Wednesday, 7 January 2026

हनुमान जी ने युद्ध को कैसे रोकेंगे Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 280 Pen Bhakti

[संगीत] महाराज टाइयों नागों को संदेह है कि आपने नागराज पंच भन का अपहरण किया है यदि आपकी अनुमति हो तो उनके प्रतिनिधि स्वयं यहां आकर देख ले कि नागराज पंचन यहां नहीं है उनकी सेना हमारी सीमा के बार खड़ी है उनके प्रतिनिधि को हम अपने राज्य में नहीं आने देंगे असंभव है ये मेरे विचार से हमें आम सहमति के आधार पर निर्णय लेना चाहिए महाराज राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सेनापति को अधिकार होता है इसमें आम सहमति की कोई आवश्यकता नहीं है वाह चित्रकेतु जी अपनी सुविधा अनुसार कभी आप आम समिति की बात करते हैं तो कभी राज भक्ति की परंतु अब ऐसा नहीं होगा परिस्थिति चाहे जैसी भी हो पर नियम एक ही रहेंगे इस निर्णय को लेने का अधिकार हम गरुड़ राज के सभी नागरिकों के पास होगा मुझे हनुमान पर विश्वास है मैं हनुमान के प्रस्ताव से सहमत हूं मैं भी हनुमान से सहमत [संगीत] [प्रशंसा] हूं करु और नागों के बीच जिस शांति के स्वप्न को सत्य बनाने के लिए तुमने इतना अथक परिश्रम किया था पंचन वो कल सदैव के लिए रक्त रंजित लालिमा में विलीन हो जाएगा सूर्योदय की प्रतीक्षा करो पंच फन युद्ध के दूत अपनी यात्रा प्रारंभ कर चुके हैं कल प्रात हमारा प्रयोजन सिद्ध होगा गरुड़ का सर्वनाश होगा और दिव्य पंख हमारा होगा गरुण और नाग एक ही वंश की उत्पत्ति है मेघसर य युद्ध अनावश्यक [संगीत] है एक ही वंश की उत्पत्ति है तो सदैव हमारे साथ भेदभाव क्यों किया जाता है सागर मंथन से प्राप्त हुए अमूल्य रत्नों से हमें क्यों वंचित रखा गया थोड़े से विष के अतिरिक्त क्या प्राप्त हुआ हमें मैं मेघसर वो अधिकार दिलाऊंगा नागों को जो तुम बासू की और अनंत नाग नहीं दिला पाए ये जो तुम कर रहे हो अनुचित है मेघसर संसार विजय की जयघोष करते समय उचित अनुचित का विचार नहीं करता पंचफोरन होगी मेघसर बुरे की सदैव हार होती है तुम सत्य कहते हो पंच फन उन घृणित गिद्धों के अवश्य पराजय होगी मैं और काल नेवी अवश्य सफल होंगे आज की रात्रि इनकी आखिरी रात्रि होगी और कल तुम्हारे मित्र जटायु की मृत्यु के पश्चात तुम्हें भी प्राणों से मुक्त कर दिया जाएगा अब कोई तुम्हारे मित्र गरुड़ और तुम्हारी रक्षा नहीं कर सकता हनुमान करेगा रक्षा हनुमान [संगीत] हनुमान को सफलता नहीं मिलेगी गरुड़ का संहार होगा मृत्यु के पूर्व वो यही चित्कार लगाएंगे चीक चीक कर प्रलाप करेंगे हनुमान ने हमारे साथ विश्वास घात किया है हनुमान ने हमारे साथ विश्वास घात किया है इतना बड़ा षड्यंत्र रचा गया है हनुमान को समय रहते यह सब ज्ञात नहीं हुआ तो अनर्थ हो जाएगा मित्र हनुमान मित्र हनुमान अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह युद्ध टल जाएगा मैंने अपना धर्म निभाया [संगीत] है हनुमान मैं का आभारी हूं आपने पुनः हमारी रक्षा की है परंतु मैं महाराज नाग फन की सुरक्षा के लिए चिंतित हूं मैं आशा करता हूं कि कल सुबह तक नाग प्रतिनिधि को सत्य का ज्ञात हो जाएगा और उसके पश्चात हम सब मिलकर नाग पंच फन को ढूंढने का प्रयास करेंगे जी महाराज अनुमान आज आप हमारे विश्राम गृह में विश्राम [संगीत] कीजिए कल का सूर्य शांति की एक नई किरण लेकर आएगा युद्ध के बादल शांति की लहर से कम हो रहे [संगीत] हैं [संगीत] [संगीत] सुग्रीव