[संगीत] महाभारत एकएक करके आओ कि मैं तुम लोगों को पहचान सकूं वासुदेव टूटे हुए इस वृक्ष की छाया में तुम्हारा स्वागत है वासुदेव हस्तिनापुर नरेश की सेवा में वासुदेव कृष्ण का सादर प्रणाम मैंने सोचा था कि पहले तुम मेरे पुत्रों के वीर गति को प्राप्त होने पर शोक प्रकट करोगे मैं औपचारिकताओं में विश्वास नहीं रखता महाराज वीर गति को प्राप्त होने वालों ने वह मार्ग स्वयं ही चुना था और फिर शोक करने से घव खुल भी तो जाते हैं ना महाराज मुझे बारबार महाराज क्यों कह रहे हो क्या तुम नहीं जानते कि युद्ध में मेरी पराजय हो चुकी है महाराज तो अब मेरा प्रिय युधिष्ठिर है शांति प्रस्ताव वाले दिन तुमने ठीक ही कहा था कि इस युद्ध के लिए इतिहास मुझे ही उत्तरदाई ठहराए का इस युद्ध के लिए इतिहास आपको इसलिए उत्तरदाई ठहराए क्योंकि आप ही उत्तरदाई है महाराज मुझे बारबार महाराज ना कहो वासुदेव जब मैं महाराज था तो मेरे दाहिने हाथ ता श्री बैठे हुआ करते थे फिर आचार्य द्रोण फिर कुल गुरु कृपाचार्य युवराज के स्थान पर मेरा प्रिय दुर्योधन विराजमान होता था और राज्य सभा मेरे स पुत्रों की उपस्थिति के अमृत से किसी कागर की भाति छलकती रहती थी अब मैं यदि महाराज हूं भी तो किसी शून्य में हूं किंतु इस सिंहासन पर अधिकार मेरा ही था वासुदेव और मेरे उपरांत सिंहासन पर मेरे दुर्योधन का अधिकार होता मैंने क्षत्रिय की भांति युद्ध में पराजय के उपरांत यह सिंहासन रिक्त किया है किंतु इसका अर्थ यह ना निकालना अनुज पुत्र युधिस्टर के लिए मेरे पास कोई आशीर्वाद ही नहीं है प्रणाम जेष्ठ पिता श्री आयुष्मान भव पुत्र कीर्तिमान भवा हे हस्तिनापुर नरेश आपके राज भवन में आपका स्वागत है महाराज तो आप है जेष्ठ पिता श्री महाराज तो आप ही है मैं तुम्हारा जे पिता होने के साथ-साथ एक क्षत्रिय भी हू अनुज पुत्र मुझे दान में राज देकर मेरा अपमान ना करो अपने अनुज को बुलाओ भीम अर्जुन नकुल सहदेव भीम मेरे निकट आओ [संगीत] पुत्र [संगीत] [संगीत] लिंग [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] प अनु पांडू मुझे क्षमा कर देना पहले तुम्हारे पुत्र भीम की हत्या कर दी नहीं राजन मैं जानता था कि आप कितने क्रोध में है इसलिए भीम को तो मैंने आपके निकट ही नहीं [संगीत] आने [संगीत] मैं आपकी आशीर्वाद की प्रतीक्षा करर य आप आज अग शान ना तो मैं स्वय आपकी बाह में आ [संगीत] जाता [संगीत] ऐसा अपने स पुत्रों को खो देने वाला ये पिता अब अपने अनु पुत्र को नहीं ना चाहता आज्ञा हो मैं आपकी छाती से यह बहता लहू पछ द आयुमान [संगीत] आयुमान आयुष्मान भव आयुष्मान [संगीत] भव आयुष्मान आयुष्मान आभार महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत y
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