[संगीत] व प्रणाम गुरुदेव शुभाशीष हनुमान मैंने तुम्हें बताया था कि तुम्हारी शिक्षा प्रातकाल होते ही आरंभ हो [संगीत] जाएगी मैं जब रथ पर बैठता हूं तो प्रातकाल हो जाता है फिर भी तुमने विलंब कर दिया विलंब के लिए मुझे क्षमा कर दीजिए मैं उपस्थित हो ही जाता किंतु हनुमान समय किसी के लिए ठहरता नहीं और जो समय का सम्मान नहीं करता समय उसका सम्मान नहीं करता तुम्हारा प्रथम कर्तव्य था शिक्षा के लिए सही समय पर उपस्थित होना उचित समय पर उचित कार्य किया जाए तभी सफलता प्राप्त होती है हनुमान गवाया हुआ समय कभी वापस नहीं आता जीवन भी एक निश्चित समय के लिए मिल इसलिए समय नष्ट करने का अर्थ जीवन को नष्ट करना है समय का महत्व समझो [संगीत] हनुमान सूर्य देव श्रेष्ठतम कर्म योगी है सूर्यदेव कर्म ही जिनका धर्म है नियत समय पर निर्धारित कर्म समय के नियम का कठोरता से पालन करते हैं सूर्यदेव नियत समय पर [संगीत] निकलना नियत समय पर विश्राम के लिए जाना उनके इसी कर्म से संसार सुचारू रूप से ऊर्जावान एवं चलायमान रहता है सूर्य देव के निकलने से पूर्व की प्रातः बला ब्रह्म मुहूर्त कहलाती है यही समय शिक्षा ग्रहण करने एवं साधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है छात्र हनुमान हो या कोई अन्य छात्र सबके लिए सर्वश्रेष्ठ और लाभकारी होती है यह प्राथ बेला मैं समझ गया गुरुदेव मैं अपनी भूल के लिए क्षमा प्रार्थी [संगीत] हूं मैं आपको वचन देता हूं कि पुनः ऐसी भूल कभी नहीं होगी यह तुम्हारे लिए प्रथम सीख थी हनुमान मैं आपकी यह सीख सदैव स्मरण रखूंगा गुरुदेव हनुमान मेरी गति समय के साथ साथ चलायमान रहती यह रुक नहीं सकती अतः मुझसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए तुम्हें निरंतर मेरे सामने बना रहना होगा सामने बने रहना होगा यह कैसे होगा गुरुदेव का रथ तो निरंतर चलायमान रहता है जैसी आपकी आज्ञ गुरुदेव उनका न ढूंढ रहे समस्या समाधान महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली [संगीत] हनुमान [संगीत] इतनी तीव्र गति में रत के समुख बने रहना तो बहुत ही कठिन है क्या करूं मैं शिक्षा ग्रहण करने के लिए मेरा रथ के आगे बने रहना आवश्यक [संगीत] है [संगीत] हनुमान शीघ्रता करो इस प्रकार तो तुम्हारी शिक्षा का बहुमूल्य समय नष्ट हो जाएगा जब तक तुम रत के सम्मुख नहीं होगे तुम्हें शिक्षा प्रदान नहीं कर पाऊंगा मैं हनुमान मुझे गुरुदेव के सम्मुख बने रहने के लिए रत के सामने उल्टे चलना होगा अन्यथा शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाऊंगा मैं [संगीत] गुरुदेव अब मैं आपके आशीर्वाद से ही आगे बढूंगा प्रणाम विपरीत दिशा में हुए गतिमान युक्ति अपना दे हनुमान भंग ना हो उनका ध्यान ढूंढ रहे समस्या समाधान र लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान यह क्या कर रहे हो हनुमान पीछे से आने वाले उल्का पिंडों से कैसे बचोगे [संगीत] तु [संगीत] हम [संगीत] [संगीत] [संगीत] ओहो