Monday, 5 January 2026

श्री कृष्ण ने राधा संग खेली होली होली की शुभकामनाएं राधाकृष्ण की होली Mahabharat Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] महाभारत [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] क्या [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [हंसी] राधा को ना जाने क्या हो गया है अरे बहना वो तो हमें भूल ही गई भाई हमारे जीवन में तो दुख ही दुख है जब काना यहां आता है तो हमारी उससे पटती नहीं है और जब वह आता नहीं तो उसके बिना मन बहुत बेचैन रहता है भाई तुम ठीक कहते हो हम तो फूले नहीं समाते यह सोचकर कि कान्हा हमारे लिए आया है अब तो हमें उसके दर्शन ही नहीं होते मन की आंखों से देखो तो दर्शन हो हो [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] जाएंगे [संगीत] [हंसी] अरे राधा काना की बंसरी से कहां भागेगी अरे उधर मुड़ जिधर व नटखट बंसरी बजा रहा है मैं क्यों मुड़ उसे सुनाना हो तो स्वयं आके सुनाए अरे उसे क्या पड़ी है तेरे पास आके बंसरी बजाने [संगीत] [हंसी] की यद से कुछ पड़ी ही नहीं थी तो वो ब्रज में आता ही क्यों वो मेरे लिए ही तो ब्रज में आया है महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

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