महाभारत पता नहीं वो सूर्य कब उदय होगा जिसकी मीठी धूप के स्पर्श से हमारे हृदय जी उठेंगे समाचार मिला है कि आपके दूसरे मामा सुनामा षड्यंत्र कर रहे हैं और संभव है की सीना की एक टुकड़ी विद्रोह कर दे कान्हा तुम चलो मैं मामा सुनामा के बल ढले करके आता हूं चलो मामा कंस ने मेरे माता-पिता को किस काल कोठ में रखा है सैनिक [संगीत] आइए तुम कौन हो वस पहचानिए मैं नंदगांव की यशोदा का काना हूं आपका आठवा पुत्र अरे पर यशोदा ने तुझे यहां क्यों आने दिया मेरे लाल मैंने यहां आने के लिए तो जन्म लिया था माते परंतु पुत्र य कंस को पता चल गया तो अनर्थ हो जाएगा वासुदेव अब कंस को कुछ पता नहीं चल सकता हां वासुदेव अब कंस को कुछ भी पता नहीं चल सकता वासुदेव आपके पुत्र कृष्ण कंस का वध करने के उपरांत ही यहां आपकी बेड़िया काटने और आपका आशीर्वाद लेने आए इतना आश्चर्य क्यों आपको तो पता था कि यही होने वाला है मेरे लाल मेरे लाल मेरे काना का मेरे का आप भी तो आशीर्वाद दीजिए पिता श्री मैं तुझे क्या आशीर्वाद दू मेरे पुत्र मुझे अपने सारे आशीर्वाद तेरे सामने छोटे दिखाई देते माता पिता के आशीर्वाद से तो बड़ा कुछ होता ही नहीं अब तो मेरे माता पिता की बेड़िया खोल दो ना नहीं पुत्र पहले महाराजा उग्रसेन की बेड़िया खुलवा मुक्ति पर पहला अधिकार उनका है जैसी आपकी आज्ञा पिता श्री बे [संगीत] तुम कौन हो व मैं नंदलाल हूं कौन नंदलाल नंदगांव का नंदलाल और यशोदा मैया का कन्हा आपकी बेड़ियां कटवाने आया हूं महाराज सैनिक जाओ इनकी बेड़ियां काट दो जो आ [संगीत] गया सुखी रहो अब आप स्वतंत्र है महाराज मुझे महाराज ना कहो व मेरे सिर से मेरा मुकुट तो स्वयं मेरे पुत्र ने उतरवा दिया था यदि तुम कंस का वध करने के उपरांत आए हो तो उस मुकुट पर अब तुम्हारा अधिकार है देवकी पुत्र तुमने मथुरा को जीता है मैंने मथुरा को नहीं जीता मैंने तो अपनी मातृभूमि की सेवा की है नहीं देव की पुत्र क्षत्रिय दान नहीं ले सकते चाहे वह दान तुम क्यों ना दे रहे हो यह दान नहीं महाराज मेरा मुकुट तो मयूर पंख है मथुरा का राज मुकुट तो आप ही के सर पर शोभा देगा महाराज मथुरा में तो समझिए बस मेरा कार्य समाप्त हो चुका तो वसुदेव को मथुरा नरेश बना दो यद ऐसा चा तो मुझे आदेश कभी ना देते कि पहले आपकी बेड़िया काटी जाए तुम लोग देवकी पुत्र से कहते क्यों नहीं कि राजगद्दी उसकी है जिसने कंस जैसे अत्याचारी से हमें मुक्ति दिलाई हो महाराज उसकी हर इच्छा हमारे लिए आदेश है मुझे देवकी के पास ले चलो मैं उसे कहूंगा कि अपने पुत्र को समझाए बहा बहीन अशक्त उग्र सेन मथुरा की रक्षा नहीं कर सकता मुझे देवकी के पास ले चलो चलिए महाराज आदेश दीजिए महाराज कि अब मेरे माता-पिता की बेड़ियां कटवा दी जाए अपने पुत्र को समझाओ देवकी जो राज हार चुका हो वह उसे जीते बिना राज मुकुट फिर अपने सिर पर कैसे रख सकता है इस विवेचन का कोई अंत ही नहीं है महाराज क्या आप चाहते हैं कि मेरे माता-पिता की बेड़िया कटही ना पाए और आपके होते हुए और कोई आदेश दे ही नहीं सकता आदेश दे दीजिए महाराज मैंने तो इसे ठीक से अभी छुआ भी नहीं आप मेरे पुत्र की धूप मुझ तक क्यों नहीं आने देते महाराज मैंने तो इसके लिए अकार में रहना स्वीकार किया था बेड़िया काटने का आदेश दे दीजिए कि मैं अपने पुत्र का मुख ठीक से तो चूम सकू मैं भी स्वर्ग की चौखट को चूमने के लिए तरस रहा हूं महाराज यदि यह बात है तो इनकी बेड़िया मैं स्वयं [संगीत] काटता सदा सुखी रहो कृष्ण कान्हा की जय कृष्ण कान्हा की जय कृष्ण कान्हा की जय कृष्ण कान्हा की जय कृष्ण कान्हा की महा भारत महाभारत महाभारत [संगीत]
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