[संगीत] [संगीत] वज्र प्रहार टूटी हनु तव नाव भयो हनुमान तिहारो नाव भयो हनुमान तिहारो आशीष रूपी वरदान अनगिन देव सभी तुमको दे डारो देव सभी तुमको दे डारो राम के काज को देके सहाया राम के काज को देके सहाया जग कल्याण को धेय है धारो को नहीं जानत है जग में कपी संकट मोचन नाम तिहारो संकट मोचन नाम फ [संगीत] हारो जय किय चक्र सुरा यक्ष राजा यक्ष रा नाव कहायो यक्ष भीरा नाव कहायो काल के चक्र से सृष्टि बचाई काल की ये जय कालेश्वर कहलाई काल की ये जय कालेश्वर कहलाई शनि के कोप से चंद्र छुड़ा के शनि के कोप से चंद्र छुड़ा के नाम थे चंद्रेश्वर तुम धारो तो नहीं जानत है जग में कपी संकट मोचन नाम तिहारो संकट मोचन नाम तिहारो संकट मोचन नाम [संगीत] तिहारो परंतु मामा श्री तो मैं यह सब भूल कैसे गया पुत्र हनुमान तुम्हारी एक छोटी सी भूल से ऋषि सामत का यज्ञ भंग हो गया था क्रोध वश कारण जाने बिना ही श्राप देकर उन्होंने तुम्हें दंडित कर दिया यह उसी श्राप का परिणाम है कि तुम अपनी समस्त शक्तियां भूल गए मैं ऋषि अंगर पुत्र सामर तुम्हें श्राप देता हूं कि जिन दिव शक्तियों ने तुम्हे उदंडी बना दिया है तुम उन समस्त प्रनी शक्तियों को पूण भू जाओगे परंतु जब उन्हें पूरी बात ज्ञात हुई तो वह बहुत दुखी हुए और तब उनके वचन थे कि उचित समय पर राम काज को पूर्ण करने हेतु किसी के द्वारा स्मरण दिलाने पर तुम्हें अपनी शक्तियों का पुन भान हो जाएगा मैं सामत यह विधान करता हूं कि जब प्रभु श्री राम के सहायतार्थ किसी दुष्कर कार्य को करने के लिए कोई महानतम व्यक्ति हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण कराएगा तब हनुमान की समस्त शक्तियां पुनः जागृत हो जाएंगी वह समय आ गया है हनुमान अपनी विलक्षण शक्तियों का स्मरण करो पुत्र हनुमान स्मरण कीजिए महाबली हनुमान जी स्मरण कीजिए हां हनुमान स्मरण करो बाल्यावस्था से ही तुमने अनेकों बार अपने मित्रों की रक्षा की है और उन्हें भयंकर संकटों से मुक्त कराया [संगीत] है तुम्हारी अपार शक्तियों के समक्ष संसार की समस्त शक्तियां हीन है मित्र हनुमान धर्म के मार्ग पर चलने वाला तुमसे श्रेष्ठ योद्धा और कोई नहीं है [संगीत] [संगीत] फ हनुमान इस आकाशवाणी के अनुसार आज से तुम भी वज्रधारी कहला वज्रधारी कहला मैं अग्निदेव तुम्ह वरदान देता हूं कि कितनी भी भीषण अग्नि हो उसकी ज्वाला तुम्हे किसी भी प्रकार से हानि नहीं पहुंचाएगी [संगीत] [संगीत] मुझ धना अध्यक्ष कुबेर का वरदान है तुम्हें मारुती तु कभी भी युद्ध में विषाद नहीं रहोगे तुम कभी भी विचलित नहीं होगे युद्ध में कभी भी आसुरी शक्तियों से तुम्हारी पराजय नहीं [संगीत] होगी मैं कालदेव मैं तुम्हें वरदान देता हूं मारुति कि तुम्हें किसी भी प्रकार की व्याधि या कोई रोग कभी नहीं हो पाएगा तुम अपनी इच्छा से ही अपनी मृत्यु का वर्ण कर सकोगे इच्छा मृत्यु का वरदान है तुम्हे काल तुम्हारे अधीन [संगीत] [संगीत] [संगीत] होंगे [संगीत] मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल जय रामदूत हनुमान जय बजरंगी हनुमान जय रामदूत हनुमान जय बजरंगी हनुमान प्रणव पवन कुमार खल बन पावक ज्ञान घन जास दय आगार बसही राम सर चाप धर मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल जय रामदूत हनुमान जय बजरंगी हनुमान जय रामदूत हनुमान जय बजरंगी हनुमान अतुलित बल धाम हेम शैलाभ देहम नु जवन कृषण ज्ञानी नाम अग्रगण्य सकल गुण निधानम वान राणा म देशम रघुपति प्रियम [संगीत] भक्तमल मामि मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल मंगल मंगल हनुमान करें सब मंगल जय रामदूत हनुमान जय बजरंगी हनुमान जय रामदूत हनुमान जय बजरंगी हनुमान मनोजवम मारुत तुल्य वेगम जितेंद्रियम बुद्धिमता वरिष्ठ ताम जम वानर यूथ मुख्यम श्री राम दूतम शिरसा नम मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल मंगल मंगल हनुमान