केसरी ने हमारे निमंत्रण का कोई उत्तर नहीं दिया भैया हमने दूध भेजा है वोह पहुंच रहा होगा मैं चाहता हूं कि केसरी को यह ज्ञात हो जाए कि महान वाली अब किष्किंदा के महाराज बन गए हैं किंतु भैया यह किंतु परंतु त्रस्त आ गया हूं मैं इस किंतु परंतु से यदि केसरी ने स्वयं यहां आकर मेरा अभिनंदन नहीं किया तो मैं यह बल पूर्वक भी कर सकता हूं इस सभा में भाग लेने के लिए आप सब आमंत्रित है महाराज बाली महाराज वाली दूत शीघ्र बताओ मित्र रिक्षा सकुशल तो है युवराज भाली ने स्वयं को महाराज की उपाधि से संबोधित क्यों किया महाराज केसरी प्रणाम महाराज प्रणाम राज पुरोहित जी प्रणाम महाराज केसरी जी किष्किंधा में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है युवराज ने अपने पिता महाराज को सिंहासन से उतारकर उनके सिंहासन पर स्वयं आसीन हो गए हैं हम बड़ी कठिनाइयों से अपने प्राण बचाकर वहां से निकले हैं जी महाराज केसरी जी अब किष्किंधा के राज सिंहासन पर महाराज वाली विराजमान है उन्होंने वन के समस्त राजाओं की सभा का आयोजन किया है उसके लिए आपको भी सादर आमंत्रित किया है युवराज वाली से कहना मैं उनके आमंत्रण पर विचार करूंगा और उस पर अपनी सहमति अथवा असहमति से अवगत करवा दूंगा ठीक है महाराज मेरे मित्र मेरी प्रतीक्षा कर रहे होंगे यदि शीघ्र ही यह युद्ध रुक गया तो मैं शीघ्र ही सुमेरू लौट जाऊंगा और अपने मित्रों से मिलूंगा तुम भी मेरे साथ चलना मैं अवश्य चलूंगा भैया [संगीत] [प्रशंसा] हनुमान [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] नागों को अपने समीप अन्य नागों की उपस्थिति का आभास हो जाता है नागों के प्रतिनिधियों को तो कल प्रात यहां आना था परंतु मुझे ऐसा क्यों प्रतीत हो रहा है कि कुछ नाग यहीं मेरे समीप गरुड़ राज्य के भीतर है [संगीत] कितनी कठिनाइयों से मित्र हनुमान ने शांति प्रस्थापित की है यदि अन्य नाग यहां नहीं है और मैंने केवल संशय के आधार पर किसी को भी सचेत कर दिया तो गरुण शांति का ठुकरा [संगीत] देंगे नहीं नहीं मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा मुझे स्वयं जाकर देखना चाहिए यदि अन्य नाग यहां है तो मुझे उन्हें अनुरोध कर यहां से लौटाना होगा मित्र हनुमान मित्र हनुमान हम नागों को वटवृक्ष के फलों का स्वाद अत्यंत प्रिय होता है उसका अनूठा आनंद उसके समीप जाकर ही प्राप्त होता है तो मेरी इच्छा हो रही है कि मैं मेरा कुछ समय बाहर वटवृक्ष के पास व्यतीत करो यदि आपकी अनुमति हो तो [प्रशंसा] [संगीत] मैं [संगीत] [प्रशंसा] [प्रशंसा] [संगीत] चलो ले चलो इसे उधर झाड़ियों में अति शीघ्र ले चलो चलो चलो चर भूषण समीप के वट वृक्ष तक गया था अभी तक लौटा क्यों नहीं यह बाली का जाल है महाराज केसरी मैं इसलिए शीघ्र ही आपको चेतावनी देने के लिए यहां पर चला आया कि आप पाली का निमंत्रण स्वीकार ना करें महाराज महाराज उसकी योजना है कि वो अपनी सभा में समस्त राजाओं को बुलाकर उन्हें कारागार में डाल देगा और फिर स्वयं को महानायक घोषित करके अपनी प्रभुता स्थापित कर देगा महाराज मित्र रिक्षा मेरे दुख एवं सुख के साथी हैं वह मेरी विपत्ति में सदय मेरी ढाल बनकर खड़े रहे जब कालदेव मेरे प्राण हरकर ले गए थे तो वह मेरी एवं मेरे परिवार की सहायता के लिए दौड़े चले आए थे आज उनके संकट का समाचार सुनकर मेरा हृदय द्रवित हो रहा है कुछ भी हो उनकी विपत्ति के समय पर उनकी