो कब से प्रतीक्षा कर रही हनुमान आएगा तो उसे यह खिलाऊंगी उसे वो खिलाऊंगी कुछ समझ में नहीं आ रहा युवराज आखिर करना क्या चाहते हैं अच्छा हनुमान से ही पूछ लेते हैं कि उसकी क्या इच्छा है [संगीत] ये हनुमान कहां गया हनुमान उठकर चला गया और हमें ज्ञात भी नहीं हुआ हनुमान पुत्र [संगीत] हनुमान हनुमान मां कुछ पता चला नहीं यहां तो नहीं है हनुमान पुत्र कहां हो तुम नहीं हनुमान उस कक्ष में भी नहीं है और शोर भी नहीं दिखाई दिया हनुमान हनुमान उस कक्ष में [संगीत] है द्वार बंद कर लिए हनुमान ने हनुमान पुत्र हनुमान द्वार खोलो हनुमान कुछ बोल रहा है अजने राम नारायण नारायण बहुत प्रसन्न हो रहे हो लंकेश अवश्य ही किसी कार्य की सिद्धि होने वाली है सिद्धि हां सिद्धि होने वाली है बहुत समय से जिसे ढूंढ रहा हूं वो सामने आने वाला है और छुप करर नहीं रह सकता वो राम [संगीत] राम हनुमान इतने अंधेरे में क्यों बैठा है क्या हुआ है उसे अरे कौन है जो लंकेश से छुप सकता है ओ लिया विष्णु उसने छुपकर इस धरती पर कहीं जन्म ले लिया है ुक पल रहा है वो इस धरती पर तू अब मेरे रक्ष योधा उसे कल तक ढूंढ निकालेंगे नारायण नारायण लंकेश इतनी सी बात के लिए ते तक की प्रतीक्षा क्यों करनी मैं ही बता देता हूं उससे ही पूछ लेते [प्रशंसा] देवर्ष जिस प्रकार जल जल को नहीं सुखा सकता अग्नि अग्नि को नहीं बुझा सकती उसी समान नारायण नारायण चपने वाला नारद नारायण का पता कैसे बता देता मुझसे तो जो भी पूछता है मैं तो उसे बता देता हूं नारायण के बारे में कदाचित पूछने वाले का कुछ भला ही हो जाए और फिर नारायण को किसी से छुपने की क्या आवश्यकता है जानना चाहते हैं कौन है नारायण का अवतार कहां जन्म लिया है नारायण [संगीत] ने अयोध्या नरेश दशरथ के जेष्ठ [संगीत] पुत्र [संगीत] [संगीत] आ राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम अयोध्या नरेश के जय पुत्र क्यों कोई संदेह है क्या मेरे कथन पर नहीं परंतु आप बात हमेशा घुमा फिरा कर करते हैं छल छिद्र [संगीत] वाली इसमें छल छिद्र क्या मैं तो पहले ही कुम करण को नारायण के अवतार के बारे में बता चुका हूं यदि छुपाना होता तो पहले ही नहीं बताता नारायण नारायण यदि यह सत्य है तो महादेव की सगन कल ना अयोध्या रहेगी और ना ही वो नर रूपी नारायण नारायण [संगीत] रा [संगीत] राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम श्री राम राम राम राम राम राम राम राम देख दीक्षा समारोह के निमंत्रण पत्र पर अपने हथेलियों छाप के स्थान पर भी राम नाम लिख दिया है सर्वत्र राम ही राम अवश्य हनुमान को कुछ हो [संगीत] गया [संगीत] हनुमान मेरे [संगीत] लाल स्वामी हनुमान तो लगता है भूख प्यास आदी सब कुछ खुला बैठ कदाचित अपनी मां को भी भुला दिया [संगीत] हैय कैसी शिक्षा लेकर आया राम प्रभु श्री राम जय हनुमान प्रभु श्री राम जय [संगीत] हनुमान राम नाम की शिक्षा के विषय में मतंग ऋषि ही बता सकते हैं पिछली बार भी उन्होंने हमारी सहायता की थी हम कल प्रात ही मतंग ऋषि के आश्रम च [संगीत] प्रणाम ऋषि प्रणाम ऋषि कल्याण हो [संगीत] राम राम राम राम देखिए ना ऋषिवर जब से हनुमान लौट करर आया है राम नाम की रट लगा कर रखी है ऐसा लगता है किसी ने सम्मोहित कर दिया हो या किसी व्याधि से ग्रस्त हो राम रामराम राम राम जय राम राम जय राम सियाराम राम राम राम राम ह राम जय राम राम जय राम रामय राम राम जय राम राम जय राम राम राम राम राम राम राम राम जय राम राम जय राम राम जय राम राम जय राम राम राम राम राम जय राम राम जय राम राम जय राम राम जय राम राम राम कीय महाराज केसरी यह व्याधि नहीं उपलब्धि है सर्व पाप ताप हारी दुर्लभ मंत्र है यह प्रभु राम का नाम किंतु ऋषिवर कब तक ऐसे सम्मोहित सा रहेगा मेरा हनुमान पुत्री अंजना राम का नाम तो तन से धो दिया किंतु हृदय में जो राम नाम अंकित हो गया है उसे धोना असंभव है राम का नाम तो तन से धो दिया किंतु हृदय में जो राम नाम अंकित हो गया है उसे धोना असंभव है हनुमान को राम की भक्ति से कोई भी नहीं डिगा सकता बस प्रतीक्षा कीज सब मंगल होगा कोई अवश्य आएगा हनुमान को स्थिति से निकालने के लिए [संगीत] जय हनुमान जय रघुवर राम जय हनुमान जय रघुवर राम जय हनुमान जय रघुवर राम मन हनुमंता राम विराजे रोम रोम में राम ही छाजे राम राम में राम ही छाजे हृदय में बसे हनुमंता राम नयन में हनुमत साज राम नयन में हनुमंत साजे नर रूप धारी जगत उधारी नारायण है राम संकट हारी असुर संघी रुद्रा अवतारी हनुमान जय श्री राम बोलो केसरी नंदन जय हनुमान प्रथम मिर हनुमान लाला संग जय श्री राम जय श्री राम बोलो केसरी नंदन जय हनुमान प्रथम मिलन हनुमान लाला संग जय श्री राम जय श्री राम बोलो केसरी नंदन जय हनुमान जय हनुमान जय जय हनुमान जय हनुमान जय हनुम जय श्री राम केन ज श्री राम श्री रामन जयराम प्रभु श्री राम जय हनुमान प्रभु श्री राम जय [संगीत] हनुमान
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