Wednesday, 7 January 2026

हनुमान ने असुरों को सबक सिखाया Nirbhay Sankat Mochan Mahabali Hanuman 394 Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] आ यह नहीं हो [संगीत] सकता तो यह है तुम्हारा नियंत्रण लंकेश विनाश के आगमन का संकेत है यह बस माते बस यह मात्र एक तुच्छ वानर की उदंत है जैसे देवताओं ने यहां पर कुछ शक्तियां प्रदान करके भेजा है कुछ शक्तियां नेत्र खोल कर देखो दशान यहां तुम्हारे सामने तुम्हारा महा शक्तिशाली योद्धा मृत पड़ा हुआ है और फिर भी तुम सत्य को अस्वीकार कर रहे हो जमू माली महा शक्तिशाली था किंतु युद्ध कौशल में निपुण योद्धा नहीं था रहस कुछ समय पूर्व तुम क्या कह रहे थे लंकेश यदि आवश्यकता हुई तो मेरे अन्य सातों पुत्र भी वहां जाएंगे उनके मायावी शस्त्रों के सामने पल भर भी नहीं टिक पाएगा व ु हा लंकेश मेरे पुत्र मेरे सातों पुत्र प्रतिशोध लेंगे अपनी भ्राता की मृत्यु का और यही नहीं उनके साथ पांच युद्ध निपुण सेनापति भी भेजूंगा उनकी सहायता के लिए अब देखिएगा लंकेश मेरे पुत्र जमू माली के देह के समीप उस वानर का श क्त विक्षत होगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] वानर हे तु वानर मेरे बता का वध करके तुमने स्वयं अपने मृत्यु को आमंत्रित किया है ऐसी भयानक मृत्यु देंगे हम तुम्ह कि स्वयं मृत्यु के देवता भी काप उठेंगे उस महाबली जम्मू माली के बता है हम सातो लंका के प्रधान सेनापति बृहत के पुत्र है हम जमू माली तो नहीं ले जा पाए तुम्हे किंतु हम तुम्ह इस पिजरे में अवश्य लेकर जाएंगे वो भी जीवित नहीं टुकड़े टुकड़े कर देंगे हम तुम्हारे सोस देंगे हम अपने पता श्री का तो मेरी युक्ति सफल हो रही है रावण अपने निपुण योद्धाओं को भेज रहा है किंतु मुझे शीघ्र ही अपना उद्देश्य पूर्ण करके प्रभु श्रीराम के पास लौटना होगा उन्हें और माता सीता को अधिक प्रतीक्षा नहीं करा सकता मैं बड़े ही भयानक कोड़े लिए हो तुम सब कोई बात नहीं मेरे पास भी एक कोड़ा है सखा हो सात युद्ध निपुण सेनानी चाहे कपी को बंदी बनानी किंतु कौन शिवांश को बाधे वजर सो अंग गदा ले काधे सराम सियाराम सियाराम जय हनुमान राम सियाराम सियाराम जय [संगीत] हनुमान रण कौशल जब कपी दिखाई क्षण में सबको धूर चटाई बंदी बनाने थे जो आए हनुमत उनको ही बंदी बनाए जय जय वीर प्रभु हनुमंता धर्म के रक्षक पाप के ह राम सियाराम सियाराम जय हनुमान राम सियाराम सियाराम जय हनुमान ये गाथा महाबली हम कीज कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] सखा जय श्री [संगीत] राम दशानन यदि यह सब योद्धा भी परास्त होकर आ गए तब तुम किसे भेजोगे क्योंकि जमू माली जैसा महाशक्तिशाली योद्धा को जिसने यहां फेंक दिया हो वो क्या नहीं कर सकता है मुझे संदेह है तुम्हारे योद्धाओं की सफलता पर माते आप तो देख लिया रावण अब बताओ अब किसे मरने के लिए भेजना चाहोगे तुम मैं जाऊंगा वहां [संगीत] रावण मुझे आशा है कि अब तुम अपनी सेना के और अधिक बलशाली और अधिक महत्त्वपूर्ण योद्धाओं को भेजोगे और यही मैं चाहता हूं कि मैं तुम्हारे अधिक से अधिक योद्धाओं का संघार करके यहां से जाऊं और जब तक मैं प्रभु श्रीराम के साथ लौट कर ना आ जाऊं तब तक तुम और तुम्हारी यह पूरी लंका नगरी हर पल हर घड़ी शकित और भयभीत रहे तो भेजो अपने और योद्धाओं को मैं आपका कनिष्ठ पुत्र अक्ष कुमार मैं वहां जाऊंगा उस धूर्त वानर को दंड देने के लिए और आप देखिएगा पिताश्री कितने श दंड वानर आपके इन्हीं चरणों में हाथ बंधा पड़ा होगा बस अब आप मुझे आज्ञा दीजिए मेरी यह भुजाएं उस वानर को कठोर दंड देने के लिए तड़प रही है रावण तुम्हारे प्रहरी भट मरे जा चुके हैं सुभ कंकर का नाश हो चुका है