[संगीत] [संगीत] हनुमान कहां गई वो म पट्टी [संगीत] का यह रही करोड़ों की वह [संगीत] धरोहर संकट मोचन हनुमान के लिए कुछ भी असंभव नहीं [संगीत] है [संगीत] [संगीत] आचार्य जी यह मंत्र पटका अब आपके पास ही सुरक्षित रहेगी [संगीत] धन्यवाद हनुमान तुमने गरुड़ जाति का सर्वनाश होने से बचा [प्रशंसा] लिया कोई शत्रु मेरे द्वारा उत्पन्न की गई सीमा भित्ति पर अग्नि से प्रहार कर रहा है संकट समीप है सब लोग तुरंत सुरक्षित गुफा के अंदर जाए कोई भी बाहर ना रहे जी महाराज मित्र [संगीत] भूषण हनुमान मुझे क्षमा कर देना मैं आपका अपराधी हूं मेरे ही कारण आपको इतने सारे संकटों से संघर्ष करना पड़ा जिसने भी ये षड्यंत्र रचा है वहु शीघ्र ही आपके समक्ष होगा और वह दिव्य पंख भी अपने स्थान पर स्थित होगा मित्र भूषण तुमने जो कुछ भी किया यह सब व्यवस्था में आकर किया अन्यथा तुम वो दिव्य पंख मेघसर को सौंपते ही नहीं इसीलिए तुम स्वयं को दोषी मत मानो जिससे वह संकट उत्पन्न हुआ है हनुमान उसे दूर करने का प्रयास करेगा महाराज पचपन करोड़ों के पूज मंत्र रक्ष की प्राणों की रक्षा करना हमारा प्रथम धर्म है परंतु हनुमान ग का देव पंख तो मेघसर के पास मैं दुष्ट मेघसर को लेकर आशंकित सर्वप्रथम तुम उसे ढूंढकर इस संसार को उसके भै मुक्त कर परंतु हम कैसे ज्ञात करें कि वह कहां गया है मित्र भूषण दिव्य पंख को प्राप्त कर और उन्हें अभिमंत्रित कर व अवश्य गरुड़ राज्य में आक्रमण करने गया होगा मुझे वहीं जाना चाहिए गुफा का द्वार बंद कर उसे सुरक्षित किया जाए कहां जाकर छिप गए गरुड़ राज जटायु एक करुण होकर मशक की भाती कब से छिपने लगे ने की कोई आवश्यकता नहीं कायरो मैं यहां तुम लोगों को मिटाने नहीं अभी तो मिटने से बचाने आया हूं स्मरण रहे डरो ग तो मरोगे और मुझ मेंसुर से मित्रता का हाथ बढ़ाओ ग तो बच जाओगे किंतु किंतु उस पर भी तुम लोगों को मेघसर की एक बात माननी पड़ेगी और वो यह कि तुम सब गरुड़ को अपने भावी राजा के सामने झुकना होगा घुटने टेकने होंगे तुम सबको शीश झुकाना होगा वाली के समक्ष तुम तुम लोगों को हां वाली करोड़ों का भावी राजा तभी बच पाओगे मेघसर से तुम सब यह मेघसर उड़ने की शक्ति प्राप्त कर हमें नष्ट करने आया है डरना बंद कीजिए हमें किसी भी तरह उसका सामना करना है सुनो जटायु मेरे चरणों में गिरकर क्षमा याचना करो महाराज बाली की अधीनता और उन्हे वन संघ के महानायक के रूप में स्वीकार करो हरि भक्ति त्याग कर दशानन रावण की शरण में आ जाओ तो मेघसर क्षमा कर सकता है तुम सबको महाराज वाली और दशानन रावण इसका मतलब यह सब बाली ने किया है अन्यथा मेघा सुर संघार करेगा तुम सभी पक्षियों का महाराज उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लीजिए महाराज हरि भक्ति हमारे प्राणों की रक्षा नहीं कर सकती तो हमें उसका क्या लाभ महाराज वाली और रावण की प्रभुता को स्वीकार कर लीजिए महाराज अन्यथा महाराज यह दुष्ट कुछ भी कर सकता है बाहर हमारे अंडे असुरक्षित पड़े हैं यह उन्हें भी नष्ट कर सकता है जन्म लेने से पूर्व ही हमारी भाभी पीढ़ी का अंत कर देगा यह दुष्ट मेघा सुर अब और विचार मत कीजिए महाराज इसका कहना मान लीजिए क्या सोच रहे हो जटायू ना जाने हनुमान कब तक आएगा अब मुझे कुछ करना होगा गुफा का द्वार खोल दिया जाए हनुमान तुम्हारा सही है मेघसर छल से उड़ने की शक्ति गरुण के विनाश के लिए ही प्राप्त की है व अवश्य उ पराजित करने गरु राज गया हो मुझे गों की चिंता सता रही है व कुटिल मेघसर गरुर राज पहुंचकर पक्षी फल और जटायु का विनाश करना प्रारंभ कर चुका होगा महाराज पंचन जिनके हदय में कपट हो उनके पास जो है वो विनाशकारी ही होती है मेघसर जीवन के उद्धार के लिए नहीं अभी तोत उसके विनाश के लिए शक्ति का प्रयोग करेगा हनुमान को शीघ्र जाकर उसको रोकना होगा परंतु अब उसको रोकना इतना सरल नहीं है हा मित्र [संगीत] हनुमान अब उसके पास केवल विषैली ज्वाला ना होकर उड़ने की शक्ति भी प्राप्त हो गई