करे सब मंगल जय रामदूत हनुमान जय बजरंगे हनुमान जय रामदूत हनुमान जय बजरंगे हनुमान [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ह जय श्री रामम जय श्री राम राम रा ये कैसी भयंकर धवानी है जिसने अपने प्रभाव से मेरा अंतर दहला दिया [संगीत] है [संगीत] मामा श्री मुझे अपनी शक्तियों का स्मरण हो गया है मैं अपने मुंह अपनी शक्तियों का बखान करूं ऐसा मेरा स्वभाव नहीं परंतु विनय पूर्वक आपको बताता हूं अपने गुरु वायु देव से भी तीव्र वेग से उड़ 100 योजन तो क्या सहजता से 10000 योजन की दूरी भी तय कर सकता हूं विनता अनंतन गरुण देव तीव्र वेग से आकाश में उड़ते हो तो मैं उड़ते रहकर उनकी प्रदक्षिणा कर सकता हूं सहस्त्र योजन में विस्तृत विशाल काय मेरू पर्वत की असंख्य बार परिक्रमा कर सकता हूं संपूर्ण जगत को प्रकाशित करने वाले सूर्यदेव के उदय से अस्त होने की अवधि में उनको छूकर धरा पर लौट सकता हूं और विश्राम किए बिना पुनः उनका स्पर्श करने जा सकता हूं हे युवराज अंगत हे मामा श्री अपने बल का भान होने पर मुझे यह अथाह सागर क्षुद्र और नगण्य प्रतीत हो रहा है यदि आप अनुमति दें तो मैं इसी क्षण इस सागर को लांघ कर त्रिकुट पर्वत के साथ लंका को चकना चूर कर दूं या इस महासागर के संपूर्ण जल का पान कर इसे सुखा दूं मेघों को छिन्न भिन्न कर आकाश को चीरता हुआ आगे बढ़ जाऊं इन मेघों से उत्पन्न विद्युत की भाति अपनी शक्ति और बल से समस्त दानवों का वध कर अति शीघ्र लंका नगरी सहित माता जानकी को अपने साथ लाकर राम काज संपन्न करूं इतने महान है हनुमान जी आश्चर्य है मुझे तो ज्ञात ही नहीं था अब मुझे कोई चिंता नहीं आपका सानिध्य पाकर मैं धन्य हुआ महाबली हनुमान जी हे महावीर हनुमान प्रभु श्री राम के आदेश के अनुसार इस समय आप मात्र लंका जाकर माता जानकी का कुशल शेम ज्ञात करें वहां से लौटकर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम को माता जानकी के सकुशल होने का समाचार दे और इस कार्य को संपन्न करने में हमारे समक्ष उत्पन्न मृत्यु के संकट रूपी अवरोध को दूर करने की कृपा करें मामा श्री मैं वचन देता हूं मैं प्रभु आदेश का पालन करूंगा और माता सीता का पता लगाकर उन्हें बताऊंगा कि उनके स्वामी श्री राम ने मुझे उनको मुक्त कराने के लिए भेजा [संगीत] है मैं उन्हें आश्वस्त करूंगा और विश्वास दिलाऊंगा कि हमारी विजय अत्यंत निकट है और अपने इस कार्य में मैं कोई बाधा और किसी का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करूंगा तो तत्पर हो जाओ हनुमान आकाश में विशाल छलांग लगाओ हनुमान लगाओ छलांग [संगीत] [संगीत] लगाइए छलांग हनुमान जी छलांग हनुमान छलांग हनुमान जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्रीराम जय श्री [संगीत] राम [संगीत] [संगीत] जय श्री राम राम जय श्री [संगीत] रामराम [संगीत] [संगीत] सिय की खोज में अर्णव लांघा बजरंगी ले दीर्घ छलांगा तन मन रघुवीरा को समर्पित वानर टोली देख अचंभित तेज अदम शक्ति अपूर उछले कपीश करी महेंद्र चूर वेग प्रबल से कर गए कुछ अतुलित बल से राम गाथा बहाबल हनुमत कीक लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबल भवा [संगीत] अरे ये [संगीत] क्या यह पृथ्वी में कंपन कैसी यह भूकंप है या कुछ [संगीत] और रामदूत हनुमान को देवी पृथ्वी का प्रणाम पापियों के कुकृत्य के झटके सदैव मुझे पीड़ा देते रहे हैं किंतु आपकी इस महान उड़ान के कंपन ने मुझे पीड़ा नहीं आनंदित किया [संगीत] है आपका मनोरथ सफल हो [संगीत] हनुमान [संगीत] महादेव महाबली हनुमान ने प्रभु श्री राम काज हेतु जो य अकल्पनीय एवं दिव्य उछाल ली है इससे समस्त ब्रह्मांड चकित पृथ्वी भी कंपित हो उठी [संगीत] है अपार शक्तियों के साथ अपार दायित्व भी मिलता है और दायित्व को सच्चाई से निभाने वाले ही सफल होते हैं
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