Wednesday, 7 January 2026

हनुमान जी ने रावण पर प्रहार क्यों नहीं किया Nirbhay Sankat Mochan Mahabali Hanuman 385 PenBhakti

[संगीत] [संगीत] अब इसके मुख में प्रवेश करने से कैसे अपना बचाव करे हनुमान [संगीत] कोई त्रुटि नहीं रहनी चाहिए शीघ्रता करो जय श्रीराम अरे यह किसका स्वर था स्वर को छोड़ो वो देखो महा बलवान कुंभकरण का हाथ उठ रहा [संगीत] है [संगीत] [संगीत] कहीं असुर श्रेष्ठ कुंभ कर्ण की निद्रा असमय तो भंग नहीं हो रही परंतु अभी तक तो उनके भोजन की व्यवस्था भी नहीं हुई है अरे शीघ्र भागो यहां से अन्यथा व हमें अपना भोजन बना लेंगे सावधान सावधान महाराज कुंभकर्ण अपनी निद्रा से जाग गए सावधान भागो भागो उस ओर से निकलता [संगीत] हूं अकस्मात यह शस्त्र कहां से उत्पन्न हो गए ऐसे ऐसे अद्भुत शस्त्र ओ तो यह लंका का शस्त्रागार है जहां हनुमान अनायास ही पहुंच [संगीत] गया [संगीत] [संगीत] मुझे प्रभु श्रीराम को यहां स्थित अनेक अद्भुत शस्त्रों के संग्रह के बारे में सूचित करना होगा वहां कौन सा शस्त्र है जिससे प्रकाश का विस्तार हो रहा है मेरी रक्षा कीजिए ना प्रभु मेरी रक्षा कीजिए रक्षा कीजिए [संगीत] यह तो वही विमान है जिसमें वह दुष्ट रावण माता सीता को यहां पर लेकर आया था हनुमान ने स्वयं अपने नेत्रों से इसे देखा [संगीत] था माता सीता इसी विमान पर विराजमान तो अवश्य ही उनके चरणों की पावन रज भी इसी पर होगी संभव है उसी चरण रथ से मेरे आगे का मार्ग भी प्रशस्त हो जाए राम काज पूर्ण करने में मुझे कोई दिशा प्राप्त [संगीत] हो [संगीत] यह अवश्य ही माता सीता के चरणों की धूल है [संगीत] [संगीत] [संगीत] हे माता सीता प्रभु श्री राम का यह सेवक आपके दर्शन का अभिलाषी आपका यह चिन्ह देखकर भाव विबल हो आया है हे माता जानकी हनुमान शीघ्र ही आपको ढूंढकर यहां से मुक्त कराने के लिए तत्पर है प्रभु श्रीराम से पुनः आपका सुखद मिलन हो ऐसी मनोकामना हृदय में लेकर आया है यह रामदूत आपकी चरण रज अपने मस्तक पर लगाकर धन्य हुआ यह हनुमान [संगीत] माता जय सियाराम जय सियाराम सियाराम जय हनुमान ये गाथा महाब हनुमत कीवा जय जय महाब हनुमान वोह किसकी परछाई है कहीं वो माता सीता तो नहीं जो उस कक्ष में बंदी [संगीत] हैं ऐसी मनमोहक सुगंध हो ना हो यह रावण के इस राज प्रसाद का सबसे महत्त्वपूर्ण कक्ष होगा संभव है माता सीता यही [संगीत] है यह सब तो मदिरा के मधम चूर हैं नहीं यह माता सीता नहीं हो सकती उस शैया पर कौन निद्रा मग्न है देखता हूं मेरी रक्षा कीजिए नाथ प्रभु मेरी रक्षा कीजिए रक्षा कीजिए उस दिन जब ये दुष्ट रावण माता सीता का हरण कर ले जा रहा था तब मैं उनकी रक्षा नहीं कर सका परंतु आज इस अधम पापी को जीवित नहीं छोड़ेगा हनुमान जिस दुष्ट ने प्रभु श्रीराम और माता सीता के नेत्रों से निद्रा छीनी हो उसको इस प्रकार निर्विघ्न निद्रा सुख भोगने का कोई अधिकार [संगीत] [संगीत] नहीं [संगीत] हनुमान हनुमान हनुमान किंतु एक निहत्थे और निद्रा मगन योद्धा पर वार करना तो अनुचित है ऐसा कर मैं अपने गुरुओं से अर्जित शिक्षा का निरादर नहीं कर सकता शीख ज्ञात करो व जान की कहां है जिसके बिना मैं अधुरा हूं और हनुमान लंका में रावण की शक्ति और सेना का भेद पता कर मुझे बता इस दुष्ट को इसके पाप कर्मों का दंड हनुमान नहीं स्वयं प्रभु श्रीराम [संगीत] देंगे मेरे यहां ने का उद्देश्य तो माता सीता को ढूंढना है