है अब वह सर्व शक्तिशाली हो गया है इतनी शीघ्र पराजय मानकर बाहर आ जाओगे जटायू मुझे तुमसे यह अपेक्षा नहीं थी मेघसर महाराज जटायु ने निर्णय ले लिया है उन्हें तुम्हारा प्रस्ताव अ स्वीकार है मुझे ये गणित प्रस्ताव मेघसर अपने प्राणों की रक्षा चाहते हो तो यहां से लौट जाओ वरना परिणाम गंभीर होंगे वैसे भी तुम्हारे पास सेना नहीं [संगीत] है तुम युद्ध कैसे करोगे सेना नहीं है महाराज जटायू परंतु मेरे पास उड़ने की शक्ति है मैं और मेरे कुछ विश्वसनीय सैनिक तुम्हारे दिव्य पंख की सहायता से आसमान में उड़ सकते हैं वो बहुत शीघ्र ही पहुंचने वाले हैं अब हम किसी भी सेना से अधिक बलशाली है विषधर विकराल हूं मैं शत्रुओं का काल हूं मैं [संगीत] हा कितना आनंद आ रहा है मुझे आकाश में उड़ने में अब तुम करोड़ कभी नहीं उड़ पाओगे देखो मेरे पास है तुम्हारा दिव्य पंख यह अनर्थ कैसे हो गया हनुमान कहां हो करोड़ राज्य के वासियों ने मुझ पर विश्वास जताकर उनकी सुरक्षा का दायित्व मुझे सौंपा [संगीत] है इसीलिए अब मुझे मेरा कर्तव्य निभाना होगा आप लोग निश्चिंत रहे बुरा कितना भी बलवान हो विजय सदैव सत्य की ही होती [संगीत] है मैं गरुड़ राज्य की ओर प्रस्थान करता हूं अपना ध्यान रखना हनुमान मुझे तुम पर पूर्ण विश्वास है आप आचार्य जी की चिकित्सा के पश्चात शीघ्र वहां पहुंच मित्र भूषण मैं विदा लेता हूं प्रणाम मित्र हनुमान जटायु हरि भक्ति त्याग दो और महाराज वाली की सत्ता को स्वीकार कर लो अन्यथा पछताओगे मैं तुम्हारे राज्य को नष्ट कर दूंगा मेरे कोप की ज्वाला से एक भी पक्षी जीवित नहीं बचेगा [संगीत] जटायु असंभव जब तक मैं जीवित हूं तुम्हारा यह उद्देश्य कभी पूर्ण नहीं होगा मूर्ख हो तुम जटाय लगता है तुम्हें अपने कुल का विनाश देखने की प्रबल इच्छा सता रही है जटायू सेनापति चित्रकेतु की ओर क्या देख रहे हो जटायू व तुम्हारी सहायता क्या करेगा जो राजा बनने के लो में मेरे आगे अपने घुटने टेक चुका है क्या क्या सेनापति चित्र केतू नागू का साथ दे रहे हैं उन्होंने हमारे साथ विश्वास घात किया [संगीत] है यह संकट मेरे विश्वास का नहीं अपितु आपके विश्वास घात का परिणाम है यदि गरुण राज्य में राजद्रोही को बंदी बनाने की परंपरा होती तो तुम्हें अभी के अभी कारागार में डलवा देता मेघसर चित्रकेतु जैसे लोग तुम्हारे आगे घुटने टेक सकते हैं हरि भक्तों के विरुद्ध जा सकते हैं परंतु मैं अपने आदर्शों पर अडिग हूं तुम्हारा यह प्रस्ताव मुझे कभी स्वीकार नहीं [संगीत] होगा तब तो तुम्हारे को का विनाश अवश्य होगा और क्यों ना मैं इसका प्रारंभ तुम्हारे बच्चों और अंडों को नष्ट करने से करूं तुम्हें कष्ट में देखकर मुझे अत्यंत आनंद आएगा [संगीत] जटायु मेगा सोर मेघसर बालक यदि जीवित रहना चाहते हो तो मेरे चरणों में अपने शीश को रख दो नहीं जिता तक इस असुर के सामने तुम अपने कुल की मर्यादा नहीं रख सकते आओ बालक जिंतक कुल की मर्यादा को इस दुष्ट पापी के चरणों में नहीं रख सकते तुम जि दतक नहीं पुत्र नहीं जि दतक पुत्र नहीं जिता अंतक दुष्ट बालक सब भागो अपने अटों की रक्षा श्र करो बालक रुक जाओ तुम सब गरुड़ का वध करूंगा मैं आ मुझे शीघ्र अपनी गति बढ़ानी होगी ताकि शीघ्र पहुंच कर मैं गरुड़ राज्य को मेघसर से बचा सकूं इसके साथ ही सूर्य उदय से पूर्व मुझे मेघसर से करोड़ों का वो दिव्य पक प्राप्त करना ही होगा मेरी विगनी तुम्ह भस्म कर देगी आ गए मेरे सैनिकों जाओ और करोड़ों के अंडों को लेकर आ जाओ दना ने हमारे अंडे चुड़ लिए रक्षा कीजिए महाराज हमारे अंड की रक्षा [संगीत] कीजिए हां महाराज हमारी रक्षा कीजिए महाराज हमारी रक्षा कीजिए महाराज हमारे बच्चों की हमारे अंडों की रक्षा कीजिए महाराज हमारी रक्षा कीजिए मिर बराल हूं मैं अब इन अंडों को मुझे नष्ट करने से कोई नहीं रोक सकता मेघसर तुम ऐसा नहीं कर सकते कौन रोकेगा मुझे तुम जटायू प्रयत्न करके देख लो
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