मेरा आसुरी चक्र महादेव ने अपने भीतर समाहित कर [संगीत] लिया शचर अपनी मृत्यु को क्यों निकट आने दे रहे हो महादेव का एक पग और बड़ा तो तुम्हारा अंत ही होगा और तुम्हारे लिए महादेव को रोकना असंभव है क्योंकि तुम्हारे किसी भी अस्त्र का उन पर कोई प्रभाव नहीं होने वाला मुझे शीघ्रता करनी होगी यहां से बाहर निकलना ही होगा शंख चूड़ की सुरक्षा का रहस्य पिता श्री को बताना ही होगा क्योंकि यदि पिता श्री ने शंख चूड़ के कृष्ण कवच पर आघात किया तो यह युद्ध पिता श्री एवं प्रभु नारायण के बीच प्रारंभ हो जाएगा ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः और तुम्हारे लिए महादव को रोकना असंभव है क्योंकि तुम्हारे किसी भी अस्त्र का उन पर कोई प्रभाव नहीं होने वाला तो उचित है अब दानवी अस्त्र नहीं दैविक अस्त्रों का आहवान करता हूं देखता हूं उसे कैसे रोक पाते हैं महादेव अष्ट भूत अस्त्र प्रकट [संगीत] हो अब तो मान जाए गणेश जी क्या आप मेरा कुछ नहीं बड़ बोले अब करो और बड़बड़ कि कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ [संगीत] [संगीत] सकता [संगीत] अष्ट भूतों के स्वामी स्वयं साक्षात महादेव पर अष्ट भूत अस्त्र का प्रहार करने वाला कोई अज्ञानी ही हो सकता है इसीलिए आज मेरी दृष्टि में तुमसे बड़ा अज्ञानी और ममती और कोई भी नहीं है शंख चोट तो उचित है अष्ट भूत अस्त्र के स्वामी महादेव है किंतु छह विकारों के स्वामी तो हम असुर ही हैं श विकार अस्त्र [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] म [प्रशंसा] [संगीत] जो भोलेनाथ शुद्धता के प्रतीक जिनका भोलापन और जिनकी सरलता संपूर्ण जगत में विख्यात है उन महाशिव को विकारों के अंधकार से छिपाने का प्रयास रहे हो तुम अंधकार तो अब अवश्य ाएगा किंतु तुम्हारे जीवन में क्योंकि तुम्हारा काल बनकर महाकाल शिव तुम्हारी ओर अपना अंतिम पग बस रखने ही वाले [संगीत] हैं [संगीत] हे विन हता गणेश जी भयंकर अन होने वाला है अब आप ही कुछ कीजिए इस संसार के विघ्न को दूर कीजिए विघ्नहर्ता गणेश जी आप इस युद्ध को छोड़कर कहीं कैसे जा सकते हैं गणेश जी युद्ध कहां है ये युद्ध की मर्यादा होती है गुप्त रूप से किए गए छल को युद्ध नहीं कहा जाता और शंखचूड़ के आदेश पर तुमने तो मात्र छल किया है युद्ध करने का साहस नहीं है तुम में छल ही तो हम असुरों का बल है गजानंद और मर्यादा भंग करना हम असुरों का स्वभाव और अब प्रश्न है मेरे पिता के वध के प्रतिशोध का जो मैं लेके रहूंगा तब मैं जाकर भी अपने पिता की सहायता नहीं कर सका था आज मैं आपको आपके पिता की सहायता करने नहीं दूंगा जब तक मैं जाऊ यही रुकना होगा [संगीत] आपको [संगीत] पुत्र शंखचूड़ इन साधारण अस्त्रों से महादेव पर प्रहार करने का कोई लाभ नहीं वह सर्वोच्च है सर्व शक्तिशाली है उन पर प्रहार करना है तो महा दैविक अस्त्रों से करो आपने उचित कहा पिताश्री मुझे इनके सामने जाकर अपनी संपूर्ण शक्ति से यु करना होगा शक्ति [संगीत] त्रिशूल दुष्ट असुर मेरे प्रभु के विरुद्ध मेरे ही अस्त्र का प्रयोग करने जा रहा है देखिए महादेव आपके तीन पग तो पूर्ण हो भी गए और मैं फिर भी यही हूं आपके सामने सुरक्षित युद्ध के लिए तत्पर अब समय व्यर्थ मत कीजिए क्योंकि अभी युद्ध विराम का समय नहीं हुआ है [संगीत] नहीं पुत्र नहीं मेरा अर्थ यह नहीं था कि तुम सामने से जाकर इस प्रकार महादेव से युद्ध आरंभ करो ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो [संगीत] नमः [संगीत] [प्रशंसा] महादेव अपने वारों से आप मुझे आहत नहीं कर [संगीत] [संगीत] सकेंगे मेरे फास और अंकुश में तो तुम अवश्य उलझो ग दुष्ट दुरा सद नहीं गणेश जी अभी तो आप मेरे प्रहार में [संगीत] उलझ अब किसी भी पल शंखचूड़ के अस्त्र नष्ट हुए तो प्रभु महादेव के अस्त्र का आघात उस पर होगा और फिर उसके कृष्ण कवच से महादेव के अस्त्र का टकराव होगा अर्थात अनर्थ कारी विध्वंस होगा शिव नारायण की शक्ति का महादेव शंख चूड़ कोई साधारण असुर नहीं है महा बलशाली हूं मैं स्वीकार कर लीजिए और मेरे आगे झुक जाए बस शं चूर बहुत हुआ तुम्हारा तो साथ अब तुम मेरे क्रोध का सामना [संगीत] करो [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] हे [संगीत] आकार कितना भी हो किंतु प्रभु के फास में तो सभी असुर फस ही जाते हैं वि सूचिका जैसी छोटी सी आसुरी को भी प्रभु ने ऐसे ही बंदी बनाया था फिर तुम इस फास से कैसे बचोगे पर बोले दुरा [संगीत] सर [संगीत] लीजिए गणेश जी द्रव्य रूप में तो मैं आपके पास से भी बच गया धम धम धम धम धम धधध ध धम धम धम ध धधध धधध ध [संगीत] धधध नारायण नारायण प्रभु य कैसी लीला है आपकी इस विदव को होने से रोक लीजिए [संगीत] प्रभु क्या यह घोर अनर्थ अब होने ही वाला है क्या मुझे बहुत देर हो गई [संगीत] ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नम मेरी तुलसी उसका पतित मेरी सुरक्षा है मुझे कुछ [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] होगा परम श्री कृष्ण आपके मनोहर दिव्य दर्शन पाकर मैं धन्य हो गया ओम नमो भगवते [संगीत] वासुदेवाय प्रभु ने स्वयं कृष्ण कवच को पहचान लिया है इसलिए उन्होंने अपना प्रहार रोक लिया अब वो 33 कोटि देवताओ और नव ग्रहो के समान जो अधिपति शंक चूड़ जाएंगे वही करेंगे यदि यह संभव भी है तो भी सर्वथा अनुचित है लीजिए महादेव शंखचूड़ पुन युद्ध के लिए प्रस्तुत है मेरे कवच की दिव्यता से प्रभावित होकर भले ही आप रुक गए हो किंतु मैं अपना आक्रमण कदापि नहीं रोकूंगा शंख [संगीत] चूड़ कुमार कार्तिके आप तो युद्ध के नियम भली भाति जानते हैं जब तक एक योद्धा दूसरे योद्धा को पराजित नहीं करता तब तक तीसरे योद्धा का हस्तक्षेप अनुचित है और अभी तो दो महान योद्धाओं के मध्य युद्ध हो रहा है इसलिए ना कुछ कहिए और ना कुछ [संगीत] कीजिए [संगीत] उन्होंने अभी भी अपने त्रिशूल से मुझ पर लक्ष्य साधा हुआ है अर्थात अभी युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो मेरा भी कर्तव्य है कि अपने विरोधी योद्धा पर वार करता रहूं जब तक वह युद्ध छोड़कर पीछे ना हट जाए या फिर पुनः आक्रमण करने का साहस ना करें नहीं पुत्र कार्तिक इस युद्ध में तुम्हारा हस्तक्षेप करना इस युद्ध की मर्यादा को भंग करेगा इस युद्ध में किसी भी अन्य योद्धा का उनका साथ देना महादेव का अपमान होगा लीजिए महादेव अब मेरे शक्ति त्रिशूल का बर सही है नहीं यह सर्वथा अनुचित [संगीत] है शिव की शक्ति का प्रयोग वो भी उनके स्वामी के विरोध कोई मूर्ख नहीं कोई महामूर्ख ही ऐसा करने की मूर्खता कर सकता [संगीत] है शक्ति अस्त्र का लाभ नहीं हुआ तो क्या हुआ मेरे पास अभी कहीं शस्त्र शेष है बारबार मूर्खता क्यों कर रहे हो तुम शंखचूड़ कोई भी दिव्यास्त्र महादेव का आहित नहीं कर सकता यह मेरी मूर्खता नहीं है देवी यह एक योद्धा का विजय के लिए प्रयास है जो मैं निरंतर करता रहूंगा जब तक महादेव को एक पग पीछे नहीं हटा [संगीत] देता इस दुष्ट की दुष्टता चरम पर पहुंच गई है इसे कैसे रोकू मैं आपका एक कष्ट मेरे आनंद को बहुत बढ़ा रहा है गणेश [संगीत] जी पर्वत [संगीत] [संगीत] अस्त्र यह पर्वत अस्त्र अवश्य ही महादेव को पीछे हटने पर विवश कर [संगीत] देगा [संगीत] [संगीत] ओम नमो वासुदेवाय ओम नमः शिवाय ओम नमो वासुदेवाय ओम नमः शिवाय चंद्र [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] अस्त्र तेज प्रभा [संगीत] अस्त्र [संगीत] [हंसी] आपको