[संगीत] महाभारत अच्छा यह तो बताओ पार्थ कि जब तुम मेरी नारायणी सेना मांग सकते थे तो इस निहत थे कृष्ण को क्यों मांग बैठे वासुदेव युद्ध में योद्धा से अधिक महत्व सारथी का होता है इस महायुद्ध में मुझे एक ऐसा सारथी चाहिए जिस पर मुझे संपूर्ण विश्वास हो अपने आप को जिसे सौंपकर मैं अपनी सारी चिंताओं से मुक्त हो जाऊं तो ऐसा सारथी आपके अतिरिक्त और कौन हो सकता है वासुदेव आप सारी दिशाएं जानते हैं सारे मार्ग जानते हैं आप मुझे रणभूमि में भटकने नहीं देंगे वासुदेव हे केशव आप मेरे सारथी बनकर मुझे सम्मानित कीजिए मुझे नारायण सेना नहीं चाहिए मुझे नारायण चाहिए केवल नारायण पार्थ मैंने तो कदाचित तुम्हारा सारथी बनने के लिए ही जन्म लिया है यह तो मेरा सौभाग्य है वासुदेव आज मेरी विजय निश्चित हो गई परंतु दाऊ से सहायता मांगना ना भूलना नहीं अर्जुन नहीं दुर्योधन भी सहायता के लिए आया था मैंने उससे भी यही कहा कि भाइयों के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए कौन सच्चा है और कौन सच्चा नहीं है इस पर वाद विवाद करने से कोई लाभ नहीं होगा जो शव गिरेंगे वह तो एक ही परिवार के होंगे ना अ इस युद्ध में ना तो मैं दुर्योधन के साथ में हूं और ना तुम्हारे इसलिए ना मैंने दुर्योधन को विजय श्री का आशीर्वाद दिया है और ना ही तुम्हें आशीर्वाद [संगीत] दूंगा मामा श्री पहले तो मैं बहुत घबराया कि अर्जुन इस अफसर को हाथ से जाने नहीं देगा और वो उस नारायनी सेना को मांग लेगा परंतु मामाश्री अर्जुन तो बहुत बड़ा मूर्ख निकला बोला कि मैं इस नारायणी सेना से सहायता मांगने नहीं आया हूं और उसने उस निहत्थे वासुदेव को मांग लिया तब मैंने मुंह लटका के कहा कि ठीक है मुझे ही नारायणी सेना दे दो मैं अपने अनुज का हृदय तो नहीं तोड़ सकता ना अरे यह सौदा बड़ा महंगा पड़ेगा तुम्हें भांजे दुर्योधन बड़ा महंगा पड़ेगा वो मायावी कृष्ण निहत्था हो चाहे ना हो हर सेना पर भारी है भारी है हर सेना पर इन बातों का यही तात्पर्य है ना कि अब युद्ध का कोई विकल्प नहीं आप धर्मराज है बड़े भैया निर्णय लेने में इतनी शीघ्रता ना दिखाइए प्रश्न ग्रता या विलंब का नहीं है वासुदेव यह तो स्वयं आप भी देख रहे होंगे कि आरंभ से ही युद्ध के अतिरिक्त और कोई मार्ग नहीं खुला है यह दूतों का आना जाना तो केवल तर्क वितर्क की क्रीड़ा है अधिक से अधिक यह कि आप यह नहीं चाहते कि आक्रमण का आरोप पांडवों के सर लगे आक्रमण का आरोप पांडवों के सिर क्यों और कैसे होगा पिता श्री क्या द्यूत में कपट इन्होंने किया था क्या द्रोपदी वस्त्र हरण का आदेश इन्होंने दिया था युद्ध इनका विकल्प नहीं अधिकार है युद्ध तो कोई विकल्प हो ही नहीं सकता शिखंडी [संगीत] मेरा प्रस्ताव यह है कि यदि आप सब लोगों को मुझ पर विश्वास हो तो शांति का प्रस्ताव लेकर हस्तिनापुर मैं जाऊंगा आप पर विश्वास ना होने का प्रश्न ही नहीं देवकी नंदन यदि आप जाना चाहते हैं तो अवश्य जाइए जहां हमने जितने दिनों तक अपमान का विष पिया है कुछ दिन और पी लेंगे योद्धा केवल धर्म की रक्षा के लिए युद्ध करते हैं मजले भैया उन्हें युद्ध के लिए व्याकुल होना शोभा नहीं देता यह ना भूलिए कि कल इतिहास आज के योद्धाओं को अपने मूल्यों की तुला में तोले और इतिहास ना आपका संबंधी है और ही दुर्योधन का क्या आप यह चाहेंगे कि इतिहास की तु में तुलते समय आपका पलड़ा हल्का पड़ जाए मैं शांति विरोधी नहीं हूं वासुदेव किंतु आपके और शांति के बीच किंतु जैसे शब्द को ना बैठने दीजिए मजले भैया तो यह निश्चित है कि शांति दूध बनकर हस्तिनापुर मैं जाऊंगा भाई भाई में युद्ध ना हो और रहे धर्म का मान चले शांति प्रस्ताव ले स्वयं कृष्ण भगवान आभार महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत [संगीत]
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