Friday, 2 January 2026

माधवदास को पत्नी ने जगन्नाथ पुरी के विषय में बताया Meghan Vighnaharta Ganesh Ep 887 Pen Bhakti

भैया यह कैसा भेज देंगे आपने मैंने तुमसे कहा था ना तुम्हारे विवाह मिलती है मुझे इसे मैं आनंद मिलता है मैं सन्यास ग्रहण करना चाहता हूं हां भाई किंतु तुम दोनों को बिना बताए बिना तुम्हारी अनुमति के कहानी नहीं जाऊंगा मैं तुम्हें दुख पहुंच कर मैं संसार में सुखी कैसे र सकता हूं [संगीत] [संगीत] जी प्रकार बिना सुगंध पुष्कर पूर्ण इस प्रकार मीनार ढंग लिखे रिश्ते जीवन अपूर्ण तुम्हारी अर्धांगिनी सुशील आज से तुम्हारा हाथ हमें भी और तुम सुशीला और तुम दोनों मिलकर [संगीत] समझना का प्रयास करो [संगीत] यही करने से मुझे शांति मिलेगी इसलिए मैं चाहता हूं मेरे जीवन की पहले भिक्षु तुम दोनों के हाथों से तो मैं इस धर्म पाठ पर आगे बढूं तो कहो भाई क्या तुम मुझे भिक्षा डॉग मुझे विदा करोगी आज माताजीवित होती तो प्रथम भिक्षा में उन्हें से लेट अब तुम्हें मुझे भिक्षा देकर यह कार्य पूर्ण करना होगा [संगीत] [संगीत] खासकर अपने मेरे लिए बहुत त्याग किया [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] अब तो माधव दास को अपना उत्तरदायित्व समझकर उसे निभाना ही था ना वह दूसरों पर अपनी निर्भरता त्यागने के लिए तैयार हो गया था ना प्रभु [संगीत] जो बचपन से किसी अन्य पर ही निर्भर रहा उसे बदलने में कुछ समय तो स्वाभाविक था बड़े भाई का हाथ छोटा तो उसने अपनी पत्नी का हाथ थम लिया और इस पर निर्भर हो गया [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] स्वामी रुकिए आप बड़े हो गए हैं लेकिन आपका बालकपन नहीं गया स्पर्श नहीं किया करते शीघ्र ही चाहिए और स्नान कराई है पूजा के लिए दे रही हो रही है [संगीत] सुशीला [संगीत] मेरा विवाह निश्चित हो गया है यह तो बहुत ही शुभ समाचार है कविता बधाई हो शुभ समाचार तो है किंतु केवल बधाई से कम नहीं चलेगा तुम्हें मेरे साथ चलना होगा किंतु स्वामी [संगीत] सुशीला सुशीला सुशीला [संगीत] [संगीत] कहां चली गई [संगीत] सुशीला को क्या हुआ [संगीत] [संगीत] मौसी तू चला भी बुझा के लिए छोड़ कर चली गई सुशीला कहां गई हूं मैं यही तो हूं [संगीत] वैसे बिना बताए [संगीत] तुम्हें बिना देखें मैं विचलित हो गया था मुझे छोड़कर मत जाना थोड़ी डर के लिए भी नहीं अरे मत जय करो इकट्ठा कर लगा अरे सब ठीक है जो सब अपने अपने घर [संगीत] चलेगी तू आप पड़ोस वालों को एकत्र कर लिया क्या गलत किया मैंने तुम मुझे बिना बताए चले गई तो मैं चिंतित हो गया था ना क्षमा करना मैं ही सुशीला को खींच कर ले गई थी अपने साथ किंतु इन्हें भी तो ऐसा नहीं करना चाहिए था ना अरे वो मैं तो भूल ही गई तो मैं न्योता देना सोमवार को मेरा संगीत है समय पर ए जाना नहीं है स्त्रियों के संगीत में पुरुषों का भला क्या कहा [संगीत] और हां इस बार इनको पता कर आना मैं ये फिर चिंता करेंगे अच्छा सा की मैं चलती हूं [संगीत] [संगीत] प्रेम का भाव कोई किसी पर न्योछावर करें तो वह तो अच्छा लगता ही है किंतु जब उसकी अति हो जाए तो वह संबंध में खटास भी ला सकता है देवी सुशीला पर माधव दास इतना निर्भर हो गया की उन्हें घुटन सी होने लगी तब उन्होंने निर्णय लिया वो माधव दास को अकेला छोड़कर अपनी सखी के संगीत में भाग लेंगे [संगीत] ऐसे यह कौन सी परंपराएं संगीत की