अब भेजो किसी महा भट [संगीत] को तुम महा भट हो महायोद्धा हो किंतु मैं तुम्हें वहां नहीं जाने [संगीत] दूंगी स्वामी मैं आपसे विनती करती हूं मेरी बात मान लीजिए अक्ष कुमार को को वहां जाने की आज्ञा मत दीजिए अपने पुत्र को काल के गाल में मत भेजिए महारानी मंदोद रे ऐसा मत कीजिए स्वामी अर्ज कुमार की आयु तो देखिए तरुणा अवस्था ने अभी इसके जीवन में आरंभ ही किया है इसके जीवन की ज्योति उस वानर रूपी मृत्यु की आंधी को सहन नहीं कर पाएगी बा महारानी मंदोद रे अनेक वीर रक्ष धाओं को जन्म देने के पश्चात ही आप अपने पुत्र को कायता का पाठ पढ़ा रही है शोभा नहीं देता है आपको हमारे पुत्र के मस्तक पर तिलक लगाइए और और भेज दो अपने पुत्र को मृत्यु के मुख में माते य क्या कह रही है आप तीन लो पर रक्ष परचम फहराने का आपका वह स्वप्न इस प्रकार पूरा होगा भला लंकेश की माता कब से भयभीत होने लग गई जब से तुम्हारी दृष्टि में राक्षसों का हित गड़ हो गया है और तुम्हारा निजी सुख सर्वप्रिय हो गया है इसी का परिणाम है कि वो एक वानर जो अवश्य ही सीता के पति का दूत है तुम्हारे समक्ष एक चुनौती बनकर खड़ा हो गया है बस वन वन भटकने वाला वो साधारण र उसकी सहायता भला यह महाबली मायावी वानर क्यों करेगा उसे अवश्य ही देवताओं ने भेजा है इससे संधी बनाकर दंडित करना ही होगा अक्ष कुमार मेरे पुत्र जाओ और जाकर उस भर्त वानर को पड़िया बांध कर यहां लेकर आओ यह तुम्हारे पिता का आदेश हैता का आदेश है क्या हुआ ता तुमने फिर से कोई स्वप्न देखा क्या स्वपन तो नहीं अना हा कुछ आभास हो रहा है आभास कि तो कैसा आभास प्रतीत हो रहा है लंकेश वानर को पकड़ने के लिए किसी महत्त्वपूर्ण एवं महाबली यो को खीचने वाले [संगीत] [संगीत] हैं जब तक कोई और महा भट योद्धा ना आए तब तक क्यों ना इन रसीले फलों को खाकर मैं अपनी द ही शांत कर [संगीत] लू प्रतीत हो रहा है इस बार कुछ अत्यधिक ही विचार विमर्श किया जा रहा है इसीलिए इतना विलंब हो रहा है अच्छा है कोई महा भट योद्धा आएगा तो युद्ध करने का भी कुछ आनंद आएगा चाहे कोई भी योद्धा क्यों ना आ जाए किंतु मुझे पूर्ण विश्वास है व महाबली वानर उसे भी परास्त कर देगा जैसे विकराल जमू मालिक सेनापति प्रस्थ के आठों पुत्र और लंका के अनेको सेनापति उस वानर के प्रहार के सामने धारा शही हो गए हैं श्री राम दूत हनुमान यहां से जाने से पूर्व उस राक्षस राज रावण को मेरे स्वामी प्रभु श्री राम की शक्ति का आभास भली भाति करा देना चाहते हैं जैसी आपकी आज्ञा हो पिताश्री वैसा ही होगा आप देखिएगा कैसे मैं उस धूर्त वानर को बंदी बना के लंका की गलियों से घटते हुए गोड़े मारते हुए आपके इ चरणों में लाकर पटक [संगीत] दूंगा और पूरी लंका यह देखेगी यदि लंकेश के विरुद्ध कोई शीश उठाता है तो उनका यह पुत्र अक्ष कुमार उनकी क्या दुर्दशा करता है वाह पुत्र अक्ष कुमार वाह देखा मौदी इसे कहते हैं महाबली पिता का महावीर [संगीत] पुत्र अब आप भी वीर माता बन जाएं तिलक लगाए हमारे पुत्र को [संगीत] [संगीत] आ [संगीत] महारानी मंदोदरी आपके हाथ क्यों काप रहे हैं अपना मात्र धर्म नि भाइए लंका की महारानी हमारी पटरानी अपना कर्तव्य पूर्ण करिए अन्यथा हम अभी के अभी आपको त्याग [संगीत] देंगे [संगीत] [संगीत] [संगीत] आ यह अशोक वाटिका के फल तो बड़े ही रसीले हैं कुछ अधिक ही विलंब हो गया कोई रक्ष योद्धा नहीं आया अभी तक यह ध्वनि [संगीत] [संगीत] [संगीत] पस [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ह अहंकार एवं निस्वार्थ जब व्यक्ति पर हावी होते हैं तो उनका विवेक हर लेते हैं और व्यक्ति से भूल पर भूल करवाते हैं

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...