पीड़ा में देखकर कितना आनंद आ रहा है इस दुरा सत को इसका अनुमान भी आप नहीं लगा सकते विघ्न हता स्वयं विघ्न में वो भी मेरे द्वारा चाह कर भी अपने पिता की सहायता नहीं कर सकता यह है मेरा प्रतिशोध प्रभु इससे पार पाने का कोई तो उपाय होगा जब कोई अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने लगता है तो वही शक्ति उसकी सबसे बड़ी दुर्बलता बन जाती है और हमें इसकी उसी दुर्बलता का लाभ उठाना है मोशक [संगीत] जी अग्नि अस्त्र क्या लगता है आपको आपका अग्नि अस्त्र मुझे हानि पहुंचा सकेगा नहीं गणेश जी नहीं मैं जल बनक आपके अग्नि अस्त्र को बुझा दूंगा देखा मैंने कहा था ना आपका अग्नि अस्त्र व्यर्थ हो जाएगा किंतु शीतल अस्त्र तो व्यर्थ नहीं होगा द्रव्य रूप हो या वाष्प शीतल अस्त्र का प्रभाव तो सभी पर [संगीत] पड़ेगा छल है ये आपका छल शोभा नहीं देता विता गणेश जी किंतु जो भी है जैसे ही आपके शीतल अस्त्र का प्रभाव कम होगा मैं फिर से पिघल जाऊंगा और अब मैं आपको कुछ नहीं करने दूंगा नहीं दुराद तुम्हे पिघलने का अवसर नहीं दूंगा मैं तुम्हें उठाकर इस ब्रह्मांड के ही बाहर फेंक दूंगा य उचित नहीं है नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते मैंने कहा था ना प्रभु विघ्नहर्ता श्री गणेश के सामने कोई विन नहीं दिख सकता [संगीत] [संगीत] [संगीत] विघ्न हरता गणेश जी पुनः युद्ध भूमि में आ गए उन्हें रोकने का उपाय नहीं सूझ रहा [संगीत] परंतु इससे पूर्व कि वह महादव तक पहुंचकर उन्हें मुझे पराजित करने का रहस्य बता दे मुझे अपने श्रेष्ठतम अस्त्रों का प्रयोग करना होगा मैं नारायण अस्त्र का आहवान करता हूं मैं नारायण अस्त्र का आहवान करता हूं मैं नारायण अस्त्र का आहवान करता हूं मैं नारायण अस्त्र का आहवान करता [संगीत] हूं पिछली बार जब पिता श्री एवं प्रभु नारायण में युद्ध हुआ था वह अत्यंत भयंकर था उसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी [संगीत] चाहिए [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नम अब तो केवल दो ही संभावनाए है और दोनों मेरे पक्ष में है या तो नारायणस्त्र की मर्यादा रखने के लिए महादेव स्वयं पीछे हटेंगे या फिर नारायण की शक्ति से वो पीछे हटने पर विवश हो जाएंगे प्रभु महादेव यदि कृष्ण कवच पर प्रहार करते तब भी इतना भयंकर परिणाम ना होता जो जोब होने जा रहा है नारायण शक्ति और शिव शक्ति को तो कभी एक दूसरे के विरुद्ध प्रयोग में नहीं लाना चाहिए अन्यथा वो विस्फोट होगा जो समस्त संसार को प्रलय के अंधकार में ढकेल देगा ऐसा करने से हमें इस असुर को रोकना ही होगा ऐसा अनिष्ट होगा जिसकी कल्पना भी भयावह है किंतु युद्ध स्थल में प्रवेश किए बिना इस युद्ध में हस्तक्षेप किए बिना यह भला कैसे संभव है ओम नमो वासुदेवाय ओम नमो वासुदेवाय ओम नमः शिवाय ओम नमो वासुदेवा प्रभु कदाचित अब आपके हस्तक्षेप का समय आ गया है दयान महादेव पर नारायण अत्र का भयंकर प्रलय होगी प्रभु कुछ कीजिए अति शीघ्र कुछ कीजिए ओम नमो वासुदेवाय मेरा यह नारायणस्त्र का बर सफल [संगीत] होगा [संगीत] [संगीत] प्रभु महादेव के विरुद्ध युद्ध से संसार में उथल पुथल की स्थि है अब इस अनर्थ को कौन रोकेगा हे वि हमारी रक्षा कीजिए प्रभु एक दूसरे के आराध्य हैं आप किंतु आपकी शक्तिया एक दूसरे का विरोध करेंगी क्या कर आपने मुझे विवश कर दिया महादेव हे विघ्नहर्ता गणेश प्रभु इस विघ्न को हरिए और संसार की रक्षा [संगीत] कीजिए ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः शक्ति का उपयोग सीमाओं के विस्तार के लिए नहीं अपितु सुरक्षा समृद्धि एवं शांति के लिए करना ही उपयुक्त होता है
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