Wednesday, 7 January 2026

हनुमान जी ने नागव्यूह को कैसे तोड़ा Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 285 Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] आ [संगीत] यह नाग अपने ही राजा पचपन को नागलोक के भीतर क्यों नहीं जाने दे [संगीत] रहे यह आप सबका हुआ क्या है आप सब ऐसा बर्ताव क्यों कर रहे हैं नागराज पचपन जी तो आपके महाराज है आप उनको ही नहीं प जानते हमारे राजा तो मेघसर है हम किसी अन्य को नहीं जानते चले जाओ यहां से ये सब इतने उग्र व्यवहार क्यों कर रहे हैं चले जाओ यहां से अन्यथा अपने प्राणों से हाथ धो बैठोगे चले [संगीत] जाओ ओम सहना भवतु सहना भनक सवीर [संगीत] करवा पढ़ो आगे के मंत्रवा तेजस्वी नावत मस्तु मा विदव ओम शांति शांति [संगीत] शांति शीघ्र ही मैं गरुड़ का दिव्य पंख प्राप्त कर उड़ने के योग्य हो जाऊंगा हम इनसे अपनी रक्षा भी नहीं कर पाएंगे इतने अशक्त हो चुके हैं हम यह सब उस हनुमान के ल के कारण हुआ है हनुमान भैया ने कहा था कि हमें अंतिम सांस तक अपनी आशा नहीं त्याग चाहिए हम उड़ नहीं सकते तो क्या हम लड़ तो सकते हैं हनुमान भैया अवश्य आएंगे हमारी सहायता करने के लिए तब तक हमें स्वयं को बचाए रखने के लिए इन सियार का दृढ़ता से सामना करना चाहिए कब तक करेंगे हम सामना अशक्त हो चुके हैं हम शीघ्र ही य सियार हमारा आखेट कर लेंगे प्राण बचाना है तो भागो यहां से नहीं आखेट करेंगे य सीआर य सीआर हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते तुम्हारा राजा होने के नाते तुम सबकी रक्षा करना मेरा धर्म है जिंतक इन सबको गुफा के भीतर लेकर जाओ इन सियार को मैं संभालता हूं नहीं महाराज मैं इनका सामना करूंगा आ जाओ सबको भीतर लेकर अभी जी महाराज सब गुफा के भीतर ही रहना मैं किसी सियार को भीतर नहीं जाने दूंगा हनुमान मेघ सुर ने अपनी माया से इन सबके मस्तिष्क पर अपना अधिकार कर लिया है यह सब उसके वश में है अब यहां मेरी कोई नहीं सुनेगा जब तक इनका सम्मोहन टूटेगा नहीं तब तक ना तो यह मेघसर के बारे में कुछ बताएंगे ना ही हमें अंदर जाने देंगे मेरा संचित समस्त ज्ञान जिसमें त्रिदेव का महा ज्ञान भी समाहित वो मैं तुम्हें प्रदान करने जा रहा हूं पुत्र हनुमान गुरुदेव सूर्यदेव ने मुझे सम्मोहन तोड़ने की विद्या दी थी उस विद्या से मैं इन सबका सम्मोहन तोड़ दूंगा ओम सूर्याय नमः ओ गुरुदेव सूर्य देव नमः ओम सूर्याय नमः हे गुरुदेव सूर्यदेव आपके द्वारा दी गई सम्मोहन तोड़ने की सीख की आज मुझे आवश्यकता पड़ गई है आप मेरी सहायता [संगीत] करें ओम सूर्याय नमः ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली हनुमान गुरु से पाया था जो ज्ञान ध्यान करें उसका हनुमान मंत्र को अपना मित्र बनावे उसके सब संकट कट जावे जहां ना मित्र ना और सहाय वहां धैर्य बस महा उपाय जय हो जग के संकट हारी तेरी महिमा सबसे न्यारी महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघु नंदन राम जय जय जय महाबली [संगीत] हनुमान तुम में से कोई भी भीतर नहीं जा पाएगा हट जाओ कोई अंदर नहीं जाएगा किसी को अंदर नहीं जाने दूंगा हनुमान भैया अवश्य आएंगे पंख लेकर तब तक हमें उनकी प्रतीक्षा करनी होगी कोई नहीं आएगा यह जटायु जी भी महाराज होने के योग्य नहीं है उस नाग बालक को यदि उस दिन यहां दिव्य पंख देखने की अनुमति नहीं दी जाती तो छल नहीं होता तुम्हारा मित्र भी हमारे साथ चल सकता है और उस मेगा सुर ने मेरे साथ छल किया मैंने भी तो अपनी गरुण जाति के साथ छल किया है कहीं ये उसी छल का दंड तो नहीं [संगीत] है वो देखो हमारी गरुड़ प्रतिमा उसकी आवा समाप्त हो रही है नहीं गरुड़ प्रतिमा की आ क्षीण होने का अर्थ है कि किसी ने उस दिव्य पंख को जागृत करने के लिए यज्ञ आरंभ किया है जिससे कि उसे उड़ने की शक्ति प्राप्त हो सके शीघ्र यदि इसे हनुमान भैया ने नहीं रोका तो अनर्थ हो जाएगा सर्वा तेजस्व त मस्तु मा विदव ओम शांति शांति शांति [प्रशंसा] [संगीत] भाई य तो हो अवश्य उस मेघसर ने उड़ने की शक्ति प्राप्त कर ली है अब हम सब पर भारी संकट आने वाला है प्रणाम महाराज लगता है हमें कुछ हो गया था किंतु समझ में नहीं आ रहा था क्या हुआ था मेघसर ने अपनी माया से सभी नागों को सम्मोहित कर लिया है य सुमेरू के महाराज केसरी के पुत्र हनुमान है इन्होने ही तुम्ह सम्मोहन से मुक्त कराया प्रणाम हनुमान हम आपके आभारी है संकट मोचन हनुमान की जय महाराज पंचन की जय संकट मोचन हनुमान की [संगीत] [संगीत] जय नहीं मैं ऐसा नहीं होने दूंगा करुण प्रतिमा काली पड़ गई है हम अपना सर्वस्व खो चुके अब हम कभी उड़ नहीं [संगीत] पाएंगे दिव्य पंख की शक्ति अब मुझे प्राप्त हो चुकी है अब मैं उड़ सकता हूं आकाश में विचरण कर सकता हूं तां तक तां तक नहीं ऐसा नहीं हो [संगीत] [संगीत] सकता [संगीत] महाराज मेघसर हम आपके विश्वसनीय सैनिक हैं आपने कहा था कि हमें भी उड़ने की शक्ति प्राप्त [संगीत] होगी [संगीत] अब मुझे मुझे मुक्त कर दीजिए नागराज मेघसर अवश्य कर देंगे मुक्त आपने हमें इतना शक्तिशाली जो बना दिया है आपको तो हम पुरस्कार भी देंगे और पुरस्कार में हम आपको अपनी सबसे प्रिय वस्तु देंगे अपना विश आप गरुड़ का सर्वनाश होगा और गरुड़ के आचार्य जी सबसे पहले आ होती आपकी सत्य है बुराई का साथ देने वालों का बुरा ही होता है गरुड़ राज जटायु मुझे क्षमा कर देना [संगीत] आ आचार्य जी यह क्या है पुरोहित जी के आसपास ये तो नाग व्यू है आचार्य जी मैं आपको कुछ नहीं होने दूंगा हनुमान रुक जाओ दुष्ट मेघसर ने पुत जी के चारों और नाग बना रखा है त जागत होने वाला हनुमान रुक जाओ उस घरे के भीतर मत जाओ [संगीत] हनुमान हनुमान आचार्य जी आचार्य जी आपको कुछ नहीं होने दूंगा आचार्य जी अपने नेत्र खोलिए [संगीत] [संगीत] हनुमान पुरोहित जी आचार्य जी मैं आपको कुछ नहीं होने दूंगा आचारी जी अपने नेत्र खोलिए पंच पं जी प्रतीत होता है इन पर मेघसर ने विष का प्रयोग किया [संगीत] है रोहित जी रोहित जी कुछ बताना चाह रहे हैं हनुमान हां हां कहिए आचार्य जी क्या कोई विशेष बात है वो खग विद्या हां हां खग विद्या मंत्र पट्टिका भीतर मंत्र पट्टिका भीतर छूट गई है एक [संगीत] छ आचार्य जी मैं आपको कुछ नहीं होने दूंगा आचार्य जी अपने नेत्र [संगीत] [प्रशंसा] खोलिए गरुर अपने उड़ने की शक्ति पुनः प्राप्त करने के लिए आप पे आश्रित है पुरोहित जी इस मंत्र से अवश्य ही विष का प्रभाव कम हो सकेगा पुरोहित जी कृपया अपनी आंखें खुली रखिए यह मेरा एक प्रयास है हो सकता है इससे पुरोहित जी पर बड़े विष का प्रभाव कम हो जाए [संगीत] किंतु उस मंत्र पटिया को प्राप्त करना आवश्यक है पंच पंजी हनुमान नाग उ जागृत हो चुका है अब तुम वहा जाओगे तो पड़ जाओगे हनुमान मत जाओ रुक जाओ हनुमान वहा मत जाओ एक और बड़ा संकट आने वाला है अब हमारे अंडे ऊपर रखे हैं हम उड़ नहीं सकते हमारी स्त्रियां कब तक इनकी रक्षा करेंगी सुनो अंडों को नीचे फेंक