Sunday, 4 January 2026

शिशुपाल की अद्भुत कहानी Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

महाभारत श्री कृष्ण की दूसरी बुआ का बेटा शिशुपाल है यह अपनी मौसी के बेटे युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में भाग लेने के लिए इंद्रप्रस्थ जा रहा है लेकिन वहां पहुंचने से पहले इसकी कहानी सुन लेना आवश्यक है क्योंकि इसकी कहानी बस यही नहीं है कि यह श्री कृष्ण का फुफेर भाई है इसकी कहानी यह है कि वह जिस दिन शुरू हुई थी उसी दिन उसका अंत भी निश्चित हो गया था और वह आज उसी कहानी के अंत की तरफ जा रहा है ये इसके जीवन की अंतिम यात्रा है इसलिए इसके जीवन की पहली यात्रा को भी देख लेना चाहिए क्योंकि भविष्य का अंकुर सदा ही अतीत की भूमि से फूटता है तो अतीत की तरफ मुड़िए और घबराइए मत मत मैं आपको फिर यहीं लौटा लाऊंगा क्योंकि मैं तो कभी रास्ता नहीं भूलता मैं आपको चेद राज के भवन में ले चलता हूं जहां यह बच्चा जन्मा था जिसे आज हम शिशुपाल कहते हैं तो इस कहानी को इसके जन्म वाले दिन से पकड़ते हैं हे भगवान यह मेरी ममता की कैसी परीक्षा है यह कैसी परीक्षा है भगवान यह कैसी परीक्षा है इसे मत फेंको यह बालक परमवीर होगा यह भविष्य की धरोहर है परंतु कृपया इतना भी बता दीजिए भगवन कि जिस बालक का जन्म ऐसे हुआ उसकी मृत्यु कैसे होगी उसके अतिरिक्त बाहू और नेत्र जिसकी गोद में झड़े वह इसका वध करेगा [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] और एक दिन किशोर कृष्ण अपने दाऊ बलराम सहित अपनी छोटी बुआ से मिलने उसके यहां [संगीत] पधारे लल्ला को मेरी गोद में दे दो बुआ तेरी गोद में कैसे देगी बड़ा मैं हूं कि तू बड़े तो आप ही है दाऊ रो मत बहना रो मत भगवान जो भी करते हैं सोच कर ही करते हैं रो मत अले ले ले ले ले ले ले ले ले आा मेरे भांजे को मेरी गोद में दे दो आा बेटा आ जा आा आा आा अले ले ले ले अरे बेट बेटू अच्छ च च अरे रे रे देखो कैसे हसता है अच्छा अच्छा अच्छा बेटा बेटा नहीं नहीं ले ले अब मेरी बारी है ये लो पुत्र अब तो मेरी बारी है ना दाऊ हां अले अले अले अले अले अले [प्रशंसा] आ [प्रशंसा] [संगीत] ओ पुत्र तू ऐसा कौन सा अपराध करने वाला है पुत्र कौन सा अपराध करने वाला है जिसके कारण कृष्ण जैसे भाई को तेरी हत्या करनी पड़ेगी नहीं नहीं मेरा कृष्ण ऐसा नहीं कर सकता मैं उसे ऐसा करने भी नहीं दूंगी [संगीत] क्या हुआ बुआ तुम मेरे पुत्र का वत करोगे देवकी नंदन यह आप मुझसे क्यों पूछ रही है बुआ यही आकाश वाणी हुई थी वर्ष कि जिसकी गोद में जाते ही इसके दो हाथ झड़ जाए और तीसरी आंख लुप्त हो जाए वही उसका वत करेगा यह आकाशवाणी हुई थी बुआ या आपके प्रश्न का उत्तर मिला था हां मेरे प्रश्न का उत्तर मिला था परंतु आपने मां होकर अपने पुत्र की मृत्यु के विषय में प्रश्न ही क्यों किया बुआ जीवन के इस रहस्य को आप ना जानती तो अच्छा होता ना बुआ तो क्या तू सचमुच उसका वध करेगा यदि करना ही पड़ा तब तो करना ही पड़ेगा ना बुआ और आकाश कभी झूठ नहीं बोलता इतने कठोर ना बनो पुत्र वह तुम्हारा भाई है क्या तुम्हें उस पर दया भी नहीं आएगी दया ही तो आएगी बुआ और दया ही तो करूंगा यह तो कोई दया नहीं है व इसे मोक्ष कहते हैं बुआ मोक्ष मैं यह सब नहीं जानती मैं तो केवल इतना जानती हूं कि वह मेरा एकलौता पुत्र है और