जो एक पति को अपने पत्नी से अलग कर दे वह भी पूर्ण रात्रि के लिए अपनी पत्नी के बिना बिना [संगीत] [संगीत] बचोगे नहीं तो दंड अवश्य मिलेगा तुम्हें अब स्थान कोई बच्चा नहीं है छिपकर क्यों खड़े हो सामने आओ अब मुंह छुपाने से क्या होगा कैसे पुरुषों तुम स्त्रियों को चुप कर देखने में तुम्हें लज्जा नहीं आई अरे लज्जा आई तो ऐसा कृति ही क्यों करता इसे अच्छा सबक सीखना चाहिए गाना सीधा हो जाएगा क्या करूं मां तो होगा चोट और सनी होगी पूरे गांव में घूमना चाहिए इसे माधव [संगीत] बताओ सुशीला इस निर्लज को क्या दंड दिया जाए अब इसे जूते से मारेंगे चप्पल से मारे [संगीत] मेरे पति ऐसे ना हो बस [संगीत] [संगीत] मुझे क्षमा कर दो [संगीत] [संगीत] [संगीत] क्या आवश्यकता थी आपको वहां जान की नहीं देने के लिए नहीं र सकते थे हम तो आप तो अपनी पत्नी के पल्लू से बंदे रहना चाहते हैं थोड़ी डर आप अकेले र लेते तो क्या जाता आपका [संगीत] हो जाता हूं भाई लगता है मुझे यदि तुम्हें कुछ हो गया तो मैं क्या करूंगा [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] जीवन का सत्य है [संगीत] [संगीत] जी किसी ने भी इस धरती पर जन्म लिया है लेकिन मृत्यु निश्चित है इसलिए तो इस धरती को मृत्यु लोक भी कहते हैं [संगीत] [संगीत] अरे तुम तो यदि मैं उनका हाथ खाऊंगा तो वो मुझे छोड़कर नहीं जाएंगे जो कोई भी जाता है प्रभु उसका साथ कभी नहीं छोड़ते तुम तो इतना बता दो की वो कहां मिलेंगे मुझे ये तो सिर्फ के हाथ है किंतु फिर भी बताते हो वो इस संसार के प्रत्येक स्थान में है किंतु उनके साक्षात दर्शन चाहिए पुरी क्षेत्र में जाना होगा [संगीत] किसी करण मेरा साथ छठ जाए तो अंदर किसी और का नहीं उनका हाथ था फिर आप कभी अकेले नहीं रहेंगे [संगीत] कुछ ही समय बाद उसकी भी मृत्यु हो गई और माधव फिर अकेला था किंतु इस बार वह तनिक तैयार था [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] कोई भी जाता है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] मैं आज जगन्नाथ जी को ढूंढ लूंगा और उनके चरण में चला जाऊंगा [संगीत] कुछ पीछे छोड़कर माधव दास अब अपनी नियति की और बाढ़ रहा था प्रभु को ढूंढते हुए वह शीघ्र जगन्नाथ पुरी धाम पहुंच गया [संगीत] [संगीत] [संगीत] नहीं मालूम की जगन्नाथ जी कहां मिलेंगे तो व्यर्थ है तुम्हारा यहां होना [संगीत] [संगीत] अंततः मेरे भक्ति से मिलने की मेरी इच्छा थी आज कौन हो [संगीत] भगवान और भक्ति का संबंध बड़ा अनूठा होता है जब भक्ति भगवान से मिलने के लिए तत्पर होता है तो भगवान के मां में भी एक ही विचार होता है अपने भक्ति को दर्शन देने का [संगीत] प्रतीक्षा करवाई तुमने [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] हम हम हम हम हम हम हम [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] यह है जगत के नाथ श्री जगन्नाथ जी बलराम सुभद्रजी के साथ [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] जगन्नाथ श्री पति जगन्नाथ प्रभु [संगीत] [संगीत] [संगीत] किसी करण मेरा साथ छठ जाए [संगीत] प्रभु इसे क्षमा कीजिए इसे नहीं मालूम ये क्या का रहा है [संगीत] [संगीत] परमात्मा ने नेत्र दिए हैं संसार देखने के लिए किंतु स्वयं उनके वास्तविक दर्शन आंख मूंदकर अंतर आत्मा से ही संभव

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...