इन उल्का पिंडों पर तो मेरा ध्यान ही नहीं गया हनुमान यहां हर पल क्षण की घटना तुम्हारे लिए सीख है पुत्र पुनः प्रयास निरंतर प्रयास करने से बड़ी से बड़ी कठिनाई पर विजय पाई जा सकती है कठिनाई तो बहुत बड़ी है समान गति से भी गुरुदेव की ओर उन्मुख होकर चलता हूं तो पीछे नहीं देख [संगीत] पाऊंगा इन उल्का पिंडों के टकराने से पुनः ध्यान भंग होगा क्या करूं मैं कोई तो हल ढूंढना होगा शीघ्र आओ बस हम पहुंचने ही वाले हैं धूम्र पर्वत की तलह पर यह है धूम्र पर्वत यहां सबको अधिक सावधान और सतर्क रहना होगा यहां से असरों का क्षेत्र आरंभ होता है इस क्षेत्र में असरों की मायावी शक्ति में वृद्धि हो जाती [संगीत] है अरुण देव भी उल्का पिंडों के अनुसार अपनी दिशा परिवर्तित कर रहे हैं यदि अरुण देव के दिशा परिवर्तन के साथ मैं भी सामंजस्य बिठा लू तो कठिनाई से पार पा सकता हूं [संगीत] अति उत्तम हनुमान यह आपके आशीर्वाद के कारण ही संभव हुआ है गुरुदेव आपको नमन अब आप शिक्षा देना आरंभ कर सकते हैं देव हनुमान मेरे वचन के अनुसार तो तुम्हारी शिक्षा का श्री गणेश प्रातः काल से ही हो गया है अभी तक तुम्हारे साथ जो भी हुआ है वह एक सीख है तुम्हारे लिए इसे सदैव स्मरण रखना गुरुदेव विलक्षण ज्ञान है यह [संगीत] तो मैं आपकी सिखाई गई एक एक सीख को ध्यान में रखूंगा सूर्य देव की समस्त शिक्षा समस्त ज्ञान मान को उसी समय प्राप्त हो गया था जिस समय हनुमान ने सूर्यदेव को एक आकाश फल समझकर मुंह में रख लिया [संगीत] था किंतु वो ज्ञान सुप्त अवस्था में था जिसका आभास स्वयं हनुमान को भी नहीं है सूर्यदेव उसी ज्ञान को जागृत कर रहे हैं हनुमान को भविष्य में होने वाले जिन कार्यों के लिए गुरु ज्ञान की आवश्यकता है उन कार्यों के लिए और भी अधिक विकट परिस्थितियों का सामना करना [संगीत] पड़ेगा ये राक्षस छिपे कहां है पूर्ण सहजता से आगे बढ़ना होगा हमें उन असरों से बालकों को मुक्त कराना है यह बहुत बड़ी चुनौती है महाराज इस घने और दंडक वन में बालकों को ढूंढ [संगीत] निकालना हर एक बालक की सुरक्षा के लिए ऐसी सैकड़ों चुनौतिया स्वीकार है मुझे पूर्ण रूप से सजग हो होकर आगे बढ़ना होगा [संगीत] हमें वो रहे राक्षस बस वही रुक जाओ [संगीत] राक्षसों वजरा सुर के मार्ग में आने का प्रयास मत करो वनर नरेश भजरा सर मेरे राज्य की सीमा तो क्या मैं कहीं भी तुम्हें अत्याचार नहीं करने दूंगा मेरे बालकों को मुझे सौंप दो और चले जाओ यहां से इन वानर बालकों से हमारी कोई शत्रुता नहीं थी हमें तो केवल नर बालकों को पकड़ने का आदेश दिया गया था किंतु इन तीनों बालकों ने उन नर बालकों को भगाकर हमारे कार्य को अवध किया है इसका दंड इन्ह भुगतना होगा तुम भी हमारे मार्ग में बाधक बन रहे हो चले जाओ यहां से अन्यथा संपूर्ण वानर कुल को मिटा देंगे हम ले चलो नर कुल को मिटा सके इतना बल नहीं है किसी राक्षस में हनुमान इससे पूर्व की मैं तुम्हें कुछ ज्ञान और सीख दू तुम्हें अपने