जिसकी पूर्ति के लिए मुझे पूर्ण एकाग्रता से प्रयत्नशील रहना [संगीत] चाहिए इन सबसे अलग विलग कौन है वो स्त्री यह तो नहीं है माता सीता माता सीता प्रतीत होता है हनुमान ने माता सीता को लिया है हां अवश्य यही माता सीता [संगीत] [प्रशंसा] है नहीं नहीं यह नहीं हो सकती प्रभु श्रीराम की भारिया माता सीता इस प्रकार के आभूषण कदापि धारण नहीं कर सकती ना ही प्रभु से दूर रहकर वह क्षण भर के लिए भी निद्रा मग्न हो सकती हैं नहीं हनुमान तुम अभी भी माता सीता को नहीं ढूंढ पाए परंतु यह है कौन ऐसा क्यों प्रतीत हो रहा है कि मैंने इन्हें कहीं देखा है क्षमा रे शिवा क्षमा मैं लंकेश रावण की पत्नी मनद यह तो रावण की पत्नी मंदोदरी है मैं निरा वानर का वानर ही रहा अपनी मूड मति से मैंने यह कल्पना भी कैसे कर ली कि माता सीता का यहां इस दुराचारी और विलासी रावण के शयन कक्ष में उपस्थित होना संभव है धिक्कार है मुझे और मेरी वानर बुद्धि को [संगीत] अब इस कक्ष से निकलना [संगीत] चाहिए हनुमान ऐसी मूर्खता कैसे कर बैठा हे प्रभु मुझे क्षमा कीजिए यह मेरी बुद्धि ने अपने भीतर कैसा घृणित विचार पन अपने दिया मैंने ऐसा सोच भी कैसे लिया कि माता सीता रावण के कक्ष में हो सकती है मुझे क्षमा कीजिए प्रभु क्षमा कीजिए संपूर्ण रात्री बीत गई और मैं माता सीता को ढूंढ पाने में असफल रहा उस पर इतनी बड़ी मूर्खता भी कर बैठा हे प्रभु आपका यह सेवक भ्रमित होकर भटक रहा है उसे उचित मार्ग दिखाइए प्रभु कोई संकेत कोई चिन्ह दिखाइए प्रभु मेरी सहायता कीजिए प्रभु श्री राम मेरी सहायता [संगीत] कीजिए श्री राम श्री राम लंका में प्रभु के नाम का स्मरण यय हनुमान का भ्रम है या वास्तव में कोई प्रभु श्री राम के नाम का स्मरण कर रहा है श्री राम श्री राम श्री राम कहीं कहीं यह प्रभु का कोई संकेत तो नहीं अन्यथा भोर होने के पूर्व ही इस पाप नगरी लंका में कौन राम नाम का जाप करने का साहस करेगा श्री [संगीत] [संगीत] राम [संगीत] यहां इस भवन के अहाते में तुलसी माता आश्चर्य [संगीत] है हो रामा युद्ध अंकित गृह पावन आंगन महा वृंदा अति पावन राम भक्त लंका ये तो प्रभु श्री राम के आयुध के चिन्ह है हनुमत अचरज से हर साई राम सियाराम राम सियाराम जय हनुमान राम सियाराम सियाराम जय हनुमान ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान जय श्री राम [संगीत] श्री राम श्री राम मुझे पुनः वानर समान व्यवहार नहीं करना चाहिए श्रीराम पहले यह निश्चित कर लेना आवश्यक कि कहीं कोई मुझे लने का प्रयास तो नहीं कर रहा संभव है कि हनुमान को फसाने के लिए यह किसी मायावी राक्षस की चाल हो श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम हे प्रभु आज मेरा मन एकाग्र क्यों नहीं हो पा रहा है मुझे क्यों ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोई और भी यहां पर गुप्त रूप से उपस्थित [संगीत] है कहीं अब राधा रावण का कोई गुप्तचर तो [संगीत] नहीं श्री [प्रशंसा] राम श्री राम ये क्या अकस्मात सब परिवर्तित हो रहे हैं श्री राम श्री [प्रशंसा] राम श्री राम श्री श्रीराम प्रतीत होता है कोई हनुमान को भ्रमित करने की चेष्टा कर रहा [संगीत] है यदि आप अपने कार्य के प्रति पूर्ण समर्पित हैं तो कोई भी आपको भटका नहीं सकता किंतु अपने कार्य में सजग और केंद्रित रहना उतना ही आवश्यक है

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