दो हम उन्हें पकड़ लेंगे और उन्हें उचित स्थान पर लेकर जाएंगे अंडों को इनके स्थान से हटाना उचित नहीं है इन्हे यही रहने दीजिए देवी हम भी उन्हें अपने स्थान से नहीं हटाना चाहते हैं किंतु बहुत बड़ा संकट आने वाला है अगर इन्हें अपने सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया तो अनर्थ हो जाएगा नहीं महाराज हम अंडे नहीं हटाएंगे इनके स्थान से कहां है वो मंत्र पटका सूर्य उदय से पूर्व ही मुझे दिव्य पंख भी ढूंढना ही होगा अन्यथा करोड़ उड़ नहीं [संगीत] पाएंगे कहां है मंत्र [संगीत] पटका यह तो [संगीत] अनी पचपन जी यह ध्वनि कैसी है हनुमान मैंने तुम्ह मना किया था तुम नहीं माने अब तुम उस नाग में घिर चुके हो हनुमान नाग संभालो हनुमान अपने आप को महावीर बजरंग स्वस्थ कर तत्पर सदा जगत के हित पर निज हित बोध शून्य हनुमान एक वेश्व मंगल पर ध्यान ये गाथा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाब हनुमान मेघसर की नाग की यह विषैली धन संकट का संकेत है परंतु कग विद्या की मंत्र पट्टिका कहां है उसे प्राप्त करना आवश्यक है उसके बिना करोड़ों की उड़ने की शक्ति नहीं लौट पाएगी मित्र हनुमान नाग प्रबल हो रहा है शीघ्र बाहर आइए मैं आपकी सहायता करने आ रहा हूं नहीं पुत्र भूषण दुष्ट मेघसर के मायावी नाग व्यू में उसके नागों के अतिरिक्त अन्य किसी का भीतर जाना भी संभव नहीं है पुत्र और यदि तुमने भी न किया तो ये तुम्हें भी आहत कर देगा नाग क्रूर विश करे पहारा अग्नि गरल वे ध्वंस अपारा नीत अनीति क्रूरता जाने धर्म पुण्य को क्या पहचाने जहां जीत बस एक प्रमाण वहा न्याय चिंतित हनुमान गणों के एक तारणहारा अचल अडिग केशरी [प्रशंसा] कुमारा पुत्र भूषण पुत्र भूषण आगे बढ़ो रुक जाओ पुत्र पुत्र भूषण भूषण पुत्र ईश्वर की कृपा है पुत्र कि तुम सकुशल हो अन्यथा इस नाथ के मात्र स्पर्श से ही तुम्हारा गोर अनिष्ट हो सकता था पुत्र [संगीत] क्या दादी मां पिताश्री यह विशाख नागू तो भयंकर रूप ले रहा है हनुमान इससे बाहर कैसे आएंगे [संगीत] [संगीत] हे शिवशंकर हे महादेव मालक हनुमान के प्राण संकट में आप तो सर्वशक्तिमान है प्रभु सहायता करिए प्रभु [संगीत] ये क्या हो रहा है [संगीत] मुझे पिता श्री क्या हनुमान भी इस नाग व्य को खंडित कर अपना बचाव नहीं कर सकते पुत्र अत्यंत विषैला है मेघसर नाग जिसकी अंतिम प्रणति है नाग पिंजर इसमें हनुमान बसता जा रहा है अब हनुमान कासे स्वयं तोड़ पाना असंभव है पुत्र मायावी नागों से निर्मित यह नाग पिंजर तो मुझे अपना बंदी बनाता जा रहा है इससे मुक्त होने का कोई उपाय नहीं सोच रहा है पिताश्री इस नाग पिंजर ने तो हनुमान को बंधक बना लिया है संदेश नहीं चाहिए मुझ महानतम वाली को प्रमाण चाहिए कालनेमी ने मुझे समाचार दिया था कि वह हनुमान मर्कट मेघसर के नाग व में बंदी बन चुका है और सुर ने गरुड़ के दिव्य पंख को प्राप्त कर लिया है तो वो उस दिव्य पंख को लेकर मुझे सौंपने क्यों नहीं [संगीत] आया प्रणाम महाराज बाले महानतम बाले लंकेश दशानन रावण का यहां उपस्थित होना ही इस बात का प्रमाण है कि हमारे सारे छल [संगीत] सफल हो रहे हैं योजना के अनुसार मेघसर उस वनर पालक को हमारे मार्ग से हटाकर जटायू को हमारा आदेश सुनाने जा रहा [संगीत] है प्रतीत होता है एक अग्नि पुंज तीव्र गति से आकाश को भेद हुआ गरुड़ राज्य की तरफ आ रहा हैय नए संकट का संकेत है जिसके प्रकाश के कारण मैं उसे स्पष्ट रूप से देख नहीं पा रहा