तुम्हारे हाथों उसका वत होने वाला है मुझे एक वर दो पुत्र मुझे एक वर दो मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं मैं तुम्हारे आगे यह ना कीजिए मैं विवश हूं विवश हूं जब तक तुम वर नहीं दोगे पुत तब तक इस अभागी मां के हाथ यूं ही जुड़े रहेंगे यूं ही जुड़े रहेंगे क्या वर मांग रही है आप केवल एक कि मेरा पुत्र जब कोई अपराध करे तो मेरा ध्यान करके उसे क्षमा कर दिया करना ऐसे असीमित व तो केवल महादेवी ही दे सकते हैं परंतु यह वचन में अवश्य दे सकता हूं कि मैं उसे ऐसे 100 अपराधों पर क्षमा कर दूंगा जिनमें से हर अपराध मृत्यु दंड का अधिकारी है 100 अपराधों तक तभी कर दी क्षमा प्रदान वचन दिया श्री कृष्ण ने दिया मोक्ष [संगीत] वरदान दिया मोक्ष वरदान वही बच्चा बढ़कर यह शिशुपाल बना है और अपने विनाश की ओर जा रहा है ह देवकी नंदन कृष्ण और बलराम पधार रहे हैं प्रणाम बुआ प्रणाम बुआ युग युक जियो द्वारिका में तो सब कुशल मंगल है ना जी बुआ आपके आशीर्वाद से द्वारिका में सभी कुशल मंगल हैं परंतु पूरी यात्रा में मैं यही सोचता रहा कि कहीं मेरी बहन सुभद्रा ने आपको कष्ट तो नहीं दिया अरे आ गई मेरी बहन देख लिया बुआ बड़ा भाई हूं मैं और बहन का स्नेह पा रहा यह छोटा भाई यह तो बड़ा भाई बनने से पहले सोच लेना चाहिए था ना दाऊ मैं बुआ से बात कर रहा था अब आप ही मेरा और इसका न्याय कीजिए बुआ मान सम्मान पर पहला अधिकार बड़े भाई का होता है परंतु बलराम स्नेह पर पहला अधिकार छोटे का ही होता है सुन लिया दाऊ अब कृपया मुझे अपनी चहती बहन से बात करने दीजिए यह तो पूछने का कोई अर्थ ही नहीं कि तुम यहां सुखी हो या नहीं बुआ के घर में हो तो सुखी कैसे नहीं होगी ना ना कृष्ण अब यह घर मेरा नहीं है पुत्र वधु के आ जाने के उपरांत घर पुत्र वधु का हो जाता है तो ठीक है मैं तुमसे पूछता हूं बहना कि तुम्हारे घर में मेरी बुआ को कोई कष्ट तो नहीं है यह घर मेरा थोड़ी है भैया यह तो दीदी का है मैं तो दीदी की दासी हूं माता श्री सुन रहे हैं आप अपने भाई से लगा रही है कि मैंने इसे दासी बना केर रखा है यह भी पूछ लो अपनी बहन से कि मैंने इसे सताया तो नहीं तुम तो इसे मेरी बहन ऐसे कह रही हो द्रौपदी जैसे तुम मेरी बहन लगती ही नहीं अरे तुम तो इससे भी कहीं अधिक पुरानी बहन हो यहां तो मैं भी कृष्ण से सहमत हो गया हूं हम आपके मुंह से यह सहमत होने वाली बात तो मैं पहली बार सुन रहा हूं दाऊ महारानी की जय हो महा ऋषि व्यास ऋषि संप्रदाय के संग राजभवन में प्रवेश करने ही वाले हैं चलिए बुआ [संगीत] प्रणाम ऋषिवर प्रणाम ऋषिवर यशस्वी भव तेजस्वी भव मनस्वी भव विराजे ऋषिवर बढ़ पाहुन के पग धोए रहे हरि पीतांबर से पहुच रहे हैं पढ़ पाहुन के पग धोए रहे हरि पीतांबर से पहुच रहे हैं जो हरि चरण बसे ऋषि मन में वे ऋषि चरण पखार रहे जो नाथ है तीनों ही लोकन के वे लोकन के अब दास बने हैं हरि उपकारी करें उपकार तो पतझर भी मधुमास बने है पतझर भी मधुमास बने है हरि उपकारी कर रहे आज अतिथि सत्कार धन्य करें आतिथ्य को धन्य करें व्यवहार सीख हम दते युगों से नए युग का करे स्वागत करे स्वागत करे स्वागत करे [संगीत] स्वागत आभार महाभारत महाभारत महा मार हो महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत [संगीत]

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