मन मस्तिष्क और आत्मा को संतुलित करना होगा वो मैं कैसे करूंगा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] गुरुदेव हनुमान मेरे निकट आओ अवश्य गुरुदेव [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] अपने दोनों हाथ आगे करो हनुमान जैसी आपकी आज्ञा यह लो जल से भरा [संगीत] पा हनुमान इस जल से भरे पात्र को लेकर तुम्हें संपूर्ण सृष्टि की परिक्रमा करनी है और यह स्मरण रहे कि परिक्रमा लगाते हुए तुम्हें मार्ग में जितने भी उल्का पिंड मिले तुम्हें उनकी गणना करनी और उनकी संख्या मुझे बतानी अवश्य गुरुदेव यह तो बहुत ही सरल है किंतु तुम्हें यह ध्यान रखना होगा हनुमान कि इस जल के पात्र से एक भी बूंद बाहर नहीं गिरनी चाहिए इस कार्य की सफलता ही तुम्हारी आगे की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगी जाओ अब परिक्रमा लगा कर आओ अवश्य गुरुदेव [संगीत] प्रणाम [संगीत] देव यह कैसी शिक्षा शिष्य को तो गुरु के सानिध्य में ही रहकर शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए किंतु आपने तो स्वयं से दूर उसे उल्का पिंडों की गणना करने के लिए भेज दिया अरुण देव हनुमान की आज की सीख ही उसे पूर्ण हनुमान बनने में सहायक सिद्ध होगी साधारण मनुष्य कोई विशेष कार्य करता है उसका चित्र मात्र उसी पर एकाग्र रहता है किंतु हनुमान को तो भविष्य में अनेक विशिष्ट कार्य करने हैं जिसके लिए उसे अपने चित्त को एक ही समय में अनेक दिशाओं की ओर विभाजित करके पूर्ण सतर्कता एवं एकाग्रता के साथ अपने कार्य करने होंगे धैर्य लगन और एकाग्रता का अभ्यास है य आज की सीख किंतु देव ये तो हनुमान जैसे छोटे बालक के लिए बहुत कठिन सीख है यदि वह उसमें असफल हो गया तो यदि हनुमान असफल हो गया तो उनसे नहीं मिल पाएगा जिनसे मिलने के लिए हनुमान का जन्म हुआ [संगीत] है शिष्य को तो गुरु के सानिध्य में ही रहकर शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए देव यह कैसी शिक्षा अरुणदेव हनुमान की आज की सीख ही उसे पूर्ण हनुमान बनने में सहायक सि होग धैर्य लगन और एकाग्रता का अभ्यास है य आज की सीख किंतु देव ये तो हनुमान जैसे छोटे बालक के लिए बहुत कठिन सीख है यदि वो उसमें असफल हो गया तो यदि हनुमान असफल हो गया तो उनसे नहीं मिल पाएगा जिनसे मिलने के लिए हनुमान का जन्म हुआ [संगीत] है ये ये नौवा ये 10 ये [संगीत] दसवा ये क्या बावा और ये ये [संगीत] बावा ये चवा ओहो इस पात्र को भी संभालना है मुझे यह कार्य सरल लग रहा था किंतु यह तो अभी आरंभ हुआ है संपूर्ण सृष्टि की परिक्रमा तो अभी शेष है किंतु मैं पीछे नहीं हटूंगा चुनौती है यह मेरे [संगीत] लिए और मैं इसे अवश्य पूर्ण करूंगा पाए चुनौती पर विजय अस्वीकार है उन्हें पराजय गुरु के प्रति निभाते निष्ठा सृष्टि परिक्रमा की करते चेष्टा गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय [संगीत] महाबलम
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