हूं आप लोग शीघ्र ही किसी सुरक्षित स्थान पर [संगीत] जाइए महाराजय आपके हनुमान के ऊपर अटूट विश्वास का दुष्परिणाम है कि हमारे गरुड़ राज्य पर एक के बाद एक गंभीर विपदा ने दवा बोल दिया है सेनापति चित्रकेतु जी इस विता की घड़ी में आप कुछ सुझाव दे सकते हैं तो दीजिए अन्यथा शांत रहिए [संगीत] प्रतीत होता है इस विषैले धुए के कारण मित्र हनुमान के नेत्रों में पीड़ा उत्पन्न हो गई है उन्हें श्वास लेने में कठिनाई हो रही है उनकी रक्षा का कोई तो उपाय होगा यह विषैला मायावी धुआ इन नागों के भम की ध्वनि दोनों मिलकर मेरे मस्तिष्क को शिथिल कर रहे हैं महारानी शैनी जी यदि एक किसी शत्रु का आक्रमण हुआ तो हमारे अंडों का क्या होगा हमारे अंडों की सुरक्षा कौन करेगा महाराज स्वयं गरु राज्य की सुरक्षा को लेकर अत्यंत चिंतित है हम उन पर एक और समस्या का बोझ नहीं डाल सकते खग का अपने अंडों की सुरक्षा हमें स्वयं अपनी गरुड़ी विद्या से करनी होगी जी महारानी जी जैसे आपकी आज अस तस्य त मा तस्य व्र पोद कस्य च सा साहस ईश्वर इकी रक्ष कीचा मव धन वनो विमुन चाती [संगीत] [प्रशंसा] रथवा पिता श्री नाग व्यू का यह विष्ण हनुमान को और प्रभावित कर रहा है मेघसर द्वारा रचित इस नाग को खंडित करना अत्यंत जटिल कार्य है अब तो मुझे भी यही चिंता सता रही है हनुमान के प्राणों की रक्षा अत्यंत कठिन है कुछ कीजिए पिता श्री कुछ कीजिए सब हिलता हुआ प्रतीत हो रहा है कुछ भी स्थिर नहीं [संगीत] है [संगीत] [संगीत] हनुमान को विष ने पूर्ण रूप से ग्रसित कर लिया है हमें उसे जागृत रखना होगा यदि उसने अपनी चेतना खो दी तो उसके प्राण बचाना असंभव हो [संगीत] जाएगा मित्र हनुमान [संगीत] संभालो हनुमान लग रहा हनुमान हनुमान हनुमान हनुमान हनु हनुमान भयंकर ध्वनि के इस कोलाहल में कौन मुझे पुकार रहा है हनुमान हनुमान पुत्र हनुमान सलो अपने आप को स र हनुमान हनुमान हनुमान हनु हनुमान हनुमान हनुमान [संगीत] हनुमान हनुमान संभलो अपने [संगीत] आप सब भ्रम था मैं आयो के माया विना पिंचर में बंदी हूं इस विष ने मेरे मस्तिष्क पर वश कर लिया था यदि मैं अधि शीघ्र यहां से मुक्त नहीं हुआ तो यह विष मुझे पूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है मुझे यथा संभव प्रयास कर यहां से निकलना ही [संगीत] होगा [संगीत] हनुमान मायावी नागों के संपर्क में मत आना तुम्हारे शरीर का जोग के संपर्क में आएगा पलि हो जाएगा [संगीत] [संगीत] हनुमान [संगीत] [संगीत] [संगीत] पिता श्री मित्र हनुमान के हाथ और पैर दोनों अनुपयोगी कर दिए इ नागों [संगीत] [संगीत] ने हनुमान को इस विशाल नाग से बचना यदि इसने हनुमान के मुख पर वार कर दिया तो हनुमान जड़ होकर सदा के लिए पिजरे में बंदी हो [संगीत] [संगीत] जाए अब मैं तुम्हें वो मंत्र दूंगा हनुमान जिससे तुम किसी भी नाग व्यूह को भेदने में सक्षम हो जाओ प्रत केवट रणाम सर्वा साम रम विषम प्रत केवट शोम सर्वा सामर मम विषम ताम नता बुम वेम सताव ताम ताम ताम ताम नारस विषम ताम नारस [संगीत] वि मित्र हनुमान कुछ बोल रहे हैं हनुमान तो सूर्य मंत्र का जाप कर रहा है यह मंत्र तुम तोड़ने का एक मात्र उपाय आश्चर्य हनुमान को इस मंत्र का ज्ञान है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] मेघा सुन मैं आ रहा हूं तुम्हारा अंत [संगीत] करने

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

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