उनकी सहायता के लिए मैं अवश्य जाऊंगा परंतु महाराज केसरी जी बाली की महत्वाकांक्षा ने उसे अंधा कर दिया है हो सकता है वह आपको भी क्षति पहुंचा दे महाराज महाराज वाले मेरे पुत्र के समान है वो स्वयं मेरे पुत्र हनुमान के समान है यदि पुत्र मार्ग भटक जाए तो उसे उचित अनुचित पथ का ज्ञात कराना हमारा कर्तव्य है वह अवश्य मान जाएगा वह मेरी बात मानकर अपने पिता रिक्षा को कारागृह से मुक्त कर देगा नहीं महाराज वाली के दम ने उसके विवेक को हर लिया है वो किसी की कुछ नहीं सुनेगा तब मुझे वाली से युद्ध करके अपने मित्र रिक्षा को मुक्त कराना ही होगा नहीं स्वामी आप जान पर संकट के मुख में प्रवेश मत कीजिए हनुमान भी गरुड़ राज्य गया हुआ है आपको हनुमान के लौट कर आने की प्रतीक्षा करनी चाहिए तब तक बहुत देर हो जाएगी अंजनी हनुमान के लौटने पर उसे किष्किंदा भेज देना मेरे मित्र रिरा और उसके दोनों पुत्र वाली और सुगरी पर भयंकर संकट छाया हुआ है वाली में अनेकों सद्गुण है व अवश्य किसी के दुष्प्रभाव से प्रभावित है मैंने विलंब किया तो ना जाने वहां क्या अनर्थ हो जाएगा तुम जिंदा मत करो मुझे विश्वास है वाली मेरी बात मान जाएगा किष्किंदा के लिए मेरे प्रस्थान की शीघ्र व्यवस्था की जाए भूषण समीप के वट वृक्ष तक गया था अभी तक तक लौटा क्यों [संगीत] नहीं हनुमान भैया मैंने एक भयावह दुस्वप्न देखा रक्तपात जन संघार मृत सैनिकों से पटी रणभूमि जिसकी कल्पना ही इतनी डरावनी है वह प्रत्यक्ष में कितना भयावह होता होगा नागों और गरुण का युद्ध टल जाएगा ना मित्र चिता युद्ध तो सदैव विनाशकारी ही होता है परंतु तुम चिंता मत करो हमने अथक परिश्रम करके शांति के जो बीज बोए हैं वह अवश्य अंकुरित होंगे कल नाग प्रतिनिधियों के समक्ष सत्य प्रमाणित हो जाएगा कि नागराज पंच भन करुण राज्य में नहीं है तब इस युद्ध का कोई कारण शेष नहीं रहेगा [संगीत] यह कैसी ध्वनि थी तुम्हें नहीं सुनाई दी नहीं तो मुझे तो कुछ सुनाई नहीं दिया यह ध्वनि मेरा ब्रम था या किसी भावी अनिष्ट का संकेत चिंता करना तो हनुमान के स्वभाव के विपरीत है तब भी मेरा हृदय इतना व्याकुल क्यों है आपने तो मुझे आश्वस्त कर दिया हनुमान भैया और स्वयं इतने अधीर हो रहे हैं मैं भूषण को लेकर आशंकित हूं बाहर जाकर देखता हूं वह कहां रह गया रुकिए हनुमान भैया मैं भी आपके साथ चलता [संगीत] हूं [संगीत] सुग्रीव क्या किसी राजा ने मेरा निमंत्रण स्वीकार किया अभी हमें किसी का उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है इसका अर्थ यह तो नहीं कि वह मेरे महानतम वाली महाराज वाली के आदेश की अवमानना करेंगे कोई बात नहीं बव से नहीं आएंगे तो महानतम वाली उन्हें बल पूर्वक यहां ले आएगा मित्र भूषण कहां हो तुम भूषण कहां हो मित्र मित्र भूषण तुम कहां हो किधर हो तुम भूषण इसी ओ आ रहा है चलो इसे कहीं और छुपा दे मित्र भूषण कहां हो तुम किधर हो तुम मित्र भूषण भूषण कहां हो तुम मित्र भूषण मित्र भूषण कहां हो भैया हनुमान आपको यह ध्वनि सुनाई दी नहीं तो हा संभव हो सकता है कि भूषण हो मित्र भूषण मित्र भूषण हम तुम ढूं रहे है क हो वो देखिए हनुमान भैया व आकृति वो तो तुम्हारे मन का भय है साड़ियां ही तो हिल रही है चलो जाकर देखते [संगीत] [संगीत] हैं वहां पर तो कोई भी नहीं है अब हां चलो उस तरफ जाकर देखते हैं हां [संगीत] आ

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...